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न्यायपालिका - Short Trick

अनुच्छेद, रिट, न्यायाधीश, उच्च न्यायालय, ऐतिहासिक निर्णय और लोक अदालत — एक-एक वाक्य में

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कैसे पढ़ें
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अनुच्छेद और रिट

सर्वोच्च न्यायालय (124–147) और उच्च न्यायालय (214–231) के सबसे ज़्यादा पूछे जाने वाले अनुच्छेद, और पाँच रिट।

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विषय — अनुच्छेद

12 वाक्य

स्थापना दिवस पर एक सौ चौबीस दीये जले।

स्थापना — सर्वोच्च न्यायालय का गठन=अनु. 124 — गठन, न्यायाधीशों की नियुक्ति (124(2)), योग्यता (124(3)) और हटाना (124(4))

तड़का एक सौ सत्ताईस रुपये का

तदर्थ न्यायाधीश=अनु. 127 — कोरम पूरा न हो तो CJI, राष्ट्रपति की पूर्व सहमति से, किसी उच्च न्यायालय के न्यायाधीश को बुलाते हैं

सेब एक सौ अट्ठाईस रुपये किलो

सेवानिवृत्त न्यायाधीश=अनु. 128 — CJI, राष्ट्रपति की पूर्व सहमति से, सेवानिवृत्त न्यायाधीश से बैठने का अनुरोध कर सकते हैं

रिकॉर्ड एक सौ उनतीस रन का

अभिलेख न्यायालय (रिकॉर्ड) और अवमानना=अनु. 129 — निर्णय स्थायी साक्ष्य और नज़ीर · अपनी अवमानना पर दंड (6 माह तक कारावास या ₹2,000 तक जुर्माना) · उच्च न्यायालय — अनु. 215

दिया एक सौ तीस रुपये का

स्थान — दिल्ली=अनु. 130 — दिल्ली में, या जहाँ CJI राष्ट्रपति के अनुमोदन से तय करें

मूली के एक सौ इकतीस पत्ते

मूल क्षेत्राधिकार=अनु. 131 — केंद्र बनाम राज्य, और राज्यों के आपसी विवाद · जल विवाद (अनु. 262), वित्त आयोग के विषय (अनु. 280) और संविधान-पूर्व संधियाँ बाहर

विशेष छूट एक सौ छत्तीस दिन की

विशेष अनुमति से अपील=अनु. 136 — किसी भी न्यायालय या अधिकरण के निर्णय के विरुद्ध, विवेक से · केवल सशस्त्र बलों के न्यायालय (कोर्ट मार्शल) बाहर

पुल एक सौ सैंतीस मीटर लंबा है।

पुनर्विलोकन=अनु. 137 — अपने ही निर्णय की भूल सुधारना

पूरा एक सौ बयालीस रुपये लौटाया।

पूर्ण न्याय=अनु. 142 — पूर्ण न्याय के लिए कोई भी डिक्री या आदेश · यह कानून की पूरक है, स्पष्ट कानून को दरकिनार नहीं करती (सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन, 1998)

परामर्श को एक सौ तैंतालीस लोग आए।

परामर्श — सर्वोच्च न्यायालय से=अनु. 143 — राष्ट्रपति राय माँगते हैं; न्यायालय मना कर सकता है · बेरुबारी (1960)

पीठ पर पाँच बस्ते

संविधान पीठ=अनु. 145(3) — कम से कम 5 न्यायाधीश · अब तक की सबसे बड़ी पीठ 13 न्यायाधीश — केशवानंद भारती (1973)

तबादला दो सौ बाईस किलोमीटर दूर हुआ।

तबादला — उच्च न्यायालय के न्यायाधीश का स्थानांतरण=अनु. 222 — राष्ट्रपति, CJI से परामर्श कर, बिना सहमति के भी दूसरे उच्च न्यायालय में भेज सकते हैं

सर्वोच्च न्यायालय — भाग V, अनु. 124–147 · उच्च न्यायालय — भाग VI, अनु. 214–231 (124 के 1 और 2 की जगह बदलो तो 214) · अधीनस्थ न्यायालय — 233–237 · 141 — सर्वोच्च न्यायालय का घोषित विधि सब पर बाध्यकारी · 146 — स्टाफ़ CJI नियुक्त करते हैं · 215 — उच्च न्यायालय अभिलेख न्यायालय · 217 — उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की योग्यता · 224 — अपर न्यायाधीश (2 वर्ष तक) · 227 — अधीक्षण · 231 — साझा उच्च न्यायालय · 233 — ज़िला न्यायाधीश राज्यपाल नियुक्त करते हैं · 235 — अधीनस्थ न्यायालयों पर उच्च न्यायालय का नियंत्रण।

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रिट — कौन-सा न्यायालय

2 वाक्य

उधार के बत्तीस रुपये लौटा दिए।

उपचार — संवैधानिक उपचारों का अधिकार=अनु. 32 — सर्वोच्च न्यायालय की रिट केवल मौलिक अधिकारों के लिए · उपचार स्वयं मौलिक अधिकार, इसलिए न्यायालय मना नहीं कर सकता

उड़ान संख्या दो सौ छब्बीस

उच्च न्यायालय की रिट शक्ति=अनु. 226 — मौलिक अधिकार और "किसी अन्य प्रयोजन" के लिए · विवेकाधीन, मना कर सकता है

ट्रिक 1

पाँच रिट

➜ रिट-तालिका का क्रम

बंदर पराठे प्रेम से उठाकर अपने घर ले गया।

  1. 1बंदी प्रत्यक्षीकरण"शरीर प्रस्तुत करो" — अवैध हिरासत से छुड़ाना
  2. 2परमादेश"हम आदेश देते हैं" — लोक निकाय से कर्तव्य करवाना
  3. 3प्रतिषेध"मना करना" — निचले न्यायालय को सीमा लाँघने से रोकना
  4. 4उत्प्रेषण"प्रमाणित किया जाए" — पारित आदेश रद्द करना
  5. 5अधिकार-पृच्छा"किस अधिकार से" — सार्वजनिक पद पर बने रहने की जाँच

यही वाक्य "मौलिक अधिकार" वाले अध्याय में है।

2

न्यायाधीश — योग्यता, नियुक्ति, हटाना

सर्वोच्च बनाम उच्च न्यायालय, हटाने की प्रक्रिया, न्यायाधीश मामले और मुख्य न्यायाधीशों के रिकॉर्ड।

3

उच्च न्यायालय

एक से अधिक राज्य वाले सात उच्च न्यायालय, गुवाहाटी के चार राज्य और राजधानी से अलग मुख्य स्थान।

4

ऐतिहासिक निर्णय

मौलिक अधिकारों में संशोधन से लेकर निजता, इंटरनेट और बराबरी तक — किस वाद ने क्या कहा।

5

अधीनस्थ न्यायालय और विवाद-समाधान

ग्राम न्यायालय, चलता-फिरता न्यायालय, लोक अदालत, निःशुल्क विधिक सहायता, AIJS, अभिवाक् सौदेबाज़ी और ADR का क्रम।

इस अध्याय के पूरे नोट्स के लिए मूल अध्याय पढ़ें — ट्रिक सूची याद कराती है, समझ नोट्स से आती है।