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समास और समास-विग्रह — GK Questions in Hindi (प्रश्न उत्तर)

31 प्रश्न
  1. समास के कितने भेद माने जाते हैं?
    1. चार
    2. पाँच
    3. छह
    4. सात
    उत्तर देखें

    उत्तर: (C) छह

    अव्ययीभाव, तत्पुरुष, कर्मधारय, द्विगु, द्वंद्व और बहुव्रीहि।

  2. अव्ययीभाव समास में कौन-सा पद प्रधान होता है?
    1. पूर्वपद
    2. उत्तरपद
    3. दोनों पद
    4. कोई अन्य पद
    उत्तर देखें

    उत्तर: (A) पूर्वपद

    अव्ययीभाव में पहला (अव्यय) पद प्रधान है।

  3. द्वंद्व समास में कौन-सा पद प्रधान होता है?
    1. पूर्वपद
    2. उत्तरपद
    3. दोनों पद
    4. कोई तीसरा पद
    उत्तर देखें

    उत्तर: (C) दोनों पद

    दोनों पद समान रूप से प्रधान होते हैं।

  4. बहुव्रीहि समास में प्रधान क्या होता है?
    1. पूर्वपद
    2. उत्तरपद
    3. दोनों पद
    4. अन्य अर्थ
    उत्तर देखें

    उत्तर: (D) अन्य अर्थ

    दोनों पद गौण रहते हैं; तीसरा अर्थ प्रधान।

  5. "यथाशक्ति" में समास है —
    1. अव्ययीभाव
    2. तत्पुरुष
    3. कर्मधारय
    4. द्विगु
    उत्तर देखें

    उत्तर: (A) अव्ययीभाव

    यथा (अव्यय) + शक्ति — शक्ति के अनुसार।

  6. "आजीवन" का विग्रह है —
    1. जीवन के लिए
    2. जीवन में
    3. जीवन भर
    4. जीवन से
    उत्तर देखें

    उत्तर: (C) जीवन भर

    आ = तक — जीवन भर। अव्ययीभाव।

  7. "रेखांकित" में समास है —
    1. कर्म तत्पुरुष
    2. करण तत्पुरुष
    3. संबंध तत्पुरुष
    4. अधिकरण तत्पुरुष
    उत्तर देखें

    उत्तर: (B) करण तत्पुरुष

    रेखा से अंकित — करण (से)।

  8. "रसोईघर" में समास है —
    1. संप्रदान तत्पुरुष
    2. अपादान तत्पुरुष
    3. संबंध तत्पुरुष
    4. कर्म तत्पुरुष
    उत्तर देखें

    उत्तर: (A) संप्रदान तत्पुरुष

    रसोई के लिए घर — संप्रदान।

  9. "ऋणमुक्त" का विग्रह है —
    1. ऋण का मुक्त
    2. ऋण से मुक्त
    3. ऋण में मुक्त
    4. ऋण को मुक्त
    उत्तर देखें

    उत्तर: (B) ऋण से मुक्त

    ऋण से अलग होना — अपादान तत्पुरुष।

  10. "राजपुत्र" का विग्रह और समास —
    1. राजा का पुत्र, संबंध तत्पुरुष
    2. राजा से पुत्र, करण तत्पुरुष
    3. राजा के लिए पुत्र, संप्रदान
    4. राजा में पुत्र, अधिकरण
    उत्तर देखें

    उत्तर: (A) राजा का पुत्र, संबंध तत्पुरुष

    का चिह्न — संबंध तत्पुरुष।

  1. "जलमग्न" में समास है —
    1. संबंध तत्पुरुष
    2. अधिकरण तत्पुरुष
    3. अपादान तत्पुरुष
    4. द्वंद्व
    उत्तर देखें

    उत्तर: (B) अधिकरण तत्पुरुष

    जल में मग्न — सप्तमी, अधिकरण।

  2. "अधर्म" में समास है —
    1. नञ् तत्पुरुष
    2. कर्मधारय
    3. बहुव्रीहि
    4. द्विगु
    उत्तर देखें

    उत्तर: (A) नञ् तत्पुरुष

    न धर्म — नञ् तत्पुरुष।

  3. "कुंभकार" में समास है —
    1. उपपद तत्पुरुष
    2. कर्मधारय
    3. द्वंद्व
    4. अव्ययीभाव
    उत्तर देखें

    उत्तर: (A) उपपद तत्पुरुष

    कुंभ बनाने वाला — उत्तरपद कृदंत।

  4. "नीलगगन" में समास है —
    1. द्विगु
    2. कर्मधारय
    3. बहुव्रीहि
    4. द्वंद्व
    उत्तर देखें

    उत्तर: (B) कर्मधारय

    नीला है जो गगन — विशेषण-विशेष्य।

  5. "घनश्याम" का विग्रह है —
    1. घन के समान श्याम
    2. घन और श्याम
    3. घन का श्याम
    4. घन में श्याम
    उत्तर देखें

    उत्तर: (A) घन के समान श्याम

    घन जैसा श्याम — उपमान पूर्व कर्मधारय।

  6. "चरणकमल" में समास है —
    1. तत्पुरुष
    2. द्वंद्व
    3. कर्मधारय
    4. बहुव्रीहि
    उत्तर देखें

    उत्तर: (C) कर्मधारय

    चरण रूपी कमल — रूपक कर्मधारय।

  7. "सप्ताह" में समास है —
    1. द्वंद्व
    2. द्विगु
    3. बहुव्रीहि
    4. कर्मधारय
    उत्तर देखें

    उत्तर: (B) द्विगु

    सात दिनों का समूह।

  8. "चौराहा" का विग्रह है —
    1. चार राहों का समूह
    2. चार हैं राहें जिसमें
    3. चार और राह
    4. चार जैसी राह
    उत्तर देखें

    उत्तर: (A) चार राहों का समूह

    संख्या + समूह — द्विगु।

  9. "माता-पिता" में समास है —
    1. द्विगु
    2. कर्मधारय
    3. द्वंद्व
    4. बहुव्रीहि
    उत्तर देखें

    उत्तर: (C) द्वंद्व

    माता और पिता — इतरेतर द्वंद्व।

  10. "दाल-रोटी" में द्वंद्व का भेद है —
    1. इतरेतर
    2. समाहार
    3. वैकल्पिक
    4. कोई नहीं
    उत्तर देखें

    उत्तर: (B) समाहार

    दाल, रोटी आदि — समाहार।

  1. "लाभ-हानि" में द्वंद्व का भेद है —
    1. इतरेतर
    2. समाहार
    3. वैकल्पिक
    4. कोई नहीं
    उत्तर देखें

    उत्तर: (C) वैकल्पिक

    लाभ या हानि — वैकल्पिक।

  2. "नीलकंठ" (शिव) में समास है —
    1. कर्मधारय
    2. द्विगु
    3. बहुव्रीहि
    4. तत्पुरुष
    उत्तर देखें

    उत्तर: (C) बहुव्रीहि

    नीला है कंठ जिसका — अन्य अर्थ प्रधान।

  3. "गजानन" का विग्रह है —
    1. गज और आनन
    2. गज जैसा आनन है जिसका
    3. गज का आनन
    4. गज में आनन
    उत्तर देखें

    उत्तर: (B) गज जैसा आनन है जिसका

    यह गणेश का नाम है — बहुव्रीहि।

  4. "निर्धन" में समास है —
    1. नञ् तत्पुरुष
    2. बहुव्रीहि
    3. द्विगु
    4. कर्मधारय
    उत्तर देखें

    उत्तर: (B) बहुव्रीहि

    नहीं है धन जिसके पास — अन्य अर्थ (गरीब)।

  5. "पीतांबर" का बहुव्रीहि विग्रह है —
    1. पीला अंबर
    2. पीला और अंबर
    3. पीला है अंबर जिसका
    4. पीले का अंबर
    उत्तर देखें

    उत्तर: (C) पीला है अंबर जिसका

    यह कृष्ण का नाम बनता है। "पीला अंबर" कर्मधारय विग्रह है।

  6. "त्रिलोचन" में समास है —
    1. द्विगु
    2. बहुव्रीहि
    3. कर्मधारय
    4. द्वंद्व
    उत्तर देखें

    उत्तर: (B) बहुव्रीहि

    तीन हैं लोचन जिसके — शिव।

  7. "त्रिलोक" में समास है —
    1. द्विगु
    2. बहुव्रीहि
    3. कर्मधारय
    4. द्वंद्व
    उत्तर देखें

    उत्तर: (A) द्विगु

    तीन लोकों का समूह।

  8. तत्पुरुष समास का विग्रह जाँचने के लिए क्या लगाते हैं?
    1. जिसके
    2. विभक्ति-चिह्न (को, से, का…)
    3. और / या
    4. है जो
    उत्तर देखें

    उत्तर: (B) विभक्ति-चिह्न (को, से, का…)

    पूर्वपद के बाद छिपी विभक्ति ढूँढ़ने पर तत्पुरुष पहचाना जाता है।

  9. "चक्र है पाणि में जिसके" का सामासिक पद है —
    1. चक्रपाणि
    2. चक्रधर
    3. चक्राणि
    4. पाणिचक्र
    उत्तर देखें

    उत्तर: (A) चक्रपाणि

    बहुव्रीहि — चक्रपाणि (विष्णु)।

  10. तद्भव पूर्वपद का बदला रूप कौन-सा सही है?
    1. हाथकड़ी
    2. हथकड़ी
    3. हातकड़ी
    4. हाथ्कड़ी
    उत्तर देखें

    उत्तर: (B) हथकड़ी

    हाथ → हथ।

  11. द्वंद्व समास में बीच में लगाया जाने वाला चिह्न है —
    1. योजक चिह्न (-)
    2. अल्पविराम (,)
    3. पूर्णविराम (।)
    4. कोष्ठक
    उत्तर देखें

    उत्तर: (A) योजक चिह्न (-)

    माता-पिता, दाल-रोटी जैसे शब्दों में योजक चिह्न ज़रूरी।

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