- राज्य सरकार के नियम और आदेश कब से प्रभावी होते हैं?
- बनने की तिथि से
- राजपत्र में प्रकाशन की तिथि से
- विधानमंडल के सदन में रखे जाने से
- सदन में 14 दिन पूरे होने पर
उत्तर देखें
उत्तर: (B) राजपत्र में प्रकाशन की तिथि से
धारा 337(5) — राजपत्र में प्रकाशन की तिथि से या उसके बाद।
- राज्य के नियम राज्य विधानमंडल के सदन के सामने कम से कम कितने दिन रखे जाते हैं?
- 7 दिन
- 10 दिन
- 14 दिन
- 30 दिन
उत्तर देखें
उत्तर: (C) 14 दिन
धारा 337(6) — कम से कम 14 दिन, एक सत्र में या लगातार दो सत्रों में। विनियमों के लिए भी यही (338(4))।
- नगरपालिका अधिनियम 2009 में रिक्शा संबंधी विनियम बनाने की शक्ति किस धारा में है?
- धारा 339
- धारा 340
- धारा 337
- धारा 338
उत्तर देखें
उत्तर: (D) धारा 338
धारा 338 — मानव स्वास्थ्य, जन-सुरक्षा और रिक्शा-चालकों के हित के लिए रिक्शा को क्रमशः समाप्त करने की दृष्टि से नियमन।
- धारा 338 के विनियम बनाने से पहले क्या अनिवार्य है?
- पूर्व प्रकाशन
- विधानसभा की पूर्व मंज़ूरी
- जिला न्यायाधीश की अनुमति
- राज्य लोक सेवा आयोग से परामर्श
उत्तर देखें
उत्तर: (A) पूर्व प्रकाशन
धारा 338(3) — विनियम बनाने की शक्ति पूर्व प्रकाशन की शर्त के अधीन है।
- नगरपालिका चुनाव याचिका के निपटारे में किसकी शक्तियाँ राज्य के नियम तय करते हैं?
- लोकायुक्त की
- जिला न्यायाधीश की
- राज्य निर्वाचन आयुक्त की
- निदेशक, स्थानीय निकाय की
उत्तर देखें
उत्तर: (B) जिला न्यायाधीश की
धारा 337(2)(vi) — चुनाव याचिका की प्रस्तुति, प्रक्रिया और जिला न्यायाधीश की शक्तियाँ।
- धारा 337(2) का कौन-सा खंड 2012 के संशोधन से हटाया गया?
- खंड (xii)
- खंड (xv)
- खंड (xviii)
- खंड (xl)
उत्तर देखें
उत्तर: (C) खंड (xviii)
राजस्थान विधि (संशोधन) अधिनियम 2012 की धारा 8 — खंड (xviii) हटा।
- किस धारा में नगरपालिका को उपविधि बनाने की शक्ति मिली है?
- धारा 340
- धारा 339
- धारा 341
- धारा 337
उत्तर देखें
उत्तर: (A) धारा 340
धारा 340 — पालिका उपविधि बना सकेगी (वैकल्पिक); धारा 339 में नियम बनाना अनिवार्य है।
- पालिका नियम/उपविधि बनाने में विफल रहे तो कौन बना सकता है?
- निदेशक, स्थानीय निकाय
- जिला कलक्टर
- राज्यपाल सीधे
- राज्य सरकार
उत्तर देखें
उत्तर: (D) राज्य सरकार
धारा 337(4) — राज्य सरकार धारा 339 और 340 के विषयों पर नियम और उपविधि बना सकती है।
- उपविधि बनाने से पहले नगरपालिका को क्या करना होता है?
- सरकार से पूर्व अनुमति लेना
- मसौदा प्रकाशित कर लिखित आपत्तियों पर विचार करना
- जिला न्यायाधीश को भेजना
- तीन माह प्रतीक्षा करना
उत्तर देखें
उत्तर: (B) मसौदा प्रकाशित कर लिखित आपत्तियों पर विचार करना
धारा 340(2) — मसौदा और विचार की तिथि वाला नोटिस, फिर तिथि से पहले आई लिखित आपत्ति-सुझाव पर विचार।
- कंपनी द्वारा अपराध (धारा 342) में प्रभारी व्यक्ति कब दंड से बच सकता है?
- यदि वह निदेशक नहीं है
- यदि कंपनी जुर्माना भर दे
- यदि अपराध उसकी जानकारी के बिना हुआ या उसने पूरी तत्परता बरती
- यदि अपराध पहली बार हुआ
उत्तर देखें
उत्तर: (C) यदि अपराध उसकी जानकारी के बिना हुआ या उसने पूरी तत्परता बरती
धारा 342(1) का परंतुक — जानकारी का अभाव या due diligence सिद्ध करना।
- धारा 343 में कठिनाई दूर करने का आदेश कब तक दिया जा सकता है?
- प्रारंभ से 1 वर्ष
- प्रारंभ से 2 वर्ष
- प्रारंभ से 5 वर्ष
- कभी भी
उत्तर देखें
उत्तर: (B) प्रारंभ से 2 वर्ष
धारा 343 — अधिनियम के प्रारंभ की तिथि से 2 वर्ष के भीतर।
- नगरपालिका अधिनियम 2009 ने किस अधिनियम को निरस्त किया?
- राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994
- राजस्थान भू-राजस्व अधिनियम 1956
- राजस्थान नगरपालिका अधिनियम 1959
- राजस्थान नगर सुधार अधिनियम 1959
उत्तर देखें
उत्तर: (C) राजस्थान नगरपालिका अधिनियम 1959
धारा 344(1) — राजस्थान नगरपालिका अधिनियम 1959 (अधिनियम 38/1959)।
- चौथी अनुसूची के माँग-नोटिस के बाद राशि न चुकाने पर कुर्की-वारंट कितने दिन बाद जारी होता है?
- 5 दिन
- 7 दिन
- 10 दिन
- 15 दिन
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उत्तर: (D) 15 दिन
चौथी अनुसूची (धारा 130) — तामील से 15 दिन; पाँचवीं अनुसूची के वारंट में भी यही 15 दिन।
- कुर्की के बाद सूची-नोटिस (छठी अनुसूची) में संपत्ति बेचने से पहले कितने दिन दिए जाते हैं?
- 5 दिन
- 15 दिन
- 30 दिन
- 60 दिन
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उत्तर: (A) 5 दिन
छठी अनुसूची (धारा 133(4)) — 5 दिन में राशि और वसूली-ख़र्च न चुकाने पर संपत्ति बेची जाएगी।
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