- राजकोषीय घाटे में संघ बजट का क्या अर्थ है — (IAS, 1994)
- चालू व्यय और चालू राजस्व का अंतर
- केंद्र सरकार के RBI से उधार में शुद्ध वृद्धि
- बजटीय घाटे और आंतरिक-बाह्य उधार में शुद्ध वृद्धि का योग
- मौद्रीकृत घाटे और बजटीय घाटे का योग
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उत्तर: (C) बजटीय घाटे और आंतरिक-बाह्य उधार में शुद्ध वृद्धि का योग
राजकोषीय घाटा = बजटीय घाटा + आंतरिक और बाह्य उधार में शुद्ध वृद्धि; यही इसकी पुरानी, पर पक्की परिभाषा है।
- लगातार कई वर्षों से घाटे का बजट चला आ रहा है। सरकार घाटा घटाने के लिए कौन-सा क़दम उठा सकती है — (UPSC, 2015)
- राजस्व व्यय घटाना और सब्सिडी को युक्तिसंगत बनाना
- नई कल्याणकारी योजनाएँ शुरू करना
- उद्योगों का विस्तार करना
- उपरोक्त सभी
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उत्तर: (A) राजस्व व्यय घटाना और सब्सिडी को युक्तिसंगत बनाना
राजस्व व्यय घटाना और सब्सिडी सुधारना सीधे घाटा कम करते हैं; नई योजनाएँ या विस्तार तो ख़र्च और बढ़ाते हैं।
- राजकोषीय नीति किसके ज़रिये व्यक्त होती है
- मौद्रिक नीति समिति की बैठक से
- बजट से
- आर्थिक समीक्षा से
- वित्त आयोग की सिफ़ारिश से
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उत्तर: (B) बजट से
सरकार की प्राप्ति और व्यय संबंधी नीति हर साल बजट के रूप में संसद में पेश होती है।
- लोक वित्त के पाँच हिस्सों में कौन शामिल नहीं है
- सार्वजनिक ऋण
- वित्तीय प्रशासन
- मुद्रा गुणक
- सार्वजनिक व्यय
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उत्तर: (C) मुद्रा गुणक
मुद्रा गुणक मुद्रा-आपूर्ति का विषय है, लोक वित्त का हिस्सा नहीं।
- राजस्व व्यय की सही पहचान क्या है
- इससे सरकार की संपत्ति बढ़ती है
- इससे न संपत्ति बढ़ती है न देनदारी घटती है
- इससे देनदारी हमेशा घटती है
- यह हमेशा पूँजीगत व्यय से बड़ा होता है
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उत्तर: (B) इससे न संपत्ति बढ़ती है न देनदारी घटती है
राजस्व व्यय सरकार का उपभोग-ख़र्च है; इससे न परिसंपत्ति बनती है न देनदारी घटती है।
- निम्न में से कौन पूँजी प्राप्ति का उदाहरण नहीं है
- विनिवेश से मिली रक़म
- बाज़ार से लिया उधार
- आयकर से मिली रक़म
- दिए गए ऋण की वसूली
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उत्तर: (C) आयकर से मिली रक़म
आयकर एक कर है और राजस्व प्राप्ति में आता है, पूँजी प्राप्ति में नहीं।
- बजट में जानबूझकर घाटा रखने का सबसे बड़ा तर्क क्या है
- इससे मुद्रास्फीति हमेशा नियंत्रित रहती है
- मंदी के दौर में सरकारी ख़र्च बढ़ाकर माँग बनाई जा सकती है
- इससे कर संग्रह बढ़ जाता है
- इससे विदेशी ऋण की ज़रूरत ख़त्म हो जाती है
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उत्तर: (B) मंदी के दौर में सरकारी ख़र्च बढ़ाकर माँग बनाई जा सकती है
कीन्स के विचार के अनुसार, मंदी में सरकारी ख़र्च बढ़ाकर माँग बनाना और अर्थव्यवस्था को गति देना ही मुख्य तर्क है।
- बजट भाषण के भाग B में क्या होता है
- अर्थव्यवस्था की सामान्य घोषणाएँ
- कर से जुड़े बदलाव
- अगले वर्ष का लेखानुदान
- वित्त आयोग की सिफ़ारिशें
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उत्तर: (B) कर से जुड़े बदलाव
भाग A में सामान्य घोषणाएँ और भाग B में कर संबंधी बदलाव रखे जाते हैं।
- बजट से एक दिन पहले संसद में क्या प्रस्तुत होता है
- वार्षिक वित्तीय विवरण
- आर्थिक समीक्षा
- विनियोग विधेयक
- मध्यम अवधि राजकोषीय नीति विवरण
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उत्तर: (B) आर्थिक समीक्षा
आर्थिक समीक्षा मुख्य आर्थिक सलाहकार तैयार करते हैं, और यह बजट से एक दिन पहले रखी जाती है।
- प्रभावी राजस्व घाटा निकालने के लिए राजस्व घाटे से क्या घटाया जाता है
- ब्याज भुगतान
- परिसंपत्ति-निर्माण हेतु दिया गया अनुदान
- सब्सिडी
- गैर-ऋण पूँजीगत प्राप्तियाँ
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उत्तर: (B) परिसंपत्ति-निर्माण हेतु दिया गया अनुदान
परिसंपत्ति-निर्माण के लिए दिए गए अनुदान को घटाने से असली उपभोग-घाटा सामने आता है।
- राजकोषीय घाटे में कौन शामिल होता है, जो प्राथमिक घाटे में नहीं होता
- ब्याज भुगतान
- वेतन-पेंशन
- सब्सिडी
- रक्षा ख़र्च
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उत्तर: (A) ब्याज भुगतान
प्राथमिक घाटा = राजकोषीय घाटा − ब्याज भुगतान, इसलिए ब्याज भुगतान ही वह अंतर है।
- 1997 से पहले किस घाटे का इस्तेमाल होता था, जो आज हमेशा शून्य रहता है
- राजस्व घाटा
- प्राथमिक घाटा
- बजट घाटा
- प्रभावी राजस्व घाटा
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उत्तर: (C) बजट घाटा
बजट घाटा (कुल व्यय − कुल प्राप्तियाँ) 1997 में छोड़ दिया गया; अब यह हमेशा शून्य माना जाता है।
- घाटे के मौद्रीकरण का क्या अर्थ है
- कर की दर बढ़ाना
- सरकार द्वारा बाज़ार से उधार लेना
- तदर्थ ट्रेज़री बिल के बदले RBI द्वारा नए नोट बनाना
- विनिवेश करना
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उत्तर: (C) तदर्थ ट्रेज़री बिल के बदले RBI द्वारा नए नोट बनाना
यही तरीक़ा महँगाई बढ़ाता था, इसलिए 1997 से इसे बंद कर दिया गया।
- मार्गोपाय अग्रिम किस अधिनियम के तहत दिया जाता है
- FRBM अधिनियम, 2003
- RBI अधिनियम, 1934
- बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949
- संविधान का अनुच्छेद 112
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उत्तर: (B) RBI अधिनियम, 1934
यह RBI अधिनियम, 1934 के तहत चलने वाली छोटी अवधि की उधार-सुविधा है, अधिकतम 3 महीने के लिए।
- क्राउडिंग आउट प्रभाव किसे कहते हैं
- सरकारी ख़र्च बढ़ने से निजी क्षेत्र के लिए उधार कम बचना
- विदेशी निवेश का भारत में बढ़ना
- कर की दर घटने से राजस्व बढ़ना
- महँगाई घटने से माँग बढ़ना
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उत्तर: (A) सरकारी ख़र्च बढ़ने से निजी क्षेत्र के लिए उधार कम बचना
सरकार जब बाज़ार से बहुत ज़्यादा उधार लेती है, तो निजी क्षेत्र के लिए उधार की गुंजाइश घट जाती है।
- ऋण-GDP अनुपात ऊँचा होने का क्या मतलब निकलता है
- देश की उधार चुकाने की क्षमता पर भरोसा बढ़ता है
- देश की उधार चुकाने की क्षमता पर भरोसा घटता है
- इससे GDP हमेशा बढ़ जाती है
- इससे राजस्व घाटा हमेशा शून्य हो जाता है
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उत्तर: (B) देश की उधार चुकाने की क्षमता पर भरोसा घटता है
अनुपात जितना ऊँचा, उधार के मुक़ाबले कमाई उतनी कम मानी जाती है, और चुकाने की क्षमता पर भरोसा घटता है।
- लाफ़र वक्र के अनुसार कर दर बढ़ाने पर क्या होता है
- राजस्व हमेशा बढ़ता है
- राजस्व हमेशा घटता है
- एक सीमा तक राजस्व बढ़ता है, फिर घटने लगता है
- राजस्व पर कोई असर नहीं पड़ता
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उत्तर: (C) एक सीमा तक राजस्व बढ़ता है, फिर घटने लगता है
सीमा के बाद लोग कर से बचने के रास्ते खोजने लगते हैं, जिससे राजस्व गिरने लगता है।
- राजकोषीय समेकन के तीन खंभों में कौन शामिल नहीं है
- राजस्व का अधिकतमीकरण
- व्यय का युक्तिकरण
- ऋण का प्रभावी प्रबंधन
- कर की दर में बार-बार बदलाव
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उत्तर: (D) कर की दर में बार-बार बदलाव
बार-बार कर दर बदलना समेकन का तरीक़ा नहीं है; बाक़ी तीन ही इसके खंभे हैं।
- FRBM अधिनियम कब पास हुआ, और मूल लक्ष्य किस वर्ष तक के लिए रखा गया
- 2003 में पास, 2008-09 तक का लक्ष्य
- 2005 में पास, 2010-11 तक का लक्ष्य
- 2003 में पास, 2015-16 तक का लक्ष्य
- 2012 में पास, 2020-21 तक का लक्ष्य
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उत्तर: (A) 2003 में पास, 2008-09 तक का लक्ष्य
अधिनियम 2003 में पास हुआ, और मूल लक्ष्य (3% राजकोषीय घाटा, 0% राजस्व घाटा) 2008-09 तक के लिए रखा गया था।
- FRBM के एस्केप क्लॉज़ के तहत कितना विचलन स्वीकार्य है
- 0.2%
- 0.5%
- 1%
- 2%
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उत्तर: (B) 0.5%
एन.के. सिंह समिति की सिफ़ारिश पर तय किए गए चार हालातों में 0.5% तक का विचलन मान्य है।
- एन.के. सिंह समिति ने ऋण-GDP अनुपात का कौन-सा लक्ष्य सुझाया
- 50%, सिर्फ़ केंद्र के लिए
- 60%, केंद्र और राज्य मिलाकर
- 70%, सिर्फ़ राज्यों के लिए
- 40%, सिर्फ़ केंद्र के लिए
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उत्तर: (B) 60%, केंद्र और राज्य मिलाकर
60% में केंद्र का हिस्सा 40% और राज्यों का हिस्सा 20% तय किया गया था; यह 2023 तक का लक्ष्य था।
- बजट 2026-27 में राजकोषीय घाटा कितना है
- 3.0%
- 4.3%
- 4.5%
- 5.6%
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उत्तर: (B) 4.3%
बजट 2026-27 में राजकोषीय घाटा GDP का 4.3% रखा गया है, जो पिछले साल के 4.4% से थोड़ा कम है।
- 2031 तक केंद्र सरकार के ऋण का नया लक्ष्य क्या है
- GDP का 60%
- GDP का 50 ± 1%
- GDP का 40%
- GDP का 70%
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उत्तर: (B) GDP का 50 ± 1%
बजट 2025 की घोषणा के बाद यह नया लक्ष्य तय हुआ, जो पुराने 60% (केंद्र+राज्य) के लक्ष्य से अलग और सख़्त है।
- बजट 2026-27 से राजकोषीय समेकन का मुख्य निशाना क्या बन गया है
- सिर्फ़ राजस्व घाटा
- सिर्फ़ प्राथमिक घाटा
- केंद्र सरकार का ऋण-GDP अनुपात
- सिर्फ़ विनिवेश की रक़म
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उत्तर: (C) केंद्र सरकार का ऋण-GDP अनुपात
अब हर साल का घाटा इस तरह तय होगा कि केंद्र के ऋण का GDP से अनुपात लगातार घटता रहे।
- राजकोषीय गुंजाइश (Fiscal Space) का सही अर्थ क्या है
- सरकार का कुल बजट आकार
- वित्तीय स्थिरता ख़तरे में डाले बिना ख़र्च करने के लिए बची जगह
- कर संग्रह की दर
- विदेशी मुद्रा भंडार की मात्रा
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उत्तर: (B) वित्तीय स्थिरता ख़तरे में डाले बिना ख़र्च करने के लिए बची जगह
यह बताता है कि सरकार अपनी स्थिरता बिगाड़े बिना कितना और ख़र्च कर सकती है।
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- बजट 2026-27 और आर्थिक समीक्षा25 प्रश्न
- कर प्रणाली और GST25 प्रश्न
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