शासक — पहली बार
6 वाक्यसूरज की रेखा
सूरसिंह (मारवाड़, 1595–1619)=जागीरों की रेख पहली बार तय की
राय साहब का पट्टा
रायसिंह (बीकानेर, 1574–1612)=बीकानेर में पट्टे की प्रथा पहली बार
उदय की पेशकश
मोटा राजा उदयसिंह (जोधपुर)=उत्तराधिकार शुल्क "पेशकशी" के रूप में पहली बार
अमर ने तीन दर्जे बनाए।
अमरसिंह द्वितीय (मेवाड़)=सामंतों के तीन दर्जे — "अमरशाही रेख"
बख्शी ने प्यादे गिने।
बख्तसिंह (मारवाड़)=प्याद बख्शी का नया पद (1751–52)
जालिम ने ज़मीन नापी।
झाला जालिमसिंह (कोटा)=1807 — राजस्थान का पहला भूमि बंदोबस्त
30 मई 1850 — जोधपुर के तख्तसिंह ने सामंतों का भूमि-दान अवैध किया।