श्रेणी (progression) संख्याओं की ऐसी सूची है जिसमें हर पद पिछले पद से एक तय नियम से बनता है। दो नियम सबसे ज़्यादा पूछे जाते हैं: हर बार वही संख्या जोड़ना (समांतर श्रेणी, AP) और हर बार वही संख्या से गुणा करना (गुणोत्तर श्रेणी, GP)। तीसरी, हरात्मक श्रेणी, असल में AP का उलटा-रूप है।
हर विधि में हम पहले यह देखेंगे कि सूत्र आता कहाँ से है, ताकि आपको उसे रटना न पड़े। श्रेणियों के योग की बुनियादी जोड़-तरकीबें (1 से n तक के योग, कटने वाली श्रेणियाँ) पिछले अध्याय श्रेणी और सरलीकरण की तरकीबें में हैं।
कैसे पढ़ेंपहले हर विधि का “विचार” पढ़िए, फिर हल किए उदाहरण, फिर अभ्यास प्रश्न ख़ुद हल कीजिए और बाद में उनका हल खोलिए।
1
समांतर श्रेणी (AP)
हर बार वही संख्या जोड़ना
AP के पद, योग, बीच का पद, माध्य डालना, शर्तों वाले प्रश्न और गुणजों की गिनती।
AP में पास-पास के हर दो पदों का अंतर एक ही होता है — इसे सार्व अंतरd कहते हैं। पहला पद a है। बस ये दो संख्याएँ AP को पूरी तरह तय कर देती हैं।
पद, गिनती और योग
Tn, n, Sn
n-वाँ पद, पदों की संख्या, पहले n पदों का योग, अंत से पद और कहानी वाले प्रश्न।
विचार
AP a,a+d,a+2d,… में दूसरा पद a में एक d जोड़ने से, तीसरा दो d जोड़ने से बनता है। इसलिए n-वाँ पद n−1 कदम दूर है: Tn=a+(n−1)d। (पहला पद बिना कदम के मिलता है, इसीलिए n नहीं, n−1।) जब पहले और अंतिम पद पता हों तो पदों की गिनती n=dअंतिम−पहला+1 है — बाड़ के खंभों की तरह, खंभे हमेशा अंतरालों से एक ज़्यादा।
◭ चित्रहर बार d=3 ऊँचाई बढ़ती है; पहला+अंतिम = दूसरा+उपांत्य = … और औसत बीच की ऊँचाई है
योग के लिए गाउस की जोड़ी वाली चाल: पहला+अंतिम, दूसरा+उपांत्य, … हर जोड़ी का योग एक ही है (एक पद d बढ़ता है तो दूसरा d घटता है)। इसलिए Sn=2n×(पहला+अंतिम)। अंतिम पद की जगह a+(n−1)d रखने पर दूसरा रूप मिलता है।
∑ सूत्र
Tn=a+(n−1)d
n-वाँ पद और पदों की संख्या
a
पहला पद
d
सार्व अंतर = कोई पद − उससे पिछला पद
n
पद का क्रमांक (या पदों की संख्या)
l
अंतिम पद
∑ सूत्र
n=dl−a+1
n-वाँ पद और पदों की संख्या
a
पहला पद
d
सार्व अंतर = कोई पद − उससे पिछला पद
n
पद का क्रमांक (या पदों की संख्या)
l
अंतिम पद
∑ सूत्र
Sn=2n[2a+(n−1)d]=2n(a+l)
पहले n पदों का योग
a,d,n
ऊपर की तरह
l
n-वाँ (अंतिम) पद
पहचानसंख्याएँ बराबर अंतर से बढ़ें या घटें (किराया, बचत, कुर्सियों की पंक्तियाँ, डंडे) — तो AP है।
कदम
पहचानिए कि a, d और कौन-सी तीसरी चीज़ (n, l या योग) दी गई है।
d = कोई पद − उससे पिछला पद (ऋणात्मक भी हो सकता है)।
पद चाहिए तो a+(n−1)d; गिनती चाहिए तो dl−a+1; योग चाहिए तो 2n(a+l)।
जाँच: दूसरे सूत्र से वही उत्तर मिलना चाहिए।
हल किए उदाहरण
उदाहरण 1 · आसान
श्रेणी 8,14,20,26,… का 25वाँ पद ज्ञात कीजिए।
हल, कदम-दर-कदम
1सार्व अंतर d = कोई पद − उससे पिछला पद = 14−8=6। (अगला पद 20 लेकर भी यही आता है, यानी यह वाक़ई AP है।)
2पहले पद 8 से 25वें पद तक पहुँचने में 24 कदम लगते हैं (पहला पद बिना कदम के मिल जाता है), और हर कदम पर 6 जुड़ता है: T25=a+(n−1)d=8+24×6।
38+144=152।
उत्तर152
उदाहरण 2 · आसान
श्रेणी 11,17,23,29,… का कौन-सा पद 215 है?
हल, कदम-दर-कदम
1पहला पद 11 और सार्व अंतर 6 है। 215 तक पहुँचने के लिए कुल दूरी 215−11=204 तय करनी है।
2हर कदम 6 का है, इसलिए कदम = 6204=34।
334 कदमों के बाद हम 35वें पद पर होते हैं (शुरू का पद गिनना है), इसलिए 215 35वाँ पद है।
उत्तर35वाँ
उदाहरण 3 · मध्यम
योग ज्ञात कीजिए: 8+15+22+⋯+190
हल, कदम-दर-कदम
1सार्व अंतर d=7। पदों की संख्या n=7190−8+1=27।
2जब पहला और अंतिम पद पता हो तब Sn=2n(a+l) लगाइए। कारण: पहला+अंतिम, दूसरा+उपांत्य, … हर जोड़ी का योग बराबर (8+190=198) होता है, इसलिए कुल योग = पदों की संख्या × (पहला+अंतिम) का आधा।
3S=227(8+190)=227×198=2673।
उत्तर2673
पहले पदों की संख्या, फिर योग: दो चरण।
उदाहरण 4 · मध्यम
एक सभागार की पहली पंक्ति में 22 सीटें हैं और हर अगली पंक्ति में पिछली से 3 सीटें ज़्यादा हैं। 18 पंक्तियों में कुल कितनी सीटें हैं?
हल, कदम-दर-कदम
1हर बार वही संख्या जुड़ती है, इसलिए यह AP है: a=22,d=3,n=18।
2अंतिम पद T18=22+17×3=73।
3S18=218(22+73)=855।
उत्तर855
उदाहरण 5 · कठिन
श्रेणी 6,13,20,…,279 में अंत से 9वाँ पद ज्ञात कीजिए।
हल, कदम-दर-कदम
1उल्टी दिशा से देखिए: पहला पद 279 और सार्व अंतर −d=−7 है।
2T=279+(9−1)×(−7)=279−56।
3223। (दूसरा तरीका: पदों की संख्या 40 है, इसलिए अंत से 9वाँ पद शुरू से 32वाँ है: 6+31×7=223।)
उत्तर223
अभ्यास
आसानपहले खुद करके देखें
श्रेणी −15,−11,−7,−3,… का 22वाँ पद ज्ञात कीजिए।
आसानपहले खुद करके देखें
श्रेणी 5,13,21,29,… का कौन-सा पद 205 है?
आसानपहले खुद करके देखें
श्रेणी 4,13,22,…,319 में कितने पद हैं?
आसानपहले खुद करके देखें
श्रेणी 60,65,70,75,… के पहले 24 पदों का योग ज्ञात कीजिए।
मध्यमपहले खुद करके देखें
श्रेणी 120,113,106,99,… का 18वाँ पद ज्ञात कीजिए।
मध्यमपहले खुद करके देखें
श्रेणी 250,245,240,…,−100 में कितने पद हैं?
मध्यमपहले खुद करके देखें
योग ज्ञात कीजिए: 12+17+22+⋯+167
मध्यमपहले खुद करके देखें
श्रेणी 25,23,21,19,… के पहले 30 पदों का योग ज्ञात कीजिए।
मध्यमपहले खुद करके देखें
नसीम पहले महीने ₹400 बचाती है और हर अगले महीने पिछले महीने से ₹50 ज़्यादा। 15 महीनों में उसकी कुल बचत कितनी होगी (₹ में)?
मध्यमपहले खुद करके देखें
एक सीढ़ी में 15 डंडे हैं। सबसे निचला डंडा 90 सेमी और सबसे ऊपर का 48 सेमी लंबा है, और बीच के डंडों की लंबाई बराबर अंतर से घटती है। सभी डंडों की कुल लंबाई कितनी है (सेमी में)?
कठिनपहले खुद करके देखें
श्रेणी 10,14,18,…,206 में अंत से 12वाँ पद ज्ञात कीजिए।
कठिनपहले खुद करके देखें
योग ज्ञात कीजिए: 3+11+19+⋯+299
कठिनपहले खुद करके देखें
एक कंपनी अपने कर्मचारी को पहले साल ₹18,000 प्रति माह वेतन देती है और हर साल ₹750 प्रति माह बढ़ाती है। 12वें साल में उसका मासिक वेतन कितना होगा (₹ में)?
कठिनपहले खुद करके देखें
श्रेणी −20,−17,−14,−11,… का कौन-सा पद 100 है?
जालजाल: (1) Tn=a+nd लिखना (n−1 चाहिए); (2) गिनती में +1 भूलना; (3) घटती AP में d का ऋण चिह्न छोड़ना; (4) योग में पदों की संख्या की जगह अंतिम पद रख देना।
बीच का पद, मान लेने की चाल और माध्य
Sn से Tn, माध्य डालना
विषम संख्या के पदों का बीच का पद, तीन-चार पद मानना, Sn से पद, माध्य डालना और औसत।
विचार
बीच का पद = औसत। अगर AP में पदों की संख्या विषम हो, तो बीच के पद के दोनों ओर बराबर पद हैं और जोड़ी में ऊपर-नीचे की भरपाई हो जाती है। इसलिए कुल योग = पदों की संख्या × बीच का पद, और बीच का पद = योग ÷ पदों की संख्या। (सम पदों में दोनों बीच के पदों का औसत।)
मान लेने की चाल: तीन पद a−d,a,a+d और चार पद a−3d,a−d,a+d,a+3d मानें तो जोड़ने पर d कट जाता है और a सीधे मिल जाता है। इसी तरह पाँच पद a−2d,…,a+2d।
∑ सूत्र
Tn=Sn−Sn−1
Sn से पद, और k माध्य डालने पर अंतर
Sn
पहले n पदों का योग
Tn
n-वाँ पद
A,B
बीच में माध्य डालने वाली दो संख्याएँ
k
डाले गए माध्यों की संख्या
∑ सूत्र
d=k+1B−A
Sn से पद, और k माध्य डालने पर अंतर
Sn
पहले n पदों का योग
Tn
n-वाँ पद
A,B
बीच में माध्य डालने वाली दो संख्याएँ
k
डाले गए माध्यों की संख्या
अगर Sn=pn2+qn दिया हो तो Tn=Sn−Sn−1=2pn+(q−p): इसलिए a=p+q और d=2p। k माध्य डालने पर कुल k+2 पद होते हैं और पहले से अंतिम तक k+1 कदम हैं, इसलिए d=k+1B−A। किसी सीमा के गुणजों का औसत = (पहला गुणज + अंतिम गुणज) ÷ 2।
पहचान“लगातार संख्याओं का योग”, “AP में तीन/चार संख्याएँ”, “योग का सूत्र दिया है”, “बीच में कुछ संख्याएँ डालिए”, “औसत” — इन शब्दों पर यह विधि।
कदम
लगातार संख्याओं के लिए अंतर पहचानिए (पूर्णांक 1, सम/विषम 2, पाँच के गुणज 5)।
विषम पदों में बीच का पद = योग ÷ पद-संख्या; फिर किनारे के पद बीच से कदम गिनकर।
योग और गुणनफल वाले प्रश्न में तीन या चार पद सममित मानिए।
Sn वाले प्रश्न में Sn−Sn−1 लीजिए।
हल किए उदाहरण
उदाहरण 6 · आसान
9 लगातार सम संख्याओं का योग 324 है। उनमें सबसे बड़ी संख्या ज्ञात कीजिए।
हल, कदम-दर-कदम
19 पद बराबर अंतर (2) पर हैं, यानी AP है। पदों की संख्या विषम है, इसलिए बीच का पद औसत के बराबर है: बीचकापद=9324=36।
2बीच के पद के दोनों ओर 4 पद हैं, इसलिए सबसे बड़ा पद बीच के पद से 4 कदम (हर कदम 2) दूर है: 36+4×2=44।
3संख्याएँ 28 से 44 तक हैं; जाँच: 9 × 36 = 324।
उत्तर44
उदाहरण 7 · मध्यम
AP में तीन संख्याओं का योग 36 और गुणनफल 1428 है। उनमें सबसे बड़ी संख्या ज्ञात कीजिए।
हल, कदम-दर-कदम
1तीनों पद a−d,a,a+d मानिए। ऐसा मानने से जोड़ में d कट जाता है: 3a=36, इसलिए a=12।
2गुणनफल: (a−d)a(a+d)=a(a2−d2)=12(144−d2)=1428, इसलिए 144−d2=119 और d2=25।
3d=±5। संख्याएँ 7, 12, 17; सबसे बड़ी 17।
उत्तर17
उदाहरण 8 · मध्यम
किसी AP के पहले n पदों का योग Sn=3n2+5n है। उसका 12वाँ पद ज्ञात कीजिए।
हल, कदम-दर-कदम
1nवाँ पद = पहले n पदों का योग − पहले (n−1) पदों का योग: Tn=Sn−Sn−1।
2Sn में n की जगह (n−1) रखकर Sn−1=3(n−1)2+5(n−1) बनाइए और घटाइए: Tn=6n+2।
9 और 51 के बीच 6 समांतर माध्य (AM) डाले जाते हैं ताकि पूरी सूची AP बने। 4वाँ माध्य ज्ञात कीजिए।
हल, कदम-दर-कदम
16 माध्य डालने के बाद सूची में 9 पहला पद और 51 अंतिम पद है, कुल 8 पद। पहले से अंतिम तक 7 कदम हैं।
2d=751−9=6।
34वाँ माध्य = 4वाँ कदम: 9+4×6=33। (पहले माध्य का पद-क्रम 2 है, पर कदम गिनते समय 4 कदम चलना है।)
उत्तर33
अभ्यास
आसानपहले खुद करके देखें
13 लगातार पूर्णांकों का योग 650 है। उनमें सबसे बड़ी संख्या ज्ञात कीजिए।
आसानपहले खुद करके देखें
11 5 के लगातार गुणजों का योग 825 है। उनमें सबसे बड़ी संख्या ज्ञात कीजिए।
आसानपहले खुद करके देखें
4 और 64 के बीच 9 समांतर माध्य (AM) डाले जाते हैं ताकि पूरी सूची AP बने। 6वाँ माध्य ज्ञात कीजिए।
आसानपहले खुद करके देखें
50 और 500 के बीच (दोनों शामिल) 7 के सभी गुणजों का औसत ज्ञात कीजिए।
मध्यमपहले खुद करके देखें
9 लगातार विषम संख्याओं का योग 567 है। उनमें सबसे बड़ी संख्या ज्ञात कीजिए।
मध्यमपहले खुद करके देखें
AP में तीन संख्याओं का योग 27 और गुणनफल 585 है। उनमें सबसे बड़ी संख्या ज्ञात कीजिए।
मध्यमपहले खुद करके देखें
किसी AP के पहले n पदों का योग Sn=2n2−n है। उसका सार्व अंतर ज्ञात कीजिए।
मध्यमपहले खुद करके देखें
किसी AP के पहले n पदों का योग Sn=4n2+3n है। उसका 15वाँ पद ज्ञात कीजिए।
मध्यमपहले खुद करके देखें
100 और 1000 के बीच (दोनों शामिल) 9 के सभी गुणजों का औसत ज्ञात कीजिए।
कठिनपहले खुद करके देखें
AP में चार संख्याओं का योग 40 है और पहली तथा अंतिम का गुणनफल 91 है। सबसे बड़ी संख्या ज्ञात कीजिए।
कठिनपहले खुद करके देखें
AP में चार संख्याओं का योग 60 है और पहली तथा अंतिम का गुणनफल 189 है। सबसे बड़ी संख्या ज्ञात कीजिए।
कठिनपहले खुद करके देखें
-10 और 50 के बीच 5 समांतर माध्य (AM) डाले जाते हैं ताकि पूरी सूची AP बने। 3वाँ माध्य ज्ञात कीजिए।
कठिनपहले खुद करके देखें
11 लगातार सम संख्याओं का योग 990 है। उनमें सबसे छोटी संख्या ज्ञात कीजिए।
कठिनपहले खुद करके देखें
किसी AP के पहले n पदों का योग Sn=5n2−2n है। उसका पहला पद ज्ञात कीजिए।
जालजाल: (1) लगातार सम/विषम संख्याओं में अंतर 1 नहीं, 2 है; (2) माध्य डालने पर पद k नहीं k+2 होते हैं; (3) चार पद मानते समय अंतर d नहीं, 2d है (पास-पास पदों में); (4) Sn−Sn−1 में Sn−1 बनाते समय n की जगह (n−1) रखना भूलना।
शर्तों वाले प्रश्न
जहाँ बीजगणित से पहले सोचना पड़ता है
Sp=Sq, सममित क्रमांकों वाले पद, Tp=q,Tq=p, योगों का अनुपात, और अधिकतम योग।
विचार
इन प्रश्नों में कुछ पद या योग दिए होते हैं, और AP का कोई ख़ास गुण छिपा होता है। उन गुणों का कारण समझ लीजिए तो हर प्रश्न दो पंक्तियों में हो जाता है।
शर्त
निष्कर्ष
कारण
Sp=Sq
Sp+q=0, Tp+q=−a
2a+(p+q−1)d=0 मिलता है
क्रमांक i+j=N+1
ai+aj=a1+aN
एक पद d बढ़ता तो दूसरा d घटता है
Tp=q,Tq=p
d=−1, Tp+q=0
अंतर लेने पर
Sn′Sn=c2n+d2c1n+d1
Tm′Tm=c2(2m−1)+d2c1(2m−1)+d1
m-वाँ पद दोगुना = n=2m−1 पर 2a+(n−1)d
d<0 वाली AP
योग तब तक बढ़ता है जब तक पद धनात्मक
ऋणात्मक पद घटाते हैं
यहाँ: Sp = पहले p पदों का योग; Tp = p-वाँ पद; a, d = पहला पद और सार्व अंतर; ai = i-वाँ पद; N = जितने पदों का योग चाहिए; Sn, Sn′ = दो AP के पहले n पदों के योग; c1,d1,c2,d2 = अनुपात के संख्यात्मक गुणांक; m = वह पद-क्रमांक जिसका अनुपात चाहिए।
◭ चित्रजिन पदों के क्रमांकों का योग N+1 है (एक ही रंग की जोड़ी) उनका योग एक जैसा है
पहचानप्रश्न में “Sp=Sq”, “a3+a8+…=”, “अनुपात (5n+4):(9n+6)” या “कितने पदों का योग शून्य” दिखे — तब यह विधि।
कदम
पहचानिए कि शर्त ऊपर की तालिका की किस पंक्ति जैसी है।
उस पंक्ति का नियम लगाइए (d या a1+aN निकालिए)।
जो पूछा है (T या S) उसके सूत्र में रखिए।
जाँच: एक छोटे-से उदाहरण AP से नियम परखिए।
हल किए उदाहरण
उदाहरण 10 · आसान
किसी AP का 8वाँ पद 13 और 13वाँ पद 8 है। उसका 21वाँ पद ज्ञात कीजिए।
हल, कदम-दर-कदम
1T13−T8=8−13=−5 और यह 5 कदमों का अंतर है, इसलिए d=5−5=−1।
2T8=a+7d=13 से a=13+7=20।
3T21=20+20×(−1)=0।
उत्तर0
उदाहरण 11 · मध्यम
किसी AP के पहले 9 पदों का योग उसके पहले 16 पदों के योग के बराबर है। यदि उसका पहला पद 36 है, तो 25वाँ पद ज्ञात कीजिए।
हल, कदम-दर-कदम
1S9=S16 से 29[2a+8d]=216[2a+15d]। सारे पद एक तरफ़ लाकर 92−162 जैसे अंतर का गुणनखंड करने पर (9−16)[2a+(9+16−1)d]=0 मिलता है।
29≠16 है, इसलिए (9−16) शून्य नहीं है और कोष्ठक शून्य होना चाहिए: 2a+(9+16−1)d=0, यानी d=24−2a=24−72=−3।
3T25=a+24d=36+24×(−3)=−36। (हर ऐसी AP में T9+16=−a और S9+16=0 होता है।)
उत्तर−36
उदाहरण 12 · मध्यम
किसी AP के पदों के लिए a3+a8+a12+a19+a23+a28=192 है। उस AP के पहले 30 पदों का योग ज्ञात कीजिए।
हल, कदम-दर-कदम
1क्रमांकों की जोड़ियाँ देखिए: 3+28=31, 8+23=31, 12+19=31। हर जोड़ी में दोनों पद पहले और 30वें पद से बराबर दूरी पर हैं।
2ऐसी हर जोड़ी का योग a1+a30 के बराबर है (AP में जोड़ी का योग तब नहीं बदलता जब एक पद d बढ़े और दूसरा d घटे)। 3 जोड़ियाँ हैं, इसलिए 3(a1+a30)=192, यानी a1+a30=64।
3S30=230(a1+a30)=230×64=960।
उत्तर960
उदाहरण 13 · कठिन
दो AP के पहले n पदों के योगों का अनुपात (5n+4):(9n+6) है। उनके 7वें पदों का अनुपात क्या है?
हल, कदम-दर-कदम
1Sn=2n[2a+(n−1)d] है, इसलिए योगों का अनुपात 2a′+(n−1)d′2a+(n−1)d होता है (आधे-आधे और n कट जाते हैं)। यहाँ 2a+(n−1)d असल में n-पदों की AP का दोगुना बीच का पद है।
27वाँ पद a+(m−1)d है, जिसका दोगुना 2a+(m−1)⋅2d होता है — यानी 2a+(n−1)d में n−1=2(m−1), अर्थात n=2m−1=13 रखने से।
3तब 9(13)+65(13)+4=12369=23:41।
उत्तर23:41
उदाहरण 14 · कठिन
श्रेणी 30,26,22,18,… के कितने पदों का योग शून्य होगा?
हल, कदम-दर-कदम
1a=30,d=−4। Sn=2n[2a+(n−1)d] को 0 के बराबर रखिए।
2n शून्य नहीं हो सकता, इसलिए कोष्ठक शून्य होना चाहिए: 2(30)+(n−1)(−4)=0, यानी n−1=−4−60=15।
3n=16। (पहले 8 पद धनात्मक हैं, फिर ऋणात्मक पद योग को वापस 0 तक ले आते हैं।)
उत्तर16
अभ्यास
आसानपहले खुद करके देखें
किसी AP का 11वाँ पद 17 और 17वाँ पद 11 है। उसका 28वाँ पद ज्ञात कीजिए।
आसानपहले खुद करके देखें
श्रेणी 40,35,30,25,… के कितने पदों का योग शून्य होगा?
आसानपहले खुद करके देखें
किसी AP का 7वाँ पद 26 और 12वाँ पद 51 है। उसका 25वाँ पद ज्ञात कीजिए।
मध्यमपहले खुद करके देखें
किसी AP के पहले 14 पदों का योग उसके पहले 21 पदों के योग के बराबर है। यदि उसका पहला पद 51 है, तो 35वाँ पद ज्ञात कीजिए।
मध्यमपहले खुद करके देखें
किसी AP के पहले 8 पदों का योग उसके पहले 13 पदों के योग के बराबर है। यदि उसका पहला पद 30 है, तो 21वाँ पद ज्ञात कीजिए।
मध्यमपहले खुद करके देखें
किसी AP के पदों के लिए a5+a11+a16+a25+a30+a36=270 है। उस AP के पहले 40 पदों का योग ज्ञात कीजिए।
मध्यमपहले खुद करके देखें
श्रेणी 26,22,18,14,… के कितने पदों का योग शून्य होगा?
मध्यमपहले खुद करके देखें
श्रेणी 37,33,29,25,… के पदों का अधिकतम योग कितना हो सकता है?
कठिनपहले खुद करके देखें
किसी AP के पदों के लिए a2+a9+a16+a23=130 है। उस AP के पहले 24 पदों का योग ज्ञात कीजिए।
कठिनपहले खुद करके देखें
दो AP के पहले n पदों के योगों का अनुपात (3n+8):(5n+2) है। उनके 10वें पदों का अनुपात क्या है?
कठिनपहले खुद करके देखें
दो AP के पहले n पदों के योगों का अनुपात (7n+1):(3n+5) है। उनके 12वें पदों का अनुपात क्या है?
कठिनपहले खुद करके देखें
श्रेणी 47,41,35,29,… के पदों का अधिकतम योग कितना हो सकता है?
जालजाल: (1) Sp=Sq में p=q मानकर ही भाग देना; (2) अनुपात वाले प्रश्न में n की जगह m रख देना (2m−1 रखिए); (3) सममित जोड़ियाँ गिनने में एक जोड़ी चूकना; (4) घटती AP में शून्य-योग और अधिकतम-योग को एक ही मान लेना।
गुणजों की गिनती, उनका योग और अंक
“या”, “और”, “न … न”
सीमा में गुणजों की गिनती, दो संख्याओं के गुणजों की गिनती (LCM), उनका योग और पृष्ठ-संख्या के अंक।
विचार
k के गुणज k,2k,3k,… एक AP हैं जिसका अंतर k है। L से U तक इनकी गिनती: सबसे छोटा गुणज जो L या उससे बड़ा है, और सबसे बड़ा जो U या उससे छोटा है — फिर n=kअंतिम−पहला+1। सीधे भाग से भी: ⌊kU⌋−⌊kL−1⌋।
दो संख्याओं a और b के लिए: “aयाb” = a के गुणज + b के गुणज − दोनों के (जो दो बार गिन गए); दोनों से विभाज्य संख्याएँ LCM के गुणज हैं (गुणनफल के नहीं, जब तक a,b असहभाज्य न हों)। “न a न b” = कुल − (“a या b”)। योग भी वही: Sa+Sb−SLCM।
∑ सूत्र
n(A∪B)=n(A)+n(B)−n(A∩B)
“या” की गिनती (समावेशन-बहिष्करण)
n(A)
a के गुणजों की संख्या
n(B)
b के गुणजों की संख्या
n(A∩B)
दोनों के (LCM के) गुणजों की संख्या
पृष्ठों के अंक: 1–9 में 9 पृष्ठ (1 अंक), 10–99 में 90 पृष्ठ (2 अंक), 100–999 में 900 (3 अंक), आगे 4 अंक। कुल अंक = इन खंडों का योग; उलटा हो तो पहले पूरे खंड घटाइए, बचे अंकों को अंतिम खंड की अंक-संख्या से भाग दीजिए।
पहचान“कितनी संख्याएँ a या b से विभाज्य”, “a से पर b से नहीं”, “a से भी न b से भी नहीं”, “सभी 3-अंकीय संख्याओं का योग जो …”, “कितने अंक छपे” — इन पर यह विधि।
कदम
हर गुणक के लिए पहला और अंतिम गुणज खोजिए।
गिनती: kअंतिम−पहला+1; योग: 2n(पहला+अंतिम)।
दो संख्याएँ हों तो LCM निकालकर समावेशन-बहिष्करण लगाइए।
अंत में उत्तर की संभाव्यता जाँचिए (कुल से बड़ी गिनती नहीं हो सकती)।
हल किए उदाहरण
उदाहरण 15 · आसान
100 से 999 तक (दोनों शामिल) 13 के कितने गुणज हैं?
हल, कदम-दर-कदम
1सबसे छोटा गुणज जो 100 या उससे बड़ा है: 104 (100 ÷ 13 का भागफल ऊपर की ओर गोल करके)। सबसे बड़ा गुणज जो 999 या उससे छोटा है: 988।
2ये 13 के अंतर वाली AP बनाते हैं: n=13988−104+1=69।
3जाँच: ⌊13999⌋−⌊1399⌋=76−7=69 — सीधे भाग से भी वही उत्तर।
उत्तर69
उदाहरण 16 · मध्यम
100 से 500 तक (दोनों शामिल) कितनी संख्याएँ 6 या 8 से विभाज्य हैं?
हल, कदम-दर-कदम
16 के गुणज: ⌊6500⌋−⌊699⌋=83−16=67; 8 के गुणज: 62−12=50।
26 और 8 दोनों से विभाज्य संख्याएँ उनके LCM 24 के गुणज हैं (LCM(6,8)=24; गुणनफल 48 नहीं, जब तक 6, 8 असहभाज्य न हों): 20−4=16।
3“या” में दोनों गिनी गई संख्याएँ दो बार गिन जाती हैं, इसलिए एक बार घटाइए: 67+50−16=101।
उत्तर101
जाल: 48 नहीं — 6 और 8 का LCM 24 है।
उदाहरण 17 · मध्यम
100 से 999 तक की सभी संख्याओं में से जो 9 से विभाज्य हैं, उनका योग ज्ञात कीजिए।
हल, कदम-दर-कदम
1पहला गुणज 108, अंतिम गुणज 999, सार्व अंतर 9।
2पद: n=9999−108+1=100।
3S=2100(108+999)=55,350।
उत्तर55,350
उदाहरण 18 · कठिन
1 से 100 तक की उन सभी संख्याओं का योग ज्ञात कीजिए जो 4 या 10 से विभाज्य हैं।
हल, कदम-दर-कदम
14 के गुणजों का योग 1300, 10 के गुणजों का योग 550 (हर एक AP का योग 2n(पहला+अंतिम) से)।
2LCM 20 के गुणज दोनों सूचियों में हैं, इसलिए दो बार जुड़ गए। उनका योग 300 है।
31300+550−300=1550।
उत्तर1550
उदाहरण 19 · कठिन
एक किताब के पन्नों की संख्या छापने में कुल 966 अंक लगे। किताब में कितने पन्ने हैं?
हल, कदम-दर-कदम
11 से 99 तक के पन्नों में 9+180=189 अंक लगते हैं। बचे 777 अंक।
2100 के बाद हर पन्ने में 3 अंक: 3777=259 पन्ने।
3कुल पन्ने 99+259=358।
उत्तर358
अभ्यास
आसानपहले खुद करके देखें
50 से 500 तक (दोनों शामिल) 7 के कितने गुणज हैं?
आसानपहले खुद करके देखें
425 पन्नों की एक किताब में पन्नों की संख्या छापने के लिए कुल कितने अंक लगेंगे?
आसानपहले खुद करके देखें
100 से 500 तक (दोनों शामिल) कितनी संख्याएँ 6 और 8 दोनों से विभाज्य हैं?
मध्यमपहले खुद करके देखें
200 से 1200 तक (दोनों शामिल) 17 के कितने गुणज हैं?
मध्यमपहले खुद करके देखें
150 से 450 तक (दोनों शामिल) कितनी संख्याएँ 4 या 6 से विभाज्य हैं?
मध्यमपहले खुद करके देखें
1 से 200 तक (दोनों शामिल) कितनी संख्याएँ 4 से भी और 10 से भी नहीं विभाज्य हैं?
मध्यमपहले खुद करके देखें
200 से 900 तक की सभी संख्याओं में से जो 7 से विभाज्य हैं, उनका योग ज्ञात कीजिए।
मध्यमपहले खुद करके देखें
1250 पन्नों की एक किताब में पन्नों की संख्या छापने के लिए कुल कितने अंक लगेंगे?
कठिनपहले खुद करके देखें
100 से 500 तक (दोनों शामिल) कितनी संख्याएँ 6 से, पर 8 से नहीं विभाज्य हैं?
कठिनपहले खुद करके देखें
50 से 900 तक (दोनों शामिल) कितनी संख्याएँ 9 या 12 से विभाज्य हैं?
कठिनपहले खुद करके देखें
100 से 999 तक की सभी संख्याओं में से जो 13 से विभाज्य हैं, उनका योग ज्ञात कीजिए।
कठिनपहले खुद करके देखें
50 से 400 तक की उन सभी संख्याओं का योग ज्ञात कीजिए जो 6 या 9 से विभाज्य हैं।
कठिनपहले खुद करके देखें
एक किताब के पन्नों की संख्या छापने में कुल 3101 अंक लगे। किताब में कितने पन्ने हैं?
जालजाल: (1) “और/दोनों” के लिए गुणनफल नहीं, LCM; (2) पहला गुणज L से छोटा या अंतिम U से बड़ा ले लेना; (3) “न a न b” में कुल संख्या U−L+1 भूलना; (4) पृष्ठों में 100 से पहले के 189 अंक गिनना भूल जाना।
2
गुणोत्तर श्रेणी (GP)
हर बार वही संख्या से गुणा
GP के पद, योग, अनंत योग, आवर्ती दशमलव, उपयोग, तथा AM-GM-HM और हरात्मक श्रेणी।
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