- राजस्थान नगरपालिका अधिनियम 2009 के अंतर्गत अपराध के अभियोजन की समय-सीमा क्या है?
- 3 माह
- 6 माह
- 1 वर्ष
- 2 वर्ष
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उत्तर: (B) 6 माह
धारा 298 का परंतुक: अपराध होने के 6 माह के भीतर ही अभियोजन शुरू हो सकता है।
- अभियोजन का निर्देश देने वाला अधिकारी कौन है?
- मुख्य नगरपालिका अधिकारी
- ज़िला कलेक्टर
- निदेशक, स्थानीय निकाय
- अध्यक्ष
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उत्तर: (A) मुख्य नगरपालिका अधिकारी
धारा 298(1): मुख्य नगरपालिका अधिकारी अभियोजन का निर्देश देता है और ख़र्च निधि से होता है।
- निम्न में से कौन-सी धारा के अपराध संज्ञेय व जमानती हैं?
- धारा 245
- धारा 246
- धारा 250
- धारा 298
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उत्तर: (A) धारा 245
धारा 301: 167, 236 और 245 के अपराध संज्ञेय एवं जमानती।
- धारा 299 के अंतर्गत नगरपालिका क्या नहीं कर सकती?
- राजीनामा
- ग़ैर-शमनीय अपराध में सज़ा माफ़ करना
- शमनीय अपराध का शमन
- अभियोजन वापस लेना
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उत्तर: (B) ग़ैर-शमनीय अपराध में सज़ा माफ़ करना
धारा 299: केवल राजीनामा, वापसी और नियमों से शमनीय अपराधों का शमन।
- नगरपालिका के विरुद्ध वाद से पहले कितने समय का लिखित नोटिस ज़रूरी है?
- 15 दिन
- 1 माह
- 2 माह
- 6 माह
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उत्तर: (C) 2 माह
धारा 304(1): नोटिस के बाद 2 माह बीतने पर ही वाद।
- धारा 304 में वाद दायर करने की परिसीमा वाद-कारण से कितनी है?
- 2 माह
- 3 माह
- 6 माह
- 1 वर्ष
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उत्तर: (C) 6 माह
धारा 304(2): 6 माह; अचल संपत्ति/स्वत्व घोषणा के वाद इसके अपवाद।
- किस वाद में धारा 304 का नोटिस आवश्यक नहीं?
- जिसमें केवल निषेधाज्ञा माँगी गई और नोटिस से उद्देश्य विफल होगा
- क्षतिपूर्ति का वाद
- संविदा-भंग का वाद
- सदस्य के विरुद्ध वाद
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उत्तर: (A) जिसमें केवल निषेधाज्ञा माँगी गई और नोटिस से उद्देश्य विफल होगा
धारा 304(3) की छूट।
- धारा 305 के अनुसार दीवानी न्यायालय किस आधार पर अंतरिम आदेश नहीं दे सकता?
- संविदा का विवाद
- पदाधिकारी का निर्वाचन विधिवत न होना
- कर की अधिकता
- अतिक्रमण
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उत्तर: (B) पदाधिकारी का निर्वाचन विधिवत न होना
धारा 305(क): निर्वाचन/नियुक्ति की वैधता के आधार पर रोक नहीं; (ख): चुनाव रोकने का आदेश नहीं।
- नगरपालिका की संपत्ति की क्षति की राशि पर विवाद हो तो निर्णय कौन करता है?
- कलेक्टर
- ज़िला न्यायाधीश
- राज्य सरकार
- दोषसिद्धि करने वाला मजिस्ट्रेट
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उत्तर: (D) दोषसिद्धि करने वाला मजिस्ट्रेट
धारा 300।
- नगरपालिका के अभिलेख की प्रमाणित प्रति को क्या माना जाता है?
- प्रथम-दृष्टया साक्ष्य
- निर्णायक साक्ष्य
- अग्राह्य
- केवल सहायक साक्ष्य
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उत्तर: (A) प्रथम-दृष्टया साक्ष्य
धारा 307।
- जिस मुक़दमे में नगरपालिका पक्षकार नहीं, उसमें उसका कर्मचारी दस्तावेज़ पेश करने कब बाध्य है?
- सदैव
- कलेक्टर के कहने पर
- न्यायालय के विशेष कारण से दिए आदेश पर
- अध्यक्ष की अनुमति पर
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उत्तर: (C) न्यायालय के विशेष कारण से दिए आदेश पर
धारा 308।
- नगरपालिका के अभियोजन का ख़र्च किस मद से चुकाया जाता है?
- राज्य सरकार
- नगरपालिका निधि
- ज़िला परिषद्
- राज्य वित्त आयोग
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उत्तर: (B) नगरपालिका निधि
धारा 298(1) व 306(3): नगरपालिका निधि।
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