- राजस्थान में पंचायतन शैली का सबसे पहला ज्ञात मंदिर कौन-सा है?
- जगदीश मंदिर, उदयपुर
- हरिहर मंदिर, ओसियां
- भण्डदेवरा, रामगढ़
- बूढ़ादीत सूर्य मंदिर
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उत्तर: (B) हरिहर मंदिर, ओसियां
पंचायतन में बीच का मंदिर बड़ा और कोनों पर चार छोटे देवालय होते हैं।
- भूमिज शैली का राजस्थान का सबसे प्राचीन मंदिर कौन-सा है?
- महानालेश्वर, मेनाल
- उंडेश्वर, बिजौलिया
- सेवाड़ी जैन मंदिर, पाली
- सूर्य नारायण, रणकपुर
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उत्तर: (C) सेवाड़ी जैन मंदिर, पाली
सेवाड़ी का जैन मंदिर 1010–20 ई. का माना गया है।
- "मेवाड़ का खजुराहो" किसे कहते हैं?
- अम्बिका माता मंदिर, जगत
- एकलिंगजी, कैलाशपुरी
- जावर का विष्णु मंदिर
- सास-बहू मंदिर, नागदा
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उत्तर: (A) अम्बिका माता मंदिर, जगत
जगत का मंदिर 10वीं सदी में मेवाड़ के शासक अल्लट के समय बना।
- धुलैव के ऋषभदेव मंदिर में कितने खंभे हैं, और निर्माण में क्या नहीं लगा?
- 84 खंभे, पत्थर
- 1100 खंभे, चूना
- 1444 खंभे, मिट्टी
- 52 खंभे, सीमेंट
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उत्तर: (B) 1100 खंभे, चूना
कोयल नदी के किनारे का यह मंदिर बिना चूने के बना है; सबसे अधिक केसर चढ़ने से केसरियानाथ कहलाता है।
- "बीस माचा तोड़" किस मंदिर की रक्षा से जुड़ा है?
- एकलिंगजी
- जगदीश मंदिर
- द्वारकाधीश, कांकरोली
- चारभुजा, गढ़बोर
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उत्तर: (B) जगदीश मंदिर
औरंगजेब के 1680 ई. के हमले में नारू जी बारहट ने बीस साथियों सहित बलिदान दिया।
- बेणेश्वर का मेला किस तिथि को भरता है?
- शिवरात्रि
- चैत्र अमावस्या
- माघ पूर्णिमा
- कार्तिक पूर्णिमा
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उत्तर: (C) माघ पूर्णिमा
सोम, माही और जाखम के संगम पर; आदिवासी क्षेत्र का सबसे बड़ा मेला।
- "मेवाड़ का हरिद्वार" कहलाने वाला मंगलेश्वर महादेव कहाँ है?
- मातृकुंडिया (चित्तौड़गढ़)
- कैलाशपुरी (उदयपुर)
- गढ़बोर (राजसमंद)
- अरनोद (प्रतापगढ़)
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उत्तर: (A) मातृकुंडिया (चित्तौड़गढ़)
यहीं चन्द्रभागा नदी बनास में मिलती है और लक्ष्मण झूला लगा है; अरनोद का गौतमेश्वर "कांठल का हरिद्वार" है।
- राजस्थान का तिथियुक्त सबसे प्राचीन मंदिर कौन-सा है?
- कंसुआ शिव मंदिर
- भीमचौरी
- शीतलेश्वर महादेव, झालरापाटन
- चारचौमा शिवालय
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उत्तर: (C) शीतलेश्वर महादेव, झालरापाटन
वाप्पक द्वारा 689 ई. में बनवाया; कंसुआ का शिलालेख 738 ई. का है।
- "राजस्थान का एलोरा" किसे कहा जाता है?
- किराडू के मंदिर
- कोल्वी की बौद्ध गुफाएँ
- ओसियां के मंदिर
- बाड़ोली के मंदिर
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उत्तर: (B) कोल्वी की बौद्ध गुफाएँ
झालावाड़ के डग क्षेत्र में कोल्वी, बिनायगा, हथियागौड़ और गुनाई की गुफाएँ।
- "राजस्थान का कोणार्क" किसे कहते हैं?
- ओसियां का सूर्य मंदिर
- झालरापाटन का सूर्य मंदिर
- बूढ़ादीत का सूर्य मंदिर
- गलता जी का सूर्य मंदिर
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उत्तर: (A) ओसियां का सूर्य मंदिर
ओसियां का सूर्य मंदिर "ब्लैक पैगोडा" भी कहलाता है।
- खाटूश्याम जी मंदिर की नींव 1720 ई. में किसने रखी?
- अजीतसिंह
- अभयसिंह
- जसवंतसिंह
- मानसिंह
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उत्तर: (B) अभयसिंह
जोधपुर के राजा अजीतसिंह के पुत्र अभयसिंह ने; मंदिर बर्बरीक ("शीश के दानी") का है।
- रणकपुर के आदिनाथ चौमुखा मंदिर में कितने खंभे हैं?
- 84
- 1100
- 1444
- 24
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उत्तर: (C) 1444
24 मंडप, 84 शिखर और 1444 खंभे — इसे "खंभों का वन" कहते हैं; सेठ धरणकशाह ने 1439 में बनवाया।
- "देवरानी-जेठानी का मंदिर" दिलवाड़ा के किस मंदिर का नाम है?
- विमलवसाही
- पीतलहर
- लूणवसाही
- पार्श्वनाथ चौमुखा
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उत्तर: (C) लूणवसाही
लूणवसाही — वास्तुपाल और तेजपाल, 1230 ई., नेमीनाथ को समर्पित।
- सीताबाड़ी (केलवाड़ा) किस जनजाति का "कुम्भ" कहलाता है?
- भील
- गरासिया
- सहरिया
- मीणा
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उत्तर: (C) सहरिया
बारां ज़िले के सीताबाड़ी में सहरिया अपने मृतकों की अस्थियाँ प्रवाहित करते हैं।
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