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आपातकालीन उपबंध - Short Trick

अनुच्छेद 352–360, राष्ट्रीय आपातकाल, 44वाँ संशोधन, राष्ट्रपति शासन और वित्तीय आपातकाल — एक-एक वाक्य में

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कैसे पढ़ें
  • गुरु राम हर रंगीन शब्द = सूची का एक नाम, उसी रंग का नाम नीचे
  • मछली एक शब्द में दो रंग = दो नाम
  • ➜ क्रम नंबर वाला क्रम ज़रूरी है · ⇄ क्रम कोई भी क्रम नहीं
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अनुच्छेद याद करें

भाग 18 — अनुच्छेद 352 से 360 (और 365) — शब्द में आख़िरी दो अंक।

जोड़

आपातकाल — अनुच्छेद (आख़िरी दो अंक)

11 वाक्य

राष्ट्रगान बावन सेकंड का है।

राष्ट्रीय आपातकाल=अनु. 352 — युद्ध, बाहरी आक्रमण या सशस्त्र विद्रोह · केवल केंद्रीय मंत्रिमंडल की लिखित सलाह पर

प्रभात फेरी में तिरपन लोग

प्रभाव — उद्घोषणा के=अनु. 353 — संघ किसी भी राज्य को किसी भी विषय पर निर्देश दे सकता है · संसद राज्य सूची पर भी क़ानून बना सकती है

राशन का बँटवारा चौवन घरों में

राजस्व का बँटवारा — राष्ट्रपति बदल सकते हैं=अनु. 354 — आदेश अधिकतम उस वित्त वर्ष के अंत तक जिसमें आपातकाल ख़त्म हो; संसद के सामने रखना होता है

रक्षाबंधन पर पचपन राखियाँ बँधीं।

रक्षा — हर राज्य की, संघ का कर्तव्य=अनु. 355 — बाहरी आक्रमण और आंतरिक अशांति से बचाना, और देखना कि सरकार संविधान अनुसार चले

राजा के लिए छप्पन भोग बने।

राष्ट्रपति शासन (राज्य में)=अनु. 356 — राज्य में संवैधानिक तंत्र की विफलता · राज्यपाल की रिपोर्ट पर "या अन्यथा"

विधायक जी सत्तावन दिन छुट्टी पर गए।

विधायी शक्तियाँ — राज्य की, संसद द्वारा=अनु. 357 — 356 के दौरान राज्य के क़ानून और बजट संसद पारित करती है; यह शक्ति राष्ट्रपति को दे सकती है

छह दोस्त अट्ठावन मिनट में अपने-आप सो गए।

छह स्वतंत्रताएँ (अनु. 19) — स्वतः निलंबन=अनु. 358 — केवल युद्ध या बाहरी आक्रमण पर, बिना आदेश के (सशस्त्र विद्रोह पर नहीं)

अदालत उनसठ दिन बंद रही।

अदालत जाने का अधिकार — राष्ट्रपति के आदेश से निलंबन=अनु. 359 — आदेश में गिनाए अधिकारों के प्रवर्तन के लिए न्यायालय जाना रुकता है; अधिकार मिटते नहीं · तीनों आधारों पर

विजय की जेब में साठ रुपये हैं।

वित्तीय आपातकाल=अनु. 360 — वित्तीय स्थिरता या साख को ख़तरा · कभी नहीं लगा

निर्देश पैंसठ बार ठुकराए।

निर्देश न मानना=अनु. 365 — राज्य संघ के निर्देश न माने तो राष्ट्रपति इसे संवैधानिक तंत्र की विफलता मान सकते हैं

इमरजेंसी में भी बीस और इक्कीस चालू रहे।

इमरजेंसी (राष्ट्रीय आपातकाल) में भी सुरक्षित=अनु. 20 (अपराधों के लिए दोषसिद्धि के संबंध में संरक्षण) और 21 (प्राण और दैहिक स्वतंत्रता) कभी निलंबित नहीं — 44वाँ संशोधन, 1978

पहली, पाँचवीं, नौवीं और आख़िरी पंक्ति दूसरे पॉलिटी अध्यायों में भी इन्हीं शब्दों में है · 352 से भाग शुरू, 360 पर ख़त्म, बीच में 356 — कुल 9 अनुच्छेद · आपातकाल में संघ लगभग एकात्मक राज्य की तरह चलता है।

2

राष्ट्रीय आपातकाल

तीन आधार, अब तक के तीन अवसर, विशेष बैठक और 44वें संशोधन के बदलाव।

3

तीनों आपातकाल — स्वीकृति और अवधि

कितने समय में, किस बहुमत से स्वीकृति, और कितने समय तक।

4

राष्ट्रपति शासन और वित्तीय आपातकाल

एक वर्ष से आगे की शर्तें, बोम्मई, आयोगों की सलाह और वित्तीय आपातकाल का असर।

इस अध्याय के पूरे नोट्स के लिए मूल अध्याय पढ़ें — ट्रिक सूची याद कराती है, समझ नोट्स से आती है।