- धारा 103(1)(ix) में स्टाम्प ड्यूटी पर अधिभार की अधिकतम सीमा (2011 संशोधन के बाद) कितनी है?
- आधा प्रतिशत
- 5 प्रतिशत
- 10 प्रतिशत
- 25 प्रतिशत
उत्तर देखें
उत्तर: (C) 10 प्रतिशत
2011 के संशोधन अधिनियम ने "आधा प्रतिशत" की जगह "दस प्रतिशत" किया।
- कर निर्धारण के विरुद्ध अपील सुने जाने के लिए धारा 122(ख) के अनुसार कितनी राशि जमा होनी चाहिए?
- माँगी गई राशि का 10%
- माँगी गई राशि का 25%
- माँगी गई राशि का 50%
- पूरी माँगी गई राशि
उत्तर देखें
उत्तर: (B) माँगी गई राशि का 25%
2011 के संशोधन से पूरी राशि की शर्त और छूट का परंतुक हटे; अब 25%।
- धारा 102 के अनिवार्य करों के बारे में कौन-सा कथन सही है?
- नगरपालिका इन्हें कभी नहीं लगाती
- दर नगरपालिका की साधारण सभा तय करती है
- ये केवल नगर निगम पर लागू हैं
- राज्य सरकार कहे तो नगरपालिका को लगाना ही पड़ता है
उत्तर देखें
उत्तर: (D) राज्य सरकार कहे तो नगरपालिका को लगाना ही पड़ता है
धारा 102(1): नगरपालिका लगा सकती है, पर सरकार के कहने पर लगाना ज़रूरी हो जाता है — दर और तारीख़ सरकार अधिसूचना से तय करती है।
- नया भवन बनने या बढ़ने की सूचना स्वामी को नगरपालिका को कितने समय में देनी होती है?
- 15 दिन
- 3 माह
- 6 माह
- 1 माह
उत्तर देखें
उत्तर: (D) 1 माह
धारा 115(1): पूर्णता/क़ब्ज़े की तारीख़ (जो पहले हो) से 1 माह।
- धारा 106 के अनुसार किस ऊँचाई से अधिक के आवासीय भवन पर विकास प्रभार लग सकता है?
- 14 मीटर
- 9 मीटर
- 18 मीटर
- 24 मीटर
उत्तर देखें
उत्तर: (A) 14 मीटर
धारा 106(1)(क): 14 मीटर से अधिक ऊँचा आवासीय भवन या कोई भी ग़ैर-आवासीय भवन।
- कुर्की-बिक्री के वारंट पर हस्ताक्षर करके उसे कौन जारी करता है?
- कलेक्टर
- निर्धारक
- मुख्य नगरपालिका अधिकारी
- तहसीलदार
उत्तर देखें
उत्तर: (C) मुख्य नगरपालिका अधिकारी
धारा 131(3): हर वारंट पर मुख्य नगरपालिका अधिकारी हस्ताक्षर कर जारी करेगा।
- माँग-नोटिस तामील होने के बाद चूककर्ता के पास वारंट से बचने के लिए कितने दिन होते हैं?
- 7 दिन
- 15 दिन
- 30 दिन
- 60 दिन
उत्तर देखें
उत्तर: (B) 15 दिन
धारा 131(1): 15 दिन — भुगतान, कारण बताना या धारा 121 के तहत अपील।
- किराए पर दी गई संपत्ति के भवन-कर का प्राथमिक दायी कौन है?
- किराएदार
- नगरपालिका
- पट्टादाता (मकान-मालिक)
- निर्धारक
उत्तर देखें
उत्तर: (C) पट्टादाता (मकान-मालिक)
धारा 120(2)(क): किराए पर दी हो तो पट्टादाता; उप-किराए पर हो तो श्रेष्ठ पट्टादाता।
- धारा 126(2) के अनुसार जानकारी न देने या झूठी जानकारी देने पर दोषसिद्धि पर अधिकतम जुर्माना?
- ₹500
- ₹1,000
- ₹5,000
- ₹10,000
उत्तर देखें
उत्तर: (B) ₹1,000
धारा 126(2): ₹1,000 तक। ₹500 धारा 115 की शास्ति की सीमा-राशि है।
- वारंट जारी करने की समय-सीमा कितनी है, जिसके बाद नगरपालिका भू-राजस्व की तरह वसूली का अनुरोध करती है?
- 1 वर्ष
- 2 वर्ष
- 5 वर्ष
- 3 वर्ष
उत्तर देखें
उत्तर: (D) 3 वर्ष
धारा 131(2) एवं परंतुक: वारंट जारी हो सकने की तारीख़ से 3 वर्ष।
- धारा 107 के अनुसार सार्वजनिक उपासना स्थल को कौन-से कर से छूट मिलती है?
- वाहन कर
- अग्नि कर
- सभी कर
- भूमि-भवन कर
उत्तर देखें
उत्तर: (D) भूमि-भवन कर
धारा 107(3): केवल 102(1)(क) का भूमि-भवन कर, और स्थल नगरपालिका से मान्यता-प्राप्त हो।
- धारा 109 के अनुसार वार्षिक कर इनमें से किस तिथि से शुरू नहीं हो सकता?
- 1 जुलाई
- 1 अक्टूबर
- 1 फ़रवरी
- 1 जनवरी
उत्तर देखें
उत्तर: (C) 1 फ़रवरी
चार तिथियाँ — 1 अप्रैल, 1 जुलाई, 1 अक्टूबर, 1 जनवरी।
- धारा 140 के अनुसार नगरपालिका के भवन/भूमि कर का प्रथम भार किसके भुगतान के अधीन है?
- राज्य को देय भू-राजस्व
- बैंक का ऋण
- किराया
- स्टाम्प ड्यूटी
उत्तर देखें
उत्तर: (A) राज्य को देय भू-राजस्व
भू-राजस्व पहले चुकता होगा, उसके बाद नगरपालिका कर का प्रथम भार।
- किस मामले में माँग-नोटिस दिए बिना ही वारंट जारी हो सकता है?
- जो व्यक्ति नगर छोड़कर जाने वाला हो
- जो व्यक्ति कर निर्धारण पर अपील कर चुका हो
- जिसकी संपत्ति दूसरे नगर में हो
- जो व्यक्ति कृषक हो
उत्तर देखें
उत्तर: (A) जो व्यक्ति नगर छोड़कर जाने वाला हो
धारा 136(2): नगरपालिका क्षेत्र छोड़ने वाले देनदार पर माँग-नोटिस आवश्यक नहीं।
इसी विषय के और अध्याय
- कर्मचारी वर्ग — राजस्थान नगरपालिका सेवा13 प्रश्न
- नगर विकास व नियोजन13 प्रश्न
- नगरपालिका का गठन व संरचना14 प्रश्न
- नगरपालिका सम्पत्ति13 प्रश्न
- नगरपालिका की शक्तियाँ व कर्तव्य14 प्रश्न
- नियम, विनियम, उपविधि व विविध14 प्रश्न