- K और °C के बीच सही संबंध कौन-सा है?
- K = °C − 273
- K = °C + 273
- K = °C × 2
- K = °C ÷ 2
उत्तर देखें
उत्तर: (B) K = °C + 273
केल्विन पैमाना परम शून्य (−273°C) से शुरू होता है, इसलिए K = °C + 273 (सटीक 273.15)।
- किस ताप पर सेल्सियस और फ़ारेनहाइट थर्मामीटर एक ही पाठ दिखाते हैं?
- 0°
- −273°
- 100°
- −40°
उत्तर देखें
उत्तर: (D) −40°
C = F रखने पर C = 1.8C + 32 → C = −40। यानी −40°C = −40°F।
- मानव शरीर का सामान्य ताप 98.6°F सेल्सियस में कितना है?
- 37°C
- 36°C
- 38°C
- 39°C
उत्तर देखें
उत्तर: (A) 37°C
C = (98.6 − 32) × 5/9 = 37°C।
- सूर्य जैसी बहुत गर्म वस्तु का ताप किस यंत्र से नापते हैं?
- पारे का थर्मामीटर
- नैदानिक थर्मामीटर
- पायरोमीटर
- गैस थर्मामीटर
उत्तर देखें
उत्तर: (C) पायरोमीटर
पायरोमीटर वस्तु से निकले विकिरण से ताप नापता है और उसे छूने की ज़रूरत नहीं — बहुत ऊँचे ताप के लिए यही उपयुक्त है।
- बहुत ठंडे इलाक़ों में पारे के बजाय एल्कोहॉल थर्मामीटर क्यों?
- एल्कोहॉल सस्ता है
- एल्कोहॉल चमकीला है
- पारा −39°C पर जम जाता है
- पारा विषैला नहीं है
उत्तर देखें
उत्तर: (C) पारा −39°C पर जम जाता है
पारे का हिमांक लगभग −39°C है, जबकि एल्कोहॉल लगभग −115°C तक द्रव रहता है।
- किसी ठोस के रेखीय, क्षेत्रीय और आयतन प्रसार गुणांकों का अनुपात है —
- 1 : 2 : 3
- 1 : 1 : 1
- 3 : 2 : 1
- 1 : 3 : 2
उत्तर देखें
उत्तर: (A) 1 : 2 : 3
β = 2α और γ = 3α, इसलिए α : β : γ = 1 : 2 : 3।
- रेल-पटरियों के बीच थोड़ी ख़ाली जगह क्यों छोड़ी जाती है?
- पानी निकलने के लिए
- पटरी बचाने के लिए
- आवाज़ कम करने के लिए
- ऊष्मीय प्रसार के लिए
उत्तर देखें
उत्तर: (D) ऊष्मीय प्रसार के लिए
गर्मी में पटरियाँ फैलती हैं; जगह न हो तो वे मुड़ सकती हैं।
- पानी का घनत्व सबसे ज़्यादा किस ताप पर होता है?
- 0°C
- 4°C
- 25°C
- 100°C
उत्तर देखें
उत्तर: (B) 4°C
पानी का अनियमित प्रसार: 0 से 4°C तक सिकुड़ता है, 4°C पर सबसे घना होता है।
- सर्दी में झील की सतह जम जाने पर भी मछलियाँ ज़िंदा रहती हैं, क्योंकि —
- नीचे का पानी लगभग 4°C पर द्रव रहता है
- पानी गर्म हो जाता है
- मछलियाँ ठंड नहीं झेलतीं
- बर्फ़ ऊष्मा की सुचालक है
उत्तर देखें
उत्तर: (A) नीचे का पानी लगभग 4°C पर द्रव रहता है
पानी के अनियमित प्रसार से तल पर 4°C का पानी रहता है और ऊपर की बर्फ़ कुचालक की तरह उसे बचाती है।
- गाड़ी के रेडिएटर में शीतलक के रूप में पानी क्यों?
- इसका क्वथनांक कम है
- यह हल्का है
- इसकी विशिष्ट ऊष्मा बहुत ज़्यादा है
- यह विद्युत का चालक है
उत्तर देखें
उत्तर: (C) इसकी विशिष्ट ऊष्मा बहुत ज़्यादा है
पानी बहुत ज़्यादा ऊष्मा सोखकर भी कम गर्म होता है।
- 80°C के 100 g पानी में 20°C का 200 g पानी मिलाया गया। अंतिम ताप?
- 50°C
- 40°C
- 30°C
- 60°C
उत्तर देखें
उत्तर: (B) 40°C
T = (100 × 80 + 200 × 20)/300 = 40°C।
- भाप से जलना उसी ताप के उबलते पानी से ज़्यादा ख़तरनाक क्यों है?
- भाप ज़्यादा गर्म होती है
- भाप विषैली है
- भाप तेज़ चलती है
- भाप में गुप्त ऊष्मा होती है
उत्तर देखें
उत्तर: (D) भाप में गुप्त ऊष्मा होती है
100°C की भाप पानी बनते समय हर ग्राम पर लगभग 540 कैलोरी अतिरिक्त ऊष्मा छोड़ती है।
- 0°C की 10 g बर्फ़ को 0°C का पानी बनाने में कितनी ऊष्मा लगेगी?
- 80 कैलोरी
- 5400 कैलोरी
- 540 कैलोरी
- 800 कैलोरी
उत्तर देखें
उत्तर: (D) 800 कैलोरी
Q = mL = 10 × 80 = 800 कैलोरी। ताप नहीं बदलता, सिर्फ़ अवस्था बदलती है।
- पहाड़ों पर खाना पकाने में देर क्यों लगती है?
- ऑक्सीजन कम है
- कम दाब पर पानी 100°C से नीचे उबलता है
- हवा ठंडी है
- बर्तन जल्दी ठंडे होते हैं
उत्तर देखें
उत्तर: (B) कम दाब पर पानी 100°C से नीचे उबलता है
दाब घटने पर क्वथनांक घटता है, इसलिए पानी कम ताप पर उबलता है और खाना देर से पकता है।
- दाब बढ़ाने पर बर्फ़ का गलनांक —
- बढ़ता है
- नहीं बदलता
- घटता है
- पहले बढ़ता फिर घटता है
उत्तर देखें
उत्तर: (C) घटता है
बर्फ़ पिघलने पर सिकुड़ती है, इसलिए दाब बढ़ाने पर उसका गलनांक घटता है — यही पुनर्हिमायन है।
- बर्फ़ में नमक मिलाने से हिम-मिश्रण का ताप —
- 0°C से नीचे चला जाता है
- 0°C से ऊपर जाता है
- 0°C ही रहता है
- 100°C हो जाता है
उत्तर देखें
उत्तर: (A) 0°C से नीचे चला जाता है
नमक हिमांक घटाता है; बर्फ़-नमक का मिश्रण लगभग −20°C तक ठंडा हो जाता है।
- ताप घटने पर (भाप की मात्रा वही रहे) सापेक्ष आर्द्रता —
- घटती है
- बढ़ती है
- नहीं बदलती
- शून्य हो जाती है
उत्तर देखें
उत्तर: (B) बढ़ती है
ठंडी हवा कम भाप थाम सकती है, इसलिए वही भाप अब संतृप्ति के ज़्यादा पास होती है — RH बढ़ती है।
- शुष्क और आर्द्र बल्ब आर्द्रतामापी के पाठ बराबर हों, तो सापेक्ष आर्द्रता है —
- 0%
- 50%
- कहा नहीं जा सकता
- 100%
उत्तर देखें
उत्तर: (D) 100%
हवा संतृप्त हो तो गीले बल्ब से वाष्पन नहीं होता और दोनों पाठ बराबर रहते हैं — RH 100%।
- ऊष्मा का सबसे अच्छा चालक कौन-सा है?
- हीरा
- चाँदी
- ताँबा
- एल्युमिनियम
उत्तर देखें
उत्तर: (A) हीरा
हीरे की ऊष्मा चालकता सबसे ज़्यादा है, जबकि वह विद्युत का कुचालक है। धातुओं में चाँदी सबसे अच्छी है।
- एक मोटे कंबल की तुलना में दो पतले कंबल ज़्यादा गर्म क्यों रखते हैं?
- दोनों का भार ज़्यादा है
- पतले कंबल विकिरण सोखते हैं
- बीच की हवा की परत कुचालक है
- पतले कंबल में संवहन होता है
उत्तर देखें
उत्तर: (C) बीच की हवा की परत कुचालक है
दो कंबलों के बीच फँसी हवा ऊष्मा की बहुत अच्छी कुचालक है।
- दिन के समय समुद्र के किनारे हवा किस दिशा में बहती है?
- ज़मीन से समुद्र की ओर
- हवा नहीं बहती
- समुद्र से ज़मीन की ओर
- ऊपर से नीचे
उत्तर देखें
उत्तर: (C) समुद्र से ज़मीन की ओर
दिन में ज़मीन जल्दी गर्म होती है, उसके ऊपर की हवा उठती है और समुद्र की ठंडी हवा ज़मीन की ओर आती है — समुद्री समीर।
- विकिरण को आगे बढ़ने के लिए किस चीज़ की ज़रूरत नहीं होती?
- माध्यम
- ताप
- समय
- ऊर्जा
उत्तर देखें
उत्तर: (A) माध्यम
विकिरण विद्युत-चुंबकीय तरंगों के रूप में चलता है और निर्वात से भी गुज़र जाता है।
- स्टीफ़न के नियम के अनुसार किसी कृष्णिका का परम ताप दोगुना करने पर उत्सर्जित ऊर्जा —
- दोगुनी
- चार गुनी
- आठ गुनी
- सोलह गुनी
उत्तर देखें
उत्तर: (D) सोलह गुनी
E ∝ T⁴, इसलिए 2⁴ = 16 गुनी।
- वीन के नियम के अनुसार ताप बढ़ने पर सबसे तीव्र विकिरण की तरंगदैर्घ्य —
- बढ़ती है
- घटती है
- नहीं बदलती
- शून्य हो जाती है
उत्तर देखें
उत्तर: (B) घटती है
λ_max × T = स्थिर, इसलिए ताप बढ़ने पर λ_max छोटी होती है — गर्म वस्तु का रंग लाल से नीले की ओर खिसकता है।
- थर्मस फ़्लास्क में निर्वात किसे रोकता है?
- चालन और संवहन
- सिर्फ़ विकिरण
- सिर्फ़ संवहन
- सिर्फ़ चालन
उत्तर देखें
उत्तर: (A) चालन और संवहन
निर्वात में कण नहीं होते, इसलिए चालन और संवहन दोनों रुकते हैं; विकिरण को चाँदी की परत परावर्तित करती है।
- ग्रीनहाउस प्रभाव में कौन-सा विकिरण फँस जाता है?
- पराबैंगनी
- दृश्य प्रकाश
- अवरक्त
- X-किरणें
उत्तर देखें
उत्तर: (C) अवरक्त
ज़मीन से निकला लंबी तरंगदैर्घ्य का अवरक्त विकिरण ग्रीनहाउस गैसों या काँच से बाहर नहीं निकल पाता।
- थर्मामीटर ऊष्मागतिकी के किस नियम पर आधारित है?
- पहला
- शून्यवाँ
- दूसरा
- तीसरा
उत्तर देखें
उत्तर: (B) शून्यवाँ
शून्यवाँ नियम ऊष्मीय संतुलन और ताप की अवधारणा देता है; थर्मामीटर ही वह "तीसरी वस्तु" है।
- एक गैस 800 J ऊष्मा सोखती है और 300 J कार्य करती है। उसकी आंतरिक ऊर्जा में बदलाव?
- 1100 J
- 800 J
- 300 J
- 500 J
उत्तर देखें
उत्तर: (D) 500 J
पहला नियम: ΔU = ΔQ − ΔW = 800 − 300 = 500 J।
- रुद्धोष्म प्रक्रम में —
- ताप स्थिर रहता है
- दाब स्थिर रहता है
- आयतन स्थिर रहता है
- ऊष्मा का लेन-देन नहीं होता
उत्तर देखें
उत्तर: (D) ऊष्मा का लेन-देन नहीं होता
रुद्धोष्म में Q = 0; ताप बदल सकता है — प्रसार में गैस ठंडी, संपीडन में गर्म होती है।
- समआयतनिक प्रक्रम में गैस द्वारा किया गया कार्य होता है —
- अधिकतम
- शून्य
- ऋणात्मक
- अनंत
उत्तर देखें
उत्तर: (B) शून्य
आयतन न बदले तो W = PΔV = 0; सारी ऊष्मा आंतरिक ऊर्जा बढ़ाती है।
- कार्नो इंजन 600 K और 300 K के बीच चलता है। दक्षता?
- 25%
- 75%
- 50%
- 100%
उत्तर देखें
उत्तर: (C) 50%
η = 1 − 300/600 = 0.5 = 50%।
- बंद कमरे में चलते फ़्रिज का दरवाज़ा खुला छोड़ दें तो कमरे का ताप —
- बढ़ेगा
- घटेगा
- वही रहेगा
- पहले घटेगा फिर वही
उत्तर देखें
उत्तर: (A) बढ़ेगा
फ़्रिज कमरे से Q₂ लेकर Q₂ + W छोड़ता है; कुल मिलाकर कमरे में W जितनी ऊष्मा बढ़ती है।
- प्राकृतिक प्रक्रमों में ब्रह्मांड की एन्ट्रॉपी —
- घटती है
- बढ़ती है
- स्थिर रहती है
- शून्य होती है
उत्तर देखें
उत्तर: (B) बढ़ती है
दूसरा नियम: विलगित निकाय की एन्ट्रॉपी अनुत्क्रमणीय प्रक्रमों में बढ़ती है।
- स्थिर ताप पर गैस का आयतन आधा करने पर दाब —
- आधा
- वही
- चार गुना
- दोगुना
उत्तर देखें
उत्तर: (D) दोगुना
बॉयल का नियम: PV = स्थिर, इसलिए V आधा तो P दोगुना।
- 27°C पर किसी गैस की rms चाल v है। 927°C पर चाल होगी —
- 2v
- v
- 4v
- √2 v
उत्तर देखें
उत्तर: (A) 2v
v ∝ √T; 300 K से 1200 K यानी 4 गुना ताप → चाल दोगुनी।
- एकपरमाणुक गैस के लिए γ = Cₚ/Cᵥ का मान है —
- 1.4
- 1.33
- 1.67
- 1.29
उत्तर देखें
उत्तर: (C) 1.67
एकपरमाणुक गैस की f = 3, इसलिए γ = 1 + 2/3 = 5/3 ≈ 1.67।
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