ख्याल — प्रवर्तक / ठिकाना
7 वाक्यकुछ लच्छे पराठे
कुचामनी ख्याल=प्रवर्तक लच्छीराम — कुचामन सिटी; खुला मंच, ओपेरा जैसा, स्त्री-पात्र पुरुष
चिड़िया नानी की
शेखावाटी (चिड़ावा) ख्याल=प्रवर्तक नानूराम राणा — चिड़ावा (झुंझुनूँ)
अली का मुंडन
अलीबक्शी ख्याल=मुण्डावर (खैरथल-तिजारा) — राव राजा अलीबक्श, "अलवर का रसखान"
हेलो बोला लालू ने
हेला ख्याल=लालसोट (दौसा) व सवाई माधोपुर — हेला शायर; लम्बी टेर, मुख्य वाद्य नौबत
किशन की बंसी
किशनगढ़ी ख्याल=किशनगढ़ — मुख्य कलाकार बंशीधर शर्मा
कन्हैया की कहानी
कन्हैया ख्याल=मुख्य कथा "कहन", मुख्य पात्र "मेड़िया" — दिन में खेला जाता है
ढपली अली बजाता है
ढप्पाली ख्याल=अलवर, भरतपुर, डीग, खैरथल-तिजारा
ख्याल = खेल · सूत्रधार — हलकारा · कलाकार — खिलाड़ी · मुक़ाबला — दंगल। जयपुरी ख्याल में औरतों के किरदार औरतें ही करती हैं; "ख्याल भारमली" — हमीदुल्ला।