विषय — अनुच्छेद
18 वाक्यताश के बावन पत्तों में राजा सबसे ऊपर
राष्ट्रपति का पद=अनु. 52 — भारत का एक राष्ट्रपति होगा · अनु. 53 — संघ की कार्यपालिका शक्ति राष्ट्रपति में निहित
निक्कू ने चौवन वोट गिने।
निर्वाचक मंडल=अनु. 54 — निर्वाचित सांसद + राज्यों, दिल्ली व पुदुच्चेरी के निर्वाचित विधायक · अनु. 55 — रीति: एकल संक्रमणीय मत (STV), गुप्त मतदान
पदक छप्पन ग्राम का
पदावधि=अनु. 56 — पद ग्रहण से 5 वर्ष, उत्तराधिकारी के आने तक पद पर · अनु. 57 — कितनी भी बार पुनर्निर्वाचन
अट्ठावन की उम्र में भी योग
योग्यताएँ=अनु. 58 — भारत का नागरिक, कम से कम 35 वर्ष, लोकसभा सदस्य बनने योग्य, लाभ का पद नहीं · अनु. 59 — पद की शर्तें
साठ लोगों ने शपथ ली।
शपथ=अनु. 60 — भारत के मुख्य न्यायाधीश दिलाते हैं; उनके न होने पर सर्वोच्च न्यायालय के वरिष्ठतम उपलब्ध न्यायाधीश
महल में इकसठ कमरे
महाभियोग=अनु. 61 — एकमात्र आधार संविधान का उल्लंघन · 14 दिन का नोटिस, सदन के ¼ सदस्यों के हस्ताक्षर · हर सदन में कुल सदस्यता का ⅔
बासठ रिक्शे ख़ाली खड़े हैं।
रिक्ति=अनु. 62 — रिक्ति का चुनाव छह महीने के भीतर; नए राष्ट्रपति को पूरे 5 वर्ष
उपहार तिरसठ रुपये का
उपराष्ट्रपति का पद=अनु. 63 · 66 — निर्वाचन · 67 — त्यागपत्र और हटाना · 69 — शपथ
सभा में चौंसठ कुर्सियाँ
सभापति (राज्यसभा)=अनु. 64 — उपराष्ट्रपति राज्यसभा के पदेन सभापति
पैंसठ दिन का कामचलाऊ इंतज़ाम
कार्यवाहक राष्ट्रपति=अनु. 65 — रिक्ति में उपराष्ट्रपति कार्यवाहक राष्ट्रपति (अधिकतम 6 माह); बीमारी या अनुपस्थिति में भी कार्य
विवाद इकहत्तर दिन चला।
विवाद — राष्ट्रपति / उपराष्ट्रपति के निर्वाचन का=अनु. 71 — केवल सर्वोच्च न्यायालय तय करता है · याचिका कोई उम्मीदवार या 20 निर्वाचक (उपराष्ट्रपति में 10)
बहत्तर बार क्षमा माँगी।
क्षमादान=अनु. 72 — राष्ट्रपति · राज्यपाल की क्षमादान शक्ति अनु. 161
सलाह चौहत्तर लोगों ने दी।
सलाह — मंत्रिपरिषद् की सहायता और सलाह=अनु. 74 — सलाह बाध्यकारी (42वाँ संशोधन, 1976) · एक बार पुनर्विचार हेतु लौटा सकते (44वाँ, 1978) · 74(2) — कोई न्यायालय जाँच नहीं करेगा
पचहत्तर लोगों की नियुक्ति
नियुक्ति — प्रधानमंत्री और मंत्री=अनु. 75 — प्रधानमंत्री को राष्ट्रपति, बाक़ी मंत्री प्रधानमंत्री की सलाह पर · 75(3) — लोकसभा के प्रति सामूहिक उत्तरदायित्व · 75(5) — ग़ैर-सदस्य को 6 माह
छिहत्तर साल के महान वकील
महान्यायवादी=अनु. 76 — राष्ट्रपति नियुक्त करते हैं; सर्वोच्च न्यायालय का न्यायाधीश बनने योग्य; राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत
सूचना बोर्ड पर अठहत्तर पर्चे
सूचना — प्रधानमंत्री का कर्तव्य=अनु. 78 — प्रधानमंत्री राष्ट्रपति को मंत्रिपरिषद् के निर्णयों की सूचना दें · अनु. 77 — सरकारी कार्य का संचालन, राष्ट्रपति के नाम से
अध्यापक ने एक दो तीन गिना।
अध्यादेश=अनु. 123 — संसद पूरी तरह सत्र में न हो तब · पुनः समवेत होने के 6 सप्ताह बाद समाप्त · अधिकतम लगभग 6 माह + 6 सप्ताह · संविधान संशोधन नहीं कर सकता
परामर्श को एक सौ तैंतालीस लोग आए।
परामर्श — सर्वोच्च न्यायालय से=अनु. 143(1) — सार्वजनिक महत्व का प्रश्न, राय देना ज़रूरी नहीं · 143(2) — संविधान-पूर्व संधियाँ, राय देना अनिवार्य · राय राष्ट्रपति पर बाध्यकारी नहीं
भाग 5 — कार्यपालिका अनु. 52–78 · अनु. 73 — संघ की कार्यपालिका शक्ति का विस्तार · अनु. 88 — मंत्री और महान्यायवादी दूसरे सदन में बोल सकते हैं · अनु. 361 — राष्ट्रपति की व्यक्तिगत उन्मुक्ति · आपात — 352, 356, 360।