गायन शैली — पहचान
5 वाक्यमाँ ने केसरिया ओढ़ा।
माण्ड गायकी=राज्यगीत "केसरिया बालम" इसी शैली में · जैसलमेर पुराना "माँड क्षेत्र" · मरु कोकिला अल्लाह जिलाई बाई
माँगी कमाई
मांगणियार गायकी=बाड़मेर-बालोतरा — कमायचा और खड़ताल; सिन्ध से आई मुस्लिम जाति; 6 राग, 36 रागनियाँ
लंगूर की सारंगी
लंगा गायकी=बाड़मेर-बालोतरा-जैसलमेर — सारंगी, सिंधी सारंगी · बड़वणा "लंगों का गाँव"
ताला औरंगज़ेब ने लगाया।
तालबंदी गायकी=औरंगज़ेब की संगीत पर पाबंदी से भागे कलाकार — सवाई माधोपुर; कुश्ती जैसा मुक़ाबला
हवेली में नाथ जी
हवेली संगीत=नाथद्वारा — मंदिर टूटने पर मूर्तियाँ हवेलियों में रखीं; ध्रुपद-कीर्तन
फड़ गायकी — भोपे, शाहपुरा की फड़ के सहारे; भोपी लालटेन से चित्र दिखाती है।