- संविधान के उद्देश्य के रूप में “आर्थिक न्याय” कहाँ है? (IAS 2013)
- प्रस्तावना और मौलिक अधिकार
- प्रस्तावना और नीति निदेशक तत्व
- मौलिक अधिकार और नीति निदेशक तत्व
- इनमें से कोई नहीं
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उत्तर: (B) प्रस्तावना और नीति निदेशक तत्व
प्रस्तावना इसका नाम लेती है; नीति निदेशक तत्व इसे साकार करने की राह बताते हैं।
- 26 जनवरी 1950 को भारत की ठीक संवैधानिक स्थिति क्या थी? (IAS 2021)
- लोकतंत्रात्मक गणराज्य
- संप्रभु लोकतंत्रात्मक गणराज्य
- संप्रभु पंथनिरपेक्ष लोकतंत्रात्मक गणराज्य
- संप्रभु समाजवादी पंथनिरपेक्ष लोकतंत्रात्मक गणराज्य
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उत्तर: (B) संप्रभु लोकतंत्रात्मक गणराज्य
“समाजवादी” व “पंथनिरपेक्ष” 1976 में जुड़े।
- भारत के संविधान की प्रस्तावना — (IAS 2020)
- संविधान का भाग है पर कोई कानूनी प्रभाव नहीं
- संविधान का भाग नहीं
- भाग है और बाकी भागों जितना ही कानूनी प्रभाव
- भाग है पर दूसरे भागों से अलग स्वतंत्र कानूनी प्रभाव नहीं
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उत्तर: (D) भाग है पर दूसरे भागों से अलग स्वतंत्र कानूनी प्रभाव नहीं
व्याख्या में सहायक है, अकेले लागू नहीं कराई जा सकती।
- प्रस्तावना के बारे में कौन-से कथन सही हैं? 1. यह नेहरू के उद्देश्य प्रस्ताव से निकली। 2. यह गैर-न्यायोचित है। 3. इसमें संशोधन नहीं हो सकता। 4. यह विशिष्ट प्रावधानों पर हावी नहीं हो सकती।
- 1 और 2
- 1, 2 और 4
- 1, 2 और 3
- 2, 3 और 4
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उत्तर: (B) 1, 2 और 4
1976 में संशोधन हुआ, इसलिए कथन 3 गलत।
- प्रस्तावना में ये शब्द किस क्रम में आते हैं? 1. समाजवादी 2. लोकतंत्रात्मक 3. संप्रभु 4. पंथनिरपेक्ष
- 3, 1, 4, 2
- 3, 4, 1, 2
- 3, 4, 2, 1
- 4, 2, 1, 3
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उत्तर: (A) 3, 1, 4, 2
संप्रभु → समाजवादी → पंथनिरपेक्ष → लोकतंत्रात्मक → गणराज्य।
- इनमें से कौन-सा उद्देश्य प्रस्तावना में नहीं है? (IAS 2017)
- विचार की स्वतंत्रता
- आर्थिक स्वतंत्रता
- अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता
- विश्वास की स्वतंत्रता
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उत्तर: (B) आर्थिक स्वतंत्रता
पाँच स्वतंत्रताएँ: विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म, उपासना।
- संविधान निर्माताओं का मन सबसे अच्छी तरह कहाँ झलकता है? (IAS 2017)
- प्रस्तावना
- मौलिक अधिकार
- नीति निदेशक तत्व
- मौलिक कर्तव्य
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उत्तर: (A) प्रस्तावना
प्रस्तावना निर्माताओं के मन की कुंजी है।
- कौन-से कथन सही हैं? 1. प्रस्तावना संविधान से बाहर है। 2. अनुच्छेद 368 से इसमें संशोधन हो सकता है। 3. समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, अखंडता 1976 में जुड़े।
- 1 और 2
- 2 और 3
- केवल 1
- 1, 2 और 3
उत्तर देखें
उत्तर: (B) 2 और 3
केशवानंद (1973) से इसे संविधान का भाग माना जाता है।
- भारत की संवैधानिक व्यवस्था में संप्रभु कौन है?
- न्यायपालिका
- संसद
- सेना
- भारत के लोग
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उत्तर: (D) भारत के लोग
लोकप्रिय संप्रभुता — “हम, भारत के लोग”।
- प्रस्तावना में “पंथनिरपेक्ष” का अर्थ है कि राज्य —
- धार्मिक उपासना पर रोक लगाता है
- एक धर्म को संरक्षण देता है
- धर्म को नागरिक का निजी मामला मानता है और उसके आधार पर भेदभाव नहीं करता
- धार्मिक विद्यालय चलाता है
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उत्तर: (C) धर्म को नागरिक का निजी मामला मानता है और उसके आधार पर भेदभाव नहीं करता
सब धर्मों का समान आदर; कोई राजधर्म नहीं।
- संविधान बंधुता को किनके ज़रिए बढ़ाता है? 1. एकल नागरिकता 2. मौलिक कर्तव्य 3. मौलिक अधिकार
- 1 और 3
- 1 और 2
- 2 और 3
- 1, 2 और 3
उत्तर देखें
उत्तर: (B) 1 और 2
दोनों एक राष्ट्र से जुड़ाव की भावना जगाते हैं।
- किस मामले में कहा गया कि प्रस्तावना संविधान का भाग नहीं है?
- केशवानंद भारती
- बेरुबारी यूनियन परामर्श
- LIC ऑफ़ इंडिया
- एस.आर. बोम्मई
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उत्तर: (B) बेरुबारी यूनियन परामर्श
1960 की यह राय 1973 में पलट दी गई।
- इनमें से क्या प्रस्तावना में नहीं है?
- सामाजिक, आर्थिक व राजनीतिक न्याय
- पुरुषों, महिलाओं व बच्चों को शिक्षा
- विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म व उपासना की स्वतंत्रता
- प्रतिष्ठा और अवसर की समता
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उत्तर: (B) पुरुषों, महिलाओं व बच्चों को शिक्षा
शिक्षा प्रस्तावना के लक्ष्यों में नहीं है।
- प्रस्तावना का “समाजवादी” शब्द किसका सूचक है? 1. सामाजिक समानता 2. आर्थिक समानता 3. राजनीतिक समानता
- केवल 1
- 2 और 3
- 1 और 2
- 1, 2 और 3
उत्तर देखें
उत्तर: (C) 1 और 2
राजनीतिक समानता “लोकतंत्रात्मक” और राजनीतिक न्याय में आती है।
इसी विषय के और अध्याय
- मौलिक अधिकार14 प्रश्न
- नागरिकता12 प्रश्न
- राज्य के नीति निदेशक तत्व और मौलिक कर्तव्य14 प्रश्न
- संविधान संशोधन14 प्रश्न
- संवैधानिक विकास14 प्रश्न
- भारतीय संविधान की प्रमुख विशेषताएँ14 प्रश्न