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योगांतरानुपात और मान रखने की विधि

प्रतियोगी गणित · बीजगणित · SSC CGL

5 भाग28 हल किए उदाहरण63 अभ्यास प्रश्न

बीजगणित के कई प्रश्न देखने में लंबे और डरावने लगते हैं, पर उनका उत्तर एक-दो पंक्तियों में निकल जाता है। इस अध्याय में वही दो विधियाँ हैं:

  • योगांतरानुपात (Componendo-Dividendo) — जब दो भिन्न बराबर हों, तो उनके अंश और हर को जोड़कर और घटाकर नए बराबर भिन्न बनाना। वर्गमूल, घनमूल और जैसे भिन्नों वाले प्रश्न इसी से खुलते हैं।
  • मान रखने की विधि (Value Putting) — की जगह छोटी, सुविधाजनक संख्याएँ रखकर प्रश्न को सीधी गिनती बना देना और विकल्पों में से ग़लत हटाना।

दोनों विधियों में एक ही ख़तरा है: विधि लगाने की शर्त भूल जाना। इसलिए हर विधि के साथ लिखा है कि वह कब लगती है और कब धोखा देती है। ख़ासकर “मान रखना कब फेल होता है” वाला भाग ध्यान से पढ़िए — परीक्षा में इसी की वजह से सही-सा दिखता विकल्प ग़लत निकलता है।

प्रश्न ऐसा दिखे तोयह विधि
दिया है और जैसा कुछ पूछा हैयोगांतरानुपात (विधि 1, 2)
वर्गमूल की सीढ़ी (विधि 3)
संख्याघन वाला रूप (विधि 4)
और विधि 5
-विधि (विधि 8)
वाली श्रेणी का योग“+1 / −1 जोड़ने” की चाल (विधि 10)
, , शर्त वाले प्रश्न (विधि 11, 12) + मान रखना
चार विकल्प और अक्षरों वाला व्यंजकमान रखना (विधि 14 से)
“ से भाग देने पर शेषफल”, “ का मान”शेषफल-गुणनखंड के शॉर्टकट (विधि 18)
न्यूनतम या अधिकतम मानविधि 20
पहले सेइस अध्याय में , और जैसे सूत्र आते हैं। उनके पूरे हल बीजगणितीय सर्वसमिकाएँ अध्याय में हैं और वर्गमूल की सफ़ाई घातांक और करणी अध्याय में; यहाँ जहाँ ज़रूरत है सूत्र फिर से दिए हैं।
अध्याय का ढाँचाहर विधि: विचार → सूत्र → पहचान → कदम → हल किए उदाहरण → स्वयं करने के प्रश्न (हल खोलने से पहले ख़ुद कोशिश कीजिए)।
1

योगांतरानुपात

जोड़ो, घटाओ, काटो

बराबर भिन्नों से नए बराबर भिन्न बनाना: नियम, उलटा प्रयोग, वर्गमूल, घन और ख़ास रूप।

1. तीन नियम और वे क्यों सही हैं

योगानुपात · अंतरानुपात · दोनों

से तक: जोड़ना-घटाना और काटना।

विचार

दो बराबर भिन्न लीजिए: , जैसे । बराबर चीज़ों में एक ही संख्या जोड़ें तो वे बराबर ही रहती हैं। दोनों तरफ़ 1 जोड़ें: , यानी । इसे योगानुपात (componendo, “जोड़कर”) कहते हैं।

दोनों तरफ़ से 1 घटाएँ तो मिलता है — यह अंतरानुपात (dividendo, “घटाकर”) है। अब पहली बराबरी को दूसरी से भाग दें: दोनों तरफ़ के हर और कट जाते हैं और बचता है — यही योगांतरानुपात है, जिसका इस्तेमाल सबसे ज़्यादा होता है।

◭ चित्र
a= 5 इकाईb= 3 इकाईa+b= 8a−b= 2 (a से b हटाने पर बचा)(a+b) : (a−b) = 8 : 2 = 4 : 1
लीजिए। में 8 इकाई हैं, में 2। इसलिए । जैसे किसी भी बराबर अनुपात से यही 4 : 1 मिलेगा।
∑ सूत्र
तीनों नियम
पहले भिन्न का अंश और हर
दूसरे भिन्न का अंश और हर
∑ सूत्र
वापसी: वही नियम दोबारा
कोई भी दो खंड (संख्याएँ या व्यंजक)
उनके अनुपात का जोड़ा

याद रखने का ढंग: ऊपर “पहला + दूसरा”, नीचे “पहला − दूसरा”, और यही दोनों तरफ़ करना है। वापसी में भी यही करते हैं, इसलिए से सीधे मिल जाता है। यह वही -विधि है (, ) जिसे एक पंक्ति में लिख दिया गया।

पहचानजब प्रश्न में दो बराबर भिन्न हों (या एक भिन्न किसी संख्या के बराबर, जैसे ) और माँगा गया भिन्न दिए हुए भिन्न के अंश-हर के जोड़ और अंतर से बना हो, तब योगांतरानुपात लगाइए।

कदम

  1. दिए हुए भिन्न के अंश को “खंड ” और हर को “खंड ” नाम दीजिए (खंड कोई व्यंजक भी हो सकता है, जैसे )।
  2. तय कीजिए कि माँगा भिन्न जैसा है या जैसा।
  3. दोनों तरफ़ वही क्रिया कीजिए: ऊपर जोड़, नीचे घटा।
  4. 2 जैसे उभयनिष्ठ गुणनखंड काटिए और सरल कीजिए।
  5. जाँच: कोई छोटी संख्या रखकर देखिए (जैसे )।
उदाहरण 1 · आसान
यदि हो, तो का मान ज्ञात कीजिए।
हल, कदम-दर-कदम
  1. 1खंड और । दिया है , और पूछा है — ठीक योगांतरानुपात वाला रूप।
  2. 2ऊपर जोड़ और नीचे घटाइए: ।
  3. 3लंबा तरीक़ा, जाँच के लिए: लें। तब — वही उत्तर। यानी नियम केवल इसी वाली गणना का छोटा रूप है।
उत्तर
पूछा गया भिन्न उलटा () हो तो उत्तर होगा; क्रम देखकर चलिए।
उदाहरण 2 · मध्यम
यदि हो, तो का मान ज्ञात कीजिए।
हल, कदम-दर-कदम
  1. 1बाईं ओर वही रूप है जिसमें , । हमें चाहिए, यानी वापसी का रास्ता।
  2. 2नियम दोबारा लगाइए: ।
  3. 3बाईं ओर ऊपर और नीचे बनता है, इसलिए ⟹ ।
  4. 4जाँच: पर मिलता है ✓।
उत्तर
दो बार लगाने पर मूल रूप लौटता है; इसी से “आगे” और “वापस” दोनों का नियम एक ही है।
उदाहरण 3 · मध्यम
यदि हो, तो ज्ञात कीजिए।
हल, कदम-दर-कदम
  1. 1यहाँ खंड और हैं (पूरे पद, केवल और नहीं)।
  2. 2वापसी का नियम: , यानी ।
  3. 3अब गुणांक हटाइए: ।
उत्तर
सबसे आम भूल: को ही का उत्तर मान लेना।
उदाहरण 4 · कठिन
यदि हो और धनात्मक हों, तो ज्ञात कीजिए।
हल, कदम-दर-कदम
  1. 1खंड और हैं, क्योंकि जोड़ और घटाव वर्गों का है।
  2. 2वापसी का नियम: ।
  3. 3वर्गमूल लेने पर (दोनों धनात्मक हैं), इसलिए ।
उत्तर
खंड वर्ग हों तो अंत में वर्गमूल लेना ही पड़ता है; जैसा ऋणात्मक हल तभी आएगा जब चिह्न की छूट हो।
उदाहरण 5 · मध्यम
यदि हो, तो ज्ञात कीजिए।
हल, कदम-दर-कदम
  1. 1यह अंतरानुपात का रूप है (), इसलिए इसे योगानुपात से पलटा जा सकता है: दोनों तरफ़ 1 जोड़िए।
  2. 2 ⟹ ⟹ ।
उत्तर
केवल हर वाला भिन्न हो, तो “1 जोड़ो/घटाओ” ही पूरा नियम है; पूरे योगांतरानुपात की ज़रूरत नहीं।
आसानपहले खुद करके देखें
यदि हो, तो का मान ज्ञात कीजिए।
आसानपहले खुद करके देखें
यदि हो, तो का मान ज्ञात कीजिए।
आसानपहले खुद करके देखें
यदि हो, तो का मान ज्ञात कीजिए।
आसानपहले खुद करके देखें
यदि हो, तो का मान ज्ञात कीजिए।
मध्यमपहले खुद करके देखें
यदि हो, तो का मान ज्ञात कीजिए।
मध्यमपहले खुद करके देखें
यदि हो, तो ज्ञात कीजिए।
मध्यमपहले खुद करके देखें
यदि हो, तो ज्ञात कीजिए।
मध्यमपहले खुद करके देखें
यदि हो, तो का मान ज्ञात कीजिए।
कठिनपहले खुद करके देखें
यदि हो, तो का मान ज्ञात कीजिए।
कठिनपहले खुद करके देखें
यदि हो ( धनात्मक), तो ज्ञात कीजिए।
कठिनपहले खुद करके देखें
यदि हो ( धनात्मक), तो ज्ञात कीजिए।

2. शर्त से अनुपात, फिर माँगा भिन्न

दो चरण · खंडों का मिलान

दी हुई शर्त से दो चरों का अनुपात निकालना और फिर पूछे गए भिन्न के खंडों पर योगांतरानुपात लगाना।

विचार

अक्सर प्रश्न सीधा अनुपात नहीं देता; वह एक समीकरण देता है, जैसे , और फिर किसी दूसरे भिन्न का मान पूछता है। यहाँ दो चरण हैं। चरण 1: आड़ा-गुणा करके निकालिए (यह साधारण रैखिक समीकरण है)। चरण 2: पूछे गए भिन्न के खंड पहचानिए और उन खंडों का अनुपात बनाकर योगांतरानुपात लगाइए।

सबसे ज़रूरी बात: योगांतरानुपात उसी जोड़े पर लगता है जो पूछे गए भिन्न में सचमुच ऊपर और नीचे है। अगर पूछा गया भिन्न है तो खंड और हैं, और नहीं; इसलिए पहले निकालिए, यानी में गुणांक जोड़िए।

नाम सेकब काम आता है
उलटा (invertendo)भिन्न उलटा दिया हो
एकांतर (alternendo)अंश-अंश का अनुपात चाहिए
योगानुपातहर वही रखकर जोड़ना
अंतरानुपातहर वही रखकर घटाना
योगांतरानुपातजोड़ और अंतर का अनुपात

यहाँ: पहले भिन्न का अंश-हर और दूसरे का। इनमें से हर नियम बराबर भिन्न से बराबर भिन्न ही बनाता है।

पहचानपहचान: शर्त एक समीकरण है (अनुपात नहीं) और माँगा गया भिन्न दूसरे ही गुणांकों वाला है।

कदम

  1. आड़ा-गुणा करके निकालिए।
  2. पूछे गए भिन्न के ऊपर और नीचे के खंड लिखिए।
  3. खंडों का अनुपात बनाइए: के पदों को उनके गुणांकों से गुणा कीजिए।
  4. योगांतरानुपात लगाइए और सरल कीजिए।
उदाहरण 6 · आसान
यदि हो, तो का मान ज्ञात कीजिए।
हल, कदम-दर-कदम
  1. 1चरण 1 — आड़ा-गुणा: ⟹ ⟹ , इसलिए ।
  2. 2चरण 2 — माँगे गए भिन्न के खंड और हैं, इसलिए ।
  3. 3योगांतरानुपात: ।
  4. 4जाँच: पर ✓ और ✓।
उत्तर
को सीधे वाले जोड़-घटाव में डाल देना ग़लत है; पहले खंडों के गुणांक आने दीजिए।
उदाहरण 7 · आसान
यदि हो, तो का मान ज्ञात कीजिए।
हल, कदम-दर-कदम
  1. 1खंड और हैं, इसलिए पहले उनका अनुपात: ।
  2. 2योगांतरानुपात: ।
उत्तर
वर्ग के खंड का अनुपात भी वर्ग हो जाता है; को वर्ग करना ग़लत होगा।
उदाहरण 8 · मध्यम
यदि और हो, तो का मान ज्ञात कीजिए।
हल, कदम-दर-कदम
  1. 1दिया है । एकांतर करने पर (दोनों तरफ़ से गुणा कीजिए: बीच के पद अदला-बदली)।
  2. 2अब पर योगांतरानुपात: ।
  3. 3इसलिए ।
उत्तर
एकांतर के बिना सीधा योगांतरानुपात लगाने से मिलता — वह दूसरा (सही, पर बेकार) संबंध है।
उदाहरण 9 · मध्यम
यदि हो, तो का मान ज्ञात कीजिए।
हल, कदम-दर-कदम
  1. 1योगांतरानुपात: ।
  2. 2दूसरा भिन्न इसी का व्युत्क्रम है, इसलिए वह है — नया गणित नहीं चाहिए।
  3. 3योग ।
उत्तर
आसानपहले खुद करके देखें
यदि हो, तो का मान ज्ञात कीजिए।
आसानपहले खुद करके देखें
यदि हो, तो का मान ज्ञात कीजिए।
मध्यमपहले खुद करके देखें
यदि हो, तो का मान ज्ञात कीजिए।
मध्यमपहले खुद करके देखें
यदि हो, तो का मान ज्ञात कीजिए।
मध्यमपहले खुद करके देखें
यदि हो, तो का मान ज्ञात कीजिए।
कठिनपहले खुद करके देखें
यदि हो, तो का मान ज्ञात कीजिए।
आसानपहले खुद करके देखें
यदि हो, तो का मान ज्ञात कीजिए।
मध्यमपहले खुद करके देखें
यदि हो, तो का मान ज्ञात कीजिए।
कठिनपहले खुद करके देखें
यदि हो, तो का मान ज्ञात कीजिए।

3. वर्गमूल वाला भिन्न: सीढ़ी

से योगांतरानुपात, वर्ग, फिर योगांतरानुपात: ।

विचार

जब हो, तो हर का मूल हटाने के लिए गुणा-भाग करना लंबा और जोखिम भरा है। योगांतरानुपात इसे सीढ़ी की तरह तीन क़दम में सुलझा देता है। को लिखिए (यानी अंश , हर के बराबर के रूप में) और नियम लगाइए: ऊपर दोनों जोड़ने पर , नीचे घटाने पर — दोनों का 2 कट जाता है और मूल साफ़ अलग हो जाते हैं।

◭ चित्र
x = (√A + √B) / (√A − √B)(x+1)/(x−1) = √A / √B(x+1)² / (x−1)² = A / B(x²+1) / (2x) = (A+B) / (A−B)योगांतरानुपात (दोनों तरफ़ ±)दोनों तरफ़ वर्गफिर योगांतरानुपात
सीढ़ी: हर क़दम एक नियम है। पहला क़दम देता है, वर्ग करने पर , और दूसरी बार योगांतरानुपात लगाने पर वाला सरल संबंध।
∑ सूत्र
वर्गमूल की सीढ़ी
धनात्मक संख्याएँ या व्यंजक,
दिया हुआ भिन्न
∑ सूत्र
इसी का दूसरा रूप
जिसके वर्ग, घन आदि से , निकलते हैं

और का रिश्ता: , यानी उसका आधा है। इसीलिए यह विधि वाले अध्याय से सीधे जुड़ती है। नीचे का रूप हो तो मिलता है और फिर वही।

पहचानपहचान: अंश-हर में एक ही दो मूल, एक में और दूसरे में ; और माँगा गया मान , या जैसा हो।

कदम

  1. और पहचानिए (मूल के अंदर की राशियाँ)।
  2. पहला योगांतरानुपात: ।
  3. दोनों तरफ़ वर्ग कीजिए: ।
  4. दूसरा योगांतरानुपात: ऊपर , नीचे ⟹ ।
  5. जो माँगा है (जैसे ) उसे इसी से निकालिए।
उदाहरण 10 · आसान
यदि हो, तो का मान ज्ञात कीजिए।
हल, कदम-दर-कदम
  1. 1यहाँ , है। सीढ़ी का परिणाम: ।
  2. 2इसलिए ।
  3. 3लंबा तरीक़ा (जाँच): और (क्योंकि )। जोड़ने पर ✓।
उत्तर
लंबे तरीक़े में तीन-चार पंक्तियाँ और करणी का जोखिम था; सीढ़ी में एक पंक्ति।
उदाहरण 11 · मध्यम
यदि हो, तो का मान ज्ञात कीजिए।
हल, कदम-दर-कदम
  1. 1यहाँ , , इसलिए और ।
  2. 2सीढ़ी: ।
  3. 3आड़ा-गुणा: , यानी ।
  4. 4इसलिए ।
उत्तर
अक्षरों वाले प्रश्न में “सरल रूप” पूछा जाए तो के दोनों बराबर पक्ष माँगे जाते हैं, कभी संख्या नहीं।
उदाहरण 12 · मध्यम
यदि हो, तो का मान ज्ञात कीजिए।
हल, कदम-दर-कदम
  1. 1, : ।
  2. 2वर्ग से (क्योंकि )।
  3. 3।
उत्तर
उदाहरण 13 · कठिन
यदि हो, तो का मान दो तरीक़ों से निकालिए: सीधे निकालकर, और सीढ़ी के सूत्र से।
हल, कदम-दर-कदम
  1. 1यहाँ और पूर्ण वर्ग हैं, इसलिए सीधे निकलेगा: ।
  2. 2सीढ़ी से जाँच: ✓।
  3. 3सबक: जब मूल पूर्ण वर्ग हों, तो सीढ़ी और सीधी गणना एक ही उत्तर देती हैं — यही अपनी विधि की जाँच है।
उत्तर
नए रूप ( और वाले) में यही संख्या बनती है: ।
आसानपहले खुद करके देखें
यदि हो, तो का मान ज्ञात कीजिए।
आसानपहले खुद करके देखें
यदि हो, तो का मान ज्ञात कीजिए।
मध्यमपहले खुद करके देखें
यदि हो, तो का मान ज्ञात कीजिए।
मध्यमपहले खुद करके देखें
यदि हो, तो का मान ज्ञात कीजिए।
मध्यमपहले खुद करके देखें
यदि हो, तो का मान ज्ञात कीजिए।
कठिनपहले खुद करके देखें
यदि हो, तो का मान ज्ञात कीजिए।
कठिनपहले खुद करके देखें
यदि हो, तो का मान ज्ञात कीजिए।
कठिनपहले खुद करके देखें
यदि हो, तो का मान ज्ञात कीजिए।

4. घन वाला रूप

और पर योगांतरानुपात: ।

विचार

वर्ग की जगह घन आ जाए तो वही सीढ़ी चलती है, पर दूसरे योगांतरानुपात में और का विस्तार आता है। इसे एक बार समझ लें, फिर हर बार वही परिणाम इस्तेमाल होता है। और । इनका योग है (मध्य के और कटकर शेष दुगुने बचते हैं) और अंतर ।

∑ सूत्र
ज़रूरी विस्तार
कोई भी संख्या या व्यंजक
∑ सूत्र
घन की सीढ़ी
वे संख्याएँ जिनके घनमूल आए हैं
दिया हुआ भिन्न

यह दोनों दिशाओं में चलता है। वापसी: यदि दिया हो, तो योगांतरानुपात से । अगर यह किसी भिन्न का घन है, , तो और एक और योगांतरानुपात से ।

पहचानपहचान: दिए हुए भिन्न के अंश में (केवल और ) और हर में हो; या में घनमूल हों।

कदम

  1. हर और अंश को के आधे के रूप में पहचानिए।
  2. योगांतरानुपात लगाइए ( बनाइए)।
  3. घनमूल लेकर पाइए।
  4. एक बार और योगांतरानुपात: ।
उदाहरण 14 · आसान
और को सरल कीजिए।
हल, कदम-दर-कदम
  1. 1दोनों घन फैलाइए: और ।
  2. 2जोड़ने पर के दो, के दो पद रहते हैं और , कट जाते हैं: योग ।
  3. 3घटाने पर उलटा होता है: और कटते हैं और बचता है।
उत्तर
इसी से अंश और हर आते हैं (दोनों का 2 कटा)।
उदाहरण 15 · मध्यम
यदि हो, तो ज्ञात कीजिए।
हल, कदम-दर-कदम
  1. 1योगांतरानुपात: ।
  2. 2 और , इसलिए घनमूल लेकर ।
  3. 3वापसी: , यानी ।
  4. 4जाँच: ✓।
उत्तर
यह घनीय समीकरण है; योगांतरानुपात के बिना इसे हल करना कठिन है।
उदाहरण 16 · मध्यम
यदि हो, तो का मान ज्ञात कीजिए।
हल, कदम-दर-कदम
  1. 1यहाँ , । पहला योगांतरानुपात: ।
  2. 2घन करने पर , फिर दूसरा योगांतरानुपात: ।
उत्तर
घनमूल के भद्दे मान ( आदि) कहीं निकालने नहीं पड़े।
उदाहरण 17 · कठिन
यदि हो, तो का मान ज्ञात कीजिए।
हल, कदम-दर-कदम
  1. 1, , इसलिए और । घन की सीढ़ी: ।
  2. 2आड़ा-गुणा: , यानी ।
  3. 3सब एक तरफ़ लाइए: ।
उत्तर
इसी का एक विशेष रूप पर है।
आसानपहले खुद करके देखें
यदि हो, तो का मान ज्ञात कीजिए।
आसानपहले खुद करके देखें
यदि हो, तो का मान ज्ञात कीजिए।
मध्यमपहले खुद करके देखें
यदि हो, तो का मान ज्ञात कीजिए।
मध्यमपहले खुद करके देखें
यदि हो, तो का मान ज्ञात कीजिए।
मध्यमपहले खुद करके देखें
यदि हो, तो ज्ञात कीजिए।
मध्यमपहले खुद करके देखें
यदि हो, तो ज्ञात कीजिए।
कठिनपहले खुद करके देखें
यदि हो, तो ज्ञात कीजिए।
कठिनपहले खुद करके देखें
यदि हो, तो ज्ञात कीजिए।
कठिनपहले खुद करके देखें
यदि हो, तो ज्ञात कीजिए।

5. वाला रूप

जब दो स्थिरांकों का हरात्मक माध्य हो, तब दो भिन्नों का योग सदा 2 होता है।

विचार

परीक्षा का एक प्रिय रूप: (या , या मूलों वाला ) दिया हो और पूछा हो। इसमें को खोलने की ज़रूरत नहीं। को दो स्थिरांकों का हरात्मक माध्य कहते हैं, और वही हैं जो भिन्नों में के साथ जुड़े हैं।

∑ सूत्र
हरात्मक माध्य का परिणाम
दिया हुआ मान
वे दो स्थिरांक जो भिन्नों में के साथ आते हैं

क्यों? को से भाग दें: । इस पर योगांतरानुपात: । इसी तरह से भाग देने पर । दोनों जोड़ने पर ।

मिलान की कला: और वही संख्याएँ हैं जो भिन्नों में दिखती हैं, इसलिए को वैसे ही बदलना होता है जैसे वह बने। उदाहरण: और भिन्न , में हैं; , लीजिए: ✓। अगर भिन्न , वाले होते, तो हरात्मक माध्य नहीं होता और परिणाम 2 नहीं आता।

पहचानपहचान: का रूप “दो गुना गुणनफल बटा जोड़”, और भिन्नों में उन्हीं दो संख्याओं के साथ और ।

कदम

  1. भिन्नों से और पढ़िए।
  2. जाँचिए कि बनता है (गुणांक और मूल बाहर निकालकर देखिए)।
  3. बनता हो तो उत्तर । नहीं बनता तो पर योगांतरानुपात अलग-अलग लगाइए।
उदाहरण 18 · आसान
यदि हो, तो का मान ज्ञात कीजिए।
हल, कदम-दर-कदम
  1. 1भिन्नों से और । हरात्मक माध्य: — यही है।
  2. 2इसलिए योग । सीधी जाँच: और , योग ✓।
उत्तर
एक भिन्न ऋणात्मक है — इसमें घबराना नहीं; योग 2 ही आता है।
उदाहरण 19 · मध्यम
यदि हो, तो का मान ज्ञात कीजिए।
हल, कदम-दर-कदम
  1. 1भिन्नों में और हैं। जाँच: ✓।
  2. 2, इसलिए ।
  3. 3, इसलिए ।
  4. 4जोड़ने पर ।
उत्तर
पूरा हल लिखना हो तो ये चार पंक्तियाँ; वरना हरात्मक माध्य पहचानकर सीधे 2।
उदाहरण 20 · मध्यम
यदि हो, तो का मान ज्ञात कीजिए।
हल, कदम-दर-कदम
  1. 1भिन्नों से , । गुणनफल , इसलिए ।
  2. 2अतः — दिया हुआ ही है।
  3. 3इसलिए योग ।
उत्तर
अंश में सीधा नहीं दिखता; को मूल के गुणनफल से निकालना पड़ता है।
उदाहरण 21 · कठिन
का मान ज्ञात कीजिए यदि ।
हल, कदम-दर-कदम
  1. 1यह वही रूप है जिसमें , । हरात्मक माध्य चुनने पर योग ठीक 2 आता है।
  2. 2।
  3. 3जाँच: ✓। (समीकरण चुकाने पर का दूसरा मान नहीं बचता: भाग देने पर यह के लिए रैखिक समीकरण बनता है।)
उत्तर
चेतावनी: या रखना मना है — हर शून्य हो जाएगा।
आसानपहले खुद करके देखें
यदि हो, तो का मान ज्ञात कीजिए।
आसानपहले खुद करके देखें
यदि हो, तो का मान ज्ञात कीजिए।
मध्यमपहले खुद करके देखें
यदि हो, तो का मान ज्ञात कीजिए।
मध्यमपहले खुद करके देखें
यदि हो, तो का मान ज्ञात कीजिए।
मध्यमपहले खुद करके देखें
यदि हो, तो का मान ज्ञात कीजिए।
कठिनपहले खुद करके देखें
यदि हो, तो ज्ञात कीजिए।
कठिनपहले खुद करके देखें
यदि हो, तो ज्ञात कीजिए।
कठिनपहले खुद करके देखें
यदि हो, तो का मान ज्ञात कीजिए।

6. जब , या आए

पूर्ण वर्ग बनाइए

, और वाले प्रश्न: योगांतरानुपात से पूर्ण वर्ग निकलते हैं।

विचार

और — ये दो पहचानें हैं। जब अंश में (या ) और हर में दुगुना बीच का पद (या ) हो, तब जोड़ने और घटाने से ठीक पूर्ण वर्ग बनते हैं। योगांतरानुपात का काम यही है: ऊपर जोड़, नीचे घटा, और पूर्ण वर्ग मिल गए।

∑ सूत्र
पहला परिवार
दो धनात्मक संख्याएँ,
दिए हुए अनुपात की संख्याएँ
∑ सूत्र
दूसरा परिवार
दो धनात्मक संख्याएँ,
दिए हुए अनुपात की संख्याएँ
∑ सूत्र
तीसरा परिवार
स्थिरांक, ताकि हो
दिया हुआ मान

तीनों में एक ही सोच है: (1) देखिए कि कहाँ दो गुना बीच का पद है; (2) योगांतरानुपात से पूर्ण वर्ग बनाइए; (3) वर्गमूल लीजिए; (4) एक और योगांतरानुपात से वह अनुपात निकालिए जो चाहिए। तीसरे परिवार में बनाकर ही शुरुआत होती है ( से भाग देने पर हर में आता है)।

पहचानपहचान: अनुपात में के साथ , या के साथ , या का रूप । कसौटी: क्या बीच के पद का दुगुना मौजूद है?

कदम

  1. दिए अनुपात को ऐसा लिखिए कि हर में या आए (ज़रूरत हो तो दोनों पक्षों को आधा या दुगुना कीजिए)।
  2. योगांतरानुपात: ऊपर जोड़ो, नीचे घटाओ; दोनों पूर्ण वर्ग बन जाएँगे।
  3. वर्गमूल लीजिए (धनात्मक मूल, क्योंकि )।
  4. एक और योगांतरानुपात (वापसी) से या माँगा हुआ भिन्न निकालिए।
उदाहरण 22 · आसान
यदि और हो, तो ज्ञात कीजिए।
हल, कदम-दर-कदम
  1. 1हर में लाइए: ⟹ ।
  2. 2योगांतरानुपात: , वर्गमूल से ।
  3. 3वापसी: , इसलिए , यानी ।
  4. 4जाँच: पर ✓। दूसरा तरीक़ा: , जो है।
उत्तर
मत लिखिए: है, उसका वर्ग।
उदाहरण 23 · मध्यम
यदि और हो, तो ज्ञात कीजिए।
हल, कदम-दर-कदम
  1. 1हर में है ही। योगांतरानुपात: ।
  2. 2वर्गमूल: ( है, इसलिए दोनों धनात्मक)।
  3. 3वापसी: । जाँच: पर ✓।
उत्तर
की शर्त के बिना भी उतना ही सही होता ( और अदल-बदल)।
उदाहरण 24 · मध्यम
यदि हो, तो का मान ज्ञात कीजिए।
हल, कदम-दर-कदम
  1. 1, और यह के रूप का है जिसमें , ।
  2. 2; योगांतरानुपात: । वर्गमूल: ।
  3. 3एक और योगांतरानुपात: ।
  4. 4सीधी जाँच: और , भिन्न ✓। (हमेशा आता है।)
उत्तर
ज़रूरी है; पर वही रहता है ( और एक ही देते हैं) पर उत्तर हो जाता है।
उदाहरण 25 · कठिन
यदि और हो, तो ज्ञात कीजिए।
हल, कदम-दर-कदम
  1. 1हर में : ।
  2. 2योगांतरानुपात: , इसलिए ।
  3. 3वापसी: , फिर वर्ग: , यानी ।
उत्तर
जाँच: पर ✓।
आसानपहले खुद करके देखें
यदि और हो, तो ज्ञात कीजिए।
मध्यमपहले खुद करके देखें
यदि और हो, तो ज्ञात कीजिए।
मध्यमपहले खुद करके देखें
यदि और हो, तो ज्ञात कीजिए।
कठिनपहले खुद करके देखें
यदि और हो, तो ज्ञात कीजिए।
कठिनपहले खुद करके देखें
यदि और हो, तो ज्ञात कीजिए।
आसानपहले खुद करके देखें
यदि और हो, तो ज्ञात कीजिए।
मध्यमपहले खुद करके देखें
यदि और हो, तो ज्ञात कीजिए।
मध्यमपहले खुद करके देखें
यदि और हो, तो ज्ञात कीजिए।
कठिनपहले खुद करके देखें
यदि और हो, तो ज्ञात कीजिए।
मध्यमपहले खुद करके देखें
यदि हो, तो का मान ज्ञात कीजिए।
मध्यमपहले खुद करके देखें
यदि हो, तो का मान ज्ञात कीजिए।
कठिनपहले खुद करके देखें
यदि हो, तो का मान ज्ञात कीजिए।

7. कब नहीं लगता और आम चूकें

शर्तें · शून्य हर · सही जोड़ा

योगांतरानुपात की शर्तें: दो बराबर अनुपात, शून्य हर से बचाव, दोनों तरफ़ एक-सी क्रिया।

विचार

योगांतरानुपात एक बराबरी के बारे में नियम है, किसी अकेले भिन्न के बारे में नहीं। एक अकेले से कुछ नया नहीं निकलता, क्योंकि उसके बराबर का कोई दूसरा भिन्न नहीं है। हाँ, अगर दिया है तो यह है — बराबरी मौजूद है — और नियम लग सकता है।

स्थितिलगेगा?कारण
दिया हैहाँबराबरी मौजूद है
दिया हैहाँ
खंड कोई पद है, जैसे हाँ, लीजिए
केवल बिना किसी बराबरी केनहींबराबर का कोई भिन्न नहीं
(यानी )यहाँ नहीं: हर शून्य
दो भिन्नों का योग नहींयह बराबरी नहीं, जोड़ है

यहाँ = ऊपर और नीचे के खंड, = किसी बराबरी के चारों पद।

चार आम चूकें: (1) दोनों तरफ़ एक-सी क्रिया न करना (बाईं ओर , पर दाईं ओर ऊपर)। (2) दाईं ओर अंश-हर की संख्याओं की जगह वही अक्षर लिख देना। (3) होने पर भी लगा देना (हर शून्य)। (4) जब सिर्फ़ संख्याएँ छोटी हों, तो -विधि ज़्यादा सीधी होती है — हर जगह नियम ठूँसना ज़रूरी नहीं।

जाँचहर बार नियम लगाने के बाद एक छोटी जाँच कीजिए: , जैसा कोई जोड़ा लेकर दोनों पक्षों को आँकिए। अगर बराबर नहीं आए, तो कहीं ग़लती है।

कदम

  1. पूछिए: क्या दो बराबर अनुपात (या एक अनुपात और एक संख्या) हैं?
  2. पूछिए: क्या कोई घटाव शून्य तो नहीं?
  3. दोनों तरफ़ एक-सी क्रिया कीजिए और जाँचिए।
उदाहरण 26 · आसान
यदि हो, तो के बारे में क्या कहेंगे?
हल, कदम-दर-कदम
  1. 1नियम से — हर शून्य।
  2. 2वास्तव में है, इसलिए और परिभाषित ही नहीं है।
  3. 3सबक: नियम तभी लगता है जब ; यहाँ सीधे से काम लीजिए।
उत्तर अपरिभाषित (हर शून्य)
उदाहरण 27 · मध्यम
यदि हो, तो का मान ज्ञात कीजिए।
हल, कदम-दर-कदम
  1. 1खंड पद भी हो सकते हैं: , । तब दिया है और माँगा है ।
  2. 2योगांतरानुपात: ।
  3. 3जाँच: लेने पर ✓।
उत्तर
खंड बनाने के लिए कोष्ठक मन में लगा लीजिए: एक इकाई है।
उदाहरण 28 · मध्यम
यदि हो (), तो क्या सदा सत्य है?
हल, कदम-दर-कदम
  1. 1 लीजिए, तो और ।
  2. 2 और — दोनों हैं।
  3. 3इसलिए हाँ, सत्य है; शर्त बस इतनी कि और ।
उत्तर हाँ, सत्य है
यह योगांतरानुपात नहीं, बराबर अनुपात का गुण है — अगला खंड इसी पर है।
आसानपहले खुद करके देखें
यदि हो, तो क्या है?
आसानपहले खुद करके देखें
से कौन-सा कथन सही है?
मध्यमपहले खुद करके देखें
से एक विद्यार्थी ने लिखा । भूल क्या है?
मध्यमपहले खुद करके देखें
इनमें से किस स्थिति में योगांतरानुपात सीधे नहीं लगता?
कठिनपहले खुद करके देखें
यदि हो, तो हमेशा सही क्या है? (सभी हर शून्य से भिन्न)
कठिनपहले खुद करके देखें
किस अनुपात पर परिभाषित नहीं रहता?
2

बराबर अनुपात

रखिए, सब बन जाएगा

एक से ज़्यादा बराबर अनुपात और सिर्फ़ अनुपात पर टिके व्यंजक।

8. बराबर अनुपात और -विधि

बराबर अनुपातों को एक सामान्य मान देना, और अंशों व हरों के योग से वही अनुपात पाना।

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9. सजातीय व्यंजक: अनुपात की संख्याएँ रखिए

केवल अनुपात मायने रखता है

जब हर पद की कुल घात बराबर हो, तब मान केवल अनुपात पर निर्भर करता है: अनुपात की संख्याएँ सीधे रखिए।

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3

शर्त जो व्यंजक छोटा कर दे

+1, ,

जब कोई शर्त दी हो (, , ) या भिन्न और जैसे हों, तब छोटी चालें पूरे प्रश्न को खोल देती हैं।

10. +1 / −1 जोड़ने की चाल

जब एक भिन्न-योग दिया हो और उसी हर वाला दूसरा योग पूछा हो, तब हर पद में 1 जोड़ना या घटाना।

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11. जब हो

तीन राशियों का योग शून्य हो तो एक तीसरे का ऋणात्मक है और घनों का योग हो जाता है।

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12. और

हर बदलकर साझा करना

इन दोनों शर्तों से भिन्नों के हर एक जैसे या एक-दूसरे के गुणज बन जाते हैं।

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13. चक्रीय शर्तें:

तीन क़दम में वापसी

और से और निकलना।

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4

मान रखने की विधि

संख्याएँ रखो, विकल्प काटो

अक्षरों की जगह सुविधाजनक संख्याएँ रखना, विकल्प जाँचना, शर्तों का ध्यान रखना और जहाँ यह विधि धोखा देती है उसे पहचानना; साथ में शेषफल-गुणनखंड, सममित व्यंजक और न्यूनतम-अधिकतम।

14. विचार, वैधता और संख्याएँ चुनना

एक वैध जोड़ी ही काफ़ी है

सर्वसमिका सब मानों के लिए सत्य होती है, इसलिए एक सुविधाजनक वैध जोड़ी से उत्तर या ग़लत विकल्प पता चल जाते हैं।

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15. विकल्प जाँचना: ऐसी संख्याएँ जो विकल्पों को अलग करें

पहले लक्ष्य, फिर विकल्प · दो जाँच नियम

विकल्प-वाले प्रश्न में माँगा हुआ मान एक बार निकालिए और हर विकल्प उसी से मिलाइए; अगर दो विकल्प बचें तो नई संख्याएँ लीजिए।

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16. शर्त के अंदर मान रखना

जोड़ी चुनो, शर्त जाँचो

शर्त (, , …) हो तो ऐसी संख्याएँ बनाइए जो उसे पूरा करें: एक छोड़कर सब चुनिए, आख़िरी शर्त से निकालिए।

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17. मान रखना कब फेल होता है

सात फंदे और जाँच का नियम

संयोग, बराबर मान, वर्जित मान, अधूरी शर्त, सजातीय न होना, निश्चित उत्तर न होना और वास्तविक जोड़ी न मिलना।

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18. बहुपद में विशेष मान: शेषफल और गुणनखंड

बहुपद में या भाजक का शून्य रखने से गुणांकों के योग, शेषफल और गुणनखंड तुरंत मिलते हैं।

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19. सममित और चक्रीय व्यंजक: शून्य से गुणनखंड

पर शून्य ⟹ गुणनखंड

जो व्यंजक रखने पर शून्य हो उसका गुणनखंड होता है; फिर घात मिलाकर और एक मान रखकर अचर निकलता है।

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20. न्यूनतम और अधिकतम मान

वर्ग शून्य या धनात्मक

वर्ग का सदा होना, परवलय का शीर्ष, और योग-गुणनफल का संबंध।

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5

सार, मिश्रित अभ्यास, दोहराव

सब विधियाँ एक जगह

सभी विधियों की सारणी, परीक्षा जैसे मिले-जुले प्रश्न और दोहराव कार्ड।

सभी विधियों का सार

कौन-सी विधि कब

प्रश्न पढ़ते ही विधि चुनने के लिए एक पन्ना।

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मिश्रित अभ्यास — सेट 1

आसान से मध्यम

हर प्रकार के प्रश्न मिले-जुले; पहले विधि पहचानिए, फिर हल कीजिए।

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मिश्रित अभ्यास — सेट 2

मध्यम से कठिन

परीक्षा के कठिन छोर के मिले-जुले प्रश्न।

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दोहराव — कार्ड और जाल

पलटिए, याद कीजिए

हर कार्ड का प्रश्न पढ़कर पहले ख़ुद सोचिए, फिर पलटिए।

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