कथा और स्थान
6 वाक्यवाल्मीकि जी बारात में आए।
वाल्मीकि आश्रम=केलवाड़ा (बारां) — निर्वासन में सीता यहाँ रहीं
मंडप में मंदोदरी
मंडोर (जोधपुर)=मंडोर की राजकुमारी मंदोदरी का रावण से विवाह
द्रोण ने छप्पर डाला।
द्रोणपुर=ताल छापर (चूरू) — द्रुपद से गुरुदक्षिणा में द्रोण को मिला भाग
उल्का अली के घर गिरी।
उल्लूक प्रदेश=अलवर — यहाँ का राजा महाभारत में कौरवों की ओर से लड़ा
बैरा छिपकर आया।
बैराठ (विराटनगर)=पांडवों का अज्ञातवास (13वाँ वर्ष) — मत्स्य राजा विराट के यहाँ
वशिष्ठ जी आबू में बसे।
वशिष्ठ आश्रम=आबू पर्वत (सिरोही) — श्रीराम के गुरु
ऋग्वेद की सरस्वती और दृषद्वती के बीच का इलाक़ा ब्रह्मावर्त कहलाता था। जांगल देश की राजधानी अहिछत्रपुर (नागौर)।