- किन मौलिक अधिकारों को सामान्यतः निरपेक्ष (बिना लिखित रोक के) माना जाता है?
- अनुच्छेद 14 और 17
- अनुच्छेद 17 और 24
- अनुच्छेद 21 और 24
- अनुच्छेद 18 और 21
उत्तर देखें
उत्तर: (B) अनुच्छेद 17 और 24
अनु. 17 (अस्पृश्यता) और अनु. 24 (बाल श्रम) में कोई अपवाद खंड नहीं।
- युद्ध या बाहरी आक्रमण के कारण घोषित राष्ट्रीय आपातकाल अपने-आप किसे निलंबित करता है?
- अनुच्छेद 20
- अनुच्छेद 21
- अनुच्छेद 14
- अनुच्छेद 19
उत्तर देखें
उत्तर: (D) अनुच्छेद 19
अनु. 358 स्वयं अनु. 19 को रोकता है; बाक़ी के लिए अनु. 359 का राष्ट्रपति आदेश चाहिए, और अनु. 20–21 कभी निलंबित नहीं होते।
- 6–14 वर्ष के बच्चों की निःशुल्क व अनिवार्य शिक्षा किस संशोधन से मौलिक अधिकार बनी? (IAS 2006, रूपांतरित)
- 76वाँ संशोधन
- 42वाँ संशोधन
- 86वाँ संशोधन
- 93वाँ संशोधन
उत्तर देखें
उत्तर: (C) 86वाँ संशोधन
86वें संशोधन, 2002 ने अनु. 21क जोड़ा; 42वें (1976) ने शिक्षा को समवर्ती सूची में डाला था।
- कौन-सा युग्म सही सुमेलित है?
- मौलिक कर्तव्य — 43वाँ संशोधन
- मूल ढाँचे का सिद्धांत — केशवानंद भारती केस
- अधिकारों में असीमित संशोधन — मिनर्वा मिल्स केस
- मानव दुर्व्यापार पर रोक — अनुच्छेद 24
उत्तर देखें
उत्तर: (B) मूल ढाँचे का सिद्धांत — केशवानंद भारती केस
कर्तव्य 42वें संशोधन से आए, मिनर्वा मिल्स ने संशोधन शक्ति सीमित की, और दुर्व्यापार अनु. 23 में है।
- मंडल (इंद्रा साहनी) केस की शर्तें: 1. सामाजिक पिछड़ापन 2. राज्य सेवाओं में अपर्याप्त प्रतिनिधित्व 3. कुल आरक्षण 50% के भीतर 4. क्रीमी लेयर का बहिष्कार
- 1 और 2
- 2 और 3
- 2, 3 और 4
- चारों
उत्तर देखें
उत्तर: (D) चारों
1992 के फ़ैसले ने चारों शर्तें रखीं।
- कौन-सा विषय उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय दोनों के पास ले जाया जा सकता है?
- राज्यों के बीच विवाद
- केंद्र-राज्य विवाद
- मौलिक अधिकारों का प्रवर्तन
- राष्ट्रपति को परामर्श
उत्तर देखें
उत्तर: (C) मौलिक अधिकारों का प्रवर्तन
उच्चतम न्यायालय के लिए अनु. 32 और उच्च न्यायालयों के लिए अनु. 226; सरकारों के आपसी विवाद केवल उच्चतम न्यायालय में (अनु. 131)।
- कौन-सा युग्म सही सुमेलित नहीं है?
- भेदभाव का निषेध — अनुच्छेद 15
- संघ बनाने का अधिकार — अनुच्छेद 19
- प्राण का संरक्षण — अनुच्छेद 20
- संवैधानिक उपचार — अनुच्छेद 32
उत्तर देखें
उत्तर: (C) प्राण का संरक्षण — अनुच्छेद 20
प्राण और दैहिक स्वतंत्रता अनु. 21 में है; अनु. 20 अपराधों की दोषसिद्धि से जुड़ा है।
- मौलिक अधिकारों के बारे में: 1. न्यायालय में प्रवर्तनीय 2. निरपेक्ष 3. आपातकाल में कुछ को छोड़ निलंबित हो सकते हैं 4. केवल नागरिकों को उपलब्ध। सही कथन?
- 1, 3 और 4
- 2, 3 और 4
- 2 और 4
- 1 और 3
उत्तर देखें
उत्तर: (D) 1 और 3
इन पर युक्तियुक्त निर्बंधन हैं, और कई (14, 20, 21, 25…) हर व्यक्ति को मिलते हैं।
- रिट के बारे में: 1. अधिकार-पृच्छा जाँचती है कि सार्वजनिक पदधारी उस पद का हक़दार है या नहीं। 2. उत्प्रेषण वह रिट है जो निचले न्यायालय को क्षेत्राधिकार लाँघने से पहले रोकती है। 3. बंदी प्रत्यक्षीकरण राज्य और निजी व्यक्ति दोनों के विरुद्ध। सही कथन?
- केवल 2
- 2 और 3
- 1 और 3
- तीनों
उत्तर देखें
उत्तर: (C) 1 और 3
कथन 2 प्रतिषेध का वर्णन है; उत्प्रेषण पहले से दिए आदेश को रद्द करता है।
- अस्पृश्यता के बारे में संविधान स्वयं
- इसे समाप्त करता है और दंड तय करता है
- दंड तय करता है और परिभाषा देता है
- केवल इसके आचरण को वर्जित करता है
- तीनों काम करता है
उत्तर देखें
उत्तर: (C) केवल इसके आचरण को वर्जित करता है
दंड संसद के क़ानून (सिविल अधिकार संरक्षण अधिनियम) से आता है; परिभाषा कहीं नहीं दी गई।
- भारत में आज संपत्ति के अधिकार की स्थिति क्या है? (IAS 2021)
- केवल नागरिकों का विधिक अधिकार
- हर व्यक्ति का संवैधानिक/विधिक अधिकार
- केवल नागरिकों का मौलिक अधिकार
- न मौलिक, न विधिक अधिकार
उत्तर देखें
उत्तर: (B) हर व्यक्ति का संवैधानिक/विधिक अधिकार
अनु. 300क — विधि के प्राधिकार के बिना किसी को संपत्ति से वंचित नहीं किया जा सकता।
- प्रतिषेध की रिट किसके विरुद्ध जारी हो सकती है?
- प्रशासनिक और न्यायिक प्राधिकारी
- केवल प्रशासनिक प्राधिकारी
- न्यायिक या अर्ध-न्यायिक प्राधिकारी
- विधानमंडल
उत्तर देखें
उत्तर: (C) न्यायिक या अर्ध-न्यायिक प्राधिकारी
प्रशासनिक निकायों तक परमादेश पहुँचता है, प्रतिषेध नहीं।
- अनुच्छेद 22(2) में गिरफ़्तार व्यक्ति को मजिस्ट्रेट के सामने पेश करने के 24 घंटों में क्या नहीं गिना जाता?
- सार्वजनिक अवकाश
- न्यायालय तक यात्रा का समय
- रविवार और अवकाश
- कुछ भी नहीं
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उत्तर: (B) न्यायालय तक यात्रा का समय
केवल गिरफ़्तारी-स्थल से मजिस्ट्रेट के न्यायालय तक की यात्रा का समय छोड़ा जाता है।
- किस फ़ैसले ने निजता को मौलिक अधिकार घोषित किया?
- मेनका गांधी
- के.एस. पुट्टस्वामी
- गोलकनाथ
- विशाखा
उत्तर देखें
उत्तर: (B) के.एस. पुट्टस्वामी
नौ न्यायाधीशों की पीठ ने 24 अगस्त 2017 को सर्वसम्मति से।
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