संविधान में महिलाएँ
4 वाक्यमहिला और बच्चे को पंद्रह नंबर बस में तीन सीटें मिलीं।
महिलाएँ · बच्चे=अनु. 15(3) — राज्य महिलाओं और बच्चों के लिए विशेष उपबंध कर सकता है · 15(1) भेदभाव रोकता है
आज उनतालीस लोगों को काम मिला।
आजीविका, संसाधन और समान वेतन=अनु. 39 — (a) पुरुष और महिला दोनों को आजीविका के साधन · (d) समान कार्य के लिए समान वेतन · (e) श्रमिकों के स्वास्थ्य का दुरुपयोग न हो
प्रसव के बाद बयालीस नंबर वार्ड में भेजा।
प्रसूति सहायता और काम की मानवोचित दशाएँ=अनु. 42 — मातृत्व लाभ अधिनियम का आधार; 2017 से सवेतन अवकाश 12 से 26 सप्ताह (तीसरे बच्चे से 12 ही)
नानी ने एक सौ छह लड्डू तीन हिस्सों में बाँटे।
नारी शक्ति वंदन — महिलाओं को एक-तिहाई सीटें=106वाँ संशोधन (2023, स्वीकृति 28 सितंबर) — लोकसभा, राज्य विधानसभाएँ, दिल्ली विधानसभा; SC/ST सीटों के भीतर भी · 2023 के बाद की पहली जनगणना पर परिसीमन के बाद लागू, 15 वर्ष · राज्यसभा और विधान परिषद् में नहीं
51A(e) — स्त्रियों के सम्मान के विरुद्ध प्रथाओं का त्याग (मौलिक कर्तव्य) · 243D / 243T — पंचायतों / नगरपालिकाओं में कम से कम एक-तिहाई सीटें · 39A निःशुल्क विधिक सहायता · 300A संपत्ति · पहला महिला आरक्षण विधेयक 81वाँ, 12 सितंबर 1996; 2010 में राज्यसभा से पारित, फिर व्यपगत।