- निकाय अल्पकालिक ऋण अधिकतम कितने समय के लिए ले सकता है?
- 6 माह
- 9 माह
- 12 माह
- 24 माह
उत्तर देखें
उत्तर: (C) 12 माह
धारा 144: बारह माह से अधिक नहीं; अनुसूचित बैंक से।
- निकायों के लिए व्यापक ऋण-सीमा नीति कौन बनाता है?
- निकाय का सदन
- राज्य सरकार
- निदेशक (स्थानीय निकाय)
- राज्य वित्त आयोग
उत्तर देखें
उत्तर: (B) राज्य सरकार
धारा 141।
- नीति की सीमा से बाहर ऋण लेने के लिए निकाय को क्या चाहिए?
- सदन में दो-तिहाई बहुमत
- अंकेक्षक की सहमति
- वित्त समिति की सिफ़ारिश
- राज्य सरकार की पूर्व स्वीकृति
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उत्तर: (D) राज्य सरकार की पूर्व स्वीकृति
धारा 142(1) का पहला परंतुक — उद्देश्य, राशि, ब्याज, अवधि पर।
- धारा 142(1) में निकाय के ऋण उठाने के कितने उद्देश्य हैं?
- पाँच
- सात
- नौ
- दस
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उत्तर: (B) सात
सात — (क) से (छ), अंतिम खंड "अन्य उद्देश्य" का है।
- ऋण की रक़म से किनका वेतन दिया जा सकता है?
- निकाय के सब कर्मचारियों का
- केवल अधिकारियों का
- केवल उनका जो उसी काम में अनन्य रूप से लगे हों
- किसी का भी नहीं, बिना अपवाद
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उत्तर: (C) केवल उनका जो उसी काम में अनन्य रूप से लगे हों
धारा 142(2)(ख)।
- धारा 145 के अनुसार निक्षेप निधि किसके लिए बनती है?
- हर ऋण के लिए अलग
- सब ऋणों की एक साझा
- केवल अल्पकालिक ऋण के लिए
- केवल राज्य से लिए ऋण के लिए
उत्तर देखें
उत्तर: (A) हर ऋण के लिए अलग
धारा 145 — धारा 142 के तहत लिए हर ऋण के लिए अलग निक्षेप निधि।
- निक्षेप निधि में जमा धन का निवेश मुख्यतः किसमें किया जाता है?
- किसी भी बैंक की बचत में
- सरकारी प्रतिभूतियों आदि में
- निकाय की सामान्य निधि में
- निकाय की नई परियोजना में
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उत्तर: (B) सरकारी प्रतिभूतियों आदि में
धारा 148(1) — सरकारी, केंद्र/राज्य गारंटीशुदा या राज्य-अनुमोदित सार्वजनिक प्रतिभूतियाँ।
- निक्षेप निधि की वार्षिक जाँच कौन करता है?
- CMO
- अंकेक्षक
- वित्त समिति
- राज्य वित्त आयोग
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उत्तर: (B) अंकेक्षक
धारा 151(1)।
- अंकेक्षक द्वारा प्रमाणित निक्षेप निधि की अधिकता कहाँ अंतरित की जाती है?
- राज्य की संचित निधि में
- अगले ऋण की निक्षेप निधि में
- निकाय के वाणिज्यिक परियोजना खाते में
- नगरपालिका निधि के सामान्य खाते में
उत्तर देखें
उत्तर: (D) नगरपालिका निधि के सामान्य खाते में
धारा 151(5)।
- धारा 153 निकाय के किन धाराओं में बताए कार्यों के निर्वहन पर लागू होती है?
- धारा 45, 46 और 47
- धारा 79, 80 और 81
- धारा 141, 142 और 143
- धारा 152, 154 और 155
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उत्तर: (A) धारा 45, 46 और 47
धारा 153 की प्रस्तावना में धारा 45, 46 व 47 का उल्लेख है।
- धारा 154(2) में निजी क्षेत्र भागीदारी समझौतों के कितने प्रकार गिनाए गए हैं?
- पाँच
- आठ
- बारह
- दस
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उत्तर: (D) दस
क से ञ तक दस प्रकार — BOOT, BT, BLT, BOT, पट्टा-प्रबंधन, प्रबंधन, ROT, ROOT, सेवा-अनुबंध और SOT।
- निजी क्षेत्र भागीदारी समझौता करने से पहले निकाय को किसकी पूर्व स्वीकृति चाहिए?
- जिला कलेक्टर
- वित्त समिति
- राज्य सरकार
- अंकेक्षक
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उत्तर: (C) राज्य सरकार
धारा 155(ख)।
- निक्षेप निधि में कमी का अंकेक्षक द्वारा प्रमाण-पत्र मिलने पर निकाय को क्या करना होता है?
- राज्य की मंज़ूरी के बिना कुछ नहीं
- अगले साल बजट में रखना
- तुरंत निधि में जमा करना — राज्य ने क्रमिक समायोजन न माना हो तो
- ऋण माफ़ करवाना
उत्तर देखें
उत्तर: (C) तुरंत निधि में जमा करना — राज्य ने क्रमिक समायोजन न माना हो तो
धारा 151(4)।
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