पगड़ी — कब / कौन
7 वाक्यमोटा दूल्हा
मोठड़े की पगड़ी=विवाह पर — दो रंग का बंधेज साफा
लहरें सावन में
लहरिया की पगड़ी=श्रावण की तीज पर
मदारी दशहरे पर
मदील पगड़ी=दशहरे पर (सलमा-सितारे वाली भी)
आटा सुनार ने गूँधा।
आँटे वाली पगड़ी=सुनार पहनते हैं
बंधेज जयपुर का
बंधेरा=जयपुर में पगड़ी बाँधने वाला
छाबड़ी मेवा की
छाबदार=मेवाड़ में पगड़ी बाँधने वाला
पोता भील का
पोतिया=आदिवासी/भील पगड़ी की जगह बाँधते हैं
रंग से — होली पर पीली फूल-पत्ती, वर्षा में हरी/कसुमल, सर्दी में कसुम्बी, गर्मी व आखा तीज पर केसरिया, शिकार पर खाकी, शोक में सफेद · सफेद साफा — विश्नोई · लाल टूल का साफा — रेबारी · फेंटा — मीणा-गुर्जर · पाग (14–20 मी.) पगड़ी (13–15 मी.) से लम्बी · संरक्षक — अकबर।