- प्रच्छन्न बेरोज़गारी का सामान्यतः क्या मतलब होता है — (IAS, 2013)
- बड़ी संख्या में लोग बेरोज़गार रहते हैं
- वैकल्पिक रोज़गार उपलब्ध नहीं है
- श्रम की सीमांत उत्पादकता शून्य होती है
- कामगारों की उत्पादकता कम होती है
उत्तर देखें
उत्तर: (C) श्रम की सीमांत उत्पादकता शून्य होती है
प्रच्छन्न बेरोज़गारी में ज़्यादा लोग काम पर लगे दिखते हैं, पर अतिरिक्त कामगारों का योगदान व्यावहारिक रूप से शून्य होता है।
- राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ग्रामीण ग़रीबों की आजीविका कैसे सुधारने की कोशिश करता है — 1. बड़ी संख्या में नई विनिर्माण इकाइयाँ व कृषि-व्यवसाय केंद्र स्थापित कर। 2. स्वयं सहायता समूहों को मज़बूत कर और कौशल विकास देकर। — (IAS, 2012)
- केवल 1
- केवल 2
- दोनों 1 और 2
- न 1 न 2
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उत्तर: (B) केवल 2
NRLM मुख्यतः संस्था-निर्माण यानी स्वयं सहायता समूहों और कौशल पर केंद्रित है, नई फ़ैक्ट्रियाँ लगाने पर नहीं।
- मनरेगा से कौन लाभ पाने के योग्य है — (IAS, 2011)
- केवल SC और ST परिवारों के वयस्क सदस्य
- BPL परिवारों के वयस्क सदस्य
- सभी पिछड़े समुदायों के परिवारों के वयस्क सदस्य
- किसी भी परिवार के वयस्क सदस्य
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उत्तर: (D) किसी भी परिवार के वयस्क सदस्य
मनरेगा किसी जाति या आय-स्तर की शर्त नहीं रखता; किसी भी ग्रामीण परिवार का वयस्क सदस्य अकुशल शारीरिक काम के लिए पंजीकरण करा सकता है।
- भारत में गरीबी रेखा तय करने के लिए ग्रामीण क्षेत्र का कैलोरी मानक क्या है
- 1800 किलोकैलोरी
- 2400 किलोकैलोरी
- 2600 किलोकैलोरी
- 2100 किलोकैलोरी
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उत्तर: (B) 2400 किलोकैलोरी
ग्रामीण क्षेत्र के लिए 2400 और शहरी क्षेत्र के लिए 2100 किलोकैलोरी प्रतिदिन का मानक रखा गया है।
- 1962 में गठित विशेषज्ञ समिति ने गरीबी रेखा किस आधार पर तय की
- कैलोरी खपत
- न्यूनतम उपभोग व्यय
- कुल आमदनी
- कुल संपत्ति
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उत्तर: (B) न्यूनतम उपभोग व्यय
इस समिति ने न्यूनतम उपभोग व्यय को आधार बनाया, कैलोरी खपत को नहीं।
- सापेक्ष गरीबी किस पर आधारित है
- देशों की प्रति व्यक्ति आमदनी की तुलना पर
- कैलोरी खपत पर
- गिनी गुणांक पर
- न्यूनतम मज़दूरी पर
उत्तर देखें
उत्तर: (A) देशों की प्रति व्यक्ति आमदनी की तुलना पर
सापेक्ष गरीबी अलग-अलग देशों की प्रति व्यक्ति आमदनी की आपसी तुलना से तय होती है।
- लकड़ावाला समिति किसने और कब बनाई
- 1989 में योजना आयोग ने
- 2009 में वित्त मंत्रालय ने
- 1993 में RBI ने
- 2012 में NITI Aayog ने
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उत्तर: (A) 1989 में योजना आयोग ने
लकड़ावाला समिति 1989 में योजना आयोग ने बनाई; रिपोर्ट जुलाई 1993 में आई।
- तेंदुलकर समिति ने गरीबी रेखा में कैलोरी के अलावा और क्या जोड़ा
- स्वास्थ्य, शिक्षा और वस्त्र का ख़र्च
- मनोरंजन का ख़र्च
- यात्रा का ख़र्च
- बचत की राशि
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उत्तर: (A) स्वास्थ्य, शिक्षा और वस्त्र का ख़र्च
तेंदुलकर समिति ने गरीबी को केवल कैलोरी तक सीमित न रखकर स्वास्थ्य, शिक्षा और वस्त्र पर होने वाले ख़र्च को भी इसमें जोड़ा।
- तेंदुलकर समिति के अनुसार 2004-05 में गरीबी दर कितनी थी
- 21.9%
- 27.5%
- 37.2%
- 45%
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उत्तर: (C) 37.2%
आधिकारिक अनुमान 27.5% था, पर तेंदुलकर पद्धति से यह 37.2% निकला।
- रंगराजन समिति ने अपनी रिपोर्ट कब सौंपी
- 2009
- 2012
- 2014
- 2016
उत्तर देखें
उत्तर: (C) 2014
रंगराजन समिति मई 2012 में बनी थी और इसने अपनी रिपोर्ट 6 जुलाई 2014 को सौंपी।
- रंगराजन समिति के अनुसार 2011-12 में ग्रामीण मासिक गरीबी रेखा कितनी थी
- ₹816
- ₹972
- ₹1000
- ₹1407
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उत्तर: (B) ₹972
रंगराजन समिति ने ग्रामीण रेखा ₹972 प्रति माह (₹32 प्रतिदिन) रखी, जो तेंदुलकर के ₹816 से ऊँची थी।
- NC सक्सेना समिति का काम क्या था
- ग्रामीण BPL पहचान की पद्धति सुझाना
- शहरी BPL पहचान की पद्धति सुझाना
- GDP की गणना करना
- मुद्रास्फीति मापना
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उत्तर: (A) ग्रामीण BPL पहचान की पद्धति सुझाना
NC सक्सेना समिति ग्रामीण क्षेत्र के BPL परिवारों की पहचान की पद्धति सुझाने के लिए बनी थी।
- SR हाशिम समिति के अनुसार किसी परिवार को गरीब न मानने के लिए फ्रिज, दुपहिया, लैंडलाइन व वाशिंग मशीन में से कितनी चीज़ें होनी चाहिए
- दो
- तीन
- सभी चार
- एक भी नहीं
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उत्तर: (B) तीन
इन चार वस्तुओं में से कोई तीन होने पर परिवार को गरीब नहीं माना जाता।
- MPI का फ़ॉर्मूला क्या है
- H × A
- H + A
- H ÷ A
- H − A
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उत्तर: (A) H × A
H MPI-गरीब लोगों का प्रतिशत है और A उनमें गरीबी की औसत तीव्रता है।
- सेन इंडेक्स किन तीन चीज़ों को जोड़ता है
- हेड काउंट, गैप इंडेक्स और गिनी गुणांक
- केवल आमदनी
- जन्म दर, मृत्यु दर और साक्षरता
- GDP, मुद्रास्फीति और ब्याज दर
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उत्तर: (A) हेड काउंट, गैप इंडेक्स और गिनी गुणांक
सेन इंडेक्स हेड काउंट रेशियो, गरीबी गैप इंडेक्स और गिनी गुणांक — तीनों को जोड़कर बनता है।
- फिशर प्राइस इंडेक्स खाद्य पदार्थों को कितना भारांश देता है
- 40%
- 50%
- 60%
- 70%
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उत्तर: (C) 60%
फिशर प्राइस इंडेक्स खाद्य पदार्थों को 60% भारांश देता है।
- 1990 से 2015 के दौर के लिए विश्व बैंक की अंतरराष्ट्रीय गरीबी रेखा क्या थी
- US $1.25
- US $1.90
- US $2.15
- US $3.20
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उत्तर: (B) US $1.90
उस दौर के लिए विश्व बैंक ने प्रतिदिन US $1.90 को अंतरराष्ट्रीय गरीबी रेखा माना था।
- भारत सरकार और एशियाई विकास बैंक के गरीबी मानक में क्या फ़र्क़ है
- भारत US $1.02/दिन, ADB US $1.35/दिन
- दोनों बराबर हैं
- भारत का मानक ज़्यादा है
- ADB का कोई मानक नहीं है
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उत्तर: (A) भारत US $1.02/दिन, ADB US $1.35/दिन
भारत सरकार का मानक प्रतिदिन US $1.02 है, जबकि ADB का मानक प्रतिदिन US $1.35 है।
- गिनी गुणांक किसने विकसित किया
- कोर्रादो गिनी
- अमर्त्य सेन
- सुरेश तेंदुलकर
- सी. रंगराजन
उत्तर देखें
उत्तर: (A) कोर्रादो गिनी
इतालवी सांख्यिकीविद् कोर्रादो गिनी ने यह पैमाना विकसित किया था।
- 2017 में भारत का संपत्ति का गिनी गुणांक लगभग कितना था
- 0.27
- 0.39
- 0.58
- 0.83
उत्तर देखें
उत्तर: (D) 0.83
भारत का संपत्ति का गिनी गुणांक 2017 में 0.83 था, जो इसे सबसे ज़्यादा असमानता वाले देशों में खड़ा करता है।
- श्रम शक्ति की परिभाषा में कौन शामिल नहीं होता
- काम करने में इच्छुक व्यक्ति
- स्वेच्छा से बेरोज़गार रहने वाला व्यक्ति
- रोज़गार पाया हुआ व्यक्ति
- काम खोज रहा बेरोज़गार व्यक्ति
उत्तर देखें
उत्तर: (B) स्वेच्छा से बेरोज़गार रहने वाला व्यक्ति
स्वेच्छा से बेरोज़गार रहने वाला व्यक्ति काम करना ही नहीं चाहता, इसलिए वह श्रम शक्ति में शामिल नहीं होता।
- चालू साप्ताहिक हैसियत (CWS) का स्मरण काल क्या है
- 1 दिन
- 1 सप्ताह
- 1 माह
- 1 वर्ष
उत्तर देखें
उत्तर: (B) 1 सप्ताह
CWS में संदर्भ सप्ताह के किसी भी 1 दिन में कम से कम 1 घंटा काम करने वाले को रोज़गार में माना जाता है।
- NSSO हर कितने साल में रोज़गार-बेरोज़गारी पर सर्वे करता है
- हर साल
- हर तीन साल
- हर पाँच साल
- हर दस साल
उत्तर देखें
उत्तर: (C) हर पाँच साल
भगवती समिति की सिफ़ारिश पर 1972-73 से NSSO हर पाँच साल में यह सर्वे करता है।
- आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (PLFS) की शुरुआत NSO ने कब की
- 2011
- 2014
- 2017
- 2020
उत्तर देखें
उत्तर: (C) 2017
PLFS की शुरुआत राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) ने 2017 में की।
- मनरेगा में मज़दूरी और सामग्री का अनुपात कितना बनाए रखना ज़रूरी है
- 50:50
- 60:40
- 70:30
- 80:20
उत्तर देखें
उत्तर: (B) 60:40
ज़्यादा रोज़गार पैदा करने के लिए मज़दूरी और सामग्री का अनुपात 60:40 बनाए रखना ज़रूरी है।
इसी विषय के और अध्याय
- मौद्रिक नीति और RBI26 प्रश्न
- मुद्रा और बैंकिंग26 प्रश्न
- मुद्रास्फीति24 प्रश्न
- जनांकिकी प्रोफ़ाइल25 प्रश्न
- कौशल विकास और रोजगार संवर्धन26 प्रश्न
- सामाजिक क्षेत्र की योजनाएँ26 प्रश्न