आचार्य — दर्शन
6 वाक्यशंख की अकेली आवाज़ गूँजी।
शंकराचार्य=अद्वैत — केवल ब्रह्म सत्य · चार मठ · जन्म कालडी (केरल) · "प्रच्छन्न बुद्ध"
रामू को विशेष इनाम मिला।
रामानुजाचार्य=विशिष्टाद्वैत · श्रीवैष्णव · ब्रह्मसूत्र पर श्रीभाष्य
माधुरी के दो बेटे हैं।
माध्वाचार्य=द्वैत — स्वतंत्र (ईश्वर) और अस्वतंत्र (जीव, जगत) · ब्रह्म सम्प्रदाय
निम्बू दो टुकड़ों में कटकर भी वही निम्बू रहा।
निम्बार्क=द्वैताद्वैत (भेदाभेद) — जीव ईश्वर से भिन्न भी, अभिन्न भी · सनक सम्प्रदाय
वर्षा का पानी शुद्ध और पौष्टिक है।
वल्लभाचार्य=शुद्धाद्वैत · पुष्टि मार्ग (अनुग्रह का मार्ग)
चैन से सोओ और चिंता छोड़ो।
चैतन्य=अचिन्त्य भेदाभेद · गौड़ीय (बंगाल) वैष्णव मत
रेखांकित शब्द = दर्शन: अकेली = अद्वैत · विशेष = विशिष्टाद्वैत · दो = द्वैत · दो टुकड़े फिर भी वही = द्वैताद्वैत · शुद्ध और पौष्टिक = शुद्धाद्वैत और पुष्टि मार्ग · चिंता नहीं = अचिन्त्य।