पिछले अध्याय में एक प्रमेय पक्का हुआ था: एक चाप पर केंद्र का कोण परिधि के कोण का दुगुना होता है। इस अध्याय के लगभग सारे नियम उसी के रूप हैं: एक ही खंड के कोण बराबर (क्योंकि सब उसी केंद्रीय कोण के आधे), अर्धवृत्त में 90° (केंद्रीय कोण 180°), और चक्रीय चतुर्भुज में सम्मुख कोण पूरक (दो चाप मिलकर पूरा 360°)। इसलिए नियम रटने से अच्छा है कि हर बार उसका कारण देख लें — चित्र वही दिखाते हैं।
| प्रश्न में क्या दिखे | औज़ार | विधि |
|---|---|---|
| एक ही जीवा से कई कोण | एक ही ओर बराबर, दोनों ओर पूरक | एक ही खंड के कोण |
| व्यास या “” दिखे | अर्धवृत्त में समकोण, और उलटा | अर्धवृत्त |
| चतुर्भुज वृत्त पर | सम्मुख कोण पूरक, बाह्य = भीतरी सम्मुख | चक्रीय चतुर्भुज |
| विकर्णों की गुणनफल या भुजाएँ | टॉलमी | |
| दो जीवाएँ / छेदक कटकर कोण बनाएँ | चापों के योग / अंतर का आधा | दो जीवाओं के बीच का कोण |
| केंद्र और जीवाओं के मध्य-बिंदु | त्रिज्याओं का समद्विबाहु, लंबवत, चतुर्भुज | केंद्र से कोण-प्रश्न |
| कोण समद्विभाजक वृत्त को फिर काटे | चाप का मध्य-बिंदु + समरूप त्रिभुज | समद्विभाजक |
| अंतःकेंद्र / लंबकेंद्र / परिकेंद्र | , , और | त्रिभुज के केंद्र |
तालिका के अक्षर: चतुर्भुज या त्रिभुज के कोण/शीर्ष; = केंद्र; = समद्विभाजक का वृत्त पर दूसरा कटान; और = अंतःकेंद्र और लंबकेंद्र; = विकर्ण।
परिधि के कोण
एक जीवा पर बने सारे कोण और व्यास पर बना समकोण।
एक ही खंड के कोण
एक जीवा पर बने सारे परिधि-कोण; विकर्णों से चार जोड़ी बराबर कोण; चार बिंदु एक वृत्त पर हैं या नहीं।
एक जीवा वृत्त को दो खंडों में बाँटती है। पिछले अध्याय के अनुसार जीवा पर किसी बिंदु का कोण हमेशा केंद्रीय कोण का आधा होता है, चाहे चाप पर कहीं भी हो। तो और तय रखकर को चाप पर सरकाइए — कोण नहीं बदलता। यही है “एक ही खंड के कोण बराबर”।
दूसरे खंड में बिंदु हो तो कोण : दोनों खंडों के कोण मिलकर पूरे वृत्त का आधा () बनाते हैं। उलटा भी सही है और यही चार बिंदुओं के एक वृत्त पर होने की परीक्षा है: अगर और जीवा की एक ही ओर हों और हो, तो एक ही वृत्त पर हैं।
- जीवा के दो सिरे
- जीवा की एक ही ओर के वृत्त-बिंदु
- जीवा की दूसरी ओर का वृत्त-बिंदु
सबसे ज़्यादा काम आने वाली स्थिति: चतुर्भुज और उसके विकर्ण , । चारों भुजाएँ जीवाएँ हैं और हर जीवा को बाकी दो बिंदु एक ही ओर से देखते हैं — इसलिए चार जोड़ी बराबर कोण बनती हैं, जैसा चित्र में रंगों से दिखाया है।
- जिस कोण का मान पता है उसकी जीवा चिह्नित कीजिए (उसकी दोनों भुजाएँ जहाँ वृत्त पर समाप्त होती हैं)।
- जो कोण पूछा है उसकी जीवा देखिए। दोनों जीवाएँ एक ही हों और बिंदु एक ही ओर हों तो बराबर; विपरीत ओर हों तो ।
- एक ही रंग के कोणों को बराबर लिखिए और त्रिभुज के कोण-योग (180°) से आगे बढ़िए।
- जब बराबर कोण वृत्त का पता ही न हो तो उलटा प्रमेय: एक ही ओर बराबर कोण ⟹ चार बिंदु एक वृत्त पर।
- 1 और जीवा को एक ही ओर से देखते हैं, इसलिए एक ही खंड के कोण बराबर: ।
- 2 दूसरे खंड में है; दोनों खंडों के कोण पूरक होते हैं: ।
- 3जाँच: का दुगुना केंद्रीय कोण है; दूसरी ओर ✓।
- 1जीवा को और एक ही ओर से देखते हैं, इसलिए ।
- 2त्रिभुज में ।
- 3जीवा को और एक ही ओर से देखते हैं, इसलिए ।
- 4। (ध्यान दीजिए: — अगली विधि का नियम।)
- 1 और जीवा-जैसी रेखा को एक ही ओर से बराबर कोण () पर देखते हैं। यह एक ही खंड के कोणों के प्रमेय का उलटा है, इसलिए एक वृत्त पर हैं।
- 2अब वृत्त मिल गया, तो जीवा को और एक ही ओर से देखते हैं: ।
- 1बराबर जीवाएँ केंद्र पर बराबर कोण बनाती हैं (पिछले अध्याय में )। इसलिए दोनों जीवाओं के छोटे चाप बराबर हैं।
- 2परिधि का कोण केंद्रीय कोण का आधा है, इसलिए बराबर जीवाएँ परिधि पर भी बराबर कोण बनाती हैं (जब बिंदु बड़े चाप पर हों)।
- 3 जीवा पर है और जीवा पर: ।
अर्धवृत्त में कोण
व्यास पर बना समकोण, उसका उलटा (समकोण त्रिभुज का परिवृत्त) और व्यास पर लंबवत जीवा।
व्यास केंद्र से होकर जाता है, इसलिए उसका केंद्रीय कोण सीधी रेखा है। परिधि का कोण उसका आधा: अर्धवृत्त में बना कोण होता है। यह एक ही खंड वाले नियम का सबसे सुंदर रूप है: अर्धवृत्त पर कहीं भी जाए, हमेशा समकोण रहता है।
उलटा उतना ही काम का है: अगर किसी त्रिभुज में हो तो उसका कर्ण परिवृत्त का व्यास है। इसलिए समकोण त्रिभुज का परिकेंद्र कर्ण का मध्य-बिंदु है, परित्रिज्या , और कर्ण की ओर की माध्यिका कर्ण का आधा। एक और नतीजा: पर लंबवत जीवा पैर पर कटे तो (क्योंकि कटती जीवाओं में और )।
- व्यास (समकोण त्रिभुज का कर्ण)
- वृत्त पर कोई अन्य बिंदु
- समकोण त्रिभुज का कर्ण
- उसके परिवृत्त की त्रिज्या
- से व्यास पर लंबवत का पैर
- व्यास दिखे तो उसके सिरों को वृत्त के किसी बिंदु से जोड़कर का चिह्न लगाइए।
- दिखे और वृत्त पता न हो तो कर्ण को व्यास मानिए (उलटा)।
- बचे कोण त्रिभुज के कोण-योग से; लंबाइयाँ पाइथागोरस या से।
- 1 व्यास है, इसलिए अर्धवृत्त में बना ।
- 2त्रिभुज में कोणों का योग 180°: ।
- 1अक्ष लंबवत हैं, इसलिए त्रिभुज में मूल-बिंदु पर है। उलटे प्रमेय से इस समकोण त्रिभुज का कर्ण वृत्त का व्यास है।
- 2कर्ण , इसलिए त्रिज्या ।
- 3केंद्र = कर्ण का मध्य-बिंदु ।
- 1 और : दोनों समकोण पर टिके हैं, इसलिए और वृत्त पर हैं जिसका व्यास है (उलटा प्रमेय)।
- 2अब और दोनों जीवा पर एक ही ओर हैं: ।
- 3समकोण त्रिभुज में ।
- 1व्यास सेमी, इसलिए त्रिज्या सेमी।
- 2व्यास पर लंबवत जीवा को आधा बाँटता है, और कटती जीवाओं का नियम: , यानी ।
- 3, इसलिए सेमी।
- 4जाँच: केंद्र से की दूरी और ✓।
चक्रीय चतुर्भुज
चतुर्भुज जिसके चारों शीर्ष एक वृत्त पर हों: कोण-गुण, उलटी परीक्षा, और भुजाओं-विकर्णों का टॉलमी संबंध।
चक्रीय चतुर्भुज के गुण
चतुर्भुज के चारों शीर्ष एक वृत्त पर: सम्मुख कोणों का योग 180°, बाह्य कोण, कौन-से चतुर्भुज चक्रीय हैं और उलटी परीक्षा।
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टॉलमी प्रमेय और क्षेत्रफल
चक्रीय चतुर्भुज की भुजाओं और विकर्णों का संबंध, समबाहु त्रिभुज की चाप पर बिंदु, और चक्रीय चतुर्भुज का क्षेत्रफल।
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जीवाओं के बीच के कोण
दो जीवाओं या छेदकों के बीच का कोण चापों से, और केंद्र वाले कोण-प्रश्नों की रणनीति।
दो जीवाओं / छेदकों के बीच का कोण
दो जीवाएँ भीतर कटें या दो छेदक बाहर मिलें तो उनके बीच का कोण चापों से; केंद्रीय कोणों के रूप में भी।
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केंद्र वाले कोण-प्रश्न
जब वृत्त का केंद्र चित्र में हो तो कोण खोजने की रणनीति: किन औज़ारों को किस क्रम में लगाएँ।
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त्रिभुज और उसका परिवृत्त
त्रिभुज के कोण-समद्विभाजक का वृत्त को फिर काटना, और अंतःकेंद्र/लंबकेंद्र/परिकेंद्र के कोण।
कोण समद्विभाजक जो वृत्त को फिर काटे
त्रिभुज के कोण का समद्विभाजक परिवृत्त को पर फिर काटे: चाप का मध्य-बिंदु, तीन समरूप जोड़ियाँ और उनके गुणनफल।
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त्रिभुज के केंद्रों के कोण और वृत्त
परिकेंद्र, अंतःकेंद्र और लंबकेंद्र से भुजा पर बने कोण, अंतःकेंद्र-वाला वृत्त , और शीर्ष से तीन रेखाओं के बीच के कोण।
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सार, मिश्रित अभ्यास, दोहराव
सभी विधियों की एक-पृष्ठ तालिका, परीक्षा जैसे मिले-जुले प्रश्न और दोहराव कार्ड।
सभी विधियों का सार
हर विधि: प्रश्न कैसे पहचानें और कौन-सा सूत्र लगाएँ।
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मिश्रित अभ्यास (परीक्षा जैसा)
SSC CGL/CHSL/CPO जैसे मिले-जुले प्रश्न — पहले विधि पहचानिए, फिर हल कीजिए।
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दोहराव
सूत्र याद करने के कार्ड और परीक्षा की सबसे आम गलतियाँ।
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