सांख्यिकी 1: आँकड़े, माध्य, माध्यिका और बहुलक
SSC · RRB · राज्य परीक्षाएँ — विधि-दर-विधि
चार विद्यार्थियों के अंक 30, 40, 40 और 50 हैं। पूरी सूची याद रखने की जगह हम एक संख्या में उनका हाल कहना चाहते हैं: “औसतन 40 अंक”। सांख्यिकी (statistics) यही करती है: आँकड़े इकट्ठा करना, उन्हें सजाना, एक-दो संख्याओं में संक्षेप में कहना और उनसे निष्कर्ष निकालना।
पर एक संख्या काफ़ी नहीं है। अंक 40, 40, 40, 40 हों या 10, 20, 60, 70, दोनों का माध्य 40 है, फिर भी दोनों कक्षाएँ बिलकुल अलग हैं। इसलिए दो प्रश्न पूछे जाते हैं: (1) आँकड़ों का केंद्र कहाँ है? और (2) वे केंद्र के आसपास कितने बिखरे हैं?
| प्रश्न | माप | इस अध्याय में |
|---|---|---|
| केंद्र कहाँ है? | माध्य, माध्यिका, बहुलक | यही चैप्टर: समूह ब, स, द |
| कितना बिखरे हैं? | विस्तार, माध्य विचलन, प्रसरण, मानक विचलन, विचरण गुणांक | सांख्यिकी 2 |
| किस स्थान पर कितने हैं? आकार कैसा है? | चतुर्थक, शतमक, विषमता, सामान्य वक्र | सांख्यिकी 2 |
यहाँ: समूह अ (पहला) में आँकड़ों को सारणी और चित्र में सजाने की भाषा है; समूह इ (सारणी और चार्ट से) में सारणी पढ़ने के और परीक्षा के जाल हैं। दूसरे और तीसरे प्रश्न (फैलाव और आकार) का पूरा हल अगले चैप्टर सांख्यिकी 2: फैलाव, चतुर्थक और वितरण का आकार में है।
आँकड़े और बारंबारता सारणी
आँकड़ों के प्रकार, मिलान चिह्न और बारंबारता, वर्ग-अंतराल और सीमाएँ, तथा आँकड़ों को चित्र में दिखाना।
किसी भी माप को निकालने से पहले आँकड़े सजे हुए चाहिए। ये तीन भाग आगे की हर विधि की भाषा हैं: आँकड़ा क्या होता है और उसे कैसे गिना जाता है, वर्ग-अंतराल की हर शर्त, और आँकड़ों को चित्रों में कैसे दिखाते हैं।
आँकड़े, चर और बारंबारता
आँकड़ों के प्रकार, कच्चे और वर्गीकृत आँकड़े, मिलान चिह्न, बारंबारता और सापेक्ष बारंबारता।
विचार
जो कुछ हम गिनते या मापते हैं (अंक, आयु, ऊँचाई, परिवार में बच्चे) उसके हर एक मान को प्रेक्षण या आँकड़ा कहते हैं, और जिस चीज़ का माप लिया जा रहा है उसे चर (variable) कहते हैं। जब तक सूची जैसी की तैसी है, उसे कच्चे आँकड़े (raw data) कहते हैं। एक ही मान बार-बार आए तो उसे गिनकर लिखना सुविधाजनक है; किसी मान के आने की कुल संख्या उसकी बारंबारता (frequency) है, और ऐसी सूची बारंबारता सारणी कहलाती है।
| शब्द | अर्थ | उदाहरण |
|---|---|---|
| असतत चर | केवल गिने जा सकने वाले (अलग-अलग) मान | परिवार में बच्चे, गोल, जूते का नाप |
| सतत चर | किन्हीं दो मानों के बीच कोई भी मान संभव | ऊँचाई, वज़न, समय, वर्षा |
| कच्चे आँकड़े | बिना क्रम या समूह के मूल सूची | 12, 15, 12, 18, 15, 12 |
| मिलान चिह्न | गिनती का निशान; पाँचवाँ निशान चार पर आड़ा | |||| |
| बारंबारता | मान कितनी बार आया | 12 → 3 बार |
| सापेक्ष बारंबारता | बारंबारता ÷ कुल (प्रतिशत में भी) |
यहाँ: = बारंबारता, = कुल बारंबारता (, यानी सब बारंबारताओं का योग)।
- किसी एक मान या वर्ग की बारंबारता
- कुल बारंबारता = कुल प्रेक्षणों की संख्या
- सब बारंबारताओं का जोड़ (Σ = “जोड़”)
कदम: कच्चे आँकड़ों से सारणी
- सबसे छोटे से सबसे बड़े तक सब अलग-अलग मान एक स्तंभ में लिखिए।
- सूची को ऊपर से नीचे एक ही बार पढ़िए और हर मान के आगे मिलान चिह्न लगाइए।
- चिह्न गिनकर बारंबारता लिखिए और जाँचिए कि = कुल प्रेक्षण है।
- चाहें तो सापेक्ष बारंबारता और संचयी बारंबारता (अब तक का जोड़) का स्तंभ जोड़िए।
- 1सूची को एक बार पढ़ते हुए हर मान के लिए मिलान चिह्न लगाइए और गिनिए। गिनती: 0→1, 1→4, 2→3, 3→5, 4→4, 5→4, 6→3। जोड़ , अतः कोई मान छूटा या दो बार गिना नहीं गया।
- 22 के सामने गिनती 3 है; यही उसकी बारंबारता है।
- 1मान 1 से 5 तक हैं, इसलिए पाँच पंक्तियाँ बनाकर सूची को एक बार पढ़ते हुए मिलान चिह्न लगाइए और गिनिए: 1→7, 2→2, 3→4, 4→3, 5→4।
- 2जाँच: , यानी सब 20 बसें गिनी गईं।
- 3सापेक्ष बारंबारता : 35%, 10%, 20%, 15%, 20%; इनका जोड़ 100% है।
- 4संचयी बारंबारता (चलता जोड़): 7, 9, 13, 16, 20; आख़िरी संख्या 20 कुल 20 के बराबर है।
- 1सूची को एक बार पढ़ते हुए हर मान के लिए मिलान चिह्न लगाइए और गिनिए। गिनती: 0→3, 1→2, 2→9, 3→6, 4→4। जोड़ , अतः कोई मान छूटा या दो बार गिना नहीं गया।
- 2सापेक्ष बारंबारता ।
- 3प्रतिशत में ।
अभ्यास
वर्ग-अंतराल, सीमाएँ और वर्ग-चिह्न
वर्ग-अंतराल, निचली-ऊपरी सीमा, वास्तविक सीमाएँ, वर्ग-चौड़ाई, वर्ग-चिह्न, संचयी बारंबारता (से कम और से अधिक)।
विचार
जब मान बहुत हों या सतत हों (जैसे 30 विद्यार्थियों के अंक) तो हर मान की बारंबारता लिखना बेकार है। तब मानों को सीमित दायरों में बाँट देते हैं, जिन्हें वर्ग-अंतराल (class interval) कहते हैं, जैसे 0–10, 10–20, 20–30, और गिनते हैं कि हर दायरे में कितने मान आए। इसे समूहित आँकड़े (grouped data) कहते हैं। एक वर्ग के दो सिरे हैं: निचली सीमा और ऊपरी सीमा।
| शब्द | अर्थ | वर्ग 20–30 में |
|---|---|---|
| निचली / ऊपरी सीमा | वर्ग के दोनों सिरे | 20 / 30 |
| वर्ग-चौड़ाई | ऊपरी − निचली सीमा | |
| वर्ग-चिह्न | वर्ग का मध्य-मान: सीमाओं का औसत | |
| संचयी बारंबारता (cf) | इस वर्ग तक की सब बारंबारताओं का चलता जोड़ | 0–10, 10–20, 20–30 का योग |
यहाँ: और आगे के हर सूत्र में आएँगे; समूहित आँकड़ों में हर वर्ग के सभी मान उसके वर्ग-चिह्न पर माने जाते हैं।
दो तरह के वर्ग: अपवर्जी और समावेशी
अपवर्जी (exclusive) वर्ग 0–10, 10–20, 20–30 में एक वर्ग की ऊपरी सीमा अगले की निचली सीमा है। नियम: सीमा का मान अगले वर्ग में गिना जाता है, इसलिए 10 अंक वाला विद्यार्थी 10–20 में है, 0–10 में नहीं। समावेशी (inclusive) वर्ग 20–29, 30–39, 40–49 में दोनों सीमाएँ उसी वर्ग में शामिल हैं और बीच में 29 से 30 तक खाली जगह दिखती है। गणना (माध्यिका आदि) के लिए यह जगह भरनी पड़ती है: ऊपरी सीमा में 0.5 जोड़कर और निचली में से 0.5 घटाकर वास्तविक सीमाएँ (true boundaries) बनाते हैं।
- वर्ग-चिह्न (वर्ग का मध्य)
- वर्ग-चौड़ाई (वास्तविक सीमाओं का अंतर, या दो क्रमागत निचली सीमाओं का अंतर)
- एक वर्ग की ऊपरी और अगले वर्ग की निचली सीमा का अंतर (समावेशी में 1)
कदम: कच्चे आँकड़ों से वर्गीकृत सारणी
- विस्तार (सबसे बड़ा − सबसे छोटा) निकालिए और वर्ग-चौड़ाई तय कीजिए (5 से 10 वर्ग बनाने वाली सुविधाजनक चौड़ाई: 5, 10, 20 …)।
- वर्गों की संख्या , भिन्न आए तो ऊपर की पूर्ण संख्या।
- वर्ग लिखिए (पहला वर्ग सबसे छोटे मान से नीचे से शुरू), फिर हर मान के लिए मिलान चिह्न लगाइए; सीमा पर पड़ने वाला मान अगले वर्ग में जाता है।
- बारंबारता गिनिए; को कुल प्रेक्षणों से मिलाइए; चाहें तो cf जोड़िए।
- 1सबसे छोटा 4 और सबसे बड़ा 46 है, इसलिए 0 से 50 तक पाँच वर्ग काफ़ी हैं: 0–10, 10–20, 20–30, 30–40, 40–50 (चौड़ाई 10, कुल 5 वर्ग)।
- 2हर अंक के लिए सही वर्ग में मिलान चिह्न लगाते हैं; सीमा पर आने वाला अंक (जैसे 10, 20, 30, 40) अगले वर्ग में जाता है। गिनती: 4, 10, 5, 9, 2।
- 3जाँच: , यानी सब 30 विद्यार्थी गिने गए।
- 4“से कम” cf: 10 से कम → 4; 20 से कम → 14; 30 से कम → 19; 40 से कम → 28; 50 से कम → 30।
- 1वर्ग-चिह्न वर्ग के बीच का मान है, यानी निचली और ऊपरी सीमा का औसत।
- 2।
- 3जाँच: 85 निचली सीमा 80 से 5 ऊपर और ऊपरी सीमा 90 से 5 नीचे है, यानी ठीक बीच में है।
- 1अगला वर्ग 80–89 है, अतः 79 और 80 के बीच 1 का अंतर है। इस अंतर को दोनों वर्गों में बराबर बाँटने के लिए ऊपरी सीमा में जोड़ते हैं और निचली सीमा में से घटाते हैं।
- 2वास्तविक सीमाएँ: और ।
- 3जाँच: वास्तविक सीमाओं की चौड़ाई है, जो दो क्रमागत निचली सीमाओं के अंतर के बराबर है; इसलिए अगला वर्ग ठीक 79.5 से शुरू होगा, बीच में कोई खाली जगह नहीं रहती।
अभ्यास
आँकड़ों को चित्र में दिखाना
दंड-आलेख, आयत-चित्र, बारंबारता बहुभुज, संचयी बारंबारता वक्र (ओजाइव), वृत्त-आलेख और असमान वर्ग-चौड़ाई।
विचार
चित्र आँकड़ों का आकार एक नज़र में दिखाता है: कहाँ ढेर है, कहाँ खाली जगह है। आयत-चित्र (histogram) में हर वर्ग एक आयत है; आयत आपस में सटे होते हैं क्योंकि वर्ग-अंतराल के बीच खाली जगह नहीं होती (दंड-आलेख में अलग-अलग श्रेणियों के लिए दंड के बीच जगह छोड़ी जाती है)। आयतों की ऊँचाई बारंबारता है।
| चित्र | कैसे बनता है | किसके लिए |
|---|---|---|
| दंड-आलेख | अलग-अलग दंड, बीच में जगह; ऊँचाई = मान | श्रेणियों की तुलना |
| आयत-चित्र | सटे आयत; चौड़ाई = वर्ग, ऊँचाई = बारंबारता | सतत आँकड़ों का आकार |
| बारंबारता बहुभुज | वर्ग-चिह्न पर बिंदु, सीधी रेखाएँ, दोनों ओर शून्य बारंबारता वाला एक-एक वर्ग | दो आँकड़ों की तुलना |
| ओजाइव (संचयी वक्र) | “से कम” में ऊपरी सीमा पर cf; “से अधिक” में निचली सीमा पर cf | माध्यिका और शतमक |
| वृत्त-आलेख (पाई) | हर भाग का कोण = | भागों का हिस्सा |
- पाई के उस भाग का कोण
- उस वर्ग की बारंबारता
- कुल बारंबारता
- उस वर्ग की चौड़ाई
- मानक वर्ग-चौड़ाई (सबसे छोटी या सामान्य चौड़ाई)
कदम
- आयत-चित्र: क्षैतिज अक्ष पर वास्तविक वर्ग-सीमाएँ, ऊर्ध्वाधर पर बारंबारता; हर वर्ग पर उतनी ऊँचाई का आयत।
- बहुभुज: हर आयत की ऊपरी भुजा के मध्य (वर्ग-चिह्न) पर बिंदु, बिंदुओं को जोड़िए, और पहले-पीछे के काल्पनिक शून्य-बारंबारता वर्ग तक बढ़ाइए।
- ओजाइव: (ऊपरी सीमा, cf) बिंदु लगाइए और पहले (निचली सीमा, 0) जोड़िए।
- पाई: हर कोण निकालिए; कोणों का जोड़ आना चाहिए।
- 1पूरे वृत्त का कोण कुल 40 को दर्शाता है।
- 2इस वर्ग का कोण ।
- 3जाँच: सभी वर्गों के कोण 45°, 81°, 90°, 81°, 63° हैं; इनका योग है, जो पूरा वृत्त है।
- 1“140 या अधिक” वे हैं जो 140 से कम नहीं। पहले 140 से कम की संख्या: ।
- 2बाक़ी ।
- 3जाँच: “140 से कम” 32 और “140 या अधिक” 68 मिलकर होते हैं, यानी पूरा कुल; कोई विद्यार्थी/मान न छूटा, न दो बार गिना गया।
- 1इस वर्ग की चौड़ाई है, जबकि मानक चौड़ाई 5 है।
- 2असमान चौड़ाई में बारंबारता को चौड़ाई के अनुपात से बदलना पड़ता है: ।
- 3जाँच: यह वर्ग मानक चौड़ाई 5 से चौड़ा है, इसलिए इसकी पट्टी बारंबारता 36 से नीची होनी चाहिए: 12 < 36। क्षेत्रफल की जाँच: 12 3 (चौड़ाई के 5 वाले भाग) , जो बारंबारता के बराबर है।
अभ्यास
माध्य (अंकगणितीय औसत)
कच्चे, बारंबारता सारणी और समूहित आँकड़ों का माध्य, भारित और संयुक्त माध्य, सब पर एक क्रिया, सुधार और श्रेणियाँ।
यह भाग All Access में शामिल है।
पास लेने पर इस अध्याय के सारे उदाहरण, अभ्यास प्रश्न और हल खुल जाएँगे।
माध्य: सूची और बारंबारता सारणी
सूची का माध्य, बारंबारता सारणी का माध्य और माध्य के गुण।
यह भाग All Access में शामिल है।
पास लेने पर इस अध्याय के सारे उदाहरण, अभ्यास प्रश्न और हल खुल जाएँगे।
माध्य: समूहित आँकड़े (तीन विधियाँ)
वर्ग-चिह्न से माध्य: प्रत्यक्ष विधि, कल्पित माध्य विधि और पद-विचलन विधि।
यह भाग All Access में शामिल है।
पास लेने पर इस अध्याय के सारे उदाहरण, अभ्यास प्रश्न और हल खुल जाएँगे।
भारित माध्य और संयुक्त माध्य
भार वाले मानों का माध्य, दो समूहों का संयुक्त माध्य और समूहों का अनुपात।
यह भाग All Access में शामिल है।
पास लेने पर इस अध्याय के सारे उदाहरण, अभ्यास प्रश्न और हल खुल जाएँगे।
सब मानों पर एक ही क्रिया
हर मान में जोड़ने, घटाने, गुणा करने या प्रतिशत बढ़ाने का माध्य पर असर और उलटा सवाल।
यह भाग All Access में शामिल है।
पास लेने पर इस अध्याय के सारे उदाहरण, अभ्यास प्रश्न और हल खुल जाएँगे।
एक मान जुड़े, हटे, बदले या ग़लत निकले
एक मान का जुड़ना, हटना, बदलना और ग़लत लिखे मान का सुधार।
यह भाग All Access में शामिल है।
पास लेने पर इस अध्याय के सारे उदाहरण, अभ्यास प्रश्न और हल खुल जाएँगे।
छूटी बारंबारता और छूटे मान
दिए माध्य से सारणी की छूटी एक या दो बारंबारताएँ और सूची के छूटे मान।
यह भाग All Access में शामिल है।
पास लेने पर इस अध्याय के सारे उदाहरण, अभ्यास प्रश्न और हल खुल जाएँगे।
श्रेणियों का माध्य
प्राकृत, सम, विषम संख्याओं, वर्गों, गुणजों और बराबर अंतर वाली श्रेणी का माध्य।
यह भाग All Access में शामिल है।
पास लेने पर इस अध्याय के सारे उदाहरण, अभ्यास प्रश्न और हल खुल जाएँगे।
माध्यिका
कच्चे आँकड़ों की माध्यिका, समूहित आँकड़ों की माध्यिका (संचयी बारंबारता से), छूटी बारंबारताएँ और ओजाइव से माध्यिका।
यह भाग All Access में शामिल है।
पास लेने पर इस अध्याय के सारे उदाहरण, अभ्यास प्रश्न और हल खुल जाएँगे।
माध्यिका: कच्चे आँकड़े
मानों को क्रम में रखकर बीच का मान या बीच के दो मानों का औसत, और माध्यिका की स्थिरता।
यह भाग All Access में शामिल है।
पास लेने पर इस अध्याय के सारे उदाहरण, अभ्यास प्रश्न और हल खुल जाएँगे।
माध्यिका: समूहित आँकड़े
माध्यिका वर्ग और सूत्र, “से कम” सारणी से माध्यिका, ओजाइव, और छूटी बारंबारताएँ।
यह भाग All Access में शामिल है।
पास लेने पर इस अध्याय के सारे उदाहरण, अभ्यास प्रश्न और हल खुल जाएँगे।
ओजाइव से माध्यिका और गिनती
“से कम” और “से अधिक” ओजाइव, उनके कटान-बिंदु से माध्यिका, और वक्र से किसी मान के नीचे या बीच के मानों की संख्या।
यह भाग All Access में शामिल है।
पास लेने पर इस अध्याय के सारे उदाहरण, अभ्यास प्रश्न और हल खुल जाएँगे।
बहुलक
कच्चे और समूहित आँकड़ों का बहुलक, अनुभवजन्य संबंध और सही औसत चुनना।
यह भाग All Access में शामिल है।
पास लेने पर इस अध्याय के सारे उदाहरण, अभ्यास प्रश्न और हल खुल जाएँगे।
बहुलक: कच्चे आँकड़े
बहुलक ढूँढ़ना, द्विबहुलक (दो बहुलक) और बिना बहुलक के आँकड़े।
यह भाग All Access में शामिल है।
पास लेने पर इस अध्याय के सारे उदाहरण, अभ्यास प्रश्न और हल खुल जाएँगे।
बहुलक: समूहित आँकड़े
बहुलक वर्ग पहचानना और बहुलक का सूत्र; असमान चौड़ाई में सावधानी।
यह भाग All Access में शामिल है।
पास लेने पर इस अध्याय के सारे उदाहरण, अभ्यास प्रश्न और हल खुल जाएँगे।
माध्य, माध्यिका, बहुलक का संबंध और सही औसत
अनुभवजन्य संबंध, तीनों का क्रम, और कब कौन-सा औसत चुनें।
यह भाग All Access में शामिल है।
पास लेने पर इस अध्याय के सारे उदाहरण, अभ्यास प्रश्न और हल खुल जाएँगे।
सारणी और चार्ट से हल करना
बारंबारता सारणी से सीधे उत्तर पढ़ना और परीक्षा के आम जाल।
यह भाग All Access में शामिल है।
पास लेने पर इस अध्याय के सारे उदाहरण, अभ्यास प्रश्न और हल खुल जाएँगे।
बारंबारता सारणी से पढ़ना
बहुलक वर्ग, “से अधिक” का प्रतिशत, दो वर्गों का अनुपात और हिस्सा, संचयी संख्याएँ।
यह भाग All Access में शामिल है।
पास लेने पर इस अध्याय के सारे उदाहरण, अभ्यास प्रश्न और हल खुल जाएँगे।
जाल: समावेशी वर्ग, असमान चौड़ाई, खुले सिरे
समावेशी वर्ग की वास्तविक सीमाएँ और माध्यिका, असमान चौड़ाई का बहुलक वर्ग, खुले सिरे वाले वर्ग।
यह भाग All Access में शामिल है।
पास लेने पर इस अध्याय के सारे उदाहरण, अभ्यास प्रश्न और हल खुल जाएँगे।
सार, मिश्रित अभ्यास, दोहराव
इस चैप्टर के सभी सूत्रों की सारणी, परीक्षा जैसे 40 से अधिक मिले-जुले प्रश्न और दोहराव कार्ड।
यह भाग All Access में शामिल है।
पास लेने पर इस अध्याय के सारे उदाहरण, अभ्यास प्रश्न और हल खुल जाएँगे।
सभी सूत्रों का सार
आँकड़ों की भाषा, माध्य, माध्यिका, बहुलक और सारणी पढ़ने के सूत्र, हर एक के साथ याद रखने की एक बात।
यह भाग All Access में शामिल है।
पास लेने पर इस अध्याय के सारे उदाहरण, अभ्यास प्रश्न और हल खुल जाएँगे।
मिश्रित अभ्यास — सेट 1
हर विधि के मिले-जुले प्रश्न; पहले विधि पहचानिए, फिर हल कीजिए।
यह भाग All Access में शामिल है।
पास लेने पर इस अध्याय के सारे उदाहरण, अभ्यास प्रश्न और हल खुल जाएँगे।
मिश्रित अभ्यास — सेट 2
परीक्षा के कठिन छोर के मिले-जुले प्रश्न।
यह भाग All Access में शामिल है।
पास लेने पर इस अध्याय के सारे उदाहरण, अभ्यास प्रश्न और हल खुल जाएँगे।
दोहराव कार्ड और परीक्षा के सुझाव
सबसे ज़रूरी तथ्यों के पलटने वाले कार्ड, अंतिम सुझाव और अगले चैप्टर का रास्ता।
यह भाग All Access में शामिल है।
पास लेने पर इस अध्याय के सारे उदाहरण, अभ्यास प्रश्न और हल खुल जाएँगे।