- SHM में मध्य स्थिति पर त्वरण कैसा होता है?
- अधिकतम
- शून्य
- स्थिर पर शून्य नहीं
- ऋणात्मक अधिकतम
उत्तर देखें
उत्तर: (B) शून्य
मध्य स्थिति पर विस्थापन शून्य है और a = −ω²x, इसलिए त्वरण भी शून्य होता है; वहीं वेग अधिकतम होता है।
- SHM में त्वरण और विस्थापन के बीच कलांतर कितना होता है?
- 0
- π/2
- 2π
- π
उत्तर देखें
उत्तर: (D) π
a = −ω²x — ऋण चिह्न बताता है कि त्वरण हमेशा विस्थापन की उलटी दिशा में है, यानी कलांतर π (180°)।
- SHM करते कण का आयाम दोगुना कर दें, तो उसकी कुल ऊर्जा —
- चार गुनी
- दोगुनी
- आधी
- वही
उत्तर देखें
उत्तर: (A) चार गुनी
E = ½kA², यानी ऊर्जा आयाम के वर्ग के अनुपात में है; आयाम दोगुना तो ऊर्जा चार गुनी।
- सरल लोलक का आवर्तकाल किस पर निर्भर नहीं करता?
- लंबाई
- g का मान
- गोलक का द्रव्यमान
- स्थान
उत्तर देखें
उत्तर: (C) गोलक का द्रव्यमान
T = 2π√(l/g) में द्रव्यमान नहीं है — लकड़ी या लोहे का गोलक, समय वही रहता है।
- पृथ्वी पर सेकंड लोलक की लंबाई लगभग कितनी होती है?
- 25 cm
- 50 cm
- 1 m
- 2 m
उत्तर देखें
उत्तर: (C) 1 m
आवर्तकाल 2 s के लिए l = gT²/4π² ≈ 0.994 m, यानी लगभग 1 m।
- लोलक घड़ी को पहाड़ की चोटी पर ले जाने पर वह —
- सुस्त हो जाएगी
- तेज़ चलेगी
- वैसी ही चलेगी
- बंद हो जाएगी
उत्तर देखें
उत्तर: (A) सुस्त हो जाएगी
ऊँचाई पर g घटता है, इसलिए T = 2π√(l/g) बढ़ता है और घड़ी पिछड़ने लगती है।
- पृथ्वी की परिक्रमा करते उपग्रह के भीतर सरल लोलक का आवर्तकाल होगा —
- शून्य
- पृथ्वी जितना
- 2 s
- अनंत
उत्तर देखें
उत्तर: (D) अनंत
उपग्रह में प्रभावी g शून्य होता है; T = 2π√(l/0) अनंत — लोलक दोलन ही नहीं करता।
- स्प्रिंग से बँधे द्रव्यमान को चंद्रमा पर ले जाएँ तो उसका आवर्तकाल —
- बढ़ेगा
- वही रहेगा
- घटेगा
- शून्य होगा
उत्तर देखें
उत्तर: (B) वही रहेगा
T = 2π√(m/k) में g नहीं है, इसलिए स्प्रिंग का आवर्तकाल कहीं भी वही रहता है।
- लोलक की लंबाई चार गुनी कर दी जाए तो उसका आवर्तकाल —
- दोगुना
- चार गुना
- आधा
- वही
उत्तर देखें
उत्तर: (A) दोगुना
T ∝ √l, इसलिए √4 = 2 गुना।
- पुल पार करते समय सैनिकों को क़दम-ताल तोड़ने को क्यों कहा जाता है?
- थकान से बचने के लिए
- घर्षण घटाने के लिए
- अनुनाद से बचने के लिए
- आवाज़ कम करने के लिए
उत्तर देखें
उत्तर: (C) अनुनाद से बचने के लिए
ताल की आवृत्ति पुल की प्राकृतिक आवृत्ति से मिल जाए तो अनुनाद से कंपन का आयाम बहुत बढ़ सकता है और पुल टूट सकता है।
- अनुप्रस्थ यांत्रिक तरंगें किसमें नहीं बन सकतीं?
- डोरी में
- गैस में
- ठोस में
- द्रव की सतह पर
उत्तर देखें
उत्तर: (B) गैस में
गैस में कतरनी प्रत्यास्थता नहीं होती, इसलिए वहाँ केवल अनुदैर्घ्य तरंगें चलती हैं।
- हवा में ध्वनि तरंगें किस प्रकार की होती हैं?
- अनुप्रस्थ
- ध्रुवित
- विद्युत-चुंबकीय
- अनुदैर्घ्य
उत्तर देखें
उत्तर: (D) अनुदैर्घ्य
हवा में कण तरंग की दिशा में ही आगे-पीछे कंपन करते हैं और संपीडन-विरलन बनाते हैं।
- ध्वनि हवा से पानी में जाती है। कौन-सी राशि नहीं बदलती?
- चाल
- तरंगदैर्घ्य
- तीनों बदलती हैं
- आवृत्ति
उत्तर देखें
उत्तर: (D) आवृत्ति
आवृत्ति स्रोत तय करता है; माध्यम बदलने पर चाल और तरंगदैर्घ्य बदलते हैं, आवृत्ति नहीं।
- 340 m/s चाल वाली 170 Hz की ध्वनि का तरंगदैर्घ्य होगा —
- 0.5 m
- 2 m
- 20 m
- 57800 m
उत्तर देखें
उत्तर: (B) 2 m
λ = v/f = 340/170 = 2 m।
- भूकंप की कौन-सी तरंगें पृथ्वी के बाहरी क्रोड से नहीं गुज़रतीं?
- P-तरंगें
- सभी गुज़र जाती हैं
- S-तरंगें
- रेडियो तरंगें
उत्तर देखें
उत्तर: (C) S-तरंगें
S-तरंगें अनुप्रस्थ हैं और द्रव में नहीं चलतीं; इनके न पहुँचने से पता चला कि बाहरी क्रोड द्रव है।
- तापमान स्थिर रखकर हवा का दाब दोगुना करें, तो ध्वनि की चाल —
- नहीं बदलेगी
- आधी
- √2 गुनी
- दोगुनी
उत्तर देखें
उत्तर: (A) नहीं बदलेगी
P बढ़ने पर घनत्व भी उसी अनुपात में बढ़ता है; P/ρ वही रहता है, इसलिए चाल नहीं बदलती।
- ध्वनि किस माध्यम में सबसे तेज़ चलती है?
- हवा
- स्टील
- पानी
- निर्वात
उत्तर देखें
उत्तर: (B) स्टील
ठोस की प्रत्यास्थता बहुत ज़्यादा है; स्टील में ≈ 5960 m/s, पानी में ≈ 1500 m/s, हवा में ≈ 346 m/s और निर्वात में ध्वनि चलती ही नहीं।
- नम हवा में ध्वनि की चाल सूखी हवा की तुलना में —
- कम होती है
- शून्य होती है
- बराबर होती है
- ज़्यादा होती है
उत्तर देखें
उत्तर: (D) ज़्यादा होती है
जलवाष्प हवा से हल्की है, इसलिए नम हवा का घनत्व कम होता है और ध्वनि तेज़ चलती है।
- गैसों में ध्वनि की चाल के न्यूटन के सूत्र में सुधार किसने किया?
- लाप्लास
- हुक
- डॉप्लर
- सबाइन
उत्तर देखें
उत्तर: (A) लाप्लास
लाप्लास ने बताया कि ध्वनि में प्रक्रम रुद्धोष्म है और सूत्र v = √(γP/ρ) दिया।
- ध्वनि का तारत्व (pitch) किस पर निर्भर करता है?
- आयाम
- तरंग का आकार
- आवृत्ति
- चाल
उत्तर देखें
उत्तर: (C) आवृत्ति
आवृत्ति ज़्यादा तो तारत्व ऊँचा (तीखी आवाज़); आयाम से प्रबलता और तरंग के आकार से गुणता तय होती है।
- मच्छर और शेर की आवाज़ के बारे में सही कथन चुनिए।
- शेर का तारत्व ऊँचा, मच्छर ज़्यादा प्रबल
- दोनों का तारत्व बराबर
- मच्छर का तारत्व ऊँचा, शेर ज़्यादा प्रबल
- दोनों बराबर प्रबल
उत्तर देखें
उत्तर: (C) मच्छर का तारत्व ऊँचा, शेर ज़्यादा प्रबल
मच्छर के पंख बहुत तेज़ फड़फड़ाते हैं (ऊँची आवृत्ति), जबकि शेर की दहाड़ का आयाम बड़ा होता है।
- ध्वनि का स्तर 10 dB बढ़ने पर उसकी तीव्रता —
- 10 गुनी
- दोगुनी
- 100 गुनी
- 10 W/m² बढ़ती है
उत्तर देखें
उत्तर: (A) 10 गुनी
β = 10 log(I/I₀) — 10 dB यानी 1 बेल का अंतर, तीव्रता 10 गुनी।
- भारत के ध्वनि प्रदूषण नियमों में आवासीय क्षेत्र की रात की सीमा कितनी है?
- 35 dB
- 70 dB
- 55 dB
- 45 dB
उत्तर देखें
उत्तर: (D) 45 dB
आवासीय क्षेत्र: दिन 55 dB, रात 45 dB; शांत क्षेत्र 50/40, औद्योगिक 75/70।
- सामान्य मनुष्य का श्रव्य परिसर क्या है?
- 0–20 Hz
- 20–20,000 Hz
- 20,000 Hz से ऊपर
- 200–2000 Hz
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उत्तर: (B) 20–20,000 Hz
20 Hz से कम अवश्रव्य और 20 kHz से ज़्यादा पराश्रव्य कहलाती है।
- अँधेरे में चमगादड़ रास्ता कैसे पहचानता है?
- पराश्रव्य ध्वनि की गूँज से
- अवश्रव्य ध्वनि से
- अवरक्त किरणों से
- चुंबकीय क्षेत्र से
उत्तर देखें
उत्तर: (A) पराश्रव्य ध्वनि की गूँज से
चमगादड़ पराश्रव्य चीख़ें निकालकर उनकी गूँज से दूरी और दिशा जानता है — इसे प्रतिध्वनि-निर्धारण कहते हैं।
- गुर्दे की पथरी को बिना चीर-फाड़ तोड़ने में किसका उपयोग होता है?
- X-किरणें
- अवश्रव्य तरंगें
- पराश्रव्य तरंगें
- गामा किरणें
उत्तर देखें
उत्तर: (C) पराश्रव्य तरंगें
लिथोट्रिप्सी में पराश्रव्य तरंगें पथरी को बारीक टुकड़ों में तोड़ देती हैं, जो मूत्र के साथ निकल जाते हैं।
- स्पष्ट गूँज सुनने के लिए परावर्तक सतह की न्यूनतम दूरी लगभग है —
- 1.7 m
- 17.2 m
- 34.4 m
- 172 m
उत्तर देखें
उत्तर: (B) 17.2 m
ध्वनि का असर कान पर 0.1 s रहता है; d = 344 × 0.1 / 2 ≈ 17.2 m।
- SONAR का स्पंद 2 s बाद लौटता है; पानी में ध्वनि की चाल 1500 m/s है। समुद्र की गहराई?
- 750 m
- 6000 m
- 3000 m
- 1500 m
उत्तर देखें
उत्तर: (D) 1500 m
गहराई = vt/2 = 1500 × 2 / 2 = 1500 m — ध्वनि नीचे जाती भी है और लौटती भी।
- सभागार में अनुरणन घटाने का सही उपाय कौन-सा है?
- चिकनी संगमरमर की दीवारें
- ऊँची काँच की छत
- ख़ाली हॉल
- मोटे पर्दे और कालीन
उत्तर देखें
उत्तर: (D) मोटे पर्दे और कालीन
पर्दे, कालीन, गद्देदार कुर्सियाँ और फ़ाइबर बोर्ड ध्वनि सोखकर अनुरणन काल घटाते हैं।
- सीटी बजाती पास आती रेलगाड़ी की आवाज़ प्लेटफ़ॉर्म पर खड़े व्यक्ति को —
- कम आवृत्ति की
- ज़्यादा आवृत्ति की
- उतनी ही आवृत्ति की
- सुनाई नहीं देती
उत्तर देखें
उत्तर: (B) ज़्यादा आवृत्ति की
डॉप्लर प्रभाव: स्रोत पास आए तो तरंगें सिकुड़ती हैं और सुनाई देने वाली आवृत्ति बढ़ जाती है।
- दूर की आकाशगंगाओं के प्रकाश में "अभिरक्त विस्थापन" (red shift) क्या बताता है?
- वे पास आ रही हैं
- वे स्थिर हैं
- वे दूर जा रही हैं
- वे ठंडी हो रही हैं
उत्तर देखें
उत्तर: (C) वे दूर जा रही हैं
दूर जाते स्रोत की आवृत्ति घटती है और प्रकाश लाल की ओर खिसकता है — इससे ब्रह्मांड का फैलना पता चला।
- मैक संख्या 5 से ज़्यादा वाली गति कहलाती है —
- अतिध्वनिक
- ट्रांसोनिक
- पराध्वनिक
- अवध्वनिक
उत्तर देखें
उत्तर: (A) अतिध्वनिक
M < 1 अवध्वनिक, 1–5 पराध्वनिक और 5 से ज़्यादा अतिध्वनिक (hypersonic)।
- मानव शरीर की सबसे छोटी हड्डी कहाँ होती है?
- भीतरी कान
- मध्य कान
- नाक
- उँगली
उत्तर देखें
उत्तर: (B) मध्य कान
मध्य कान की स्टेपीज़ (रकाब) शरीर की सबसे छोटी हड्डी है।
- 256 Hz और 262 Hz के दो स्वरित्र एक साथ बजाने पर प्रति सेकंड कितने विस्पंद सुनाई देंगे?
- 3
- 518
- 256
- 6
उत्तर देखें
उत्तर: (D) 6
विस्पंद आवृत्ति = |f₁ − f₂| = 262 − 256 = 6।
- एक सिरे पर बंद ऑर्गन नली में कौन-से संनादी बनते हैं?
- केवल विषम
- केवल सम
- सभी
- केवल मूल स्वर
उत्तर देखें
उत्तर: (A) केवल विषम
बंद सिरे पर निस्पंद और खुले पर प्रस्पंद की शर्त से केवल विषम संनादी (1 : 3 : 5) बनते हैं।
- बराबर लंबाई की खुली नली का मूल स्वर बंद नली की तुलना में —
- आधा
- बराबर
- दोगुना
- चार गुना
उत्तर देखें
उत्तर: (C) दोगुना
खुली नली f = v/2L और बंद नली f = v/4L, इसलिए खुली नली का मूल स्वर दोगुना।
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