विषय — अनुच्छेद
10 वाक्यसंसद की उन्यासी सीढ़ियाँ
संसद का गठन=अनु. 79 — राष्ट्रपति + राज्यसभा + लोकसभा
लोकेश की बस इक्यासी नंबर
लोकसभा का गठन=अनु. 81 — राज्यों से अधिकतम 530 और केंद्रशासित प्रदेशों से अधिकतम 20 सदस्य
सत्तू पचासी रुपये किलो
सत्र का आह्वान=अनु. 85 — राष्ट्रपति आहूत करते हैं; दो बैठकों के बीच छह माह से अधिक नहीं · 85(2)(a) सत्रावसान, 85(2)(b) लोकसभा का विघटन
अभिनेता ने सत्तासी फ़िल्में कीं।
अभिभाषण — राष्ट्रपति का विशेष=अनु. 87(1) — हर आम चुनाव के बाद पहले सत्र में और हर वर्ष के पहले सत्र में दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को
निर्णय सौ टका सही
निर्णायक मत=अनु. 100 — पीठासीन अधिकारी पहले मत नहीं देते; बराबरी होने पर मत देना अनिवार्य
निराश खिलाड़ी एक सौ दो रन पर आउट हुआ।
निरर्हताएँ=अनु. 102 — लाभ का पद, विकृत चित्त, अनुन्मोचित दिवालिया, भारत का नागरिक न होना, संसद के कानून से, दसवीं अनुसूची (दल-बदल)
विशेष मेहमान एक सौ पाँच दिन रुके।
विशेषाधिकार=अनु. 105 — सदन में वाक्-स्वतंत्रता · कहे या दिए मत पर मुक़दमा नहीं · कानून से — सत्र के दौरान और 40 दिन पहले-बाद दीवानी मामलों में गिरफ़्तारी नहीं
संयुक्त परिवार ने एक सौ आठ बुलाई।
संयुक्त बैठक=अनु. 108 — राष्ट्रपति बुलाते हैं; अध्यक्षता लोकसभा अध्यक्ष · धन और संविधान संशोधन विधेयक पर नहीं
धनिया एक सौ दस रुपये किलो
धन विधेयक=अनु. 110 — केवल लोकसभा में, राष्ट्रपति की सिफ़ारिश से · अध्यक्ष का निर्णय अंतिम · राज्यसभा 14 दिन में लौटाए
बजट बिगड़ा तो एक सौ बारह मिलाया।
बजट — वार्षिक वित्तीय विवरण=अनु. 112 — राष्ट्रपति हर वित्त वर्ष का अनुमानित आय-व्यय दोनों सदनों के सामने रखवाते हैं · 112(3) — भारित व्यय
भाग 5 — संसद अनु. 79–122 · अनु. 107 — विघटन पर विधेयक · 117 — वित्त विधेयक · 266 — संचित निधि और लोक लेखा · 267 — आकस्मिकता निधि · 249 और 312 — केवल राज्यसभा की शक्तियाँ · 330A — लोकसभा में महिलाओं के लिए एक-तिहाई सीटें (106वाँ संशोधन, 2023)।