2D क्षेत्रमिति: बहुभुज, वृत्त और त्रिज्यखंड
प्रतियोगी गणित · SSC CGL
भाग 1 में हमने सीधी भुजाओं वाली आकृतियाँ (त्रिभुज, चतुर्भुज) देखीं। यहाँ दो नई बातें हैं। पहली, सम बहुभुज (सब भुजाएँ और सब कोण बराबर) जैसे षट्भुज वाली टाइल या अष्टभुज वाला स्टॉप-साइन। दूसरी, वृत्त और उसके हिस्से: चाप, त्रिज्यखंड, खंड और वलय (रिंग)। दोनों जुड़े हुए हैं: भुजाएँ बढ़ाते जाइए तो सम बहुभुज धीरे-धीरे वृत्त बन जाता है।
| चीज़ | सूत्र | कहाँ |
|---|---|---|
| सम बहुभुज का कोण | , | बहुभुज |
| षट्भुज, अष्टभुज | , | बहुभुज |
| कोई सम बहुभुज | बहुभुज | |
| वृत्त | , | वृत्त |
| चाप, त्रिज्यखंड | , | वृत्त |
| वलय (रिंग) | वृत्त |
तालिका के अक्षर: = भुजाओं की संख्या, = बहुभुज की भुजा, = परिमाप, = अंतःत्रिज्या (बहुभुज में केंद्र से भुजा पर लंब) या वृत्त की त्रिज्या, = परिधि, = क्षेत्रफल, = केंद्र पर कोण (अंशों में), = वलय की बाहरी त्रिज्या।
सम बहुभुज
कोण और विकर्ण, षट्भुज, अष्टभुज और कोई भी सम बहुभुज।
कोण और विकर्ण
बाह्य और आंतरिक कोण, आंतरिक कोणों का योग, विकर्णों की संख्या और इनसे भुजाएँ निकालना।
एक बहुभुज (मान लीजिए खेत की बाड़) के चारों ओर चलिए। हर कोने पर आपको कुछ मुड़ना पड़ता है। जब आप पूरा चक्कर लगाकर पहले जैसी दिशा में खड़े होते हैं, तो आप ठीक एक पूरा चक्कर, यानी , घूम चुके होते हैं। हर कोने पर मुड़ा हुआ कोण बाह्य कोण है। इसलिए किसी भी (उत्तल) बहुभुज के सभी बाह्य कोणों का योग हमेशा होता है।
सम बहुभुज में सभी बाह्य कोण बराबर होते हैं, इसलिए हर बाह्य कोण । हर कोने पर आंतरिक और बाह्य कोण मिलकर सीधी रेखा () बनाते हैं, इसलिए हर आंतरिक कोण ।
आंतरिक कोणों का योग: एक शीर्ष से बाकी शीर्षों तक विकर्ण खींचिए। बहुभुज त्रिभुजों में बँट जाता है, और हर त्रिभुज के कोणों का योग है। उसी शीर्ष से विकर्ण निकलते हैं (खुद को और दो पड़ोसियों को छोड़कर)। सभी शीर्षों से मिलाकर , पर हर विकर्ण दो बार गिना गया — इसलिए आधा।
- भुजाओं (या शीर्षों) की संख्या
- सभी आंतरिक कोणों का योग (अंश)
- सम बहुभुज का एक बाह्य कोण (अंश)
- सम बहुभुज का एक आंतरिक कोण (अंश)
- विकर्णों की कुल संख्या (भुजा नहीं)
| आंतरिक कोण | बाह्य कोण | विकर्ण | |
|---|---|---|---|
| 3 · त्रिभुज | |||
| 4 · वर्ग | |||
| 5 · पंचभुज | |||
| 6 · षट्भुज | |||
| 8 · अष्टभुज | |||
| 9 · नवभुज | |||
| 10 · दशभुज | |||
| 12 · द्वादशभुज |
तालिका के अक्षर: = भुजाएँ (साथ में बहुभुज का नाम), और = सम बहुभुज का एक आंतरिक और एक बाह्य कोण, = विकर्ण। इन पंक्तियों को याद कर लीजिए: बार-बार आते हैं। आंतरिक कोणों का योग हर पंक्ति के लिए से सीधा निकलता है।
- तय कीजिए कि बहुभुज सम (regular) है या नहीं। सम हो तो हर कोण बराबर है।
- सबसे पहले बाह्य कोण पर आइए: या । भुजाएँ निकालने का यही सबसे छोटा रास्ता है।
- योग चाहिए तो ; विकर्ण चाहिए तो ।
- उत्तर की जाँच कीजिए: पूर्ण संख्या और 3 या अधिक होनी चाहिए।
- 1आंतरिक और बाह्य कोण मिलकर सीधी रेखा बनाते हैं, इसलिए बाह्य कोण ।
- 2बाह्य कोणों का योग है और सब बराबर हैं, इसलिए भुजाएँ।
- 3आंतरिक कोणों का योग । जाँच: ✓।
- 4विकर्ण ।
- 1दोनों कोण मिलकर हैं, यानी भागों का मान । एक भाग ।
- 2बाह्य कोण भाग और आंतरिक कोण भाग ।
- 3 भुजाएँ।
- 4विकर्ण ।
- 1पूरे बहुभुज के कोणों का योग होता है, यानी 180 का कोई गुणज।
- 2उत्तल बहुभुज में हर कोण से कम होता है, इसलिए छूटा कोण और के बीच है। यानी कुल योग, 1,070 से बड़ा पर उससे 180 से कम अधिक है।
- 31,070 के बाद 180 का पहला गुणज 1,080 है ()। इससे पहले वाला गुणज 900 है, जो 1,070 से छोटा है, इसलिए वह नहीं हो सकता।
- 4छूटा कोण और ⟹ ⟹ ।
सम षट्भुज
षट्भुज का क्षेत्रफल, परिमाप, त्रिज्याएँ, विकर्ण, और वृत्त के साथ संबंध।
सम षट्भुज का सबसे सुंदर गुण: उसे केंद्र से छह कोनों से जोड़ने पर छह बराबर समबाहु त्रिभुज बनते हैं। कारण: केंद्र पर छह बराबर कोण के हैं और दोनों भुजाएँ (केंद्र से कोने तक) बराबर हैं, इसलिए बाकी दो कोण भी के निकलते हैं। इसका मतलब: केंद्र से हर कोने की दूरी षट्भुज की भुजा के बराबर है।
अब सब कुछ समबाहु त्रिभुज से निकलता है। एक त्रिभुज का क्षेत्रफल , इसलिए छह का । केंद्र से भुजा पर लंब (अंतःत्रिज्या) समबाहु त्रिभुज की ऊँचाई है: । आमने-सामने की दो भुजाओं के बीच की दूरी और सबसे लंबा विकर्ण (केंद्र से होकर) है।
- षट्भुज का क्षेत्रफल (वर्ग इकाई)
- षट्भुज की भुजा
- परिमाप
- परिवृत्त की त्रिज्या (केंद्र से कोने तक)
- अंतःत्रिज्या (केंद्र से भुजा तक लंब)
- सबसे लंबा विकर्ण, केंद्र से होकर
- आमने-सामने की भुजाओं के बीच की दूरी ()
- षट्भुज की भुजा पता कीजिए (दी हो, या क्षेत्रफल/परिमाप/त्रिज्या/दूरी से निकालिए)।
- पूछी गई चीज़ को छह त्रिभुजों के रूप में सोचिए: क्षेत्रफल ।
- वृत्त वाले प्रश्न में पहले तय कीजिए कि वृत्त कोनों से गुज़रता है () या भुजाओं को छूता है ()।
- 1परिमाप सेमी।
- 2टाइल छह बराबर समबाहु त्रिभुजों से बनी है, हर एक की भुजा 8 सेमी। एक त्रिभुज ।
- 3छह त्रिभुज वर्ग सेमी (सूत्र से भी: ✓)।
- 4आमने-सामने की भुजाओं की दूरी सेमी।
- 1आमने-सामने की भुजाओं के बीच की दूरी होती है (दो अंतःत्रिज्याएँ)। ⟹ मिमी।
- 2परिवृत्त की त्रिज्या मिमी (केंद्र से कोने की दूरी भुजा के बराबर)।
- 3क्षेत्रफल वर्ग मिमी।
- 1सबसे बड़ा षट्भुज वह है जिसके छहों कोने वृत्त पर हों। तब , यानी भुजा सेमी।
- 2प्लेट का क्षेत्रफल वर्ग सेमी।
- 3षट्भुज वर्ग सेमी।
- 4बर्बादी वर्ग सेमी।
सम अष्टभुज
अष्टभुज को वर्ग से बनाना: भुजा, क्षेत्रफल, वर्ग से संबंध और बर्बादी।
सम अष्टभुज (जैसे स्टॉप-साइन) को याद रखने का सबसे अच्छा तरीका है उसे एक वर्ग से चारों कोने काटकर बना हुआ सोचना। हर कोने से एक समकोण समद्विबाहु त्रिभुज कटता है। उसकी बराबर भुजाएँ हों तो कर्ण बनता है, और यही कर्ण अष्टभुज की एक भुजा है: , यानी ।
वर्ग की भुजा: । क्षेत्रफल: वर्ग में से चार कोने घटाइए। चार कोनों का क्षेत्रफल । इसलिए अष्टभुज ।
- अष्टभुज का क्षेत्रफल (वर्ग इकाई)
- अष्टभुज की भुजा
- उस वर्ग की भुजा जिससे अष्टभुज कटा है (आमने-सामने की भुजाओं की दूरी भी यही है)
- हर कटे कोने की बराबर भुजा
- परिमाप
| यदि दिया हो | तो |
|---|---|
| अष्टभुज की भुजा | वर्ग की भुजा () |
| वर्ग की भुजा | अष्टभुज की भुजा () |
| वर्ग की भुजा | अष्टभुज का क्षेत्रफल ( वर्ग का) |
| वर्ग की भुजा | बर्बादी () |
तालिका के अक्षर: = अष्टभुज की भुजा, = मूल वर्ग की भुजा। और एक-दूसरे के व्युत्क्रम हैं (गुणनफल 1), इसलिए ।
- कटे कोने का समकोण त्रिभुज बनाइए: बराबर भुजा , कर्ण ।
- वर्ग की भुजा से , और को जोड़िए: कोई एक दिया हो तो बाकी निकल आते हैं।
- क्षेत्रफल के लिए सूत्र या “वर्ग चार कोने” लीजिए; दोनों एक-से उत्तर देते हैं।
- 1अष्टभुज का क्षेत्रफल वर्ग सेमी।
- 2 रखें तो वर्ग सेमी (लगभग)।
- 3सबसे छोटा वर्ग वह है जिसमें से कोने कटे हों, उसकी भुजा सेमी।
- 1कटे कोने की बराबर भुजा लीजिए। तब अष्टभुज की भुजा और ।
- 2 ⟹ सेमी (हर का परिमेयकरण)।
- 3अष्टभुज की भुजा सेमी (सीधे: ✓)।
- 4क्षेत्रफल वर्ग सेमी वर्ग सेमी।
- 1कटे कोने का कर्ण अष्टभुज की भुजा है: ⟹ मी।
- 2टाइल की भुजा मी मी।
- 3विधि 1 (सूत्र): ।
- 4विधि 2: टाइल ; चार कोने ; अंतर ✓ — दोनों बराबर।
कोई भी सम बहुभुज
त्रिभुजों में काटकर क्षेत्रफल, अंतःत्रिज्या और परिवृत्त त्रिज्या, और बहुभुजों की तुलना।
हर सम बहुभुज को केंद्र से सभी कोनों से जोड़ने पर बराबर समद्विबाहु त्रिभुज मिलते हैं। हर त्रिभुज का आधार बहुभुज की भुजा है, और उसकी ऊँचाई केंद्र से भुजा पर लंब दूरी है जिसे अंतःत्रिज्या (apothem) कहते हैं। केंद्र पर हर त्रिभुज का कोण है।
कुल क्षेत्रफल , जहाँ परिमाप है। यही बात वृत्त पर भी चलती है (उसे असंख्य भुजाओं वाला बहुभुज मानिए): परिमाप और अंतःत्रिज्या से क्षेत्रफल । सही सूत्र है!
अंतःत्रिज्या और परिवृत्त त्रिज्या जोड़ने वाला समकोण त्रिभुज: केंद्र से भुजा के मध्य-बिंदु तक , मध्य-बिंदु से कोने तक , और केंद्र से कोने तक । पाइथागोरस: । कोण का उपयोग करें तो और । इन्हें हर बार निकालने की ज़रूरत नहीं: के लिए मान आसान हैं और बाकी की संख्याएँ प्रश्न में दी जाती हैं।
- बहुभुज का क्षेत्रफल
- परिमाप
- अंतःत्रिज्या: केंद्र से भुजा पर लंब दूरी
- परिवृत्त त्रिज्या: केंद्र से कोने तक
- भुजा
- भुजाओं की संख्या
| अंतःत्रिज्या | परिवृत्त त्रिज्या | क्षेत्रफल | |
|---|---|---|---|
| 3 | 0.289 | 0.577 | 0.433 |
| 4 | 0.500 | 0.707 | 1.000 |
| 5 | 0.688 | 0.851 | 1.720 |
| 6 | 0.866 | 1.000 | 2.598 |
| 8 | 1.207 | 1.307 | 4.828 |
| 10 | 1.539 | 1.618 | 7.694 |
| 12 | 1.866 | 1.932 | 11.196 |
तालिका के अक्षर: = भुजाएँ; , और भुजा मानकर दिए हैं (किसी और भुजा के लिए को से और क्षेत्रफल को से गुणा कीजिए)। इन्हें रटने की ज़रूरत नहीं — बस यह देखिए कि बढ़ने से आकृति वृत्त के पास पहुँचती है ( और पास आते जाते हैं)।
| अंकित बहुभुज का क्षेत्रफल ( में) | |
|---|---|
| 3 | 1.299 |
| 4 | 2.000 |
| 6 | 2.598 |
| 8 | 2.828 |
| 12 | 3.000 |
| वृत्त | 3.142 |
तालिका के अक्षर: = एक ही वृत्त (त्रिज्या ) में अंकित बहुभुज की भुजाएँ; क्षेत्रफल के गुणज में है; हर मान है, यानी त्रिभुज जिनकी दो भुजाएँ और बीच का कोण । भुजाएँ बढ़ने पर क्षेत्रफल बढ़कर वृत्त () के पास पहुँचता है। दोनों बातें याद रखिए: एक ही वृत्त में अधिक भुजाएँ ⟹ अधिक क्षेत्रफल; बराबर परिमाप में भी अधिक भुजाएँ ⟹ अधिक क्षेत्रफल, और वृत्त सबसे अधिक।
- बहुभुज की भुजा , परिमाप और अंतःत्रिज्या में से जो दिया हो लिखिए।
- क्षेत्रफल चाहिए: । या चाहिए: सूत्र उलटाइए।
- कोना और भुजा जोड़ना हो तो समकोण त्रिभुज लीजिए।
- 1केंद्र से जोड़ने पर चौक बराबर त्रिभुजों में बँट जाता है; हर का आधार 8 मी और ऊँचाई 14.93 मी।
- 2परिमाप मी।
- 3क्षेत्रफल वर्ग मी।
- 1तार की लंबाई ही परिमाप है, इसलिए भुजा: त्रिभुज , वर्ग , षट्भुज सेमी।
- 2त्रिभुज वर्ग सेमी।
- 3वर्ग वर्ग सेमी।
- 4षट्भुज वर्ग सेमी।
- 5वृत्त: ⟹ ; क्षेत्रफल वर्ग सेमी।
- 1षट्भुज की भुजा सेमी, इसलिए परिमाप सेमी।
- 2वर्ग का विकर्ण वृत्त का व्यास है: । वर्ग की भुजा , परिमाप सेमी।
- 3परिमापों का अनुपात (वर्ग : षट्भुज) ।
- 4क्षेत्रफल: वर्ग ; षट्भुज । अनुपात ।
वृत्त और उसके हिस्से
वृत्त की परिधि और क्षेत्रफल, अर्धवृत्त, चाप और त्रिज्यखंड, खंड, वलय, पहिए के चक्कर और प्रतिशत परिवर्तन।
परिधि और क्षेत्रफल
वृत्त के सूत्र कहाँ से आते हैं, का मान कब कौन-सा लें, और त्रिज्या निकालना।
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अर्धवृत्त, चतुर्थांश और उनसे बनी आकृतियाँ
आधे और चौथाई वृत्त का क्षेत्रफल-परिमाप (सीधा किनारा न भूलें), आयत के साथ जुड़ी आकृतियाँ।
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चाप और त्रिज्यखंड
चाप की लंबाई, त्रिज्यखंड का क्षेत्रफल और परिमाप, घड़ी और पिज़्ज़ा जैसे प्रश्न, और कोण या त्रिज्या निकालना।
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वृत्त का खंड
जीवा से कटा खंड: छोटा और बड़ा खंड, , , के खंड और जीवा की लंबाई।
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वलय (रिंग)
दो संकेंद्री वृत्तों के बीच का क्षेत्र: क्षेत्रफल, चौड़ाई, और बाहरी या भीतरी त्रिज्या निकालना।
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पहिए के चक्कर
पहिया लुढ़कने पर दूरी, चक्कर और चाल; दो पहियों की तुलना; इकाइयाँ बदलना।
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माप बदलने पर परिवर्तन और अनुपात
त्रिज्या या व्यास में प्रतिशत परिवर्तन से परिधि और क्षेत्रफल का परिवर्तन, उलटे प्रश्न, अनुपात और त्रिज्या में जोड़।
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सार, मिश्रित अभ्यास, दोहराव
सभी विधियों की एक-पृष्ठ तालिका, परीक्षा जैसे मिले-जुले प्रश्न और दोहराव कार्ड।
सभी विधियों का सार
हर विधि: प्रश्न कैसे पहचानें और कौन-सा सूत्र या शॉर्टकट लगाएँ।
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मिश्रित अभ्यास (परीक्षा जैसा)
SSC CGL/CHSL/CPO जैसे मिले-जुले प्रश्न — पहले विधि पहचानिए, फिर हल कीजिए।
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दोहराव
सूत्र और शॉर्टकट याद करने के कार्ड, और परीक्षा की सबसे आम गलतियाँ।
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