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साझेदारी: विशेष स्थितियाँ

SSC CGL · CHSL · CPO — विधि-दर-विधि

3 भाग14 हल किए उदाहरण31 अभ्यास प्रश्न

पिछले चैप्टर साझेदारी में हमने सीखा कि लाभ पूँजी × समय के अनुपात में बँटता है। इस चैप्टर में वे प्रश्न हैं जहाँ साझेदारी-विलेख की कोई अतिरिक्त शर्त है: कोई साझेदार काम के बदले वेतन या कमीशन पाता है, लाभ का कुछ भाग पहले बराबर बँटता है या अलग रखा जाता है, बीच में कोई नया साझेदार आता है, व्यवसाय में हानि होती है, कई वर्षों का लाभ-हानि अलग-अलग दिया होता है, या पूँजी पर ब्याज पहले चुकाया जाता है।

∑ सूत्र
हर विशेष स्थिति का ढाँचा
वेतन, कमीशन, बराबर का टुकड़ा या ब्याज — जो पहले अलग हो जाए
उसके बाद बचा लाभ
साझेदार का पूँजी × समय
सब साझेदारों के पूँजी × समय का योग
ढाँचाहर प्रश्न में एक ही क्रम: (1) शर्त वाली रक़म अलग कीजिए, (2) बचा लाभ पूँजी × समय से बाँटिए, (3) जिसे जो-जो मिला, जोड़ लीजिए। पहले चैप्टर की विधियाँ (जुड़ना, छोड़ना, पूँजी बदलना) यहाँ भी वैसी ही चलती हैं।
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अलग-अलग तरह के साझेदार और बँटवारे के नियम

वेतन · बराबर बँटवारा · नया साझेदार

कार्यशील और निष्क्रिय साझेदार, लाभ के बँटवारे के विशेष नियम, और नए साझेदार का त्याग।

अब तक लाभ केवल पूँजी × समय से बँटा। असली साझेदारी-विलेख (deed) में और शर्तें भी होती हैं: कोई साझेदार काम करता है और उसे वेतन मिलता है; कुछ लाभ पहले बराबर बाँटा या अलग रख दिया जाता है; या कोई नया साझेदार बाद में आता है। हर शर्त में तरकीब एक ही है: पहले शर्त वाली रक़म अलग कीजिए, फिर बची रक़म पूँजी × समय से बाँटिए।

कार्यशील और निष्क्रिय साझेदार

वेतन/शुल्क पहले, बाकी पूँजी से

कार्यशील साझेदार को लाभ में से पहले वेतन या कमीशन मिलता है; बचा लाभ सब में पूँजी × समय से बँटता है।

विचार

निष्क्रिय (सोने वाला) साझेदार केवल पैसा लगाता है। कार्यशील साझेदार पैसा भी लगाता है और व्यवसाय चलाने की मेहनत भी करता है, इसलिए उसे मेहनत का पारिश्रमिक अलग से मिलता है — या तो लाभ का कुछ प्रतिशत (कमीशन/प्रबंध-शुल्क), या हर माह का तय वेतन। यह रक़म लाभ में से पहले निकलती है। जो बचता है उसे सबमें (कार्यशील सहित) पूँजी × समय के अनुपात में बाँटा जाता है।

∑ सूत्र
कार्यशील साझेदार को कुल
कुल लाभ का तय प्रतिशत, या वेतन × माह
शुल्क निकालने के बाद का लाभ (कुल लाभ − शुल्क), जो पूँजी × समय से बँटता है

संख्याएँ आसान करने की चाल: कुल लाभ को ऐसी सुविधाजनक संख्या की “इकाइयाँ” मान लीजिए जिससे प्रतिशत और सारे हिस्से पूर्ण संख्या बनें (जैसे 10% और 12 भाग के लिए 40 इकाई)। फिर सारे हिसाब इकाइयों में कीजिए और अंत में एक इकाई के रुपये से गुणा कीजिए।

जालदो ग़लतियाँ: (1) शुल्क को बचे लाभ का प्रतिशत मान लेना — यहाँ यह कुल लाभ का है। (2) कार्यशील साझेदार की पूँजी को अनुपात से निकाल देना — उसकी पूँजी भी गिनी जाती है।

कदम

  1. कार्यशील साझेदार का शुल्क/वेतन कुल लाभ में से निकालिए (प्रतिशत हो तो सुविधाजनक इकाइयाँ मानिए)।
  2. बचा लाभ = कुल − शुल्क।
  3. बचे लाभ को पूँजी × समय के अनुपात में बाँटिए (सब साझेदारों में)।
  4. कार्यशील साझेदार का कुल = शुल्क + उसका हिस्सा।
उदाहरण 1 · आसान
एक साइकिल कार्यशाला में दो साझेदार हैं। A और B ने क्रमशः ₹60,000 और ₹40,000 लगाए। A कार्यशील (working) साझेदार है और व्यवसाय चलाने के बदले उसे पहले कुल लाभ का 15% मिलता है; B निष्क्रिय (sleeping) साझेदार हैं। बचा हुआ लाभ सबमें (पूँजी के अनुपात में) बँटता है। कुल लाभ ₹60,000 है। A को कुल कितना मिलेगा?
हल, कदम-दर-कदम
  1. 1कुल लाभ को 100 इकाई मान लेते हैं — ऐसी संख्या जिससे 15% और सब हिस्से पूर्ण संख्या में आएँ (15% का हर 20 और कुल भाग 5 दोनों पर ध्यान रखिए)।
  2. 2कार्यशील साझेदार का शुल्क = 100 का 15% = 15 इकाई; बचा लाभ = 100 − 15 = 85 इकाई।
  3. 3बचे 85 इकाई को 3 : 2 (कुल 5 भाग) में बाँटने पर: A 85 × 3/5 = 51; B 85 × 2/5 = 34।
  4. 4A को कुल = 15 + 51 = 66 इकाई; B को 34 इकाई।
  5. 5A को कुल = 66 इकाई × 600 = ₹39,600 (1 इकाई = 60,000 ÷ 100 = 600)।
उत्तर ₹39,600
कार्यशील साझेदार A को कुल = शुल्क + पूँजी वाला हिस्सा; B को केवल पूँजी वाला हिस्सा।
उदाहरण 2 · मध्यम
तीन साझेदार मिलकर एक कोचिंग केंद्र चलाते हैं। ईशा, हरप्रीत और किरण ने क्रमशः ₹45,000, ₹30,000 और ₹25,000 लगाए। हरप्रीत कार्यशील साझेदार है और उसे हर माह ₹2,500 वेतन लाभ में से पहले मिलता है; ईशा और किरण निष्क्रिय साझेदार हैं। बचा लाभ सबमें (पूँजी के अनुपात में) बँटता है। कुल लाभ ₹54,000 है। ईशा को कितना मिलेगा?
हल, कदम-दर-कदम
  1. 112 माह का वेतन = 2,500 × 12 = ₹30,000; यह रक़म पहले निकल जाती है।
  2. 2बचा लाभ = 54,000 − 30,000 = ₹24,000; इसे 9 : 6 : 5 (कुल 20 भाग) में बाँटते हैं: 1 भाग = 24,000 ÷ 20 = ₹1,200।
  3. 3ईशा का हिस्सा = 9 भाग × 1,200 = ₹10,800।
उत्तर ₹10,800
वेतन तय रक़म है, इसलिए पहले ही घटा दी: ₹30,000।
उदाहरण 3 · मध्यम
तीन साझेदारों की एक कपड़े की दुकान है। जया, मंजू और पूजा ने क्रमशः ₹20,000, ₹50,000 और ₹30,000 लगाए। पूजा कार्यशील (working) साझेदार है और व्यवसाय चलाने के बदले उसे पहले कुल लाभ का 8% मिलता है; जया और मंजू निष्क्रिय (sleeping) साझेदार हैं। बचा हुआ लाभ सबमें (पूँजी के अनुपात में) बँटता है। पूजा को कुल ₹35,600 मिलते हैं। कुल लाभ कितना है?
हल, कदम-दर-कदम
  1. 1कुल लाभ को 250 इकाई मान लेते हैं — ऐसी संख्या जिससे 8% और सब हिस्से पूर्ण संख्या में आएँ (8% का हर 25 और कुल भाग 10 दोनों पर ध्यान रखिए)।
  2. 2कार्यशील साझेदार का शुल्क = 250 का 8% = 20 इकाई; बचा लाभ = 250 − 20 = 230 इकाई।
  3. 3बचे 230 इकाई को 2 : 5 : 3 (कुल 10 भाग) में बाँटने पर: जया 230 × 2/10 = 46; मंजू 230 × 5/10 = 115; पूजा 230 × 3/10 = 69।
  4. 4पूजा को कुल = 20 + 69 = 89 इकाई; जया को 46, मंजू को 115 इकाई।
  5. 5पूजा के 89 इकाई = ₹35,600 ⟹ 1 इकाई = 35,600 ÷ 89 = ₹400।
  6. 6कुल लाभ = 250 इकाई = 250 × 400 = ₹1,00,000।
उत्तर ₹1,00,000
कार्यशील साझेदार का कुल पता है, कुल लाभ पूछा है: उसके इकाई-हिस्से से 1 इकाई निकालिए।
उदाहरण 4 · कठिन
एक जूस सेंटर में दो साझेदार हैं। A और B ने क्रमशः ₹32,000 और ₹24,000 लगाए, और वे क्रमशः 12 और 9 माह व्यवसाय में रहे। B कार्यशील (working) साझेदार है और व्यवसाय चलाने के बदले उसे पहले कुल लाभ का 10% मिलता है; A निष्क्रिय (sleeping) साझेदार हैं। बचा हुआ लाभ सबमें (पूँजी × समय के अनुपात में) बँटता है। A को B से ₹13,680 अधिक मिलते हैं। कुल लाभ कितना है?
हल, कदम-दर-कदम
  1. 1कुल लाभ को 250 इकाई मान लेते हैं — ऐसी संख्या जिससे 10% और सब हिस्से पूर्ण संख्या में आएँ (10% का हर 10 और कुल भाग 25 दोनों पर ध्यान रखिए)।
  2. 2कार्यशील साझेदार का शुल्क = 250 का 10% = 25 इकाई; बचा लाभ = 250 − 25 = 225 इकाई।
  3. 3बचे 225 इकाई को 16 : 9 (कुल 25 भाग) में बाँटने पर: A 225 × 16/25 = 144; B 225 × 9/25 = 81।
  4. 4B को कुल = 25 + 81 = 106 इकाई; A को 144 इकाई।
  5. 5A के 144 इकाई और B के 106 इकाई हैं; अंतर = 38 इकाई = ₹13,680, इसलिए 1 इकाई = 13,680 ÷ 38 = ₹360।
  6. 6कुल लाभ = 250 इकाई = 250 × 360 = ₹90,000।
उत्तर ₹90,000
यहाँ समय भी अलग-अलग है, इसलिए बचा लाभ पूँजी × समय के अनुपात में बँटा।
उदाहरण 5 · कठिन
दो साझेदार मिलकर एक फोटो स्टूडियो चलाते हैं। व्यवसाय एक वर्ष चला। A ने ₹40,000 लगाकर शुरुआत की। B ने 4 माह बाद ₹30,000 लगाकर साझेदारी की। A कार्यशील (working) साझेदार है और व्यवसाय चलाने के बदले उसे पहले कुल लाभ का 10% मिलता है; B निष्क्रिय (sleeping) साझेदार हैं। बचा हुआ लाभ सबमें (पूँजी × समय के अनुपात में) बँटता है। कुल लाभ ₹60,000 है। A को कुल कितना मिलेगा?
हल, कदम-दर-कदम
  1. 1कुल लाभ को 20 इकाई मान लेते हैं — ऐसी संख्या जिससे 10% और सब हिस्से पूर्ण संख्या में आएँ (10% का हर 10 और कुल भाग 3 दोनों पर ध्यान रखिए)।
  2. 2कार्यशील साझेदार का शुल्क = 20 का 10% = 2 इकाई; बचा लाभ = 20 − 2 = 18 इकाई।
  3. 3बचे 18 इकाई को 2 : 1 (कुल 3 भाग) में बाँटने पर: A 18 × 2/3 = 12; B 18 × 1/3 = 6।
  4. 4A को कुल = 2 + 12 = 14 इकाई; B को 6 इकाई।
  5. 5A को कुल = 14 इकाई × 3,000 = ₹42,000 (1 इकाई = 60,000 ÷ 20 = 3,000)।
उत्तर ₹42,000
B देर से आया, इसलिए बचा लाभ पूँजी × समय में बँटा; A का शुल्क पहले ही निकल चुका था।
आसानपहले खुद करके देखें
दो साझेदारों की एक किराना दुकान है। A और B ने क्रमशः ₹50,000 और ₹30,000 लगाए। B कार्यशील (working) साझेदार है और व्यवसाय चलाने के बदले उसे पहले कुल लाभ का 20% मिलता है; A निष्क्रिय (sleeping) साझेदार हैं। बचा हुआ लाभ सबमें (पूँजी के अनुपात में) बँटता है। कुल लाभ ₹50,000 है। B को कुल कितना मिलेगा?
आसानपहले खुद करके देखें
दो साझेदारों की एक डेयरी है। गीता और जया ने क्रमशः ₹24,000 और ₹36,000 लगाए। गीता कार्यशील साझेदार है और उसे हर माह ₹1,500 वेतन लाभ में से पहले मिलता है; जया निष्क्रिय साझेदार हैं। बचा लाभ सबमें (पूँजी के अनुपात में) बँटता है। कुल लाभ ₹28,000 है। जया को कितना मिलेगा?
मध्यमपहले खुद करके देखें
तीन साझेदार मिलकर एक छपाई प्रेस चलाते हैं। A, B और C ने क्रमशः ₹40,000, ₹60,000 और ₹20,000 लगाए। C कार्यशील (working) साझेदार है और व्यवसाय चलाने के बदले उसे पहले कुल लाभ का 12% मिलता है; A और B निष्क्रिय (sleeping) साझेदार हैं। बचा हुआ लाभ सबमें (पूँजी के अनुपात में) बँटता है। कुल लाभ ₹81,000 है। C को कुल कितना मिलेगा?
मध्यमपहले खुद करके देखें
एक मधुमक्खी-पालन फार्म में दो साझेदार हैं। A और B ने क्रमशः ₹38,000 और ₹26,000 लगाए। A कार्यशील साझेदार है और उसे हर माह ₹3,000 वेतन लाभ में से पहले मिलता है; B निष्क्रिय साझेदार हैं। बचा लाभ सबमें (पूँजी के अनुपात में) बँटता है। A को कुल ₹64,500 मिलते हैं। कुल लाभ कितना है?
मध्यमपहले खुद करके देखें
तीन साझेदारों की एक मोबाइल-मरम्मत की दुकान है। मंजू, पूजा और तरुण ने क्रमशः ₹18,000, ₹27,000 और ₹15,000 लगाए। पूजा कार्यशील (working) साझेदार है और व्यवसाय चलाने के बदले उसे पहले कुल लाभ का 5% मिलता है; मंजू और तरुण निष्क्रिय (sleeping) साझेदार हैं। बचा हुआ लाभ सबमें (पूँजी के अनुपात में) बँटता है। कुल लाभ ₹60,000 है। तरुण को कितना मिलेगा?
मध्यमपहले खुद करके देखें
दो साझेदारों की एक पैकेजिंग कारखाना है। पूजा और तरुण ने क्रमशः ₹30,000 और ₹50,000 लगाए, और वे क्रमशः 8 और 12 माह व्यवसाय में रहे। तरुण कार्यशील (working) साझेदार है और व्यवसाय चलाने के बदले उसे पहले कुल लाभ का 10% मिलता है; पूजा निष्क्रिय (sleeping) साझेदार हैं। बचा हुआ लाभ सबमें (पूँजी × समय के अनुपात में) बँटता है। तरुण को कुल ₹52,000 मिलते हैं। कुल लाभ कितना है?
कठिनपहले खुद करके देखें
एक ट्रैवल एजेंसी में तीन साझेदार हैं। तरुण, यश और अरुण ने क्रमशः ₹48,000, ₹36,000 और ₹24,000 लगाए। तरुण कार्यशील साझेदार है और उसे हर माह ₹2,000 वेतन लाभ में से पहले मिलता है; यश और अरुण निष्क्रिय साझेदार हैं। बचा लाभ सबमें (पूँजी के अनुपात में) बँटता है। तरुण को अरुण से ₹26,200 अधिक मिलते हैं। कुल लाभ कितना है?
कठिनपहले खुद करके देखें
एक कंप्यूटर संस्थान में तीन साझेदार हैं। A, B और C ने क्रमशः ₹25,000, ₹40,000 और ₹35,000 लगाए, और वे क्रमशः 12, 6 और 9 माह व्यवसाय में रहे। C कार्यशील (working) साझेदार है और व्यवसाय चलाने के बदले उसे पहले कुल लाभ का 16% मिलता है; A और B निष्क्रिय (sleeping) साझेदार हैं। बचा हुआ लाभ सबमें (पूँजी × समय के अनुपात में) बँटता है। C को B से ₹26,640 अधिक मिलते हैं। कुल लाभ कितना है?
मध्यमपहले खुद करके देखें
एक सिलाई इकाई में दो साझेदार हैं। व्यवसाय एक वर्ष चला। हरप्रीत ने ₹36,000 लगाकर शुरुआत की, हरप्रीत ने 9 माह बाद व्यवसाय छोड़ दिया। किरण ने ₹24,000 लगाकर शुरुआत की। किरण कार्यशील साझेदार है और उसे हर माह ₹1,500 वेतन लाभ में से पहले मिलता है; हरप्रीत निष्क्रिय साझेदार हैं। बचा लाभ सबमें (पूँजी × समय के अनुपात में) बँटता है। कुल लाभ ₹33,300 है। हरप्रीत को कितना मिलेगा?
कठिनपहले खुद करके देखें
तीन साझेदार मिलकर एक छोटा होटल चलाते हैं। व्यवसाय एक वर्ष चला। A ने ₹50,000 लगाकर शुरुआत की। B ने 3 माह बाद ₹40,000 लगाकर साझेदारी की। C ने ₹30,000 लगाकर शुरुआत की, C ने 10 माह बाद व्यवसाय छोड़ दिया। B कार्यशील (working) साझेदार है और व्यवसाय चलाने के बदले उसे पहले कुल लाभ का 15% मिलता है; A और C निष्क्रिय (sleeping) साझेदार हैं। बचा हुआ लाभ सबमें (पूँजी × समय के अनुपात में) बँटता है। B को कुल ₹33,000 मिलते हैं। कुल लाभ कितना है?
कठिनपहले खुद करके देखें
दो साझेदारों की एक पैकेजिंग कारखाना है। व्यवसाय एक वर्ष चला। A ने ₹20,000 लगाकर शुरुआत की, 6 माह बाद A ने ₹10,000 और लगाए। B ने ₹45,000 लगाकर शुरुआत की। A कार्यशील (working) साझेदार है और व्यवसाय चलाने के बदले उसे पहले कुल लाभ का 12% मिलता है; B निष्क्रिय (sleeping) साझेदार हैं। बचा हुआ लाभ सबमें (पूँजी × समय के अनुपात में) बँटता है। B को A से ₹9,200 अधिक मिलते हैं। कुल लाभ कितना है?

बँटवारे के विशेष नियम

कुछ बराबर, कुछ अनुपात में

लाभ का एक हिस्सा बराबर बाँटना, या पहले कुछ रक़म अलग (रिज़र्व/दान) रखना।

विचार

साझेदारों के बीच यह भी तय हो सकता है कि “लाभ का 40% सब में बराबर बँटेगा, बाकी 60% पूँजी के अनुपात में।” तब हर साझेदार को दो टुकड़े मिलते हैं: बराबर वाला (हर एक को एक जैसा) और अनुपात वाला (पूँजी × समय के अनुसार)। एक और रूप: लाभ का कुछ % पहले रिज़र्व फंड या दान में चला जाता है, तब बचा हुआ ही साझेदारों में बँटता है।

दो साझेदारों के बीच अंतर पूछा हो तो बराबर वाला टुकड़ा दोनों में एक-सा है, इसलिए वह अंतर में कट जाता है; अंतर केवल अनुपात वाले टुकड़े से आता है।

ट्रिककुल लाभ को कोई सुविधाजनक संख्या की इकाइयाँ मानिए (प्रतिशत और भाग पूर्ण संख्या बनें)। हर साझेदार की इकाइयाँ = बराबर टुकड़ा + अनुपात टुकड़ा।

कदम

  1. कुल लाभ को सुविधाजनक इकाइयाँ मानिए।
  2. बराबर बँटने वाले (या अलग रखे) भाग की इकाइयाँ निकालिए; बराबर वाला भाग साझेदारों की संख्या से भाग दीजिए।
  3. शेष इकाइयाँ पूँजी × समय के अनुपात में बाँटिए।
  4. हर साझेदार की इकाइयाँ जोड़कर, प्रश्न के अनुसार 1 इकाई का मान निकालिए।
उदाहरण 6 · आसान
तीन साझेदार मिलकर एक छपाई प्रेस चलाते हैं। A, B और C ने क्रमशः ₹30,000, ₹50,000 और ₹20,000 लगाए। लाभ का 20% पहले रिज़र्व फंड में रख दिया जाता है और शेष 80% साझेदारों में उनके पूँजी के अनुपात में बँटता है। कुल लाभ ₹40,000 है। C को कितना मिलेगा?
हल, कदम-दर-कदम
  1. 1कुल लाभ को 25 इकाई मानिए (ताकि सारे हिस्से पूर्ण संख्या बनें); 20% = 5 इकाई अलग रखने पर बँटने के लिए 20 इकाई बचते हैं।
  2. 220 इकाई 3 : 5 : 2 (कुल 10 भाग) में: A 6, B 10, C 4 इकाई।
  3. 31 इकाई = 40,000 ÷ 25 = 1,600; C का हिस्सा = 4 × 1,600 = ₹6,400।
उत्तर ₹6,400
रिज़र्व वाला 20% साझेदारों को नहीं मिलता; बचे 80% का ही बँटवारा हुआ।
उदाहरण 7 · मध्यम
दो साझेदार मिलकर एक छोटा होटल चलाते हैं। A और B ने क्रमशः ₹24,000 और ₹36,000 लगाए। लाभ का 50% सब साझेदारों में बराबर-बराबर बाँटा जाता है और शेष 50% उनके पूँजी के अनुपात में। कुल लाभ ₹50,000 है। A को कितना मिलेगा?
हल, कदम-दर-कदम
  1. 1कुल लाभ को 20 इकाई मानिए (ताकि 50% और सारे हिस्से पूर्ण संख्या बनें)। बराबर बँटने वाला भाग = 50% × 20 = 10 इकाई; हर साझेदार को 10 ÷ 2 = 5 इकाई।
  2. 2शेष 10 इकाई 2 : 3 (कुल 5 भाग) में: A 4, B 6 इकाई।
  3. 3हर साझेदार के कुल इकाई = बराबर भाग + अनुपात वाला भाग: A 5 + 4 = 9; B 5 + 6 = 11।
  4. 41 इकाई = 50,000 ÷ 20 = 2,500; A का हिस्सा = 9 × 2,500 = ₹22,500।
उत्तर ₹22,500
आधा लाभ बराबर: A और B दोनों को उसमें एक-एक हिस्सा।
उदाहरण 8 · मध्यम
तीन साझेदार मिलकर एक फोटो स्टूडियो चलाते हैं। हरप्रीत, किरण और नवीन ने क्रमशः ₹36,000, ₹60,000 और ₹24,000 लगाए। लाभ का 35% सब साझेदारों में बराबर-बराबर बाँटा जाता है और शेष 65% उनके पूँजी के अनुपात में। किरण को नवीन से ₹17,550 अधिक मिलते हैं। कुल लाभ कितना है?
हल, कदम-दर-कदम
  1. 1कुल लाभ को 600 इकाई मानिए (ताकि 35% और सारे हिस्से पूर्ण संख्या बनें)। बराबर बँटने वाला भाग = 35% × 600 = 210 इकाई; हर साझेदार को 210 ÷ 3 = 70 इकाई।
  2. 2शेष 390 इकाई 3 : 5 : 2 (कुल 10 भाग) में: हरप्रीत 117, किरण 195, नवीन 78 इकाई।
  3. 3हर साझेदार के कुल इकाई = बराबर भाग + अनुपात वाला भाग: हरप्रीत 70 + 117 = 187; किरण 70 + 195 = 265; नवीन 70 + 78 = 148।
  4. 4किरण के 265 और नवीन के 148 इकाई हैं; अंतर = 117 इकाई = ₹17,550। (बराबर बँटा भाग दोनों में एक-सा है, इसलिए अंतर केवल अनुपात वाले भाग से आता है।)
  5. 51 इकाई = 17,550 ÷ 117 = ₹150; कुल लाभ = 600 इकाई = 600 × 150 = ₹90,000।
उत्तर ₹90,000
अंतर में बराबर वाला टुकड़ा कट गया।
उदाहरण 9 · कठिन
एक मधुमक्खी-पालन फार्म में दो साझेदार हैं। A और B ने क्रमशः ₹20,000 और ₹30,000 लगाए, और वे क्रमशः 12 और 8 माह व्यवसाय में रहे। लाभ का 40% सब साझेदारों में बराबर-बराबर बाँटा जाता है और शेष 60% उनके पूँजी × समय के अनुपात में। A को ₹30,000 मिलते हैं। कुल लाभ कितना है?
हल, कदम-दर-कदम
  1. 1कुल लाभ को 20 इकाई मानिए (ताकि 40% और सारे हिस्से पूर्ण संख्या बनें)। बराबर बँटने वाला भाग = 40% × 20 = 8 इकाई; हर साझेदार को 8 ÷ 2 = 4 इकाई।
  2. 2शेष 12 इकाई 1 : 1 (कुल 2 भाग) में: A 6, B 6 इकाई।
  3. 3हर साझेदार के कुल इकाई = बराबर भाग + अनुपात वाला भाग: A 4 + 6 = 10; B 4 + 6 = 10।
  4. 4A के 10 इकाई = ₹30,000, इसलिए 1 इकाई = 30,000 ÷ 10 = ₹3,000।
  5. 5कुल लाभ = 20 इकाई = 20 × 3,000 = ₹60,000।
उत्तर ₹60,000
पूँजी और समय दोनों अलग हैं, इसलिए अनुपात वाला टुकड़ा पूँजी × समय से।
उदाहरण 10 · कठिन
दो साझेदारों की एक पौधशाला (नर्सरी) है। व्यवसाय एक वर्ष चला। A ने ₹30,000 लगाकर शुरुआत की, A ने 9 माह बाद व्यवसाय छोड़ दिया। B ने ₹20,000 लगाकर शुरुआत की। लाभ का 40% सब साझेदारों में बराबर-बराबर बाँटा जाता है और शेष 60% उनके पूँजी × समय के अनुपात में। कुल लाभ ₹68,000 है। A को कितना मिलेगा?
हल, कदम-दर-कदम
  1. 1कुल लाभ को 85 इकाई मानिए (ताकि 40% और सारे हिस्से पूर्ण संख्या बनें)। बराबर बँटने वाला भाग = 40% × 85 = 34 इकाई; हर साझेदार को 34 ÷ 2 = 17 इकाई।
  2. 2शेष 51 इकाई 9 : 8 (कुल 17 भाग) में: A 27, B 24 इकाई।
  3. 3हर साझेदार के कुल इकाई = बराबर भाग + अनुपात वाला भाग: A 17 + 27 = 44; B 17 + 24 = 41।
  4. 41 इकाई = 68,000 ÷ 85 = 800; A का हिस्सा = 44 × 800 = ₹35,200।
उत्तर ₹35,200
अनुपात वाला भाग पूँजी × समय से बँटा; बराबर वाला भाग दोनों को एक-सा मिला।
आसानपहले खुद करके देखें
दो साझेदार मिलकर एक कोचिंग केंद्र चलाते हैं। A और B ने क्रमशः ₹15,000 और ₹25,000 लगाए। लाभ का 10% पहले दान में रख दिया जाता है और शेष 90% साझेदारों में उनके पूँजी के अनुपात में बँटता है। कुल लाभ ₹30,000 है। B को कितना मिलेगा?
आसानपहले खुद करके देखें
एक साइकिल कार्यशाला में तीन साझेदार हैं। नवीन, राहुल और उषा ने क्रमशः ₹20,000, ₹20,000 और ₹40,000 लगाए। लाभ का 60% सब साझेदारों में बराबर-बराबर बाँटा जाता है और शेष 40% उनके पूँजी के अनुपात में। कुल लाभ ₹45,000 है। उषा को कितना मिलेगा?
मध्यमपहले खुद करके देखें
एक जूस सेंटर में तीन साझेदार हैं। A, B और C ने क्रमशः ₹45,000, ₹30,000 और ₹15,000 लगाए। लाभ का 25% पहले दान में रख दिया जाता है और शेष 75% साझेदारों में उनके पूँजी के अनुपात में बँटता है। A को ₹14,625 मिलते हैं। कुल लाभ कितना है?
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एक कंप्यूटर संस्थान में दो साझेदार हैं। राहुल और उषा ने क्रमशः ₹28,000 और ₹42,000 लगाए। लाभ का 20% सब साझेदारों में बराबर-बराबर बाँटा जाता है और शेष 80% उनके पूँजी के अनुपात में। उषा को राहुल से ₹8,000 अधिक मिलते हैं। कुल लाभ कितना है?
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तीन साझेदार मिलकर एक बेकरी चलाते हैं। A, B और C ने क्रमशः ₹18,000, ₹24,000 और ₹30,000 लगाए। लाभ का 36% सब साझेदारों में बराबर-बराबर बाँटा जाता है और शेष 64% उनके पूँजी के अनुपात में। कुल लाभ ₹60,000 है। A को कितना मिलेगा?
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एक ट्रैवल एजेंसी में दो साझेदार हैं। उषा और ज़ोया ने क्रमशः ₹40,000 और ₹24,000 लगाए, और वे क्रमशः 9 और 12 माह व्यवसाय में रहे। लाभ का 15% पहले रिज़र्व फंड में रख दिया जाता है और शेष 85% साझेदारों में उनके पूँजी × समय के अनुपात में बँटता है। कुल लाभ ₹72,000 है। उषा को कितना मिलेगा?
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तीन साझेदारों की एक पौधशाला (नर्सरी) है। A, B और C ने क्रमशः ₹32,000, ₹48,000 और ₹16,000 लगाए, और वे क्रमशः 12, 9 और 6 माह व्यवसाय में रहे। लाभ का 45% सब साझेदारों में बराबर-बराबर बाँटा जाता है और शेष 55% उनके पूँजी × समय के अनुपात में। A को C से ₹13,200 अधिक मिलते हैं। कुल लाभ कितना है?
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तीन साझेदार मिलकर एक ऑनलाइन स्टोर चलाते हैं। यश, अरुण और दीपा ने क्रमशः ₹25,000, ₹35,000 और ₹40,000 लगाए, और वे क्रमशः 12, 10 और 6 माह व्यवसाय में रहे। लाभ का 12% पहले रिज़र्व फंड में रख दिया जाता है और शेष 88% साझेदारों में उनके पूँजी × समय के अनुपात में बँटता है। अरुण को ₹30,800 मिलते हैं। कुल लाभ कितना है?
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एक जूस सेंटर में दो साझेदार हैं। व्यवसाय एक वर्ष चला। A ने 2 माह बाद ₹36,000 लगाकर साझेदारी की। B ने ₹24,000 लगाकर शुरुआत की। लाभ का 30% सब साझेदारों में बराबर-बराबर बाँटा जाता है और शेष 70% उनके पूँजी × समय के अनुपात में। कुल लाभ ₹54,000 है। A को कितना मिलेगा?
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एक मधुमक्खी-पालन फार्म में तीन साझेदार हैं। व्यवसाय एक वर्ष चला। सुनीता ने ₹28,000 लगाकर शुरुआत की। विक्रम ने ₹21,000 लगाकर शुरुआत की, 8 माह बाद विक्रम ने अपनी तब की पूँजी का भाग निकाल लिया। निखिल ने 4 माह बाद ₹35,000 लगाकर साझेदारी की। लाभ का 15% पहले रिज़र्व फंड में रख दिया जाता है और शेष 85% साझेदारों में उनके पूँजी × समय के अनुपात में बँटता है। निखिल को ₹25,500 मिलते हैं। कुल लाभ कितना है?

नया साझेदार: त्याग और क्षतिपूर्ति

त्याग पुराना हिस्सा नया हिस्सा

जब कोई नया साझेदार आए, तब पुराने साझेदार अपने हिस्से का कुछ भाग छोड़ते हैं; उस त्याग का अनुपात और उसकी भरपाई।

विचार

दो साझेदार A और B लाभ में बाँटते थे — यानी A और B । अब C आता है और उसे भी हिस्सा चाहिए। उसका हिस्सा कहीं से तो आएगा: A और B दोनों अपने-अपने हिस्से में से कुछ छोड़ते हैं। जिसने जितना छोड़ा, वही उसका त्याग है: त्याग पुराना हिस्सा नया हिस्सा। नया साझेदार प्रायः इस त्याग के बदले पुराने साझेदारों को कुछ रक़म (अच्छी-ख्याति या प्रीमियम) देता है, और वह रक़म त्याग के अनुपात में बँटती है।

∑ सूत्र
त्याग और क्षतिपूर्ति
नए साझेदार के आने से पहले का भिन्न-हिस्सा
उसके आने के बाद का भिन्न-हिस्सा

दो मुख्य रूप: (1) नए साझेदार का हिस्सा दिया है और बाकी पुराने अनुपात में बँटता है — तब त्याग का अनुपात = पुराना अनुपात ही (दोनों अपने हिस्से का एक ही भिन्न छोड़ते हैं)। (2) नया अनुपात सीधे दिया है — तब पुराने और नए हिस्से घटाकर त्याग निकालिए। नए हिस्से में पुराने साझेदार का हिस्सा बढ़ गया हो तो उसका “त्याग” ऋणात्मक है, यानी उसने लाभ कमाया।

सावधानीसारे हिस्से भिन्न में लिखिए (एक ही हर पर), अनुपात में नहीं — घटाना भिन्नों में ही होता है। अनुपात को कुल से भाग देकर भिन्न बनाइए।

कदम

  1. पुराने हिस्से भिन्न में लिखिए (पूँजी के अनुपात में)।
  2. नए हिस्से भिन्न में लिखिए (दिए अनुपात से, या दिए भिन्न से)।
  3. हर पुराने साझेदार का त्याग = पुराना − नया; फिर त्यागों का अनुपात।
  4. क्षतिपूर्ति की रक़म को त्याग के अनुपात में बाँटिए।
उदाहरण 11 · मध्यम
दो साझेदारों की एक पौधशाला (नर्सरी) है। A और B की पूँजियों का अनुपात है और वे लाभ उसी अनुपात में बाँटते हैं। C को लाभ का भाग देकर साझेदार बनाया गया; बाकी लाभ A और B पहले वाले अनुपात में बाँटते हैं। तीनों का नया लाभ-अनुपात क्या होगा?
हल, कदम-दर-कदम
  1. 1पुराने हिस्से (पूँजी के अनुपात में): A: 3/5, B: 2/5।
  2. 2C का हिस्सा 1/5; बचा 4/5 पुराने अनुपात में: A = 4/5 × 3/5 = 12/25, B = 4/5 × 2/5 = 8/25।
  3. 3सामान्य हर पर लाने से नया अनुपात = 12 : 8 : 5।
उत्तर 12 : 8 : 5
नए साझेदार को ; बाकी पुराने अनुपात में।
उदाहरण 12 · मध्यम
दो साझेदार मिलकर एक कोचिंग केंद्र चलाते हैं। A और B की पूँजियों का अनुपात है और वे लाभ पूँजी के अनुपात में बाँटते हैं। अब C को साझेदार बनाया गया और तीनों का नया लाभ-अनुपात तय हुआ। A और B ने अपने हिस्से का त्याग किस अनुपात में किया?
हल, कदम-दर-कदम
  1. 1पुराने हिस्से (पूँजी के अनुपात में): A: 5/8, B: 3/8।
  2. 2नए हिस्से (अनुपात 3:2:3, कुल 8): A 3/8, B 1/4, C 3/8।
  3. 3त्याग = पुराना हिस्सा − नया हिस्सा: A = 5/8 − 3/8 = 1/4; B = 3/8 − 1/4 = 1/8।
  4. 4त्याग का अनुपात = 2 : 1।
उत्तर 2 : 1
A का त्याग और B का ; सामान्य हर 8 पर ।
उदाहरण 13 · मध्यम
एक मधुमक्खी-पालन फार्म में दो साझेदार हैं। A और B की पूँजियों का अनुपात है और वे लाभ उसी अनुपात में बाँटते हैं। C को साझेदार बनाया गया: वह A के हिस्से से लाभ का और B के हिस्से से लाभ का भाग लेता है। तीनों का नया लाभ-अनुपात क्या होगा?
हल, कदम-दर-कदम
  1. 1पुराने हिस्से (पूँजी के अनुपात में): A: 3/5, B: 2/5।
  2. 2नए हिस्से: A = 3/5 − 1/10 = 1/2; B = 2/5 − 1/10 = 3/10; C = 1/10 + 1/10 = 1/5।
  3. 3सामान्य हर पर लाने से नया अनुपात = 5 : 3 : 2।
उत्तर 5 : 3 : 2
यहाँ C ने A और B दोनों के हिस्से से एक-एक भिन्न लिया; नया हिस्सा = पुराना − लिया हुआ।
उदाहरण 14 · कठिन
दो साझेदारों की एक किराना दुकान है। A और B की पूँजियों का अनुपात है और वे लाभ पूँजी के अनुपात में बाँटते हैं। अब C को साझेदार बनाया गया और तीनों का नया लाभ-अनुपात तय हुआ। C ने ₹6,000 इन दोनों को इसी त्याग के बदले दिए। A और B को (क्रम से) कितने मिले?
हल, कदम-दर-कदम
  1. 1पुराने हिस्से (पूँजी के अनुपात में): A: 3/5, B: 2/5।
  2. 2नए हिस्से (अनुपात 4:3:3, कुल 10): A 2/5, B 3/10, C 3/10।
  3. 3त्याग = पुराना − नया: A 1/5, B 1/10; अनुपात = 2 : 1।
  4. 4₹6,000 को 2 : 1 में बाँटने पर 1 भाग = 6,000 ÷ 3 = ₹2,000; A = 2 × 2,000 = ₹4,000; B = 1 × 2,000 = ₹2,000।
उत्तर ₹4,000, ₹2,000
क्षतिपूर्ति त्याग के अनुपात में बँटी, पुराने अनुपात में नहीं।
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एक ट्रैवल एजेंसी में दो साझेदार हैं। A और B की पूँजियों का अनुपात है और वे लाभ उसी अनुपात में बाँटते हैं। C को लाभ का भाग देकर साझेदार बनाया गया; बाकी लाभ A और B पहले वाले अनुपात में बाँटते हैं। तीनों का नया लाभ-अनुपात क्या होगा?
आसानपहले खुद करके देखें
एक साइकिल कार्यशाला में दो साझेदार हैं। A और B की पूँजियों का अनुपात है और वे लाभ उसी अनुपात में बाँटते हैं। C को लाभ का भाग देकर साझेदार बनाया गया; बाकी लाभ A और B पहले वाले अनुपात में बाँटते हैं। A और B ने अपने हिस्से का त्याग किस अनुपात में किया?
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एक सिलाई इकाई में दो साझेदार हैं। A और B की पूँजियों का अनुपात है और वे लाभ पूँजी के अनुपात में बाँटते हैं। अब C को साझेदार बनाया गया और तीनों का नया लाभ-अनुपात तय हुआ। A और B ने अपने हिस्से का त्याग किस अनुपात में किया?
मध्यमपहले खुद करके देखें
एक जूस सेंटर में दो साझेदार हैं। A और B की पूँजियों का अनुपात है और वे लाभ उसी अनुपात में बाँटते हैं। C को साझेदार बनाया गया: वह A के हिस्से से लाभ का और B के हिस्से से लाभ का भाग लेता है। तीनों का नया लाभ-अनुपात क्या होगा?
मध्यमपहले खुद करके देखें
दो साझेदारों की एक कपड़े की दुकान है। A और B की पूँजियों का अनुपात है और वे लाभ पूँजी के अनुपात में बाँटते हैं। अब C को साझेदार बनाया गया और तीनों का नया लाभ-अनुपात तय हुआ। C ने ₹9,000 इन दोनों को इसी त्याग के बदले दिए। A और B को (क्रम से) कितने मिले?
मध्यमपहले खुद करके देखें
दो साझेदारों की एक पैकेजिंग कारखाना है। A और B की पूँजियों का अनुपात है और वे लाभ उसी अनुपात में बाँटते हैं। C को लाभ का भाग देकर साझेदार बनाया गया; बाकी लाभ A और B पहले वाले अनुपात में बाँटते हैं। तीनों का नया लाभ-अनुपात क्या होगा?
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दो साझेदार मिलकर एक ऑनलाइन स्टोर चलाते हैं। A और B की पूँजियों का अनुपात है और वे लाभ पूँजी के अनुपात में बाँटते हैं। अब C को साझेदार बनाया गया और तीनों का नया लाभ-अनुपात तय हुआ। C ने ₹3,600 इन दोनों को इसी त्याग के बदले दिए। A और B को (क्रम से) कितने मिले?
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एक कंप्यूटर संस्थान में दो साझेदार हैं। A और B की पूँजियों का अनुपात है और वे लाभ उसी अनुपात में बाँटते हैं। C को साझेदार बनाया गया: वह A के हिस्से से लाभ का और B के हिस्से से लाभ का भाग लेता है। तीनों का नया लाभ-अनुपात क्या होगा?
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दो साझेदारों की एक किराना दुकान है। A और B की पूँजियों का अनुपात है और वे लाभ पूँजी के अनुपात में बाँटते हैं। अब C को साझेदार बनाया गया और तीनों का नया लाभ-अनुपात तय हुआ। C ने ₹6,000 इन दोनों को इसी त्याग के बदले दिए। A और B को (क्रम से) कितने मिले?
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दो साझेदार मिलकर एक छपाई प्रेस चलाते हैं। A और B की पूँजियों का अनुपात है और वे लाभ उसी अनुपात में बाँटते हैं। C को लाभ का भाग देकर साझेदार बनाया गया; बाकी लाभ A और B पहले वाले अनुपात में बाँटते हैं। तीनों का नया लाभ-अनुपात क्या होगा?
2

हानि, कई वर्ष और ब्याज

जब सब कुछ लाभ जैसा सीधा न हो

हानि का बँटवारा, अलग-अलग वर्षों के लाभ-हानि, और पूँजी पर ब्याज देने के बाद का लाभ।

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हानि का बँटवारा

हानि भी पूँजी × समय के अनुपात में

जिसकी पूँजी-माह अधिक, उसे हानि भी अधिक सहनी पड़ती है; पूँजी में से हानि घटाकर वापसी रक़म निकलती है।

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अलग-अलग वर्षों का लाभ-हानि

हर वर्ष अलग, फिर जोड़ो

जब हर वर्ष का लाभ (या हानि) अलग दिया हो और पूँजियाँ भी बदलती हों, तब हर वर्ष अलग से बाँटते हैं।

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पूँजी पर ब्याज, फिर बचा लाभ

पहले ब्याज, फिर बँटवारा

साझेदारी-विलेख में पहले पूँजी पर ब्याज चुकाना, और बचा लाभ बराबर या किसी अनुपात में बाँटना।

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3

सार, मिश्रित अभ्यास, दोहराव

सब विधियाँ एक जगह

सभी विधियों की एक सारणी, परीक्षा जैसे मिले-जुले प्रश्न और दोहराव कार्ड।

सभी विधियों का सार

कौन-सी विधि कब

प्रश्न पढ़ते ही विधि चुनने के लिए एक पन्ना।

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मिश्रित अभ्यास — सेट 1

आसान से मध्यम

हर प्रकार के प्रश्न मिले-जुले; पहले विधि पहचानिए, फिर हल कीजिए।

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मिश्रित अभ्यास — सेट 2

मध्यम से कठिन

परीक्षा के कठिन छोर के मिले-जुले प्रश्न।

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मिश्रित अभ्यास — सेट 3: दो विधियाँ एक साथ

विशेष शर्त + जुड़ना/छोड़ना/बदलना

परीक्षा के लंबे प्रश्न: विशेष शर्त के साथ साझेदार का देर से जुड़ना, जल्दी जाना या पूँजी बदलना।

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दोहराव — कार्ड और जाल

पलटिए, याद कीजिए

हर कार्ड का प्रश्न पढ़कर पहले ख़ुद सोचिए, फिर पलटिए।

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