- अग्निकुण्ड वाली कथा को राजपूत-उत्पत्ति के रूप में पहले-पहल किसने रखा?
- नैणसी
- चन्दबरदाई
- सूर्यमल्ल मिश्रण
- कर्नल टॉड
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उत्तर: (B) चन्दबरदाई
चन्दबरदाई ने पृथ्वीराज रासो में; नैणसी व सूर्यमल्ल ने केवल समर्थन किया।
- अग्निकुण्ड कथा में चौथा योद्धा कौन-सा वंश कहलाया?
- प्रतिहार
- परमार
- चौहान (वाहमान)
- चालुक्य
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उत्तर: (C) चौहान (वाहमान)
पहले तीन — प्रतिहार, परमार, चालुक्य; चौथा वाहमान (चौहान), कुलदेवी आशापुरा।
- राजपूत शक/सीथियन जाति के वंशज हैं — यह मत किसका है?
- वी.ए. स्मिथ
- कनिंघम
- डॉ. भंडारकर
- कर्नल जेम्स टॉड
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उत्तर: (D) कर्नल जेम्स टॉड
विदेशी मूल का मत सबसे पहले टॉड ने रखा; ओझा ने खंडन किया।
- "राजपूत हूणों की सन्तान हैं" — यह किसका मत है?
- वी.ए. स्मिथ
- ओझा
- टॉड
- चट्टोपाध्याय
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उत्तर: (A) वी.ए. स्मिथ
स्मिथ — अर्ली हिस्ट्री ऑफ़ इण्डिया; उनके अनुसार राजपूत 8वीं–9वीं सदी में अचानक प्रकट हुए।
- राजपूतों को यू–ची (कुषाण) जाति से जोड़ने वाला विद्वान —
- कनिंघम
- टॉड
- भंडारकर
- वैद्य
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उत्तर: (A) कनिंघम
कनिंघम ने यू–ची जाति का वंशज माना।
- गुहिलों को नागर ब्राह्मण मानने वाला मत सबसे पहले किसने दिया?
- ओझा
- सी.वी. वैद्य
- डॉ. भंडारकर
- दशरथ शर्मा
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उत्तर: (C) डॉ. भंडारकर
भंडारकर ने बिजौलिया शिलालेख का हवाला दिया; ओझा, वैद्य और दशरथ शर्मा ने ख़ारिज किया।
- मंडोर शिलालेख के अनुसार प्रतिहार किनकी सन्तान थे?
- ब्राह्मण हरिश्चन्द्र और पत्नी भद्रा
- वशिष्ठ और अरुन्धती
- गुहेदत और भद्रा
- वत्स और जमदग्नि
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उत्तर: (A) ब्राह्मण हरिश्चन्द्र और पत्नी भद्रा
आबू के प्रतिहारों का मूल वशिष्ठ ऋषि बताया गया है।
- हर्षनाथ शिलालेख (सीकर) चौहानों को किस वंश का बताता है?
- चन्द्रवंशी
- सूर्यवंशी
- अग्निवंशी
- नागवंशी
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उत्तर: (B) सूर्यवंशी
हम्मीर महाकाव्य (नयनचन्द्र सूरी) भी चौहानों को सूर्यवंशी कहता है।
- आबू पर्वत शिलालेख (1285 ई.) ने गुहिलों की उत्पत्ति किससे बताई?
- अग्निकुण्ड
- रघुकुल
- नागर ब्राह्मण
- यदुकुल
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उत्तर: (B) रघुकुल
रघुकुल — यानी सूर्यवंश।
- ओझा और सी.वी. वैद्य राजपूतों को किसकी सन्तान मानते हैं?
- शकों की
- हूणों की
- गुर्जरों की
- वैदिक आर्यों के क्षत्रिय वर्ग की
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उत्तर: (D) वैदिक आर्यों के क्षत्रिय वर्ग की
अस्त्र-पूजा, यज्ञ-बलि और शारीरिक गठन को प्रमाण बताया।
- राजपूतों की उत्पत्ति का सर्वाधिक मान्य सिद्धान्त कौन-सा है?
- अग्निकुण्ड
- मिश्रित मूल
- सूर्यवंशी
- विदेशी (शक)
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उत्तर: (B) मिश्रित मूल
मिश्रित जातीय धारणा के समर्थक चट्टोपाध्याय हैं; पर प्रश्न अब भी शोध का विषय है।
- राजपूत काल की प्रचलित गणना कौन-सी है?
- 500–1000 ई.
- 700–1200 ई.
- 1000–1500 ई.
- 300–800 ई.
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उत्तर: (B) 700–1200 ई.
हर्ष की मृत्यु (647) से दिल्ली पर गुलामों के अधिकार (1206) तक भी गिनी जाती है।
इसी विषय के और अध्याय
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- प्रजामण्डल व स्वतंत्रता आन्दोलन14 प्रश्न
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