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राज्य सरकार - Short Trick

अनुच्छेद, राज्यपाल, मंत्रिपरिषद् और विधानमंडल — एक-एक वाक्य में

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कैसे पढ़ें
  • गुरु राम हर रंगीन शब्द = सूची का एक नाम, उसी रंग का नाम नीचे
  • मछली एक शब्द में दो रंग = दो नाम
  • ➜ क्रम नंबर वाला क्रम ज़रूरी है · ⇄ क्रम कोई भी क्रम नहीं
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अनुच्छेद याद करें

भाग 6 — कार्यपालिका 153–167, विधानमंडल 168–212, अध्यादेश 213। 153 से 176 तक आख़िरी दो अंक, 200 से आगे पूरी संख्या (213 = तेरह)।

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विषय — अनुच्छेद

18 वाक्य

राजभवन में तिरपन कमरे

राज्यपाल का पद=अनु. 153 — हर राज्य का एक राज्यपाल (7वें संशोधन, 1956 से एक व्यक्ति दो या अधिक राज्यों का भी) · 154 — राज्य की कार्यपालिका शक्ति राज्यपाल में

पचपन में नियुक्ति

नियुक्ति=अनु. 155 — राष्ट्रपति अपने हस्ताक्षर और मुद्रा सहित अधिपत्र से नियुक्त करते हैं

पद पर छप्पन भोग

पदावधि=अनु. 156 — 5 वर्ष, पर राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत · त्यागपत्र राष्ट्रपति को · उत्तराधिकारी के आने तक पद पर

अर्ज़ी सत्तावन बार दी।

अर्हताएँ (योग्यताएँ)=अनु. 157 — भारत का नागरिक, 35 वर्ष की आयु पूरी

शर्त लगी अट्ठावन रुपये की।

पद की शर्तें=अनु. 158 — संसद या विधानमंडल का सदस्य नहीं, कोई और लाभ का पद नहीं · वेतन ₹3.5 लाख प्रति माह · दो राज्यों का हो तो वेतन राष्ट्रपति द्वारा तय अनुपात में

शपथ उनसठ लोगों ने ली।

शपथ=अनु. 159 — राज्य के उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश (या वरिष्ठतम न्यायाधीश) दिलाते हैं

इकसठ की उम्र में क्षमा

क्षमादान=अनु. 161 (राष्ट्रपति — अनु. 72) — मृत्युदंड क्षमा नहीं कर सकता; निलंबन, परिहार, लघुकरण कर सकता है · सैन्य न्यायालय नहीं

सलाह तिरसठ लोगों ने दी।

सलाह — मंत्रिपरिषद् की सहायता और सलाह=अनु. 163 — विवेकाधीन कार्यों को छोड़कर · कौन-सा मामला विवेकाधीन है, इस पर राज्यपाल का निर्णय अंतिम (163(2)) · 164 — मंत्रियों से जुड़े उपबंध

महाशय वकील ने पैंसठ मुक़दमे जीते।

महाधिवक्ता=अनु. 165 — राज्यपाल नियुक्त करता है, प्रसादपर्यंत · उच्च न्यायालय का न्यायाधीश बनने योग्य · विधानमंडल में बोल सकता है, मत नहीं (महान्यायवादी — अनु. 76)

सड़सठ में सूचना आई।

मुख्यमंत्री का सूचना देने का कर्तव्य=अनु. 167 — परिषद् के निर्णयों की सूचना राज्यपाल को, माँगी गई सूचना देना, एक मंत्री का निर्णय परिषद् के सामने रखना · 166 — सरकारी कार्य राज्यपाल के नाम से

परदा उनहत्तर बार लगा और हटा।

परिषद् बनाना या समाप्त करना=अनु. 169 — विधानसभा का विशेष बहुमत से संकल्प (कुल सदस्यता का बहुमत + उपस्थित व मतदान करने वालों का 2/3), फिर संसद साधारण बहुमत से क़ानून — यह अनु. 368 वाला संशोधन नहीं

विधायक जी की कार सत्तर पर दौड़ी।

विधानसभा की संरचना=अनु. 170 — 60 से कम नहीं, 500 से अधिक नहीं · अपवाद गोवा 40, मिज़ोरम 40, सिक्किम 32

परिवार में इकहत्तर लोग

विधान परिषद् की संरचना=अनु. 171 — विधानसभा की अधिकतम 1/3, कम से कम 40

अभिनेता ने छिहत्तर फ़िल्में कीं।

अभिभाषण — राज्यपाल का विशेष=अनु. 176 — हर आम चुनाव के बाद पहले सत्र और हर वर्ष के पहले सत्र के आरंभ में (संसद में राष्ट्रपति — अनु. 87)

अनुमति लेकर दो सौ लोग आए।

अनुमति — विधेयकों पर राज्यपाल=अनु. 200 — अनुमति दे, रोके, पुनर्विचार हेतु लौटाए (धन विधेयक नहीं; दोबारा पास हो तो अनुमति देनी होगी), या राष्ट्रपति हेतु आरक्षित करे

आरक्षित सीट नंबर दो सौ एक

आरक्षित विधेयक — राष्ट्रपति के विचार हेतु=अनु. 201 — उच्च न्यायालय की स्थिति कमज़ोर करने वाला विधेयक आरक्षित करना अनिवार्य

बजट दो सौ दो रुपये का

बजट — राज्य का वार्षिक वित्तीय विवरण=अनु. 202 — राज्यपाल विधानमंडल में रखवाता है (संघ में अनु. 112)

अध्यादेश तेरह तारीख़ को

अध्यादेश=अनु. 213 — विधानमंडल सत्र में न हो तब · पुनः समवेत होने के 6 सप्ताह में स्वीकृति न मिले तो समाप्त · कभी भी वापस (संघ में अनु. 123)

भाग 6 (अनु. 152–237) · 168 — विधानमंडल = राज्यपाल + एक या दो सदन · 173 — सदस्यता की योग्यताएँ · 178–187 — अध्यक्ष, सभापति · 191 — निरर्हताएँ · 192 — निरर्हता का प्रश्न राज्यपाल तय करता है, निर्वाचन आयोग की राय से · 197 — परिषद् में साधारण विधेयक · 198–199 — धन विधेयक · 361 — राज्यपाल की उन्मुक्ति (दीवानी मुक़दमा 2 माह की सूचना के बाद)।

2

राज्यपाल

छह शक्तियाँ, जनजाति कल्याण मंत्री वाले राज्य, अनु. 371 के विशेष दायित्व और हटाने पर न्यायालय।

3

मुख्यमंत्री और मंत्रिपरिषद्

मंत्रियों की ऊपरी और निचली सीमा।

4

राज्य विधानमंडल

विधान परिषद् वाले छह राज्य, परिषद् की बनावट, मनोनीत सदस्यों के क्षेत्र, सबसे बड़ी और सबसे छोटी विधानसभाएँ, और परिषद् कितना रोक सकती है।

इस अध्याय के पूरे नोट्स के लिए मूल अध्याय पढ़ें — ट्रिक सूची याद कराती है, समझ नोट्स से आती है।