- इनमें से कौन-से कर एड वैलोरेम यानी मूल्य पर आधारित हैं — 1. बिक्री कर 2. VAT 3. संपत्ति कर
- सिर्फ़ 1 और 2
- सिर्फ़ 2 और 3
- सिर्फ़ 1 और 3
- तीनों
उत्तर देखें
उत्तर: (D) तीनों
तीनों वस्तु या संपत्ति के मूल्य पर आधारित हैं, वज़न या मात्रा पर नहीं — इसलिए तीनों एड वैलोरेम हैं।
- उपहार कर के बारे में सही कथन चुनें — 1. यह पहली बार 1958 में लगाया गया 2. यह एस्टेट ड्यूटी से बचाव रोकने के लिए जोड़ा गया था
- सिर्फ़ 1
- सिर्फ़ 2
- दोनों सही
- दोनों ग़लत
उत्तर देखें
उत्तर: (C) दोनों सही
दोनों कथन सही हैं — उपहार कर इसलिए लाया गया था कि लोग संपत्ति को तोहफ़े के नाम पर बाँटकर एस्टेट ड्यूटी से बच न जाएँ।
- इनमें से कौन-से अप्रत्यक्ष कर हैं — 1. व्यक्तिगत आय कर 2. आयात शुल्क 3. सेवा कर
- सिर्फ़ 1 और 2
- सिर्फ़ 2 और 3
- सिर्फ़ 1 और 3
- तीनों
उत्तर देखें
उत्तर: (B) सिर्फ़ 2 और 3
आय कर प्रत्यक्ष कर है। आयात शुल्क और सेवा कर दोनों अप्रत्यक्ष कर हैं, इसलिए सही जोड़ी 2 और 3 है।
- सेवा कर के बारे में सही कथन चुनें — 1. यह 1994-95 में शुरू हुआ 2. 2013-14 में इस पर 119 सेवाएँ लगी थीं — (UPPCS, 2009)
- सिर्फ़ 1
- सिर्फ़ 2
- दोनों सही
- दोनों ग़लत
उत्तर देखें
उत्तर: (A) सिर्फ़ 1
सेवा कर 1994-95 में शुरू हुआ, यह सही है। पर अब सेवा कर GST में समा गया है, इसलिए यह सवाल पुराने दौर की याद दिलाता है।
- मूल्य वर्धित कर (VAT) को सबसे ठीक ढंग से कैसे परिभाषित करेंगे — (UPPCS, 2009)
- उत्पादन से अंतिम बिक्री तक हर चरण पर घरेलू उपभोग पर वसूला जाने वाला एड वैलोरेम कर
- सिर्फ़ विनिर्माण स्तर पर वसूला जाने वाला अंतिम उपभोग कर
- उपभोग की दर पर वसूला गया कर
- दूसरे राज्यों से आए उत्पादों पर राज्य का विशेष कर
उत्तर देखें
उत्तर: (A) उत्पादन से अंतिम बिक्री तक हर चरण पर घरेलू उपभोग पर वसूला जाने वाला एड वैलोरेम कर
VAT हर चरण पर मूल्यवर्धन पर लगता है, इसलिए यह उत्पादन से अंतिम बिक्री तक हर पड़ाव पर वसूला जाने वाला एड वैलोरेम कर है — GST भी इसी सोच पर टिका है।
- इनमें से कौन-से अप्रत्यक्ष कर हैं — 1. निगम कर 2. सीमा शुल्क 3. संपत्ति कर 4. उत्पाद शुल्क — (IAS, 2001)
- सिर्फ़ 1
- 2 और 4
- 1 और 3
- 2 और 3
उत्तर देखें
उत्तर: (B) 2 और 4
निगम कर और संपत्ति कर दोनों प्रत्यक्ष कर हैं। सीमा शुल्क और उत्पाद शुल्क अप्रत्यक्ष कर हैं, इसलिए सही जोड़ी 2 और 4 है।
- GST कब पूरे भारत में लागू हुआ
- 1 अप्रैल 2016
- 1 जुलाई 2017
- 1 जनवरी 2017
- 1 अप्रैल 2017
उत्तर देखें
उत्तर: (B) 1 जुलाई 2017
101वें संविधान संशोधन (2016) के बाद GST 1 जुलाई 2017 से लागू हुआ।
- GST लागू करने के लिए संविधान में कौन-सा संशोधन हुआ
- 99वाँ
- 100वाँ
- 101वाँ
- 102वाँ
उत्तर देखें
उत्तर: (C) 101वाँ
101वें संविधान संशोधन, 2016 ने GST के लिए रास्ता खोला।
- नई कर व्यवस्था में धारा 87A की छूट से किस आय तक व्यवहार में कर शून्य रहता है
- ₹8 लाख
- ₹10 लाख
- ₹12 लाख
- ₹15 लाख
उत्तर देखें
उत्तर: (C) ₹12 लाख
स्लैब ₹4 लाख से शुरू होता है, पर 87A की छूट ₹12 लाख तक की करदायी आय पर कर को शून्य कर देती है।
- नई कर व्यवस्था में मानक छूट कितनी है
- ₹50,000
- ₹60,000
- ₹75,000
- ₹1,00,000
उत्तर देखें
उत्तर: (C) ₹75,000
नई व्यवस्था में मानक छूट ₹75,000 है, पुरानी व्यवस्था की ₹50,000 से ज़्यादा।
- बिना छूट का लाभ लिए घरेलू कंपनी पर निगम कर की रियायती दर क्या है
- 15%
- 18%
- 22%
- 25%
उत्तर देखें
उत्तर: (C) 22%
जो घरेलू कंपनी कोई छूट नहीं लेती, उस पर 22 प्रतिशत की रियायती दर लागू हो जाती है।
- न्यूनतम वैकल्पिक कर (MAT) की दर क्या है
- 10%
- 12%
- 15%
- 18%
उत्तर देखें
उत्तर: (C) 15%
MAT उन कंपनियों के बुक प्रॉफ़िट पर 15 प्रतिशत की दर से लगाया जाता है जो छूट से करयोग्य लाभ शून्य कर लेती हैं।
- शेयर के लिए पूँजीगत लाभ को अल्पकालिक या दीर्घकालिक मानने की समय-सीमा क्या है
- 6 महीने
- 1 साल
- 2 साल
- 3 साल
उत्तर देखें
उत्तर: (B) 1 साल
शेयर बाज़ार के लिए यह सीमा 1 साल है, जबकि आम परिसंपत्तियों के लिए 2 साल।
- GST परिषद में किसी फ़ैसले के लिए कितने प्रतिशत मत ज़रूरी हैं
- 50%
- 60%
- 67%
- 75%
उत्तर देखें
उत्तर: (D) 75%
GST परिषद में फ़ैसला लेने के लिए कुल मतों में से तीन चौथाई यानी 75 प्रतिशत मत चाहिए।
- GST परिषद में केंद्र सरकार का मत मूल्य कितना है
- 1/4
- 1/3
- 1/2
- 2/3
उत्तर देखें
उत्तर: (B) 1/3
केंद्र सरकार का मत मूल्य एक तिहाई है, और सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों का मिलाकर दो तिहाई।
- GSTIN में कुल कितने अंक होते हैं
- 10
- 12
- 15
- 16
उत्तर देखें
उत्तर: (C) 15
GSTIN 15 अंकों का होता है — 2 अंक राज्य कोड के, 10 अंक PAN नंबर के, और 3 अंक विशिष्ट कोड के।
- सामान्य राज्य में सेवा व्यापार के लिए GST पंजीकरण की सीमा क्या है
- ₹10 लाख
- ₹20 लाख
- ₹30 लाख
- ₹40 लाख
उत्तर देखें
उत्तर: (B) ₹20 लाख
सामान्य राज्य में सेवा व्यापार के लिए टर्नओवर ₹20 लाख से ऊपर होने पर पंजीकरण अनिवार्य है।
- GST कंपोज़िशन स्कीम के लिए अधिकतम टर्नओवर सीमा क्या है
- ₹50 लाख
- ₹1 करोड़
- ₹1.5 करोड़
- ₹2 करोड़
उत्तर देखें
उत्तर: (C) ₹1.5 करोड़
₹1.5 करोड़ से कम टर्नओवर वाले कारोबारी कंपोज़िशन स्कीम चुन सकते हैं।
- कितने मूल्य से ऊपर के माल की ढुलाई पर E-way Bill बनाना ज़रूरी है
- ₹25,000
- ₹50,000
- ₹1 लाख
- ₹2 लाख
उत्तर देखें
उत्तर: (B) ₹50,000
₹50,000 से ऊपर के माल की ढुलाई पर E-way Bill बनाना अनिवार्य है।
- GST 2.0 की नई दरें किस तारीख़ से लागू हुईं
- 15 अगस्त 2025
- 3 सितंबर 2025
- 22 सितंबर 2025
- 1 अक्टूबर 2025
उत्तर देखें
उत्तर: (C) 22 सितंबर 2025
घोषणा 15 अगस्त को हुई, फ़ैसला 3 सितंबर की 56वीं परिषद बैठक में, और दरें 22 सितंबर 2025 से लागू हुईं।
- GST 2.0 की डिमेरिट दर कितनी है
- 18%
- 28%
- 35%
- 40%
उत्तर देखें
उत्तर: (D) 40%
विलासिता और सिन वस्तुओं पर GST 2.0 में 40 प्रतिशत की डिमेरिट दर लगाई गई है।
- GAAR किस तारीख़ से प्रभावी हुआ
- 1 अप्रैल 2013
- 1 अप्रैल 2014
- 1 अप्रैल 2016
- 1 अप्रैल 2017
उत्तर देखें
उत्तर: (D) 1 अप्रैल 2017
कई बार टलने के बाद GAAR आख़िरकार 1 अप्रैल 2017 से प्रभावी हुआ।
- निम्न में से कौन टैक्स हेवन का उदाहरण है
- केमैन आइलैंड्स
- मॉरीशस
- दोनों
- कोई नहीं
उत्तर देखें
उत्तर: (C) दोनों
केमैन आइलैंड्स और मॉरीशस, दोनों ही कम या शून्य कर वाले इलाक़े हैं और टैक्स हेवन के उदाहरण हैं।
- टोबिन टैक्स का मुख्य मक़सद क्या है
- पर्यावरण बचाना
- विदेशी मुद्रा की सट्टेबाज़ी रोकना
- निगम कर बढ़ाना
- आयात घटाना
उत्तर देखें
उत्तर: (B) विदेशी मुद्रा की सट्टेबाज़ी रोकना
टोबिन टैक्स विदेशी मुद्रा के आने-जाने पर लगता है, ताकि अस्थिर और सट्टेबाज़ी वाले पूँजी-प्रवाह पर लगाम लगे।
- कर परिहार (Tax Avoidance) और कर अपवंचन (Tax Evasion) में सही फ़र्क़ क्या है
- दोनों ग़ैर-क़ानूनी हैं
- दोनों क़ानूनी हैं
- Evasion ग़ैर-क़ानूनी है, Avoidance क़ानूनी पर कमी का फ़ायदा उठाकर
- Avoidance ग़ैर-क़ानूनी है, Evasion क़ानूनी
उत्तर देखें
उत्तर: (C) Evasion ग़ैर-क़ानूनी है, Avoidance क़ानूनी पर कमी का फ़ायदा उठाकर
कर अपवंचन क़ानून तोड़कर किया जाता है, इसलिए ग़ैर-क़ानूनी है। कर परिहार क़ानून की किसी कमी का फ़ायदा उठाता है, इसलिए क़ानूनी है पर विवादित रहता है।
इसी विषय के और अध्याय
- कौशल विकास और रोजगार संवर्धन26 प्रश्न
- सामाजिक क्षेत्र की योजनाएँ26 प्रश्न
- बजट 2026-27 और आर्थिक समीक्षा25 प्रश्न
- राजकोषीय नीति25 प्रश्न
- राजकोषीय संघवाद26 प्रश्न
- संसाधन संग्रहण26 प्रश्न