- सर्वोच्च न्यायालय राष्ट्रपति को विधि या तथ्य पर सलाह देता है: 1. अपनी पहल पर 2. राष्ट्रपति के माँगने पर 3. केवल मौलिक अधिकारों के मामलों में। सही कथन? (IAS 2010)
- केवल 1
- केवल 2
- केवल 3
- 1 और 2
उत्तर देखें
उत्तर: (B) केवल 2
अनु. 143 केवल राष्ट्रपति के निर्देश पर, सार्वजनिक महत्व के किसी भी प्रश्न पर लागू।
- राष्ट्रपति को संसद के समक्ष क्या रखवाना होता है? 1. वित्त आयोग की सिफ़ारिशें 2. लोक लेखा समिति की रिपोर्ट 3. CAG की रिपोर्ट 4. राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग की रिपोर्ट (IAS 2012)
- केवल 1
- 2 और 4
- 1, 3 और 4
- चारों
उत्तर देखें
उत्तर: (C) 1, 3 और 4
लोक लेखा समिति संसद की अपनी समिति है, रिपोर्ट सीधे सदन को देती है।
- राष्ट्रपति आत्यंतिक वीटो किस पर प्रयोग कर सकते हैं? 1. निजी सदस्य विधेयक 2. साधारण सरकारी विधेयक 3. मंत्रिमंडल के त्यागपत्र के बाद के विधेयक
- केवल 1
- 1 और 3
- 1 और 2
- 2 और 3
उत्तर देखें
उत्तर: (B) 1 और 3
पदासीन सरकार के विधेयक पर यह मंत्रिमंडल की सलाह के विरुद्ध होगा।
- नियुक्ति के समय प्रधानमंत्री — (IAS 2012)
- सांसद होना ज़रूरी नहीं, पर छह माह में किसी भी सदन का सदस्य बनना होगा
- सांसद होना ज़रूरी नहीं, पर छह माह में लोकसभा सदस्य बनना होगा
- पहले से किसी सदन का सांसद होना चाहिए
- पहले से लोकसभा सदस्य होना चाहिए
उत्तर देखें
उत्तर: (A) सांसद होना ज़रूरी नहीं, पर छह माह में किसी भी सदन का सदस्य बनना होगा
अनु. 75(5) — किसी भी सदन में प्रवेश के लिए छह माह।
- भारत की संसदीय सरकार में कौन-से सिद्धांत निहित हैं? 1. मंत्रिमंडल के सदस्य सांसद होते हैं 2. मंत्री संसद का विश्वास रहने तक पद पर 3. मंत्रिमंडल का प्रमुख राष्ट्राध्यक्ष (IAS 2013)
- 1 और 2
- केवल 3
- 2 और 3
- तीनों
उत्तर देखें
उत्तर: (A) 1 और 2
मंत्रिमंडल के प्रमुख प्रधानमंत्री हैं, राष्ट्रपति नहीं।
- 1. संघ की कार्यपालिका शक्ति प्रधानमंत्री में निहित है। 2. प्रधानमंत्री सिविल सेवा बोर्ड के पदेन अध्यक्ष हैं। सही कथन? (IAS 2015)
- केवल 1
- केवल 2
- दोनों
- कोई नहीं
उत्तर देखें
उत्तर: (D) कोई नहीं
शक्ति राष्ट्रपति में (अनु. 53); सिविल सेवा बोर्ड के अध्यक्ष कैबिनेट सचिव।
- 1. राष्ट्रपति सरकारी कार्य के सुविधाजनक संचालन और आवंटन के नियम बनाते हैं। 2. भारत सरकार की हर कार्यपालिका कार्रवाई प्रधानमंत्री के नाम से होती है। (IAS 2014)
- केवल 1
- केवल 2
- दोनों
- कोई नहीं
उत्तर देखें
उत्तर: (A) केवल 1
अनु. 77(3) सही; अनु. 77(1) राष्ट्रपति का नाम कहता है।
- महान्यायवादी: 1. लोकसभा की कार्यवाही में भाग ले सकते हैं 2. लोकसभा की समिति के सदस्य हो सकते हैं 3. लोकसभा में बोल सकते हैं 4. लोकसभा में मत दे सकते हैं (IAS 2013)
- केवल 1
- 2 और 4
- 1, 2 और 3
- 1 और 3
उत्तर देखें
उत्तर: (C) 1, 2 और 3
अनु. 88 — बोलने का अधिकार, मत का नहीं।
- 1. मंत्रिपरिषद् संसद के प्रति सामूहिक रूप से उत्तरदायी है। 2. केंद्रीय मंत्री राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत पद पर रहते हैं। 3. प्रधानमंत्री राष्ट्रपति को विधायी प्रस्तावों की सूचना देते हैं। (IAS 2013)
- केवल 1
- 2 और 3
- 1 और 3
- तीनों
उत्तर देखें
उत्तर: (B) 2 और 3
सामूहिक उत्तरदायित्व केवल लोकसभा के प्रति है।
- राष्ट्रपति चुनाव में कौन मत नहीं देता? 1. लोकसभा के मनोनीत सदस्य 2. विधान परिषद् सदस्य 3. राज्यसभा के मनोनीत सदस्य 4. राज्यपाल
- 1 और 3
- केवल 2
- चारों
- कोई नहीं
उत्तर देखें
उत्तर: (C) चारों
केवल निर्वाचित सांसद और निर्वाचित विधायक मत देते हैं। (लोकसभा की मनोनीत आंग्ल-भारतीय सीटें 2020 में समाप्त।)
- राष्ट्रपति की अध्यादेश शक्ति के बारे में कौन-सा सही नहीं है?
- यह न्यायिक पुनरावलोकन के अधीन है
- इससे संविधान संशोधन हो सकता है
- यह संसद के पूरी तरह सत्र में न होने पर प्रयुक्त होती है
- न्यायालय इसके कारणों की जाँच कर सकते हैं
उत्तर देखें
उत्तर: (B) इससे संविधान संशोधन हो सकता है
संविधान संशोधन केवल अनु. 368 से।
- इनमें से कौन-सा महान्यायवादी का अधिकार नहीं है?
- भारत के किसी भी न्यायालय में सुनवाई
- संसद और उसकी समितियों में बोलना
- संसदीय समितियों में मत देना
- सांसद जैसे विशेषाधिकार
उत्तर देखें
उत्तर: (C) संसदीय समितियों में मत देना
संसद में कहीं भी मत नहीं दे सकते।
- जब उपराष्ट्रपति राष्ट्रपति के रूप में कार्य करते हैं —
- वे राज्यसभा की अध्यक्षता जारी रखते हैं
- वे सभापति के कर्तव्य नहीं निभाते; उपसभापति निभाते हैं
- लोकसभा अध्यक्ष राज्यसभा की अध्यक्षता करते हैं
- राज्यसभा नया सभापति चुनती है
उत्तर देखें
उत्तर: (B) वे सभापति के कर्तव्य नहीं निभाते; उपसभापति निभाते हैं
उन्हें राष्ट्रपति का वेतन मिलता है, सभापति का नहीं।
- क्षमादान शक्ति के बारे में कौन-सा कथन सही है?
- केवल राष्ट्रपति मृत्युदंड या कोर्ट मार्शल के दंड को क्षमा कर सकते हैं
- दोनों मृत्युदंड और कोर्ट मार्शल के दंड क्षमा कर सकते हैं
- राष्ट्रपति — मृत्युदंड; राज्यपाल — कोर्ट मार्शल
- कोर्ट मार्शल के मामले केवल राज्यपाल देखते हैं
उत्तर देखें
उत्तर: (A) केवल राष्ट्रपति मृत्युदंड या कोर्ट मार्शल के दंड को क्षमा कर सकते हैं
अनु. 161 कोर्ट मार्शल तक नहीं पहुँचता, और राज्यपाल मृत्युदंड क्षमा नहीं कर सकते (लघुकरण कर सकते हैं)।
इसी विषय के और अध्याय
- केंद्र-राज्य संबंध14 प्रश्न
- न्यायपालिका14 प्रश्न
- राज्य सरकार14 प्रश्न
- संसद14 प्रश्न
- अनुसूचित एवं जनजातीय क्षेत्र14 प्रश्न
- केंद्रशासित प्रदेश, विशेष प्रावधान व अधिकरण13 प्रश्न