सापेक्ष वेग और सापेक्ष चाल
चाल · वेग · सापेक्ष गति — गणित और भौतिकी साथ-साथ
चलती ट्रेन में आपके पास बैठा यात्री आपको रुका हुआ दिखता है, पर प्लेटफ़ॉर्म पर खड़े आदमी को वही यात्री 60 किमी/घंटा से भागता दिखता है। दोनों सही हैं। गति हमेशा किसी देखने वाले के सापेक्ष होती है — इसी विचार को सापेक्ष वेग (या सीधी रेखा में सापेक्ष चाल) कहते हैं।
परीक्षाओं की “Basic Science and Mathematics” में चाल, वेग और सापेक्ष वेग गणित और भौतिकी दोनों में आते हैं। इसलिए यह चैप्टर दोनों को जोड़ता है: पहले चाल-वेग-त्वरण की भौतिकी, फिर सीधी रेखा के सापेक्ष चाल के सवाल (जो गणित में समय-चाल-दूरी में आते हैं), फिर दो आयामों के सवाल (नाव-नदी, विमान-हवा, बारिश-छाता), और अंत में निर्देश तंत्र का विचार।
| भाग | क्या सीखेंगे | मुख्य सूत्र / विचार |
|---|---|---|
| 1. गति की नींव | दूरी-विस्थापन, चाल-वेग, इकाइयाँ, ग्राफ़, समीकरण, मुक्त पतन | , |
| 2. सीधी रेखा | मिलना, पीछा, चलती सीढ़ी, कुत्ता-चिड़िया | एक दिशा: घटाओ; आमने-सामने: जोड़ो |
| 3. गोल रास्ता | चक्कर, -वाँ मिलन, घड़ी की सुइयाँ, आगे-पीछे का रास्ता | चक्कर की लंबाई ÷ सापेक्ष चाल |
| 4. दो आयाम | सदिश घटाव, नाव-नदी, विमान-हवा, बारिश-छाता, निकटतम दूरी | |
| 5. त्वरण के साथ | आगे निकलना, ब्रेक लगाना, चलती गाड़ी से गिरी चीज़ | |
| 6. भौतिकी से जोड़ | निर्देश तंत्र, जड़त्वीय तंत्र, गैलीलियो का योग |
यहाँ: = आरंभिक वेग, = अंतिम वेग, = त्वरण, = विस्थापन, = समय; = के सापेक्ष का वेग; = धरती के सापेक्ष वेग।
भाग 1 — गति की नींव
सापेक्ष वेग समझने से पहले चाल, वेग और त्वरण की पक्की समझ।
सापेक्ष वेग में हम दो गतियों की तुलना करते हैं। तुलना तभी सही होगी जब हर गति की अपनी परिभाषा, इकाई और दिशा साफ़ हो। इस भाग में यही नींव बनती है।
दूरी, विस्थापन, चाल और वेग
रास्ते की लंबाई और सीधी दूरी का फ़र्क़, चाल और वेग का फ़र्क़, औसत चाल और औसत वेग।
विचार
दो शब्द ध्यान से समझिए। दूरी वह है जो आपके पैरों ने (या गाड़ी के पहियों ने) असल में तय की — रास्ते की पूरी लंबाई। विस्थापन वह है जो शुरू के बिंदु से अंत के बिंदु तक सीधी रेखा में दिशा के साथ बताया जाता है। मान लीजिए आप घर से 3 किमी पूर्व गए और फिर 4 किमी उत्तर: दूरी 7 किमी है, पर घर से सीधी दूरी (विस्थापन) केवल 5 किमी है।
जिस राशि में केवल मान होता है (दूरी, चाल, समय) उसे अदिश कहते हैं। जिसमें मान और दिशा दोनों होते हैं (विस्थापन, वेग, त्वरण) उसे सदिश कहते हैं। इसी से चाल और वेग अलग हो जाते हैं:
| राशि | परिभाषा | प्रकार | कभी शून्य या ऋण? |
|---|---|---|---|
| दूरी | रास्ते की कुल लंबाई | अदिश | कभी ऋण नहीं, कभी घटती नहीं |
| विस्थापन | शुरू से अंत तक सीधा तीर | सदिश | शून्य या ऋण हो सकता है |
| चाल | दूरी ÷ समय | अदिश | ऋण नहीं |
| वेग | विस्थापन ÷ समय | सदिश | शून्य या ऋण हो सकता है |
- औसत वेग (किमी/घंटा या मी/से, दिशा सहित)
- पूरे रास्ते की लंबाई (किमी या मी)
- शुरू से अंत का सीधा अंतर (किमी या मी)
- पूरी यात्रा का समय, रुकने का समय भी जोड़कर
कदम
- हर हिस्से की लंबाई जोड़कर कुल दूरी निकालिए।
- शुरू और अंत को सीधी रेखा से जोड़कर विस्थापन निकालिए — एक सीध में हो तो जोड़-घटाव (दिशा के चिह्न के साथ), समकोण हो तो पाइथागोरस।
- समय को सही इकाई में बदलिए (घंटा या सेकंड)।
- औसत चाल दूरी ÷ समय; औसत वेग विस्थापन ÷ समय।
हल किए उदाहरण
- 1दूरी रास्ते की कुल लंबाई है, दिशा चाहे कुछ भी हो: 6 + 8 = 14 किमी।
- 2विस्थापन शुरू से अंत तक की सीधी रेखा है। पूर्व और उत्तर के रास्ते समकोण बनाते हैं, इसलिए पाइथागोरस से किमी।
- 3चालें किमी/घंटा में चाहिए, इसलिए समय घंटे में लिखिए: 30 मिनट घंटे।
- 4औसत चाल किमी/घंटा।
- 5औसत वेग किमी/घंटा (दिशा: उत्तर-पूर्व की ओर)।
- 1एक चक्कर की लंबाई मी है। 1 पूरा चक्कर में दूरी मी।
- 2पूरे चक्कर लगाकर वह उसी बिंदु पर लौट आता है, इसलिए शुरू और अंत की स्थिति एक ही है: विस्थापन 0।
- 3समय 40 सेकंड है, इसलिए चाल मी/से में आएगी।
- 4औसत चाल मी/से।
- 5औसत वेग मी/से।
अभ्यास (अपने आप करके देखिए)
इकाइयाँ, बदलना और एक-सी / असमान गति
चाल की इकाइयाँ और उन्हें बदलना; एकसमान और असमान गति में फ़र्क़।
विचार
चाल का मतलब है एक इकाई समय में तय दूरी। इसलिए इकाई हमेशा “दूरी की इकाई ÷ समय की इकाई” होती है: किमी/घंटा, मी/से, मी/मिनट। सवाल में दूरी किमी में और समय सेकंड में हो तो पहले एक इकाई में लाना ज़रूरी है — यही सबसे आम चूक है।
| से | में | गुणक | उदाहरण |
|---|---|---|---|
| किमी/घंटा | मी/से | ||
| मी/से | किमी/घंटा | ||
| मी/मिनट | किमी/घंटा | ||
| किमी/घंटा | मी/मिनट | ||
| मी/से | मी/मिनट | 60 | |
| नॉट (समुद्री मील/घंटा) | किमी/घंटा | 1.852 |
यहाँ: गुणक वह संख्या है जिससे पुरानी इकाई की संख्या को गुणा करके नई इकाई की संख्या मिलती है। 1 समुद्री मील मी; 1 (ज़मीनी) मील किमी, इसलिए 1 मील/घंटा मी/से।
एकसमान गति में वस्तु बराबर समय में बराबर दूरी तय करती है (चाल स्थिर)। असमान गति में बराबर समय में दूरियाँ अलग-अलग होती हैं (चाल बदलती है)। रोज़ की यात्राएँ लगभग हमेशा असमान होती हैं, इसलिए हम औसत चाल = कुल दूरी ÷ कुल समय लेते हैं।
- चाल (किमी/घंटा या मी/से)
- तय दूरी (किमी या मी)
- लगा समय (घंटे या सेकंड)
कदम
- दूरी, समय और चाल की इकाइयाँ लिखिए और देखिए कि मेल खाती हैं या नहीं।
- मेल न खाएँ तो ऊपर की सारणी का गुणक लगाइए (जवाब बड़ा आना चाहिए या छोटा, यह पहले सोच लीजिए)।
- अब सूत्र लगाइए।
- जवाब माँगी गई इकाई में दीजिए।
हल किए उदाहरण
- 1उल्टी दिशा में चलने के लिए का उल्टा लगाते हैं (1 मी/से किमी/घंटा)।
- 215 किमी/घंटा।
- 1हर अंतराल में चाल : , , , मी/से। चाल बदल रही है, इसलिए गति असमान है।
- 2कुल दूरी मी, कुल समय सेकंड।
- 3औसत चाल मी/से।
अभ्यास (अपने आप करके देखिए)
गति के ग्राफ़
दूरी–समय और चाल–समय ग्राफ़ पढ़ना।
विचार
ग्राफ़ में गति को तस्वीर की तरह पढ़ा जाता है। दूरी–समय ग्राफ़ में आड़ी धुरी पर समय और खड़ी धुरी पर दूरी होती है। रेखा जितनी तिरछी (खड़ी) होगी, चाल उतनी ज़्यादा; रेखा क्षैतिज हो तो वस्तु रुकी है।
| ग्राफ़ का आकार | दूरी–समय ग्राफ़ में अर्थ | चाल–समय ग्राफ़ में अर्थ |
|---|---|---|
| क्षैतिज रेखा | रुका हुआ (चाल 0) | एकसमान चाल |
| सीधी तिरछी रेखा | एकसमान चाल; ढलान = चाल | एकसमान त्वरण; ढलान = त्वरण |
| ऊपर की ओर मुड़ा वक्र | चाल बढ़ रही है (त्वरण) | त्वरण बढ़ रहा है |
| नीचे गिरती रेखा | स्थिति घट रही है (वापसी) | चाल घट रही है (मंदन) |
| रेखा के नीचे का क्षेत्रफल | कुछ नहीं बताता | तय की गई दूरी |
- दूरी में बदलाव (किमी या मी)
- समय में बदलाव (घंटे या सेकंड)
- त्वरण (मी/से²)
- चाल में बदलाव (मी/से)
कदम
- ग्राफ़ के दो सिरों के बिंदु (समय, दूरी) पढ़िए।
- चाल निकालनी हो तो ÷ (घंटे में) लीजिए; दूरी निकालनी हो (चाल–समय ग्राफ़) तो क्षेत्रफल, आकृति को आयत और त्रिभुजों में बाँटकर।
- औसत चाल के लिए कुल दूरी ÷ कुल समय (रुकना भी गिनकर)।
हल किए उदाहरण
- 1ढलान ही चाल है। (समय को घंटे में लेकर)
- 2खंड 3: 60 मिनट में 60 किमी किमी/घंटा
- 1चाल मी/से में: 72 मी/से, क्योंकि समय सेकंड में है।
- 2तीनों भागों का क्षेत्रफल: , , मी।
- 3कुल दूरी मी, कुल समय सेकंड, औसत चाल मी/से।
- 4किमी/घंटा में: किमी/घंटा।
अभ्यास (अपने आप करके देखिए)
त्वरण और गति के तीन समीकरण
त्वरण, मंदन, चिह्न का नियम और तीनों समीकरण।
विचार
जब चाल बदलती है तो गति त्वरित होती है। त्वरण बताता है कि हर सेकंड चाल (वेग) कितनी बदलती है। 2 मी/से² का मतलब: हर सेकंड वेग 2 मी/से बढ़ता है। जब वेग घट रहा हो तो वही राशि ऋण होती है और उसे मंदन (retardation) कहते हैं। त्वरण भी सदिश है; सीधी रेखा में उसकी दिशा चिह्न से बताई जाती है।
- त्वरण (मी/से²)
- आरंभिक वेग (मी/से)
- अंतिम वेग (मी/से)
- समय (सेकंड)
अगर त्वरण स्थिर है तो तीन समीकरण चलते हैं। इनके चार “बदले हुए रूप” भी याद रखिए। चिह्न का नियम: शुरू की गति की दिशा को धन मानिए। तब मंदन में ऋण रखिए; रुकने पर ।
- विस्थापन (मी)
- आरंभिक वेग (मी/से)
- अंतिम वेग (मी/से)
- त्वरण (मी/से²); मंदन में ऋण
- समय (सेकंड)
| समीकरण | इसमें नहीं है | कब चुनें |
|---|---|---|
| दूरी की बात नहीं | ||
| अंतिम चाल की बात नहीं | ||
| समय की बात नहीं | ||
| त्वरण की बात नहीं | ||
| केवल -वें सेकंड की दूरी |
कदम
- सब राशियाँ SI इकाई में लिखिए (किमी/घंटा को मी/से में बदलकर)।
- दिशा चुनिए: गति की दिशा धन; मंदन का ऋण।
- जो राशि न दी है न पूछी है उसे पहचानकर सही समीकरण चुनिए।
- हल करके इकाई के साथ उत्तर लिखिए और जाँचिए कि वह उचित है।
हल किए उदाहरण
- 1गति की दिशा को धन मानिए: , और सब धन हैं।
- 2 लगाने पर मी/से। (चाल हर सेकंड 2 मी/से बढ़ती है, 8 सेकंड में 16 बढ़ी।)
- 3 से मी। पहला पद चाल पर चलने की दूरी है, दूसरा बढ़ती चाल से मिली अतिरिक्त दूरी।
- 1समय सेकंड में है, इसलिए चाल मी/से में: 72 मी/से।
- 2रुकने पर अंतिम चाल और मंदन का चिह्न ऋण: । से , इसलिए मी।
- 3 से , इसलिए सेकंड।
- 1 सेकंड की दूरी में से सेकंड की दूरी घटाइए। 7 सेकंड में: मी।
- 26 सेकंड में: मी। अंतर मी।
- 3सीधा सूत्र: मी।
अभ्यास (अपने आप करके देखिए)
मुक्त पतन और ऊपर फेंकना
सिर्फ़ गुरुत्व के असर में गति: गिरना, ऊपर फेंकना, -वाँ सेकंड।
विचार
जब कोई वस्तु केवल गुरुत्व के असर में गति करती है (हवा का प्रतिरोध नहीं गिना जाता) तो उसे मुक्त पतन कहते हैं। पृथ्वी के पास हर वस्तु — हल्की या भारी — का त्वरण एक ही होता है: गुरुत्वीय त्वरण मी/से² नीचे की ओर (परीक्षा में अक्सर 10 लिया जाता है)। इसलिए ये वही तीन समीकरण हैं जिनमें रखना है।
| स्थिति | सूत्र | |
|---|---|---|
| ऊँचाई से छोड़ना | 0 | |
| सीधा ऊपर फेंकना | ||
| सेकंड बाद (ऊपर धन) | ||
| ठहरी अवस्था से -वाँ सेकंड | 0 |
यहाँ: = ऊँचाई जहाँ से छोड़ा, = अधिकतम ऊँचाई, = कुल उड़ान का समय, = ऊपर चढ़ने का समय, = फेंकने की चाल, = उस क्षण की चाल।
कदम
- दिशा चुनिए (ऊपर धन या नीचे धन) और तय कीजिए।
- पहचानिए: छोड़ने पर 0, फेंकने पर दी गई चाल; सबसे ऊँचे बिंदु पर ।
- गति के समीकरणों में से सही चुनकर हल कीजिए।
हल किए उदाहरण
- 1छोड़ने पर आरंभिक वेग ; नीचे की दिशा धन लीजिए, । से सेकंड।
- 2टकराने की चाल मी/से। (जाँच: ।)
- 1 के साथ मी।
- 2जाँच: 4 सेकंड में , 3 सेकंड में ; अंतर मी।
अभ्यास (अपने आप करके देखिए)
भाग 2 — सीधी रेखा में सापेक्ष चाल
जब सारी गतियाँ एक ही सीधी रेखा पर हों: सापेक्ष चाल या तो जुड़ती है या घटती है।
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पास लेने पर इस अध्याय के सारे उदाहरण, अभ्यास प्रश्न और हल खुल जाएँगे।
सापेक्ष चाल: जोड़ और घटाव
दो चलती चीज़ों की सापेक्ष चाल, दूरी का बढ़ना-घटना और लंबाई वाली चीज़ों का पार करना।
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दो जगहों से चलकर मिलना
दो स्थानों से एक साथ या अलग-अलग समय पर चलकर मिलना।
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बढ़त और पीछा करना
जब एक वस्तु पहले चल पड़े और दूसरी तेज़ चलकर उसे पकड़े।
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चलती पट्टी, सीढ़ी और ट्रेन के भीतर चलना
जब कोई चलने वाली चीज़ पर चले: दो वेग जुड़ते हैं।
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चिड़िया, कुत्ता और संदेशवाहक: आगे-पीछे दौड़ना
आगे-पीछे दौड़ने वाले की दूरी: समय एक बार निकालिए।
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भाग 3 — गोल रास्ता और घड़ी की सुइयाँ
जब रास्ता गोल हो: दूरी चक्कर की लंबाई है और चक्कर बार-बार दोहराते हैं।
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गोल रास्ते पर पहला मिलन
एक ही या विपरीत दिशा में दौड़ते दो धावकों का पहला मिलन।
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-वाँ मिलन, शुरुआती बिंदु पर मिलन और मिलन-बिंदु
गोल रास्ते पर बार-बार मिलना: कब, कहाँ और कितनी बार।
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घड़ी की सुइयाँ: गोल रास्ते की दौड़
दो सुइयाँ एक गोल रास्ते पर एक ही दिशा में दौड़ते धावक हैं।
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भाग 4 — दो आयामों में सापेक्ष वेग
जब गतियाँ अलग-अलग दिशाओं में हों: दिशा भी सापेक्ष वेग का हिस्सा बन जाती है।
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वेग एक सदिश है: सदिश घटाव
सदिश घटक, का के सापेक्ष वेग, परिमाण और दिशा।
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समकोण पर चलती चीज़ें: दूरी का बढ़ना
एक ही बिंदु से पूर्व और उत्तर जैसी लंबवत दिशाओं में चलने वाले दो पिंड।
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तिरछे वेग: कोज्या नियम
जब दो वेगों के बीच 90° के अलावा कोई कोण हो।
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नाव और नदी: सबसे कम समय और सबसे छोटा रास्ता
नदी पार करने में पानी के सापेक्ष और किनारे के सापेक्ष वेग।
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विमान और हवा
विमान हवा में उड़ता है और हवा ख़ुद चलती है: दोनों के वेग जुड़ते हैं।
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बारिश और छाता
चलते आदमी या ट्रेन को बारिश तिरछी क्यों दिखती है।
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निकटतम दूरी और टक्कर
दो चलते पिंड कितने पास आएँगे: सापेक्ष पथ पर लंब।
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भाग 5 — त्वरण के साथ सापेक्ष गति
जब चाल स्थिर नहीं: सापेक्ष वेग और सापेक्ष त्वरण भी समय के साथ बदलते हैं।
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त्वरण वाली गाड़ी का आगे निकलना
ठहरी या तेज़ होती गाड़ी का स्थिर चाल वाली गाड़ी को पकड़ना।
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ब्रेक लगाना और टक्कर से बचना
पीछे की गाड़ी का ब्रेक: सापेक्ष चाल को शून्य करने की दूरी।
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चलते वाहन से गिरती चीज़ें
विमान से पैकेट और ट्रेन में उछली गेंद: दो तंत्रों से दो अलग तस्वीरें।
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भाग 6 — भौतिकी से जोड़: निर्देश तंत्र
सापेक्ष वेग का भौतिकी वाला आधार।
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निर्देश तंत्र और गैलीलियो का वेग-योग
हम गति नापते किसके सापेक्ष हैं? जड़त्वीय तंत्र और वेगों का जुड़ना।
यह भाग All Access में शामिल है।
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सार, मिश्रित अभ्यास, दोहराव
सभी सूत्रों की एक सारणी, परीक्षा जैसे मिले-जुले प्रश्न और दोहराव।
सभी सूत्रों का सार
प्रश्न पढ़ते ही सूत्र चुनने के लिए एक पन्ना।
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मिश्रित अभ्यास — सेट 1
सब विषय मिले-जुले; पहले विधि पहचानिए, फिर हल कीजिए।
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मिश्रित अभ्यास — सेट 2
परीक्षा के कठिन छोर के मिले-जुले प्रश्न।
यह भाग All Access में शामिल है।
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दोहराव — कार्ड और जाल
हर कार्ड का प्रश्न पढ़कर पहले ख़ुद सोचिए, फिर पलटिए।
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