स्पर्श रेखा वह सीधी रेखा है जो वृत्त को ठीक एक बिंदु पर छूती है; इस बिंदु को स्पर्श बिंदु कहते हैं। जो रेखा वृत्त को दो बिंदुओं पर काटे, उसे छेदक कहते हैं। नीचे के चित्र में एक स्पर्श रेखा वृत्त पर लुढ़क रही है — स्पर्श बिंदु बदलता रहता है, पर स्पर्श रेखा और उस बिंदु की त्रिज्या के बीच का कोण हमेशा 90∘ ही रहता है।
◭ चित्रचित्र: त्रिज्या (नीली) और स्पर्श रेखा (गुलाबी) साथ-साथ घूमती हैं और बीच का कोण 90∘ ही रहता है।
यह 90∘ क्यों है?
स्पर्श रेखा पर स्पर्श बिंदु T के अलावा कोई भी बिंदु Q लीजिए। रेखा वृत्त को केवल T पर छूती है, इसलिए Q वृत्त के बाहर है, यानी OQ>OT (त्रिज्या)। तो T केंद्र O से रेखा का सबसे नज़दीकी बिंदु है। किसी बिंदु से रेखा तक सबसे छोटी दूरी लंब की होती है, इसलिए OT रेखा पर लंब है।
इस अध्याय में क्या है
बात
सूत्र / नियम
कहाँ
स्पर्श रेखा त्रिज्या पर लंब
∠OTP=90∘
बाहरी बिंदु से स्पर्श रेखाएँ
एक बिंदु से दो स्पर्श रेखाएँ बराबर
PA=PB=d2−r2
बाहरी बिंदु से स्पर्श रेखाएँ
स्पर्श रेखा × छेदक
PT2=PA⋅PB
गुणनफल का नियम
एकांतर खंड
स्पर्श रेखा-जीवा कोण = विपरीत खंड का कोण
एकांतर खंड प्रमेय
अंतःवृत्त
r=sΔ,x=s−a
वृत्त आकृतियों के अंदर
परिवृत्त और यूलर
OI2=R(R−2r)
वृत्त आकृतियों के अंदर
तालिका के अक्षर:O = वृत्त का केंद्र, r = त्रिज्या, d = केंद्र से बाहरी बिंदु P की दूरी, T,A,B = स्पर्श या कटान बिंदु, Δ = त्रिभुज का क्षेत्रफल, s = अर्ध-परिमाप, a = सामने की भुजा, R = परिवृत्त की त्रिज्या, OI = परिकेंद्र और अंतःकेंद्र की दूरी।
अगला अध्यायआगे: दो वृत्तों की उभयनिष्ठ स्पर्श रेखाएँ, एक-दूसरे को छूते वृत्त, तीसरा वृत्त, संकेंद्री वृत्त और कोण-समद्विभाजक वाले प्रश्न अगले अध्याय दो वृत्त और स्पर्श करते वृत्त में हैं।
तैयारीपहले से आने चाहिए: पाइथागोरस, समरूप त्रिभुज (AA), त्रिभुज के कोणों का योग, वृत्त में केंद्रीय कोण = 2 × परिधि कोण, अर्धवृत्त का कोण 90∘, चक्रीय चतुर्भुज के सामने के कोणों का योग 180∘ (पिछले अध्याय)। इन्हें यहाँ दोबारा नहीं सिखाया गया है — बस प्रयोग किया है।
आदतहर प्रश्न में पहला काम: चित्र बनाइए और स्पर्श बिंदु से केंद्र तक त्रिज्या खींचिए। स्पर्श रेखा मिलते ही एक समकोण त्रिभुज अपने-आप बन जाता है, और इस अध्याय के आधे प्रश्न बस उसी समकोण त्रिभुज को हल करना हैं।
1
बाहरी बिंदु से स्पर्श रेखाएँ
लंबाई · गुणनफल · कोण
वृत्त के बाहर के एक बिंदु से खींची स्पर्श रेखाओं की लंबाई, स्पर्श जीवा, स्पर्श-छेदक गुणनफल और एकांतर खंड प्रमेय।
बाहरी बिंदु से स्पर्श रेखा
लंबाई · पतंग · कोण
बाहर के एक बिंदु से दो बराबर स्पर्श रेखाएँ, d2−r2 और पतंग-आकृति के कोण।
विचार
वृत्त के बाहर के बिंदु P से वृत्त पर ठीक दो स्पर्श रेखाएँ खींची जा सकती हैं: PA और PB (A,B स्पर्श बिंदु)। केंद्र O से P की दूरी d और त्रिज्या r लीजिए। चूँकि OA⊥PA, त्रिभुज OAPA पर समकोण है और OP उसका कर्ण है, इसलिए लंबाईPA=d2−r2।
दोनों स्पर्श रेखाएँ बराबर क्यों हैं? त्रिभुज OAP और OBP में OA=OB (त्रिज्याएँ), OP उभयनिष्ठ है और दोनों में एक कोण 90∘ है। कर्ण और एक भुजा बराबर हैं, इसलिए त्रिभुज सर्वांगसम हैं (RHS) और PA=PB। इसी से OP कोण APB को भी आधा करती है और कोण AOB को भी। चतुर्भुज OAPB एक पतंग है जिसके दो कोण 90∘ हैं।
◭ चित्रचित्र: गुलाबी स्पर्श रेखाएँ बराबर (t, हरे निशान), नीली त्रिज्याएँ A,B पर 90∘ बनाती हैं, और हरी बिंदीदार OP दोनों कोणों को आधा करती है।∑ सूत्र
t=PA=PB=d2−r2
बाहरी बिंदु से स्पर्श रेखा की लंबाई
t
स्पर्श रेखा की लंबाई PA=PB
d
केंद्र से बाहरी बिंदु P की दूरी OP
r
वृत्त की त्रिज्या
∑ सूत्र
∠APB+∠AOB=180∘
पतंग OAPB के दो समकोण हटाने पर बचे कोण
∠APB
दोनों स्पर्श रेखाओं के बीच का कोण (बाहरी बिंदु पर)
∠AOB
स्पर्श बिंदुओं का केंद्र पर बना कोण
यदि ∠APB=x
तो
∠AOB
180∘−x
∠PAB=∠PBA
90∘−2x
∠OAB=∠OBA
2x
∠APO
2x
पतंग का क्षेत्रफल
r⋅t
तालिका के अक्षर:x = स्पर्श रेखाओं के बीच का कोण ∠APB; r = त्रिज्या; t = स्पर्श रेखा की लंबाई। क्षेत्रफल: पतंग दो समकोण त्रिभुज OAP, OBP से बनी है, प्रत्येक का क्षेत्रफल 21rt।
पहचानपहचान: “बाहर के बिंदु से स्पर्श रेखा की लंबाई” → d2−r2। “बिंदु से वृत्त की सबसे कम दूरी” → d−r (और सबसे अधिक d+r)। “दो स्पर्श रेखाओं के बीच का कोण दिया है, केंद्र का कोण पूछा है” → 180∘ में से घटाइए। मन में रखिए: 3-4-5, 5-12-13, 8-15-17, 7-24-25 — इनमें r, t, d अक्सर बैठते हैं।
चित्र बनाइए: केंद्र O, बाहरी बिंदु P, स्पर्श बिंदु A (और B)। OA जोड़िए और A पर समकोण का चिह्न लगाइए।
जो दो राशियाँ ज्ञात हैं (r, t, d में से), उनसे समकोण त्रिभुज OAP में तीसरी निकालिए।
कोण पूछे हों तो पतंग के नियम लगाइए: PA=PB से समद्विबाहु त्रिभुज, और ∠P+∠O=180∘।
◭ चित्रपहले उदाहरण का चित्र: r=9, d=15, t=12 (पैमाने पर)।
उदाहरण 1 · आसान
एक वृत्त की त्रिज्या 9 सेमी है। केंद्र से 15 सेमी दूर एक बिंदु से स्पर्श रेखा खींची गई। उसकी लंबाई बताइए।
हल, कदम-दर-कदम
1स्पर्श बिंदु A से केंद्र O तक की त्रिज्या स्पर्श रेखा पर लंब है, इसलिए त्रिभुज OAPA पर समकोण है। इसका कर्ण बाहरी बिंदु की दूरी OP=15 है।
2पाइथागोरस से PA2=OP2−OA2=225−81=144।
3इसलिए PA=144=12 सेमी। (यह 9-12-15, यानी 3-4-5 का तीन गुना है।)
उत्तर12 सेमी
कर्ण हमेशा d है — d2−r2 में d पहले आता है, उलटा नहीं।
◭ चित्रचित्र: दी गई माप के साथ।
उदाहरण 2 · मध्यम
बाहरी बिंदु P से वृत्त पर स्पर्श रेखाएँ PA और PB खींची गईं, O केंद्र है और ∠APB=64∘। ∠AOB, ∠PAB और ∠OAB ज्ञात कीजिए।
हल, कदम-दर-कदम
1चतुर्भुज OAPB में A और B पर 90∘ हैं, इसलिए ∠AOB=360∘−90∘−90∘−64∘=116∘।
2PA=PB, इसलिए त्रिभुज PAB में ∠PAB=∠PBA=2180∘−64∘=58∘।
3OA⊥PA, इसलिए ∠OAB=90∘−∠PAB=90∘−58∘=32∘। (जाँच: यह 264∘=32∘ है ✓)
उत्तर116∘, 58∘, 32∘
सीधा नियम: यदि ∠P=x तो ∠AOB=180∘−x, ∠PAB=90∘−2x, ∠OAB=2x।
◭ चित्रचित्र: दी गई माप के साथ।
उदाहरण 3 · मध्यम
बाहरी बिंदु P से वृत्त पर स्पर्श रेखा की लंबाई 24 सेमी है और P से वृत्त का सबसे नज़दीकी बिंदु 18 सेमी दूर है। त्रिज्या ज्ञात कीजिए।
हल, कदम-दर-कदम
1P से वृत्त का सबसे नज़दीकी बिंदु केंद्र की सीध में होता है, इसलिए d=OP=r+18।
2समकोण त्रिभुज में t2=d2−r2: 242=(r+18)2−r2, यानी 576=36r+324।
3r2 कट गया, इसलिए 36r=252 और r=7 सेमी। जाँच: d=25, 625−49=24 ✓।
उत्तर7 सेमी
(r+18)2 फैलाने पर r2 दोनों तरफ़ कटता है, इसलिए समीकरण सरल (एक घात) रहता है।
◭ चित्रचौथे उदाहरण का चित्र: ∠APB=40∘।
उदाहरण 4 · कठिन
PA और PB वृत्त की स्पर्श रेखाएँ हैं (A,B स्पर्श बिंदु) और ∠APB=40∘। बड़े चाप AB पर बिंदु C और छोटे चाप AB पर बिंदु D लिए गए। ∠ACB और ∠ADB ज्ञात कीजिए।
हल, कदम-दर-कदम
1पतंग का नियम: ∠AOB=180∘−40∘=140∘ (O केंद्र)।
2बड़े चाप पर कोई भी बिंदु C जीवा AB को परिधि-कोण से देखता है, जो केंद्रीय कोण का आधा है: ∠ACB=2140∘=70∘।
3ACBD चक्रीय चतुर्भुज है, इसलिए सामने के कोण C और D का योग 180∘: ∠ADB=180∘−70∘=110∘।
उत्तर70∘ और 110∘
सीधा सूत्र: बड़े चाप पर ∠ACB=90∘−2∠P; छोटे चाप पर 90∘+2∠P।
अभ्यास — स्वयं कीजिए
आसानपहले खुद करके देखें
5 सेमी त्रिज्या वाले वृत्त के केंद्र से 13 सेमी दूर एक बिंदु से वृत्त पर स्पर्श रेखा खींची गई है। स्पर्श रेखा की लंबाई (सेमी)?
आसानपहले खुद करके देखें
एक गोल तालाब की त्रिज्या 12 मी है। उसके केंद्र से 20 मी दूर खड़ा व्यक्ति तालाब की किनारे की एक स्पर्श रेखा की सीध में सीधा चलकर किनारे के स्पर्श बिंदु तक पहुँचता है। उसे कितने मीटर चलना होगा?
आसानपहले खुद करके देखें
एक वृत्त की त्रिज्या 12 सेमी है और उसके बाहर एक बिंदु P से खींची स्पर्श रेखा की लंबाई 16 सेमी है। P की वृत्त के केंद्र से दूरी (सेमी)?
मध्यमपहले खुद करके देखें
केंद्र से 25 सेमी दूर के एक बिंदु से वृत्त पर खींची स्पर्श रेखा 24 सेमी लंबी है। वृत्त का व्यास (सेमी)?
आसानपहले खुद करके देखें
PA और PB वृत्त की दो स्पर्श रेखाएँ हैं (A,B स्पर्श बिंदु, O केंद्र) और ∠APB=48∘। ∠AOB कितना है?
मध्यमपहले खुद करके देखें
बाहर के बिंदु P से वृत्त पर स्पर्श रेखाएँ PA, PB खींची गईं और ∠APB=70∘। ∠PAB ज्ञात कीजिए।
मध्यमपहले खुद करके देखें
PA, PB स्पर्श रेखाएँ हैं, O केंद्र है और ∠OAB=22∘ है। ∠APB ज्ञात कीजिए।
मध्यमपहले खुद करके देखें
वृत्त की त्रिज्या 15 सेमी है और केंद्र से 25 सेमी दूर बिंदु P से स्पर्श रेखाएँ PA, PB खींची गईं। चतुर्भुज OAPB का परिमाप (सेमी)?
कठिनपहले खुद करके देखें
स्पर्श रेखा PA=40 सेमी लंबी है और PO वृत्त को C पर काटती है, जहाँ PC=16 सेमी (O केंद्र)। वृत्त की त्रिज्या (सेमी)?
कठिनपहले खुद करके देखें
स्पर्श रेखाओं PA, PB की लंबाई r3 है, जहाँ r वृत्त की त्रिज्या है। ∠APB कितना है?
स्पर्श जीवा
AB=d2rt
दोनों स्पर्श बिंदुओं को जोड़ने वाली जीवा की लंबाई, केंद्र से दूरी और उससे बने समकोण त्रिभुज।
विचार
बाहरी बिंदु P से बनी दो स्पर्श रेखाओं के स्पर्श बिंदुओं A,B को जोड़ने वाली जीवा ABस्पर्श जीवा कहलाती है। पतंग OAPB अपने विकर्ण OP के दोनों ओर सममित है, इसलिए OP जीवा AB को समकोण पर और बीच में काटती है। कटान बिंदु M लीजिए।
अब समकोण त्रिभुज OAP (A पर समकोण) को देखिए: AM उसके कर्ण OP पर लंब है, यानी कर्ण पर डाली गई ऊँचाई। इसके तीन जाने-पहचाने नियम हैं: ऊँचाई =कर्णभुजा×भुजा, और हर भुजा का वर्ग = उसका टुकड़ा × कर्ण। इन्हीं से सारे सूत्र बनते हैं।
◭ चित्रचित्र: केसरिया स्पर्श जीवा AB हरी रेखा OP को M पर समकोण पर काटती है और AM=BM=a।∑ सूत्र
AB=d2rtOM=dr2PM=dt2
स्पर्श जीवा और उसके दोनों ओर के टुकड़े
AB
स्पर्श जीवा की लंबाई
r
वृत्त की त्रिज्या
t
स्पर्श रेखा की लंबाई d2−r2
d
OP, केंद्र से बाहरी बिंदु की दूरी
OM,PM
OP के वे दो टुकड़े जो जीवा से बनते हैं (OM+PM=d)
उलटाउलटा प्रश्न: यदि जीवा AB=2a और r दिए हों तो OM=r2−a2, फिर t=OMar और d=OMr2 (त्रिभुज OMA∼OAP से)। जाँच: OM+PM=d।
r, d, t में से जो दो ज्ञात हैं उनसे तीसरी निकालिए (t2=d2−r2)।
AB=d2rt लगाइए; केंद्र से जीवा की दूरी चाहिए तो OM=dr2।
जीवा दी गई हो तो पहले उसका आधा a लेकर OM=r2−a2 निकालिए, फिर समरूपता से t और d।
◭ चित्रचित्र: दी गई माप के साथ।
उदाहरण 5 · आसान
वृत्त की त्रिज्या 9 सेमी है और केंद्र से 15 सेमी दूर बिंदु P से स्पर्श रेखाएँ खींची गईं। स्पर्श जीवा की लंबाई और जीवा की केंद्र से दूरी ज्ञात कीजिए।
हल, कदम-दर-कदम
1स्पर्श रेखा की लंबाई t=152−92=144=12 सेमी।
2त्रिभुज OAP की कर्ण पर ऊँचाई AM=dr×t=159×12=7.2 सेमी, इसलिए जीवा AB=2×7.2=14.4 सेमी।
3केंद्र से जीवा की दूरी OM=dr2=1581=5.4 सेमी। जाँच: OM2+AM2=29.16+51.84=81=r2 ✓।
उत्तरAB=14.4 सेमी, OM=5.4 सेमी
जाँच हमेशा संभव है: OM2+AM2=r2।
◭ चित्रचित्र: दी गई माप के साथ।
उदाहरण 6 · मध्यम
20 सेमी त्रिज्या के वृत्त की एक जीवा 24 सेमी है। इस जीवा के सिरों पर खींची गई दोनों स्पर्श रेखाएँ बाहर P पर मिलती हैं। प्रत्येक स्पर्श रेखा की लंबाई और OP ज्ञात कीजिए।
हल, कदम-दर-कदम
1जीवा के सिरों की स्पर्श रेखाएँ P से खींची स्पर्श रेखाएँ ही हैं, इसलिए यह स्पर्श जीवा है। आधा a=12 और OM=202−122=256=16 सेमी।
2समरूप त्रिभुज OMA और OAP से AMAP=OMOA, यानी t=1612×20=15 सेमी।
3OA2=OM⋅OP से OP=16400=25 सेमी। जाँच: 252−202=15 ✓।
उत्तरस्पर्श रेखा 15 सेमी, OP=25 सेमी
यहाँ OM+PM=16+9=25 ✓ (PM=dt2=9)।
◭ चित्रचित्र: दी गई माप के साथ।
उदाहरण 7 · कठिन
बाहरी बिंदु P से वृत्त पर स्पर्श रेखाएँ PA=PB=40 सेमी खींची गईं और स्पर्श जीवा AB=48 सेमी है। वृत्त की त्रिज्या ज्ञात कीजिए।
हल, कदम-दर-कदम
1AB=d2rt से 48=d2r×40, यानी d=4880r=35r।
2साथ ही d2=r2+t2: 925r2=r2+1600, तो 916r2=1600 और r2=900।
3r=30 सेमी (तब d=50)। जाँच: 502×30×40=48 ✓।
उत्तर30 सेमी
दो समीकरण, दो अज्ञात (r और d): एक में से d को r के रूप में लिखकर दूसरे में रख दीजिए।
अभ्यास — स्वयं कीजिए
आसानपहले खुद करके देखें
वृत्त की त्रिज्या 15 सेमी है। केंद्र से 25 सेमी दूर बिंदु P से स्पर्श रेखाएँ PA, PB खींची गईं। स्पर्श जीवा AB की लंबाई (सेमी)?
आसानपहले खुद करके देखें
वृत्त की त्रिज्या 24 सेमी है। केंद्र से 25 सेमी दूर बिंदु P से स्पर्श रेखाएँ PA, PB खींची गईं। स्पर्श जीवा AB की लंबाई (सेमी)?
आसानपहले खुद करके देखें
O केंद्र वाले 12 सेमी त्रिज्या के वृत्त पर बाहरी बिंदु P से स्पर्श रेखाएँ खींची गईं, OP=20 सेमी। स्पर्श जीवा की केंद्र से दूरी (सेमी)?
मध्यमपहले खुद करके देखें
वृत्त की त्रिज्या 13 सेमी है और बाहरी बिंदु से खींची स्पर्श रेखाओं की स्पर्श जीवा 24 सेमी है। प्रत्येक स्पर्श रेखा की लंबाई (सेमी)?
मध्यमपहले खुद करके देखें
15 सेमी त्रिज्या के वृत्त पर बिंदु P से खींची स्पर्श रेखाएँ PA=PB=20 सेमी हैं। त्रिभुज PAB का क्षेत्रफल (वर्ग सेमी)?
मध्यमपहले खुद करके देखें
O केंद्र वाले 20 सेमी त्रिज्या के वृत्त पर बाहरी बिंदु P से स्पर्श रेखाएँ खींची गईं, OP=25 सेमी। स्पर्श जीवा की केंद्र से दूरी (सेमी)?
कठिनपहले खुद करके देखें
केंद्र O से 20 सेमी दूर बिंदु P से 16 सेमी त्रिज्या के वृत्त पर स्पर्श रेखाएँ खींची गईं। स्पर्श जीवा की P से दूरी (सेमी), यानी PM?
मध्यमपहले खुद करके देखें
वृत्त की त्रिज्या 21 सेमी है। केंद्र से 35 सेमी दूर बिंदु P से स्पर्श रेखाएँ PA, PB खींची गईं। स्पर्श जीवा AB की लंबाई (सेमी)?
मध्यमपहले खुद करके देखें
वृत्त की त्रिज्या 15 सेमी है और बाहरी बिंदु से खींची स्पर्श रेखाओं की स्पर्श जीवा 18 सेमी है। प्रत्येक स्पर्श रेखा की लंबाई (सेमी)?
कठिनपहले खुद करके देखें
O केंद्र वाले 24 सेमी त्रिज्या के वृत्त पर बाहरी बिंदु P से स्पर्श रेखाएँ खींची गईं, OP=30 सेमी। स्पर्श जीवा की केंद्र से दूरी (सेमी)?
तीसरी स्पर्श रेखा से कटा त्रिभुज
परिमाप =2t
दो स्पर्श रेखाओं को काटती तीसरी स्पर्श रेखा: कटे त्रिभुज का परिमाप, केंद्र पर बना कोण और सबसे छोटी कटान।
विचार
बाहरी बिंदु A से स्पर्श रेखाएँ AB और AC (B,C स्पर्श बिंदु) खींचिए। अब वृत्त के चाप BC पर किसी बिंदु P पर एक और स्पर्श रेखा खींचिए, जो AB को M पर और AC को N पर काटे। M भी बाहरी बिंदु है, इसलिए उससे वृत्त पर दो स्पर्श रेखाएँ बराबर हैं: MB=MP। इसी तरह NC=NP।
त्रिभुज AMN का परिमाप AM+MN+NA=AM+(MP+PN)+NA। यहाँ MP की जगह MB और PN की जगह NC रखिए: =(AM+MB)+(NC+NA)=AB+AC। यानी परिमाप =2×AB, चाहे P कहीं भी हो!
◭ चित्रचित्र: हरे निशान वाले टुकड़े बराबर हैं (MB=MP दो निशान, NC=NP तीन निशान); केसरिया त्रिभुज AMN का परिमाप =AB+AC=2t।∑ सूत्र
AM+MN+NA=2t∠MON=90∘−2∠A
कटे त्रिभुज का परिमाप और केंद्र पर बना कोण
t
बाहरी बिंदु A से स्पर्श रेखा की लंबाई AB=AC
∠A
दोनों स्पर्श रेखाओं के बीच का कोण
∠MON
M,N को केंद्र से जोड़ने पर बना कोण
∑ सूत्र
MNmin=t2r(d−r)
जब तीसरी स्पर्श रेखा OA से मिलने वाले वृत्त-बिंदु पर खींची जाए (सबसे छोटी कटान)
r
वृत्त की त्रिज्या
d
OA
t
d2−r2
कारणक्यों 90∘−2A: वृत्त त्रिभुज AMN की भुजा MN और AM, AN की बढ़ाई हुई रेखाओं को छूता है, यानी O उसका बहिर्केंद्र है, और बहिर्केंद्र पर सामने की भुजा 90∘−2A का कोण बनाती है। सबसे छोटी कटान में MN⊥OA और MP=PN होता है, इसलिए समरूप त्रिभुज AMP∼AOB काम आते हैं।
बराबर स्पर्श रेखाओं की जोड़ियाँ पहचानिए: A से दो, M से दो (MB,MP), N से दो (NC,NP)।
कटे त्रिभुज का परिमाप =AB+AC लिखिए और जो भुजाएँ ज्ञात हों उन्हें घटाइए।
कोण पूछा हो तो 90∘−2A; सबसे छोटी कटान पूछी हो तो MN=t2r(d−r)।
◭ चित्रचित्र: दी गई माप के साथ।
उदाहरण 8 · आसान
बाहरी बिंदु A से खींची स्पर्श रेखाएँ AB=AC=18 सेमी हैं। तीसरी स्पर्श रेखा AB, AC को M, N पर काटती है जहाँ AM=9 सेमी और AN=11 सेमी। MN कितना है?
हल, कदम-दर-कदम
1M से वृत्त पर दो स्पर्श रेखाएँ: MB और MP — बराबर। N से: NC=NP। इसलिए MN=MP+PN=MB+NC।
AB, AC वृत्त की स्पर्श रेखाएँ हैं और ∠BAC=56∘। तीसरी स्पर्श रेखा MN त्रिभुज AMN काटती है (O केंद्र)। ∠MON ज्ञात कीजिए।
हल, कदम-दर-कदम
1वृत्त AM, AN की बढ़ाई हुई रेखाओं और MN को छूता है, इसलिए O त्रिभुज AMN का बहिर्केंद्र है।
2OM और ON बाहरी कोणों के समद्विभाजक हैं। त्रिभुज में ∠M+∠N=180∘−56∘=124∘, और बाहरी कोण 360∘−124∘=236∘ हैं जिनके आधे 118∘ हैं।
3△MON में ∠MON=180∘−118∘=62∘। जाँच: 90∘−256∘=62∘ ✓।
उत्तर62∘
लंबे रास्ते की जगह याद रखिए: ∠MON=90∘−2A।
◭ चित्रतीसरे उदाहरण का चित्र: r=6, d=10 का अनुपात (t=8); MN⊥OA।
उदाहरण 10 · कठिन
वृत्त की त्रिज्या 6 सेमी है और बाहरी बिंदु A केंद्र से 10 सेमी दूर है। A से स्पर्श रेखाएँ खींची गईं। A के सबसे नज़दीकी वृत्त-बिंदु P पर खींची स्पर्श रेखा इन्हें M, N पर काटती है। MN और त्रिभुज AMN का परिमाप ज्ञात कीजिए।
हल, कदम-दर-कदम
1t=102−62=8 सेमी; AP=10−6=4 सेमी। P पर स्पर्श रेखा OA पर लंब है, इसलिए ∠APM=90∘।
2त्रिभुज AMP और AOB में कोण A साझा है और एक-एक समकोण है, इसलिए समरूप: OBMP=ABAP, यानी MP=86×4=3 सेमी।
3MN=2×MP=6 सेमी (समरूपता से N भी उतनी ही दूर है)। परिमाप =2t=16 सेमी। जाँच: AM=42+32=5, AN=5, 5+6+5=16 ✓।
उत्तरMN=6 सेमी, परिमाप 16 सेमी
सूत्र: MN=t2r(d−r)=82×6×4=6 ✓।
अभ्यास — स्वयं कीजिए
आसानपहले खुद करके देखें
बाहरी बिंदु A से वृत्त पर स्पर्श रेखाएँ AB=AC=20 सेमी खींची गईं। एक तीसरी स्पर्श रेखा AB को M पर और AC को N पर काटती है, AM=8 सेमी और AN=9 सेमी। MN ज्ञात कीजिए (सेमी)।
आसानपहले खुद करके देखें
बाहरी बिंदु A से वृत्त पर स्पर्श रेखाएँ AB=AC=15 सेमी खींची गईं। एक तीसरी स्पर्श रेखा AB को M पर और AC को N पर काटती है, AM=6 सेमी और AN=7 सेमी। MN ज्ञात कीजिए (सेमी)।
आसानपहले खुद करके देखें
AB, AC वृत्त (केंद्र O) की स्पर्श रेखाएँ हैं और ∠A=60∘। तीसरी स्पर्श रेखा MN, AB और AC को M, N पर काटती है (वृत्त त्रिभुज AMN के बाहर है)। ∠MON ज्ञात कीजिए।
मध्यमपहले खुद करके देखें
AB, AC वृत्त (केंद्र O) की स्पर्श रेखाएँ हैं और ∠A=74∘। तीसरी स्पर्श रेखा MN, AB और AC को M, N पर काटती है (वृत्त त्रिभुज AMN के बाहर है)। ∠MON ज्ञात कीजिए।
मध्यमपहले खुद करके देखें
वृत्त की त्रिज्या 6 सेमी है और बाहरी बिंदु A केंद्र से 10 सेमी दूर है। A की सबसे नज़दीकी वृत्त-बिंदु P पर खींची स्पर्श रेखा A की दोनों स्पर्श रेखाओं को M, N पर काटती है। MN (सेमी)?
कठिनपहले खुद करके देखें
वृत्त की त्रिज्या 8 सेमी है और बाहरी बिंदु A केंद्र से 17 सेमी दूर है। A की सबसे नज़दीकी वृत्त-बिंदु P पर खींची स्पर्श रेखा A की दोनों स्पर्श रेखाओं को M, N पर काटती है। MN (सेमी)?
मध्यमपहले खुद करके देखें
बाहरी बिंदु A से वृत्त पर स्पर्श रेखाएँ AB=AC=30 सेमी खींची गईं। एक तीसरी स्पर्श रेखा AB को M पर और AC को N पर काटती है, AM=12 सेमी और AN=13 सेमी। MN ज्ञात कीजिए (सेमी)।
मध्यमपहले खुद करके देखें
AB, AC वृत्त (केंद्र O) की स्पर्श रेखाएँ हैं और ∠A=90∘। तीसरी स्पर्श रेखा MN, AB और AC को M, N पर काटती है (वृत्त त्रिभुज AMN के बाहर है)। ∠MON ज्ञात कीजिए।
मध्यमपहले खुद करके देखें
वृत्त की त्रिज्या 12 सेमी है और बाहरी बिंदु A केंद्र से 20 सेमी दूर है। A की सबसे नज़दीकी वृत्त-बिंदु P पर खींची स्पर्श रेखा A की दोनों स्पर्श रेखाओं को M, N पर काटती है। MN (सेमी)?
एक खास स्थिति: यदि AB वृत्त का व्यास हो और A, B पर स्पर्श रेखाएँ खींची जाएँ, तो चाप के बिंदु C की स्पर्श रेखा इन्हें D, E पर काटने पर DE=AD+BE और r2=AD⋅BE (क्योंकि ∠DOE=90∘)। नीचे दो प्रश्न इसी पर हैं।
मध्यमपहले खुद करके देखें
AB वृत्त का व्यास है। A और B पर स्पर्श रेखाओं को चाप के एक बिंदु पर खींची तीसरी स्पर्श रेखा D और E पर काटती है। AD=3 सेमी और BE=12 सेमी हों तो वृत्त की त्रिज्या (सेमी)?
कठिनपहले खुद करके देखें
AB वृत्त का व्यास है। A और B पर स्पर्श रेखाएँ खींची गईं और चाप के एक बिंदु C पर तीसरी स्पर्श रेखा इन्हें D और E पर काटती है। AD=5 सेमी और BE=20 सेमी हों तो DE (सेमी)?
स्पर्श-छेदक और जीवाओं का गुणनफल
PT2=PA⋅PB
स्पर्श रेखा × छेदक, दो छेदक और भीतर कटती जीवाओं का गुणनफल नियम, और केंद्र से दूरी से उसका संबंध।
विचार
बाहर के बिंदु P से एक छेदक खींचिए जो वृत्त को A (पास) और B (दूर) पर काटे। अब छेदक को P के चारों ओर घुमाइए: A और B पास आते जाते हैं, और जब छेदक स्पर्श रेखा बन जाती है तो दोनों एक ही बिंदु T में मिल जाते हैं। तब PA=PB=PT और गुणनफल PA×PB बदलकर PT×PT=PT2 हो जाता है। चित्र में यही दिखता है — और इससे पता चलता है कि PA⋅PBछेदक की दिशा पर निर्भर नहीं करता, हमेशा PT2 के बराबर रहता है।
◭ चित्रचित्र: हरा छेदक P के चारों ओर घूमता है, नीला A और केसरिया B एक-दूसरे की ओर खिसकते हैं और अंत में गुलाबी बिंदु T पर मिल जाते हैं।
क्यों? त्रिभुज PTA और PBT में कोण P साझा है और ∠PTA=∠PBT (अगला खंड: एकांतर खंड प्रमेय)। दो कोण बराबर, इसलिए समरूप: PBPT=PTPA, यानी PT2=PA⋅PB। दो छेदकों और भीतर कटती जीवाओं में भी इसी तरह के समरूप त्रिभुज (PAD∼PCB और EAD∼ECB) वही बात देते हैं।
स्थिति
नियम
याद रखने का तरीका
स्पर्श रेखा + छेदक (बाहर से)
PT2=PA⋅PB
स्पर्श रेखा का वर्ग = पास × दूर
दो छेदक (बाहर से)
PA⋅PB=PC⋅PD
पास × दूर, दोनों के बराबर
दो जीवाएँ (भीतर कटती)
EA⋅EB=EC⋅ED
टुकड़ा × टुकड़ा, दोनों के बराबर
केंद्र से दूरी d
d2−r2 / r2−d2
बाहर / भीतर के बिंदु का गुणनफल
तालिका के अक्षर:P = बाहरी बिंदु; PT = स्पर्श रेखा; A,B और C,D = छेदकों के कटान बिंदु (पहला अक्षर पास वाला); E = भीतर का वह बिंदु जहाँ जीवाएँ कटती हैं; r = त्रिज्या, d = केंद्र से बिंदु की दूरी। ध्यान रखिए: छेदक की लंबाई हमेशा P से दूर वाले बिंदु तक लीजिए (PB, जीवा AB नहीं)।
◭ चित्रभीतर कटती जीवाएँ: केसरिया टुकड़ों का गुणनफल a⋅b और गुलाबी टुकड़ों का c⋅d बराबर हैं।
पहचानपहचान: प्रश्न में “स्पर्श रेखा और छेदक”, “दो छेदक”, “जीवाएँ भीतर काटती हैं” या “वृत्त से गुजरता एक वृत्त B,C से जाकर AB, AC को काटे” → गुणनफल का नियम। सीधे-सीधे सबसे आम प्रश्न: तीन लंबाइयाँ दी हैं, चौथी निकालनी है।
बिंदु (P या E) चुनिए जहाँ रेखाएँ मिलती हैं और तय कीजिए कि वह वृत्त के बाहर है या भीतर।
हर रेखा के लिए: बाहर से पास×दूर (दूर = पूरी छेदक), भीतर से टुकड़ा×टुकड़ा। स्पर्श रेखा के लिए PT×PT।
दोनों गुणनफल बराबर लिखकर अज्ञात निकालिए; फिर देखिए कि जीवा माँगी है या पूरी छेदक।
◭ चित्रचित्र: दी गई माप के साथ।
उदाहरण 11 · आसान
बाहरी बिंदु P से स्पर्श रेखा PT और छेदक PAB खींचे गए। PA=4 सेमी और AB=5 सेमी हो तो PT कितना है?
हल, कदम-दर-कदम
1छेदक की पूरी लंबाई P से दूर वाले बिंदु B तक है: PB=PA+AB=4+5=9 सेमी।
2स्पर्श रेखा का वर्ग = पास × दूर: PT2=PA×PB=4×9=36।
3PT=36=6 सेमी।
उत्तर6 सेमी
सबसे आम गलती: 4×5=20 लेना। गुणा पूरे PB से होता है।
◭ चित्रचित्र: दी गई माप के साथ।
उदाहरण 12 · मध्यम
भीतर के बिंदु E पर दो जीवाएँ AB और CD कटती हैं। AE=6, EB=8 और CE=4 सेमी हैं। ED और पूरी जीवा CD ज्ञात कीजिए।
हल, कदम-दर-कदम
1भीतर कटती जीवाओं में टुकड़ों के गुणनफल बराबर होते हैं: AE⋅EB=CE⋅ED।
26×8=4×ED, यानी 48=4×ED और ED=12 सेमी।
3पूरी जीवा CD=CE+ED=4+12=16 सेमी। (जीवा AB=14 सेमी; CD व्यास से बड़ी नहीं हो सकती, यहाँ वृत्त का व्यास ≥16 ✓।)
उत्तरED=12 सेमी, CD=16 सेमी
टुकड़े आपस में गुणा होते हैं, पूरी जीवाएँ नहीं।
◭ चित्रचित्र: दी गई माप के साथ।
उदाहरण 13 · कठिन
केंद्र से 5 सेमी दूर एक बिंदु E वृत्त के भीतर है, वृत्त की त्रिज्या 13 सेमी है। E से होकर जाने वाली सबसे छोटी जीवा की लंबाई ज्ञात कीजिए, और E से होती एक जीवा का एक टुकड़ा 9 सेमी हो तो दूसरा टुकड़ा।
हल, कदम-दर-कदम
1E से होकर हर जीवा के दो टुकड़ों का गुणनफल एक ही होता है: r2−d2=169−25=144।
2सबसे छोटी जीवा OE पर लंब होती है और E पर आधी-आधी बँटती है, तो हर टुकड़ा x के लिए x⋅x=144, x=12 और जीवा =24 सेमी।
3जिस जीवा का एक टुकड़ा 9 है उसका दूसरा टुकड़ा 9144=16 सेमी (पूरी जीवा 25 सेमी, जो व्यास 26 से छोटी है ✓)।
उत्तरसबसे छोटी जीवा 24 सेमी; दूसरा टुकड़ा 16 सेमी
E से गुजरती सबसे बड़ी जीवा व्यास है (13+5=18 तथा 13−5=8 के टुकड़े, गुणनफल 144 ✓)।
◭ चित्रचित्र: दी गई माप के साथ।
उदाहरण 14 · कठिन
दो वृत्त A और B पर प्रतिच्छेद करते हैं। रेखा BA बढ़ाने पर उभयनिष्ठ स्पर्श रेखा PQ को M पर काटती है। MA=4 सेमी और AB=5 सेमी हो तो PQ ज्ञात कीजिए।
हल, कदम-दर-कदम
1M से पहले वृत्त पर स्पर्श रेखा MP और छेदक MAB है, इसलिए MP2=MA⋅MB। दूसरे वृत्त पर MQ2=MA⋅MB।
2इसलिए MP=MQ: साझा जीवा की रेखा उभयनिष्ठ स्पर्श रेखा को आधा-आधा बाँटती है।
3MB=4+5=9, MP2=4×9=36, MP=6 और PQ=2×6=12 सेमी।
उत्तर12 सेमी
यह तरकीब कई प्रश्नों में छिपी रहती है: “साझा जीवा बढ़ाने पर” देखते ही MP=MQ लिख दीजिए।
अभ्यास — स्वयं कीजिए
आसानपहले खुद करके देखें
बिंदु P से वृत्त पर स्पर्श रेखा PT और एक छेदक PAB खींचे गए (A पास वाला कटान बिंदु)। PA=9 सेमी और AB=7 सेमी हो तो PT (सेमी)?
आसानपहले खुद करके देखें
बाहरी बिंदु P से स्पर्श रेखा PT=12 सेमी है। P से जाती एक छेदक वृत्त को A (पास) और B (दूर) पर काटती है और PA=8 सेमी। जीवा AB कितनी लंबी है (सेमी)?
मध्यमपहले खुद करके देखें
बाहरी बिंदु P से दो छेदक खींचे गए: पहला वृत्त को A, B पर (PA=5, PB=12) और दूसरा C, D पर। PC=6 सेमी हो तो जीवा CD की लंबाई (सेमी)?
मध्यमपहले खुद करके देखें
एक वृत्त की जीवाएँ AB और CD भीतर बिंदु E पर कटती हैं। AE=9, EB=8 और CE=12 (सेमी) हो तो जीवा CD की लंबाई (सेमी)?
मध्यमपहले खुद करके देखें
8 सेमी त्रिज्या के वृत्त के केंद्र से 17 सेमी दूर बिंदु P से एक छेदक वृत्त को A (पास) और B (दूर) पर काटता है। PA=9 सेमी हो तो PB (सेमी)?
मध्यमपहले खुद करके देखें
10 सेमी त्रिज्या के वृत्त के भीतर केंद्र से 6 सेमी दूर बिंदु E से होकर एक जीवा खींची गई जो E पर 4 सेमी और बाकी टुकड़ों में बँटती है। दूसरा टुकड़ा (सेमी)?
मध्यमपहले खुद करके देखें
त्रिभुज ABC में AB=10 सेमी, AC=12 सेमी है। B और C से जाता एक वृत्त AB को D पर और AC को E पर काटता है। AD=6 सेमी हो तो AE (सेमी)?
कठिनपहले खुद करके देखें
दो वृत्त A और B पर प्रतिच्छेद करते हैं। रेखा BA बढ़ाने पर उभयनिष्ठ स्पर्श रेखा PQ को M पर काटती है। MA=9 सेमी और AB=16 सेमी हो तो स्पर्श रेखा खंड PQ (सेमी)?
आसानपहले खुद करके देखें
बिंदु P से वृत्त पर स्पर्श रेखा PT और एक छेदक PAB खींचे गए (A पास वाला कटान बिंदु)। PA=2 सेमी और AB=16 सेमी हो तो PT (सेमी)?
मध्यमपहले खुद करके देखें
बाहरी बिंदु P से स्पर्श रेखा PT=20 सेमी है। P से जाती एक छेदक वृत्त को A (पास) और B (दूर) पर काटती है और PA=10 सेमी। जीवा AB कितनी लंबी है (सेमी)?
मध्यमपहले खुद करके देखें
बाहरी बिंदु P से दो छेदक खींचे गए: पहला वृत्त को A, B पर (PA=4, PB=15) और दूसरा C, D पर। PC=5 सेमी हो तो जीवा CD की लंबाई (सेमी)?
आसानपहले खुद करके देखें
एक वृत्त की जीवाएँ AB और CD भीतर बिंदु E पर कटती हैं। AE=4, EB=9 और CE=6 (सेमी) हो तो जीवा CD की लंबाई (सेमी)?
कठिनपहले खुद करके देखें
26 सेमी त्रिज्या के वृत्त के भीतर केंद्र से 10 सेमी दूर बिंदु E से होकर एक जीवा खींची गई जो E पर 18 सेमी और बाकी टुकड़ों में बँटती है। दूसरा टुकड़ा (सेमी)?
कठिनपहले खुद करके देखें
दो वृत्त A और B पर प्रतिच्छेद करते हैं। रेखा BA बढ़ाने पर उभयनिष्ठ स्पर्श रेखा PQ को M पर काटती है। MA=1 सेमी और AB=8 सेमी हो तो स्पर्श रेखा खंड PQ (सेमी)?
एकांतर खंड प्रमेय
स्पर्श रेखा-जीवा कोण = विपरीत खंड का कोण
स्पर्श रेखा और जीवा के बीच का कोण विपरीत खंड के कोण के बराबर होता है — कोण वाले प्रश्नों की मुख्य कुंजी।
विचार
A पर स्पर्श रेखा खींचिए और A से एक जीवा AB खींचिए। जीवा वृत्त को दो खंडों में बाँटती है। स्पर्श रेखा और जीवा के बीच का कोण θ एक खंड की ओर पड़ता है; उसके विपरीत (एकांतर) खंड में जीवा AB पर कहीं भी बिंदु C लें तो ∠ACB=θ। चित्र में C को चाप पर घुमाइए: कोण कभी नहीं बदलता।
◭ चित्रचित्र: गुलाबी स्पर्श रेखा और नीली जीवा AB के बीच केसरिया कोण θ; बिंदु C बड़े चाप पर चलता है और हरी रेखाओं से बना ∠ACB हमेशा θ ही रहता है।
यह सच क्यों है?
त्रिज्या OA स्पर्श रेखा पर लंब है, इसलिए त्रिभुज OAB का कोण ∠OAB=90∘−θ। OA=OB से ∠OBA भी यही है, तो केंद्र पर ∠AOB=180∘−2(90∘−θ)=2θ। परिधि कोण केंद्रीय कोण का आधा होता है, इसलिए बड़े चाप पर कोई भी ∠ACB=θ। (छोटे चाप के बिंदु पर 180∘−θ आता है — चक्रीय चतुर्भुज।)
◭ चित्रस्थिर चित्र: स्पर्श रेखा-जीवा कोण θ, विपरीत खंड का कोण θ और केंद्र पर 2θ।∑ सूत्र
∠(tangent,AB)=∠ACB=21∠AOB
एकांतर खंड प्रमेय के तीनों रूप
∠(tangent,AB)
A पर स्पर्श रेखा और जीवा AB के बीच का कोण (चाप AB वाली ओर)
∠ACB
विपरीत खंड के चाप पर किसी बिंदु C से जीवा पर बना कोण
∠AOB
जीवा AB का केंद्रीय कोण
पहचानपहचान: चित्र में स्पर्श रेखा है और स्पर्श बिंदु से एक जीवा निकलती है, कोई कोण दिया है → तुरंत वही कोण जीवा के दूसरी ओर के बिंदु पर लिख दीजिए। स्पर्श रेखा समांतर हो या दोनों सिरों पर स्पर्श रेखाएँ हों तो समद्विबाहु त्रिभुज बनते हैं (PA=PB, ∠PAB=∠ACB)।
स्पर्श बिंदु A और वहाँ से निकलने वाली जीवा AB पहचानिए।
स्पर्श रेखा-जीवा कोण को दूसरी ओर के चाप के किसी बिंदु C पर ∠ACB के रूप में लिखिए (या 2× केंद्र पर)।
अब त्रिभुज का कोण-योग 180∘, सीधी रेखा 180∘ या चक्रीय चतुर्भुज से बाकी कोण निकालिए।
◭ चित्रचित्र: दी गई माप के साथ।
उदाहरण 15 · आसान
AT वृत्त की A पर स्पर्श रेखा है, AB जीवा है और ∠TAB=52∘। विपरीत खंड में ∠ACB और केंद्र पर ∠AOB बताइए।
हल, कदम-दर-कदम
1एकांतर खंड प्रमेय: विपरीत खंड का कोण स्पर्श रेखा-जीवा कोण के बराबर है, इसलिए ∠ACB=52∘।
2केंद्र पर कोण परिधि कोण का दोगुना है: ∠AOB=2×52∘=104∘।
उत्तर52∘ और 104∘
जाँच: त्रिज्या से ∠OAB=90∘−52∘=38∘, तो 38+38+104=180 ✓।
◭ चित्रचित्र: दी गई माप के साथ।
उदाहरण 16 · मध्यम
त्रिभुज ABC वृत्त में बना है। A पर स्पर्श रेखा SAT खींची गई है जिसमें ∠SAB=35∘ और ∠TAC=45∘। त्रिभुज के तीनों कोण ज्ञात कीजिए।
हल, कदम-दर-कदम
1जीवा AB और स्पर्श रेखा के बीच 35∘ है; विपरीत खंड का कोण ∠ACB=35∘।
2इसी तरह जीवा AC और स्पर्श रेखा के बीच 45∘ है, इसलिए ∠ABC=45∘।
3∠BAC=180∘−35∘−45∘=100∘। जाँच: A पर सीधी रेखा 35+100+45=180 ✓।
उत्तर∠A=100∘, ∠B=45∘, ∠C=35∘
स्पर्श रेखा के दोनों कोण त्रिभुज के दूसरे शीर्षों के कोण हैं: ∠SAB→C, ∠TAC→B (जीवा के सामने वाला)।
◭ चित्रचित्र: दी गई माप के साथ।
उदाहरण 17 · मध्यम
A और B पर वृत्त की स्पर्श रेखाएँ P पर मिलती हैं और ∠APB=70∘। बड़े चाप पर बिंदु C और छोटे चाप पर बिंदु D के लिए ∠ACB और ∠ADB ज्ञात कीजिए।
हल, कदम-दर-कदम
1PA=PB, इसलिए त्रिभुज PAB में ∠PAB=2180∘−70∘=55∘।
2∠PAB स्पर्श रेखा-जीवा कोण है, इसलिए बड़े चाप के विपरीत खंड में ∠ACB=55∘।
3छोटे चाप पर ACBD चक्रीय चतुर्भुज है: ∠ADB=180∘−55∘=125∘।
उत्तर55∘ और 125∘
पिछली विधि वाला उत्तर: 90∘−270∘=55∘ ✓ — दोनों रास्ते मिलते हैं।
◭ चित्रचित्र: दी गई माप के साथ।
उदाहरण 18 · कठिन
वृत्त पर A,B,C बिंदु हैं। A पर स्पर्श रेखा जीवा BC को बढ़ाने पर T पर मिलती है (C, B और T के बीच है)। ∠ATC=30∘ और ∠CAT=50∘ हो तो ∠ACB और ∠BOC ज्ञात कीजिए।
हल, कदम-दर-कदम
1जीवा AC और स्पर्श रेखा के बीच कोण ∠CAT=50∘, इसलिए एकांतर खंड से ∠ABC=50∘।
2त्रिभुज ABT में ∠BAT=180∘−50∘−30∘=100∘, और इसमें से ∠CAT=50∘ हटाने पर ∠BAC=50∘।
3त्रिभुज ABC में ∠ACB=180∘−50∘−50∘=80∘, और केंद्रीय कोण ∠BOC=2×∠BAC=100∘।
उत्तर∠ACB=80∘, ∠BOC=100∘
क्रम याद रखिए: एकांतर खंड → त्रिभुज का कोण-योग → केंद्रीय कोण।
अभ्यास — स्वयं कीजिए
आसानपहले खुद करके देखें
AT वृत्त की A पर स्पर्श रेखा है और AB जीवा है। ∠TAB=38∘ है और C विपरीत खंड के चाप पर बिंदु है। ∠ACB ज्ञात कीजिए।
आसानपहले खुद करके देखें
PQ वृत्त की A पर स्पर्श रेखा है, AB जीवा है और ∠PAB=41∘। केंद्र O पर ∠AOB कितना है?
आसानपहले खुद करके देखें
वृत्त के एक चाप AB का माप 130∘ है। A पर स्पर्श रेखा और जीवा AB के बीच चाप AB वाली ओर का कोण कितना है?
मध्यमपहले खुद करके देखें
वृत्त पर त्रिभुज ABC बना है। A पर स्पर्श रेखा SAT के साथ ∠SAB=28∘ और ∠TAC=64∘ है। ∠BAC ज्ञात कीजिए।
मध्यमपहले खुद करके देखें
त्रिभुज ABC के परिवृत्त की A पर स्पर्श रेखा BC के समांतर है और ∠BAC=40∘। ∠ABC ज्ञात कीजिए।
कठिनपहले खुद करके देखें
वृत्त पर बिंदु A,B,C हैं। A पर स्पर्श रेखा बढ़ाई हुई जीवा BC को T पर मिलती है (C बीच में है)। ∠ATC=34∘ और ∠CAT=46∘ हो तो केंद्रीय कोण ∠BOC ज्ञात कीजिए।
◭ चित्र
मध्यमपहले खुद करके देखें
वृत्त पर त्रिभुज ABC बना है। A पर स्पर्श रेखा SAT के साथ ∠SAB=52∘ और ∠TAC=71∘ है। ∠BAC ज्ञात कीजिए।
आसानपहले खुद करके देखें
AT वृत्त की A पर स्पर्श रेखा है और AB जीवा है। ∠TAB=64∘ है और C विपरीत खंड के चाप पर बिंदु है। ∠ACB ज्ञात कीजिए।
मध्यमपहले खुद करके देखें
PQ वृत्त की A पर स्पर्श रेखा है, AB जीवा है और ∠PAB=33∘। केंद्र O पर ∠AOB कितना है?
मध्यमपहले खुद करके देखें
वृत्त के एक चाप AB का माप 98∘ है। A पर स्पर्श रेखा और जीवा AB के बीच चाप AB वाली ओर का कोण कितना है?
मध्यमपहले खुद करके देखें
त्रिभुज ABC के परिवृत्त की A पर स्पर्श रेखा BC के समांतर है और ∠BAC=64∘। ∠ABC ज्ञात कीजिए।
◭ चित्र
कठिनपहले खुद करके देखें
वृत्त पर बिंदु A,B,C हैं। A पर स्पर्श रेखा बढ़ाई हुई जीवा BC को T पर मिलती है (C बीच में है)। ∠ATC=24∘ और ∠CAT=38∘ हो तो केंद्रीय कोण ∠BOC ज्ञात कीजिए।
2
आकृतियों के अंदर वृत्त
अंतःवृत्त · परिवृत्त · क्षेत्रक
चतुर्भुज, त्रिभुज और क्षेत्रक के अंदर बने वृत्त: अंतःत्रिज्या, परित्रिज्या, बहिर्वृत्त और यूलर संबंध।
स्पर्शी चतुर्भुज
AB+CD=BC+DA
वह चतुर्भुज जिसकी चारों भुजाओं को एक वृत्त छूता है: सामने की भुजाओं के योग का नियम और समलंब के रूप।
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