- चारण कवि अपने तय साहित्य के लिए किस भाषा-शैली का प्रयोग करते थे? (कनिष्ठ अनुदेशक, 2024)
- मारवाड़ी
- मारुवणी
- पिंगल
- डिंगल
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उत्तर: (D) डिंगल
पिंगल भाटों की शैली है; डिंगल मारवाड़ी-मिश्रित, चारणों की।
- "राजस्थानी" नाम का सबसे पहले प्रयोग किसने किया? (कनिष्ठ अनुदेशक, 2024)
- एल. पी. टेस्सीटोरी
- जॉर्ज अब्राहम ग्रियर्सन
- कर्नल टॉड
- सुनीति कुमार चटर्जी
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उत्तर: (B) जॉर्ज अब्राहम ग्रियर्सन
लिंग्विस्टिक सर्वे ऑफ इण्डिया में; टेस्सीटोरी इटली के विद्वान थे जिन्होंने भाषा को दो भागों में बाँटा।
- थली, ढटकी और देवड़ावाटी किसकी उपबोलियाँ हैं? (वरिष्ठ अध्यापक, संस्कृत विभाग, 2024)
- दूँढ़ाड़ी
- मारवाड़ी
- हाड़ौती
- मेवाती
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उत्तर: (B) मारवाड़ी
थली, ढटकी, ढाटी, शेखावाटी, देवड़ावाटी सब मारवाड़ी की उपबोलियाँ हैं।
- डॉ. ग्रियर्सन के अनुसार राजस्थानी बोलियों के मुख्य समूह कितने हैं? (पशु परिचर, 2024)
- 2
- 3
- 4
- 5
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उत्तर: (D) 5
टेस्सीटोरी ने 2, नरोत्तम स्वामी ने 4 समूह माने।
- इनमें से किस अपभ्रंश से राजस्थानी का विकास नहीं माना जाता? (पशु परिचर, 2024)
- मागधी अपभ्रंश
- शौरसेनी अपभ्रंश
- नागर अपभ्रंश
- मरुगुर्जर अपभ्रंश
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उत्तर: (A) मागधी अपभ्रंश
शौरसेनी, नागर और मरुगुर्जर — इन्हीं में से किसी को विद्वान मूल मानते हैं; मागधी नहीं।
- चूरू अंचल की प्रमुख बोली कौन-सी है? (पशु परिचर, 2024)
- हाड़ौती
- मेवाती
- शेखावाटी
- मालवी
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उत्तर: (C) शेखावाटी
शेखावाटी — मारवाड़ी की उपबोली; सीकर-झुंझुनूँ में मुख्य, चूरू के कुछ भागों तक।
- कोटा, बूँदी, झालावाड़ और बाराँ की बोली का नाम बताइए। (पशु परिचर, 2024)
- वागड़ी
- हाड़ौती
- दूँढ़ाड़ी
- मेवाड़ी
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उत्तर: (B) हाड़ौती
हाड़ौती — वर्तनी में सबसे कठिन; दूँढ़ाड़ी की उपबोली मानी जाती है।
- "डिंगल" शब्द का सबसे पहले प्रयोग किस रचना में हुआ?
- पिंगल शिरोमणि
- कवि कुल बोध
- कुकवि बत्तीसी
- वंश भास्कर
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उत्तर: (C) कुकवि बत्तीसी
बाँकीदास आसिया की रचना, वि.सं. 1871; डिंगल शैली का पहला प्रयोग पिंगल शिरोमणि में।
- मरुभाषा का सबसे पहला उल्लेख किस ग्रंथ में मिलता है?
- कुवलयमाला
- भरतेश्वर बाहुबली घोर
- पृथ्वीराज रासो
- कुकवि बत्तीसी
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उत्तर: (A) कुवलयमाला
उद्योतन सूरि, 778 ई.; इसमें प्रतिहार शासक वत्सराज का ज़िक्र भी है।
- किस बोली को "भीलों की बोली" कहा जाता है?
- खैराड़ी
- वागड़ी
- मालवी
- रांगड़ी
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उत्तर: (B) वागड़ी
बाँसवाड़ा-डूँगरपुर क्षेत्र की; इस पर गुजराती का असर ज़्यादा है।
- "छै" शब्द का प्रयोग किन दो बोलियों की पहचान है?
- मारवाड़ी और मेवाड़ी
- दूँढ़ाड़ी और हाड़ौती
- मेवाती और मालवी
- वागड़ी और बागड़ी
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उत्तर: (B) दूँढ़ाड़ी और हाड़ौती
हाड़ौती दूँढ़ाड़ी की उपबोली मानी जाती है।
- तोरावाटी बोली का नाम किस वंश के निवास के कारण पड़ा?
- तोमर राजपूत
- चौहान
- राठौड़
- सिसोदिया
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उत्तर: (A) तोमर राजपूत
तोरावाटी — दूँढ़ाड़ी की उपबोली; केन्द्र नीमकाथाना से कोटपुतली के बीच।
- पश्चिमी हिन्दी और राजस्थानी के बीच सेतु का काम कौन-सी बोली करती है?
- मेवाती
- अहीरवाटी
- ब्रज
- काठेड़ी
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उत्तर: (A) मेवाती
मेवाती — अलवर, खैरथल-तिजारा, डीग, भरतपुर; ब्रजभाषा का स्पष्ट असर।
- सहरिया आदिवासियों की अपनी भाषा कौन-सी है?
- सहरी
- सिरायकी
- धावड़ी
- सोंदवाड़ी
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उत्तर: (A) सहरी
बाराँ की रामगढ़, किशनगंज, शाहबाद तहसीलों में; केन्द्र पार्वती नदी का क्षेत्र।
- राजस्थान के दक्षिण में किस भाषा का वर्चस्व है?
- सिंधी
- गुजराती
- बुंदेली
- हरियाणवी
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उत्तर: (C) बुंदेली
पश्चिम में गुजराती, पश्चिमोत्तर में सिंधी, पूर्वोत्तर में हरियाणवी।
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