- बौद्ध और जैन धर्म में कौन-सी विशेषता/विशेषताएँ समान थीं? 1. तप और भोग के दोनों छोरों से बचना 2. वेदों की सत्ता के प्रति उदासीनता 3. कर्मकांड की उपयोगिता का खंडन (IAS 1996)
- केवल 1
- 2 और 3
- 1 और 3
- तीनों
उत्तर देखें
उत्तर: (B) 2 और 3
मध्यम मार्ग केवल बौद्ध है; जैन धर्म कठोर तप का पक्षधर था।
- आरंभिक मध्यकाल में भारत में बौद्ध धर्म का पतन क्यों हुआ? 1. बुद्ध को विष्णु का अवतार माना जाने लगा 2. अंतिम गुप्त राजा तक मध्य एशिया के आक्रांताओं ने हिन्दू धर्म अपनाकर बौद्धों को सताया 3. गुप्त राजा बौद्ध धर्म के कट्टर विरोधी थे (IAS 2010)
- केवल 1
- 1 और 3
- 2 और 3
- तीनों
उत्तर देखें
उत्तर: (A) केवल 1
गुप्त सहिष्णु थे — उन्होंने तो नालंदा की स्थापना की।
- अनेकांतवाद किसका मूल सिद्धांत है? (IAS 2009)
- बौद्ध धर्म
- जैन धर्म
- सिख धर्म
- वैष्णव धर्म
उत्तर देखें
उत्तर: (B) जैन धर्म
—
- महायान बौद्ध धर्म में बोधिसत्व अवलोकितेश्वर को और किस नाम से जाना जाता है? (IAS 1997)
- वज्रपाणि
- मंजुश्री
- पद्मपाणि
- मैत्रेय
उत्तर देखें
उत्तर: (C) पद्मपाणि
पद्मपाणि — "कमलधारी"।
- अभिकथन (A): गांधार कला पर यूनानी (हेलेनिस्टिक) प्रभाव है। कारण (R): उस कला ने हीनयान शाखा को गढ़ा। (IAS 1998)
- दोनों सही, R, A की व्याख्या है
- दोनों सही, पर R, A की व्याख्या नहीं
- A सही, R ग़लत
- A ग़लत, R सही
उत्तर देखें
उत्तर: (C) A सही, R ग़लत
गांधार कला मूर्ति-पूजक महायान से जुड़ी थी।
- बुद्ध ने अपने अष्टांगिक मार्ग को "मध्यम मार्ग" क्यों कहा? क्योंकि यह —
- सभी धर्मों द्वारा उपदिष्ट था
- सभी धर्मों का मिलन-बिंदु था
- जीवन का संतुलित दृष्टिकोण था
- सभी धर्मों का शाश्वत सत्य था
उत्तर देखें
उत्तर: (C) जीवन का संतुलित दृष्टिकोण था
यह भोग और कठोर तप दोनों से बचता है।
- महावीर के अनुयायी निर्ग्रंथ क्यों कहलाए? क्योंकि वे —
- वस्त्र त्याग चुके थे
- सांसारिक बंधनों से मुक्त हो चुके थे
- पूर्ण पुरुष बन चुके थे
- महावीर का उपदेश मानते थे
उत्तर देखें
उत्तर: (B) सांसारिक बंधनों से मुक्त हो चुके थे
निर्ग्रंथ = "गाँठ/बंधन रहित"।
- बुद्ध के अपने जीवनकाल से कौन-से राज्य जुड़े थे? 1. अवन्ति 2. गांधार 3. कोसल 4. मगध (IAS 2015)
- 1, 2 और 3
- 2 और 3
- 1, 3 और 4
- 3 और 4
उत्तर देखें
उत्तर: (D) 3 और 4
वे कोसल और मगध में रहे और उपदेश दिए।
- इनमें से कौन अष्टांगिक मार्ग के अंग हैं? 1. सम्यक आजीव 2. सम्यक स्मृति 3. सम्यक दृष्टि 4. सम्यक आसक्ति
- 1 और 2
- 2 और 3
- 1, 2 और 3
- चारों
उत्तर देखें
उत्तर: (C) 1, 2 और 3
"आसक्ति" मार्ग का अंग नहीं — मार्ग तो आसक्ति को ही मिटाता है।
- बौद्ध धर्म में निर्वाण की सबसे अच्छी व्याख्या कौन-सी है? (IAS 2013)
- तृष्णा रूपी अग्नि का बुझ जाना
- स्वयं का पूर्ण विनाश
- विश्रामपूर्ण, आनंदमय अवस्था
- समझ से परे मानसिक अवस्था
उत्तर देखें
उत्तर: (A) तृष्णा रूपी अग्नि का बुझ जाना
—
- जैन सिद्धांत पर कौन-से कथन लागू होते हैं? 1. कर्म नष्ट करने का सबसे पक्का उपाय तप है 2. हर वस्तु, सबसे छोटे कण में भी, आत्मा है 3. कर्म आत्मा का अभिशाप है और उसे नष्ट करना होगा (IAS 2013)
- केवल 1
- 2 और 3
- 1 और 3
- तीनों
उत्तर देखें
उत्तर: (D) तीनों
—
- चतुर्थ बौद्ध संगीति किसके संरक्षण में हुई?
- अशोक
- कालाशोक
- कनिष्क
- हर्ष
उत्तर देखें
उत्तर: (C) कनिष्क
कश्मीर के कुण्डलवन में, वसुमित्र की अध्यक्षता में।
- पाटलिपुत्र की प्रथम जैन संगीति के अध्यक्ष कौन थे?
- भद्रबाहु
- स्थूलभद्र
- देवर्द्धि क्षमाश्रमण
- हेमचन्द्र
उत्तर देखें
उत्तर: (B) स्थूलभद्र
भद्रबाहु अपने अनुयायियों के साथ दक्षिण जा चुके थे।
- कर्मों से न पुण्य न पाप — यह अक्रियावाद किस आचार्य का मत था?
- अजित केसकम्बलि
- पूरण कस्सप
- पकुध कच्चायन
- संजय बेलट्ठिपुत्त
उत्तर देखें
उत्तर: (B) पूरण कस्सप
—
इसी विषय के और अध्याय
- गुप्त काल (320 – 500 ई.)14 प्रश्न
- गुप्तोत्तर काल (550 – 750 ई.)14 प्रश्न
- प्रथम प्रादेशिक राज्य — महाजनपद14 प्रश्न
- मौर्य साम्राज्य14 प्रश्न
- मौर्योत्तर काल (200 ई.पू. – 300 ई.)14 प्रश्न