- "बचपन" किस प्रकार की संज्ञा है?
- व्यक्तिवाचक
- जातिवाचक
- भाववाचक
- समूहवाचक
उत्तर देखें
उत्तर: (C) भाववाचक
बचपन अवस्था का नाम है, जिसे देखा नहीं जा सकता। "पन" प्रत्यय भी भाववाचक बनाता है।
- "सेना" किस प्रकार की संज्ञा है?
- द्रव्यवाचक
- समूहवाचक
- भाववाचक
- व्यक्तिवाचक
उत्तर देखें
उत्तर: (B) समूहवाचक
सेना में अनेक सैनिक हैं, पर नाम एक है, इसलिए समूहवाचक।
- "घी" और "चाँदी" किस श्रेणी में आते हैं?
- व्यक्तिवाचक
- समूहवाचक
- भाववाचक
- द्रव्यवाचक
उत्तर देखें
उत्तर: (D) द्रव्यवाचक
इन्हें नापा-तौला जाता है, गिना नहीं जाता, इसलिए द्रव्यवाचक।
- "मिठास" किस शब्द से बनी भाववाचक संज्ञा है?
- मिठाई (संज्ञा)
- मीठा (विशेषण)
- मीठना (क्रिया)
- मधु (संज्ञा)
उत्तर देखें
उत्तर: (B) मीठा (विशेषण)
मीठा + आस = मिठास। विशेषण से बनी भाववाचक संज्ञा।
- "थकान" किस शब्द से बनी है?
- थकना (क्रिया)
- थका (विशेषण)
- थाक (संज्ञा)
- थोड़ा (अव्यय)
उत्तर देखें
उत्तर: (A) थकना (क्रिया)
थकना की धातु थक + आन = थकान। क्रिया से बनी भाववाचक।
- इनमें से व्यक्तिवाचक संज्ञा कौन-सी है?
- पर्वत
- चंबल
- नदी
- शहर
उत्तर देखें
उत्तर: (B) चंबल
चंबल एक विशेष नदी का नाम है। बाकी तीन पूरे वर्ग के नाम हैं।
- "नायक" का स्त्रीलिंग रूप है —
- नायकी
- नायिका
- नायकिनी
- नायकानी
उत्तर देखें
उत्तर: (B) नायिका
अक-अंत शब्दों में अक को इका करने से स्त्रीलिंग बनता है: नायक → नायिका।
- "सेठ" का स्त्रीलिंग रूप है —
- सेठी
- सेठनी
- सेठानी
- सेठिन
उत्तर देखें
उत्तर: (C) सेठानी
सेठ → सेठानी (आनी नियम)। देवर → देवरानी भी इसी से बनता है।
- "बुद्धिमान" का स्त्रीलिंग रूप कौन-सा है?
- बुद्धिमती
- बुद्धिमानी
- बुद्धिमानिनी
- बुद्धिमाना
उत्तर देखें
उत्तर: (A) बुद्धिमती
मान → मती नियम से बुद्धिमती। बुद्धिमानी भाववाचक संज्ञा है।
- "विद्वान्" का स्त्रीलिंग है —
- विद्वती
- विदुषी
- विद्वानी
- विद्वा
उत्तर देखें
उत्तर: (B) विदुषी
यह नियम का अपवाद है — विद्वान् का स्त्रीलिंग विदुषी होता है।
- नित्य स्त्रीलिंग शब्द कौन-सा है?
- कौआ
- तोता
- कोयल
- मच्छर
उत्तर देखें
उत्तर: (C) कोयल
कोयल सदा स्त्रीलिंग रहती है। नर कोयल कहना हो तो "नर कोयल" बोलते हैं।
- इनमें पुल्लिंग शब्द कौन-सा है?
- दही
- रोटी
- नदी
- भाषा
उत्तर देखें
उत्तर: (A) दही
"अच्छा दही" ठीक है, इसलिए दही पुल्लिंग है। ईकारांत होने के बावजूद दही अपवाद है।
- इनमें स्त्रीलिंग शब्द कौन-सा है?
- बचपन
- नेतृत्व
- बहाव
- मुस्कराहट
उत्तर देखें
उत्तर: (D) मुस्कराहट
आहट-अंत शब्द स्त्रीलिंग होते हैं। पन, त्व, आव-अंत शब्द पुल्लिंग हैं।
- "नीतियाँ" का एकवचन है —
- नीता
- नीति
- नीत
- नीतिया
उत्तर देखें
उत्तर: (B) नीति
इयाँ-अंत बहुवचन से इकारांत एकवचन मिलता है: नीति।
- "बहू" का बहुवचन है —
- बहूएँ
- बहुएँ
- बहुयें
- बहूयाँ
उत्तर देखें
उत्तर: (B) बहुएँ
ऊ-अंत स्त्रीलिंग शब्द में ऊ → उ और एँ जुड़ता है: बहुएँ।
- कारक-चिह्न लगने पर बहुवचन में अंत में क्या आता है?
- ए
- ओं
- एँ
- इयाँ
उत्तर देखें
उत्तर: (B) ओं
लड़कों ने, घरों में, नदियों का — सभी में ओं है (तिर्यक रूप)।
- बहुवचन में अपरिवर्तित रहने वाला शब्द कौन-सा है?
- कमरा
- किताब
- नेता
- बहू
उत्तर देखें
उत्तर: (C) नेता
नेता, राजा, पिता जैसे शब्दों का रूप नहीं बदलता; बहुवचन क्रिया से पहचाना जाता है।
- नित्य बहुवचन में प्रयुक्त होने वाला शब्द है —
- प्राण
- पुस्तक
- बालक
- कमरा
उत्तर देखें
उत्तर: (A) प्राण
"प्राण" का एकवचन प्रयोग में नहीं आता — "प्राण निकल गए"।
- "ने" किस कारक का चिह्न है?
- कर्म
- कर्ता
- करण
- अपादान
उत्तर देखें
उत्तर: (B) कर्ता
क्रिया करने वाले को कर्ता कहते हैं, उसका चिह्न "ने" है।
- "ने" कर्ता चिह्न किस स्थिति में प्रायः लगता है?
- सकर्मक क्रिया के भूतकाल में
- अकर्मक क्रिया के भविष्य में
- हर वाक्य में
- केवल वर्तमान में
उत्तर देखें
उत्तर: (A) सकर्मक क्रिया के भूतकाल में
"माँ ने रोटी बनाई" — सकर्मक क्रिया और भूतकाल में "ने" आया।
- "दुकानदार ने ग्राहक को रसीद दी" में "ग्राहक को" किस कारक में है?
- कर्ता
- कर्म
- संप्रदान
- अपादान
उत्तर देखें
उत्तर: (C) संप्रदान
रसीद देने की क्रिया का पाने वाला ग्राहक है, इसलिए संप्रदान।
- "पहाड़ से झरना निकलता है" में "पहाड़ से" —
- करण
- अपादान
- अधिकरण
- संबंध
उत्तर देखें
उत्तर: (B) अपादान
निकलने में अलगाव है, इसलिए अपादान।
- "बच्चा चम्मच से खाता है" में "चम्मच से" —
- अपादान
- अधिकरण
- करण
- संप्रदान
उत्तर देखें
उत्तर: (C) करण
चम्मच साधन है, इसलिए करण।
- "यह मीरा की कलम है" में "मीरा की" किस कारक में है?
- संबंध
- कर्ता
- कर्म
- अधिकरण
उत्तर देखें
उत्तर: (A) संबंध
दो संज्ञाओं का संबंध (मीरा—कलम) बताने के कारण संबंध।
- "छत पर पतंग फँसी है" में "छत पर" —
- करण
- संबंध
- कर्म
- अधिकरण
उत्तर देखें
उत्तर: (D) अधिकरण
पतंग फँसने का आधार (स्थान) छत है, इसलिए अधिकरण।
- "हे प्रभु! रक्षा कीजिए" में "हे प्रभु" —
- कर्ता
- संप्रदान
- संबोधन
- अपादान
उत्तर देखें
उत्तर: (C) संबोधन
पुकारने के लिए आया शब्द संबोधन कारक में है।
- "के लिए" किस कारक का चिह्न है?
- अपादान
- संप्रदान
- करण
- अधिकरण
उत्तर देखें
उत्तर: (B) संप्रदान
जिसके लिए कार्य हो, वह संप्रदान; चिह्न को, के लिए।
- विभक्ति "द्वितीया" किस कारक की है?
- कर्ता
- करण
- कर्म
- संप्रदान
उत्तर देखें
उत्तर: (C) कर्म
प्रथमा कर्ता, द्वितीया कर्म, तृतीया करण, चतुर्थी संप्रदान।
- "भाइयो!" शब्द में बहुवचन का कौन-सा प्रयोग है?
- तिर्यक बहुवचन
- संबोधन बहुवचन
- नित्य बहुवचन
- आदरार्थक
उत्तर देखें
उत्तर: (B) संबोधन बहुवचन
पुकारने के लिए बहुवचन में ओ आता है: भाइयो, बहनो।
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