मत — आचार्य
5 वाक्यआजी मक्खन लेने गोशाला गईं।
आजीवक (नियतिवाद)=मक्खलि गोसाल — सब कुछ नियति (भाग्य) से तय · कुछ वर्ष महावीर के साथ रहे
उमेश ने अजित को बालों का कंबल दिया।
उच्छेदवाद=अजित केसकम्बलि — भौतिकवाद, मृत्यु के साथ सब समाप्त
लोकगीत चार बार सुना।
लोकायत (भौतिकवाद)=बृहस्पति / चार्वाक — जो पाँच इंद्रियों से जाना जा सके वही अस्तित्व में
अकेला पूरन चुपचाप बैठा रहा।
अक्रियावाद=पूरण कस्सप — कर्मों से न पुण्य, न पाप
अनजान संजय ने न हाँ कहा न ना।
अज्ञानवाद (संशयवाद)=संजय बेलट्ठिपुत्त — न स्वीकार, न अस्वीकार · जैन ग्रंथ इसके 67 प्रकार गिनाते हैं
अकृततावाद (शाश्वतवाद) — पकुध कच्चायन, सात शाश्वत तत्व · आजीवकों को अशोक ने बराबर और दशरथ ने नागार्जुनी पहाड़ियों में गुफाएँ दीं · बुद्ध के समय लगभग 62 संप्रदाय।